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जल गंगा संवर्धन अभियान में मध्यप्रदेश का शानदार प्रदर्शन, डिंडोरी देश में प्रथम, खंडवा द्वितीय मध्यप्रदेश ने वर्षा जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए देशभर में अपनी अलग पहचान बनाई है। जल शक्ति मंत्रालय द्वारा जारी 22 अप्रैल की रैंकिंग में प्रदेश का डिंडोरी जिला देश में प्रथम एवं खंडवा जिला द्वितीय स्थान पर रहा है। यह उपलब्धि राज्य में संचालित “जल गंगा संवर्धन अभियान” की सफलता को दर्शाती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में 19 मार्च से 30 जून 2026 तक संचालित इस अभियान का उद्देश्य वर्षा जल का अधिकतम संरक्षण एवं पारंपरिक जल स्रोतों का पुनर्जीवन है। अभियान के अंतर्गत प्रदेशभर में जल संरचनाओं के निर्माण एवं पुनर्संरक्षण के कार्य व्यापक स्तर पर किए जा रहे हैं। डिंडोरी जिले में अब तक 1.23 लाख से अधिक जल संरचनाएं निर्मित की जा चुकी हैं, जबकि खंडवा जिले में 87 हजार से अधिक संरचनाएं तैयार की गई हैं। वहीं पूरे मध्यप्रदेश में यह संख्या लगभग 3.97 लाख से अधिक पहुंच चुकी है, जो अभियान की व्यापकता और प्रभावशीलता को दर्शाती है। अभियान के तहत खेत तालाब, कुओं का रिचार्ज, अमृत सरोवर निर्माण, बोरवेल रिचार्ज सिस्टम, रूफटॉप वाटर हार्वेस्टिंग तथा तालाबों के जीर्णोद्धार जैसे कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। इस अभियान की विशेषता यह है कि इसमें जनभागीदारी को प्राथमिकता दी गई है, जिससे ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आमजन भी सक्रिय रूप से जल संरक्षण से जुड़ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “जहां गिरे, जब गिरे, वर्षा जल का संग्रह करें” संदेश को आत्मसात करते हुए यह अभियान जल संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है। राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे सतत प्रयासों और जनसहभागिता के परिणामस्वरूप मध्यप्रदेश जल संरक्षण के क्षेत्र में देश में अग्रणी बनकर उभरा है। जल गंगा संवर्धन अभियान में मध्यप्रदेश का शानदार प्रदर्शन, डिंडोरी देश में प्रथम, खंडवा द्वितीय मध्यप्रदेश ने वर्षा जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए देशभर में अपनी अलग पहचान बनाई है। जल शक्ति मंत्रालय द्वारा जारी 22 अप्रैल की रैंकिंग में प्रदेश का डिंडोरी जिला देश में प्रथम एवं खंडवा जिला द्वितीय स्थान पर रहा है। यह उपलब्धि राज्य में संचालित “जल गंगा संवर्धन अभियान” की सफलता को दर्शाती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में 19 मार्च से 30 जून 2026 तक संचालित इस अभियान का उद्देश्य वर्षा जल का अधिकतम संरक्षण एवं पारंपरिक जल स्रोतों का पुनर्जीवन है। अभियान के अंतर्गत प्रदेशभर में जल संरचनाओं के निर्माण एवं पुनर्संरक्षण के कार्य व्यापक स्तर पर किए जा रहे हैं। डिंडोरी जिले में अब तक 1.23 लाख से अधिक जल संरचनाएं निर्मित की जा चुकी हैं, जबकि खंडवा जिले में 87 हजार से अधिक संरचनाएं तैयार की गई हैं। वहीं पूरे मध्यप्रदेश में यह संख्या लगभग 3.97 लाख से अधिक पहुंच चुकी है, जो अभियान की व्यापकता और प्रभावशीलता को दर्शाती है। अभियान के तहत खेत तालाब, कुओं का रिचार्ज, अमृत सरोवर निर्माण, बोरवेल रिचार्ज सिस्टम, रूफटॉप वाटर हार्वेस्टिंग तथा तालाबों के जीर्णोद्धार जैसे कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। इस अभियान की विशेषता यह है कि इसमें जनभागीदारी को प्राथमिकता दी गई है, जिससे ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आमजन भी सक्रिय रूप से जल संरक्षण से जुड़ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “जहां गिरे, जब गिरे, वर्षा जल का संग्रह करें” संदेश को आत्मसात करते हुए यह अभियान जल संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है। राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे सतत प्रयासों और जनसहभागिता के परिणामस्वरूप मध्यप्रदेश जल संरक्षण के क्षेत्र में देश में अग्रणी बनकर उभरा है।

3 hrs ago
user_Neeraj rajak Press
Neeraj rajak Press
Local News Reporter डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
