संभल से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ भूमि आवंटन घोटाले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए तत्कालीन SDM ओमवीर सिंह सहित छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह मामला गुन्नौर तहसील क्षेत्र के भौना नगला गांव से संबंधित है। आरोप है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करके प्रतिबंधित श्रेणी की जमीन पर नियमों की अनदेखी करते हुए कागजी खेल के माध्यम से अवैध आवंटन कर दिया गया था। इस संबंध में एक लेखपाल की तहरीर पर गुन्नौर थाने में धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। गिरफ्तार किए गए छह आरोपियों में एक लेखपाल भी शामिल है। इस पूरे मामले में कुल 19 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज है। पुलिस ने गिरफ्तार सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहाँ से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
संभल से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ भूमि आवंटन घोटाले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए तत्कालीन SDM ओमवीर
सिंह सहित छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह मामला गुन्नौर तहसील क्षेत्र के भौना नगला गांव से संबंधित है। आरोप है कि फर्जी
दस्तावेज तैयार करके प्रतिबंधित श्रेणी की जमीन पर नियमों की अनदेखी करते हुए कागजी खेल के माध्यम से अवैध आवंटन कर दिया गया
था। इस संबंध में एक लेखपाल की तहरीर पर गुन्नौर थाने में धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया
गया है। गिरफ्तार किए गए छह आरोपियों में एक लेखपाल भी शामिल है। इस पूरे मामले में कुल 19 लोगों के खिलाफ एफआईआर
दर्ज है। पुलिस ने गिरफ्तार सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहाँ से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। पुलिस
पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
- संभल से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ भूमि आवंटन घोटाले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए तत्कालीन SDM ओमवीर सिंह सहित छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह मामला गुन्नौर तहसील क्षेत्र के भौना नगला गांव से संबंधित है। आरोप है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करके प्रतिबंधित श्रेणी की जमीन पर नियमों की अनदेखी करते हुए कागजी खेल के माध्यम से अवैध आवंटन कर दिया गया था। इस संबंध में एक लेखपाल की तहरीर पर गुन्नौर थाने में धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। गिरफ्तार किए गए छह आरोपियों में एक लेखपाल भी शामिल है। इस पूरे मामले में कुल 19 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज है। पुलिस ने गिरफ्तार सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहाँ से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही है।7
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- सरकार द्वारा गाँवों के विकास और ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए पंचायत सचिवालय अब मात्र 'शो-पीस' बनकर रह गए हैं, जहाँ सरकारी धन का स्पष्ट "बंदरबांट" देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों के लिए इन सचिवालयों के दरवाजे अक्सर बंद रहते हैं। विकास खंड रजपुरा क्षेत्र के सिरसा गाँव स्थित पंचायत सचिवालय इसकी एक जीती-जागती मिसाल है, जहाँ न तो पंचायत सहायक मिलते हैं और न ही ग्रामीणों की समस्याओं की सुनवाई होती है, जिसके चलते ये भवन धूल फाँक रहे हैं। एक पड़ताल में सामने आया है कि पंचायत सचिवालय भवन के दरवाजे अमूमन बंद ही रहते हैं। सरकारी नियमों के अनुसार, पंचायत सहायक को नियमित रूप से सचिवालय में बैठकर ग्रामीणों की शिकायतें दर्ज करनी चाहिए और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाना चाहिए, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। सचिवालय परिसर में सन्नाटा पसरा रहता है, जो इसे किसी सरकारी कार्यालय की बजाय एक बंद पड़े शोरूम जैसा दिखाता है। स्थानीय ग्रामीणों ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि उन्हें आय, जाति या निवास प्रमाण पत्र के आवेदन या सरकारी योजनाओं की जानकारी जैसे छोटे-छोटे कार्यों के लिए घंटों चक्कर काटने पड़ते हैं, क्योंकि पंचायत सहायक को ढूँढना एक चुनौती बन गया है। सरकार ने यह सुविधा उनके घर के पास दी है, लेकिन उन्हें इसका कोई लाभ नहीं मिल रहा है। इस लापरवाही के संदर्भ में जब संबंधित सचिव से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने पल्ला झाड़ लिया। ग्रामीणों द्वारा यह बड़ा सवाल उठाया गया है कि यदि पंचायत सहायक सचिवालय में नहीं बैठते, तो उन्हें सरकारी वेतन किस आधार पर दिया जा रहा है? ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से इस पूरे मामले की गहन जाँच करने और सचिवालयों में पंचायत सहायकों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने की माँग की है। उनका तर्क है कि यदि सरकार द्वारा मुहैया कराई गई इन सुविधाओं का लाभ आम जनता को नहीं मिला, तो इन भवनों के निर्माण का कोई औचित्य नहीं रह जाता।3
- जनपद संभल की असमोली थाना पुलिस ने हाल ही में चोरी की घटनाओं का अनावरण करते हुए दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन गिरफ्तारियों के साथ चोरी से जुड़े मामलों की गुत्थी सुलझाने का दावा किया है।1
- यह वीडियो डामपुरा गाँव से संबंधित है, जब वहाँ एक बरात आई थी। गाँव में बरात के निकलने के लिए पर्याप्त जगह नहीं थी, जिसके बाद गाँव वालों ने मिलकर रास्ता बनाने के लिए मिट्टी डाली। ग्रामीणों के इस प्रयास के बाद ही बरात आगे बढ़ पाई। पोस्ट के माध्यम से 'योगी जी' (मुख्यमंत्री) से अपील की गई है कि वे डामपुरा गाँव में आवश्यक सुधार कार्य करवाएँ। इस खबर को देखने और गाँव में सुधार करवाने के लिए डामपुरा गाँव की ओर से धन्यवाद व्यक्त किया गया है।1
- अमरोहा नगर के गांधी मूर्ति चौराहे पर 'स्कूल चलो अभियान' के तहत एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान अमरोहा की चेयरपर्सन श्रीमती शशि जैन ने शिक्षा के महत्व पर विशेष जोर देते हुए अपना संबोधन दिया। उन्होंने सभी अभिभावकों से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को अच्छी से अच्छी तालीम दिलाएं। श्रीमती जैन ने स्पष्ट किया कि तालीम से ही तरक्की संभव है और शिक्षा ही जीवन में उजाला फैलाती है, जिससे समाज में फैली बुराइयाँ खत्म होती हैं। उनके अनुसार, जिस देश के बच्चे शिक्षित होते हैं, वही देश प्रगति के पथ पर आगे बढ़ता है और अपने शहर व देश का नाम रोशन कर सकता है।1
- लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में प्रदेश कार्यकारिणी की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें पार्टी संगठन को मजबूत करने और आगामी राजनीतिक रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अहम बैठक में विधानसभा असमोली (32) के पूर्व कांग्रेस विधायक प्रत्याशी एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के सदस्य हाजी मरगूब आलम ने भी शिरकत की। बैठक के दौरान उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय की विशेष उपस्थिति में संगठनात्मक विषयों और भविष्य की रणनीति पर गहन विचार-विमर्श हुआ। इसी क्रम में, हाजी मरगूब आलम ने राष्ट्रीय सचिव धीरज गुर्जर, राजेश तिवारी, तौकीर आलम और सत्यनारायण पटेल सहित कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। उन्होंने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बृजलाल खाबरी, पूर्व सांसद कुंवर दानिश अली, प्रदेश कोषाध्यक्ष शिव पांडेय और संगठन महासचिव अनिल यादव जैसे प्रमुख पदाधिकारियों के साथ भी संगठन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सार्थक चर्चा की। हाजी मरगूब आलम ने इस अवसर पर कहा कि पार्टी नेतृत्व के मार्गदर्शन में कांग्रेस बूथ स्तर तक संगठन को सुदृढ़ करने और जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने दृढ़तापूर्वक यह भी कहा कि कार्यकर्ताओं की एकजुटता और जनसमर्थन के दम पर कांग्रेस प्रदेश में अपनी स्थिति को और अधिक मजबूत बनाएगी।1
- बुलंदशहर में हुई एक पुलिस मुठभेड़ के दौरान एक अन्तरजनपदीय शातिर चोर गोली लगने से घायल हो गया। इस कार्रवाई में पुलिस ने उस चोर के पास से एक अवैध तमंचा, एक बाइक और चांदी के कुछ आभूषण बरामद किए हैं।1