3 hrs ago

जल गंगा संवर्धन अभियान में मध्यप्रदेश का शानदार प्रदर्शन, डिंडोरी देश में प्रथम, खंडवा द्वितीय मध्यप्रदेश ने वर्षा जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए देशभर में अपनी अलग पहचान बनाई है। जल शक्ति मंत्रालय द्वारा जारी 22 अप्रैल की रैंकिंग में प्रदेश का डिंडोरी जिला देश में प्रथम एवं खंडवा जिला द्वितीय स्थान पर रहा है। यह उपलब्धि राज्य में संचालित “जल गंगा संवर्धन अभियान” की सफलता को दर्शाती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में 19 मार्च से 30 जून 2026 तक संचालित इस अभियान का उद्देश्य वर्षा जल का अधिकतम संरक्षण एवं पारंपरिक जल स्रोतों का पुनर्जीवन है। अभियान के अंतर्गत प्रदेशभर में जल संरचनाओं के निर्माण एवं पुनर्संरक्षण के कार्य व्यापक स्तर पर किए जा रहे हैं। डिंडोरी जिले में अब तक 1.23 लाख से अधिक जल संरचनाएं निर्मित की जा चुकी हैं, जबकि खंडवा जिले में 87 हजार से अधिक संरचनाएं तैयार की गई हैं। वहीं पूरे मध्यप्रदेश में यह संख्या लगभग 3.97 लाख से अधिक पहुंच चुकी है, जो अभियान की व्यापकता और प्रभावशीलता को दर्शाती है। अभियान के तहत खेत तालाब, कुओं का रिचार्ज, अमृत सरोवर निर्माण, बोरवेल रिचार्ज सिस्टम, रूफटॉप वाटर हार्वेस्टिंग तथा तालाबों के जीर्णोद्धार जैसे कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। इस अभियान की विशेषता यह है कि इसमें जनभागीदारी को प्राथमिकता दी गई है, जिससे ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आमजन भी सक्रिय रूप से जल संरक्षण से जुड़ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “जहां गिरे, जब गिरे, वर्षा जल का संग्रह करें” संदेश को आत्मसात करते हुए यह अभियान जल संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है। राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे सतत प्रयासों और जनसहभागिता के परिणामस्वरूप मध्यप्रदेश जल संरक्षण के क्षेत्र में देश में अग्रणी बनकर उभरा है। जल गंगा संवर्धन अभियान में मध्यप्रदेश का शानदार प्रदर्शन, डिंडोरी देश में प्रथम, खंडवा द्वितीय मध्यप्रदेश ने वर्षा जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए देशभर में अपनी अलग पहचान बनाई है। जल शक्ति मंत्रालय द्वारा जारी 22 अप्रैल की रैंकिंग में प्रदेश का डिंडोरी जिला देश में प्रथम एवं खंडवा जिला द्वितीय स्थान पर रहा है। यह उपलब्धि राज्य में संचालित “जल गंगा संवर्धन अभियान” की सफलता को दर्शाती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में 19 मार्च से 30 जून 2026 तक संचालित इस अभियान का उद्देश्य वर्षा जल का अधिकतम संरक्षण एवं पारंपरिक जल स्रोतों का पुनर्जीवन है। अभियान के अंतर्गत प्रदेशभर में जल संरचनाओं के निर्माण एवं पुनर्संरक्षण के कार्य व्यापक स्तर पर किए जा रहे हैं। डिंडोरी जिले में अब तक 1.23 लाख से अधिक जल संरचनाएं निर्मित की जा चुकी हैं, जबकि खंडवा जिले में 87 हजार से अधिक संरचनाएं तैयार की गई हैं। वहीं पूरे मध्यप्रदेश में यह संख्या लगभग 3.97 लाख से अधिक पहुंच चुकी है, जो अभियान की व्यापकता और प्रभावशीलता को दर्शाती है। अभियान के तहत खेत तालाब, कुओं का रिचार्ज, अमृत सरोवर निर्माण, बोरवेल रिचार्ज सिस्टम, रूफटॉप वाटर हार्वेस्टिंग तथा तालाबों के जीर्णोद्धार जैसे कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। इस अभियान की विशेषता यह है कि इसमें जनभागीदारी को प्राथमिकता दी गई है, जिससे ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आमजन भी सक्रिय रूप से जल संरक्षण से जुड़ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “जहां गिरे, जब गिरे, वर्षा जल का संग्रह करें” संदेश को आत्मसात करते हुए यह अभियान जल संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है। राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे सतत प्रयासों और जनसहभागिता के परिणामस्वरूप मध्यप्रदेश जल संरक्षण के क्षेत्र में देश में अग्रणी बनकर उभरा है।

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  • जल गंगा संवर्धन अभियान में मध्यप्रदेश का शानदार प्रदर्शन, डिंडोरी देश में प्रथम, खंडवा द्वितीय मध्यप्रदेश ने वर्षा जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए देशभर में अपनी अलग पहचान बनाई है। जल शक्ति मंत्रालय द्वारा जारी 22 अप्रैल की रैंकिंग में प्रदेश का डिंडोरी जिला देश में प्रथम एवं खंडवा जिला द्वितीय स्थान पर रहा है। यह उपलब्धि राज्य में संचालित “जल गंगा संवर्धन अभियान” की सफलता को दर्शाती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में 19 मार्च से 30 जून 2026 तक संचालित इस अभियान का उद्देश्य वर्षा जल का अधिकतम संरक्षण एवं पारंपरिक जल स्रोतों का पुनर्जीवन है। अभियान के अंतर्गत प्रदेशभर में जल संरचनाओं के निर्माण एवं पुनर्संरक्षण के कार्य व्यापक स्तर पर किए जा रहे हैं। डिंडोरी जिले में अब तक 1.23 लाख से अधिक जल संरचनाएं निर्मित की जा चुकी हैं, जबकि खंडवा जिले में 87 हजार से अधिक संरचनाएं तैयार की गई हैं। वहीं पूरे मध्यप्रदेश में यह संख्या लगभग 3.97 लाख से अधिक पहुंच चुकी है, जो अभियान की व्यापकता और प्रभावशीलता को दर्शाती है। अभियान के तहत खेत तालाब, कुओं का रिचार्ज, अमृत सरोवर निर्माण, बोरवेल रिचार्ज सिस्टम, रूफटॉप वाटर हार्वेस्टिंग तथा तालाबों के जीर्णोद्धार जैसे कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। इस अभियान की विशेषता यह है कि इसमें जनभागीदारी को प्राथमिकता दी गई है, जिससे ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आमजन भी सक्रिय रूप से जल संरक्षण से जुड़ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “जहां गिरे, जब गिरे, वर्षा जल का संग्रह करें” संदेश को आत्मसात करते हुए यह अभियान जल संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है। राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे सतत प्रयासों और जनसहभागिता के परिणामस्वरूप मध्यप्रदेश जल संरक्षण के क्षेत्र में देश में अग्रणी बनकर उभरा है।
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    जल गंगा संवर्धन अभियान में मध्यप्रदेश का शानदार प्रदर्शन, डिंडोरी देश में प्रथम, खंडवा द्वितीय
मध्यप्रदेश ने वर्षा जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए देशभर में अपनी अलग पहचान बनाई है। जल शक्ति मंत्रालय द्वारा जारी 22 अप्रैल की रैंकिंग में प्रदेश का डिंडोरी जिला देश में प्रथम एवं खंडवा जिला द्वितीय स्थान पर रहा है। यह उपलब्धि राज्य में संचालित “जल गंगा संवर्धन अभियान” की सफलता को दर्शाती है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में 19 मार्च से 30 जून 2026 तक संचालित इस अभियान का उद्देश्य वर्षा जल का अधिकतम संरक्षण एवं पारंपरिक जल स्रोतों का पुनर्जीवन है। अभियान के अंतर्गत प्रदेशभर में जल संरचनाओं के निर्माण एवं पुनर्संरक्षण के कार्य व्यापक स्तर पर किए जा रहे हैं।
डिंडोरी जिले में अब तक 1.23 लाख से अधिक जल संरचनाएं निर्मित की जा चुकी हैं, जबकि खंडवा जिले में 87 हजार से अधिक संरचनाएं तैयार की गई हैं। वहीं पूरे मध्यप्रदेश में यह संख्या लगभग 3.97 लाख से अधिक पहुंच चुकी है, जो अभियान की व्यापकता और प्रभावशीलता को दर्शाती है।
अभियान के तहत खेत तालाब, कुओं का रिचार्ज, अमृत सरोवर निर्माण, बोरवेल रिचार्ज सिस्टम, रूफटॉप वाटर हार्वेस्टिंग तथा तालाबों के जीर्णोद्धार जैसे कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। इस अभियान की विशेषता यह है कि इसमें जनभागीदारी को प्राथमिकता दी गई है, जिससे ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आमजन भी सक्रिय रूप से जल संरक्षण से जुड़ रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “जहां गिरे, जब गिरे, वर्षा जल का संग्रह करें” संदेश को आत्मसात करते हुए यह अभियान जल संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है।
राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे सतत प्रयासों और जनसहभागिता के परिणामस्वरूप मध्यप्रदेश जल संरक्षण के क्षेत्र में देश में अग्रणी बनकर उभरा है।
    user_Neeraj rajak Press
    Neeraj rajak Press
    Local News Reporter डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • डिंडोरी जिला के विकास खंड करंजिया में क्रिकेट प्रतियोगिता का आगाज एवं मैच बेहतरीन रहा.
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    डिंडोरी जिला के विकास खंड करंजिया में क्रिकेट प्रतियोगिता का आगाज एवं मैच बेहतरीन रहा.
    user_राजेश कुमार मरावी रिपोर्टर
    राजेश कुमार मरावी रिपोर्टर
    Voice of people बजाग, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • घुघरी मचला मिर्चाखेडा के तरफ से लगी आग ,मलवाथर जंगल में भीषण रूप ,आग बेकाबू ।
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    घुघरी मचला मिर्चाखेडा के तरफ से लगी आग ,मलवाथर जंगल में भीषण रूप ,आग बेकाबू ।
    user_Akash Chakarwarti
    Akash Chakarwarti
    Local News Reporter घुघरी, मंडला, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • Post by Dinesh Varma
    1
    Post by Dinesh Varma
    user_Dinesh Varma
    Dinesh Varma
    Farmer बुदार, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • Post by Neelesh THAKUR
    1
    Post by Neelesh THAKUR
    user_Neelesh THAKUR
    Neelesh THAKUR
    Mandla, Madhya Pradesh•
    1 hr ago
  • चुटका परमाणु परियोजना: ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठे कलेक्टर-एसपी संवाद से दूर कीं विस्थापन की शंकाएं, पारदर्शिता और न्याय का दिया भरोसा मंडला। कलेक्टर राहुल नामदेव और एसपी रजत सकलेचा नारायणगंज के चुटका पहुंचे। बताया गया कि चुटका परमाणु परियोजना के क्रियान्वयन को लेकर प्रशासन ने जनसंवाद की अनूठी पहल की है। कलेक्टर राहुल नामदेव धोटे और एसपी रजत सकलेचा ने चुटका एवं नारायणगंज पहुँचकर ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठकर चर्चा की। इस सहज संवाद में ग्रामीणों ने भूमि अधिग्रहण, मुआवजा वितरण और पुनर्वास स्थल की सुविधाओं को लेकर अपनी चिंताएं साझा कीं। मंडला कलेक्टर ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होगी और किसी भी पात्र परिवार के साथ अन्याय नहीं होगा। उन्होंने मौके पर ही एसडीएम और तहसीलदारों को निर्देशित किया कि वे प्रत्येक प्रभावित परिवार से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उन्हें पुनर्वास नीति और प्लॉट आवंटन की विस्तृत जानकारी दें। कलेक्टर ने बताया कि नई पुनर्वास कॉलोनी को स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और आधुनिक बुनियादी सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। एसपी रजत सकलेचा ने सुरक्षा और सहयोग का भरोसा दिया। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ शाश्वत सिंह मीना सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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    चुटका परमाणु परियोजना: ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठे कलेक्टर-एसपी
संवाद से दूर कीं विस्थापन की शंकाएं, पारदर्शिता और न्याय का दिया भरोसा
मंडला। कलेक्टर राहुल नामदेव  और एसपी रजत सकलेचा नारायणगंज के चुटका पहुंचे। बताया गया कि चुटका परमाणु परियोजना के क्रियान्वयन को लेकर प्रशासन ने जनसंवाद की अनूठी पहल की है। कलेक्टर राहुल नामदेव धोटे और एसपी रजत सकलेचा ने चुटका एवं नारायणगंज पहुँचकर ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठकर चर्चा की। इस सहज संवाद में ग्रामीणों ने भूमि अधिग्रहण, मुआवजा वितरण और पुनर्वास स्थल की सुविधाओं को लेकर अपनी चिंताएं साझा कीं।
मंडला कलेक्टर ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होगी और किसी भी पात्र परिवार के साथ अन्याय नहीं होगा। उन्होंने मौके पर ही एसडीएम और तहसीलदारों को निर्देशित किया कि वे प्रत्येक प्रभावित परिवार से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उन्हें पुनर्वास नीति और प्लॉट आवंटन की विस्तृत जानकारी दें। कलेक्टर ने बताया कि नई पुनर्वास कॉलोनी को स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और आधुनिक बुनियादी सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। एसपी रजत सकलेचा ने सुरक्षा और सहयोग का भरोसा दिया। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ शाश्वत सिंह मीना सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
    user_Prahlad Kachhwaha
    Prahlad Kachhwaha
    Local News Reporter मंडला, मंडला, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • मंडला में बाल सुरक्षा और संरक्षण को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली। गुरुवार को शाम 4:00 बजे पुलिस कंट्रोल रूम में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मिशन वात्सल्य योजना के तहत प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिव कुमार वर्मा ने बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बालकों से जुड़े हर प्रकरण में नियमानुसार और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने टीओआर, एसओपी और न्यायालयों के निर्देशों का सख्ती से पालन करने पर जोर दिया। कार्यशाला में बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष गजेन्द्र गुप्ता ने किशोर न्याय अधिनियम 2015, पॉक्सो एक्ट 2012 और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बालकों के संरक्षण, पुनर्वास और पुलिस की भूमिका को समझाया। उप पुलिस अधीक्षक महिला सुरक्षा सतीश कुमार चतुर्वेदी ने विषय का परिचय दिया, वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग के सहायक संचालक रोहित बड़कुल ने कार्यशाला का उद्देश्य बताते हुए विभागीय समन्वय और संवेदनशीलता बढ़ाने पर जोर दिया। कार्यशाला में जिलेभर के बाल कल्याण अधिकारी, पुलिसकर्मी और विभागीय कर्मचारी मौजूद रहे।
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    मंडला में बाल सुरक्षा और संरक्षण को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली। गुरुवार को शाम 4:00 बजे पुलिस कंट्रोल रूम में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मिशन वात्सल्य योजना के तहत प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिव कुमार वर्मा ने बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बालकों से जुड़े हर प्रकरण में नियमानुसार और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने टीओआर, एसओपी और न्यायालयों के निर्देशों का सख्ती से पालन करने पर जोर दिया। कार्यशाला में बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष गजेन्द्र गुप्ता ने किशोर न्याय अधिनियम 2015, पॉक्सो एक्ट 2012 और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बालकों के संरक्षण, पुनर्वास और पुलिस की भूमिका को समझाया। उप पुलिस अधीक्षक महिला सुरक्षा सतीश कुमार चतुर्वेदी ने विषय का परिचय दिया, वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग के सहायक संचालक रोहित बड़कुल ने कार्यशाला का उद्देश्य बताते हुए विभागीय समन्वय और संवेदनशीलता बढ़ाने पर जोर दिया। कार्यशाला में जिलेभर के बाल कल्याण अधिकारी, पुलिसकर्मी और विभागीय कर्मचारी मौजूद रहे।
    user_Vinay Namdeo Nainpur
    Vinay Namdeo Nainpur
    मंडला, मंडला, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • ’’नामांकन लक्ष्य अधूरा रहने पर कलेक्टर सख्त, अधिकारियों के वेतन रोकने के निर्देश’’ डिंडौरी : 22 अप्रैल,2026 कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने सर्व शिक्षा अभियान की समीक्षा बैठक के दौरान कक्षा 1 से 8वीं तक शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। इसके लिए 30 अप्रैल 2026 की समय-सीमा निर्धारित की गई थी। निर्धारित समय-सीमा के भीतर लक्ष्य पूरा नहीं होने पर कलेक्टर ने कड़ा रुख अपनाते हुए डीपीसी स्टाफ, बीआरसी, एपीसी, बीईओ एवं स्कूलों के संस्था प्रमुखों के प्रति नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों के वेतन रोकने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि जब तक नामांकन का कार्य पूर्ण नहीं होगा, तब तक वेतन जारी नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को शीघ्र ही शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि शैक्षणिक सत्र की शुरुआत सुचारु रूप से हो सके। डीपीसी श्रीमती श्वेता अग्रवाल, श्रीमती प्रमिला मिश्रा एपीसी, श्री अमित गौलिया एपीसी, श्री बीके मिश्रा सहायक यंत्री, प्रोग्रामर श्री अनुराग पटेल सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
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    ’’नामांकन लक्ष्य अधूरा रहने पर कलेक्टर सख्त, अधिकारियों के वेतन रोकने के निर्देश’’
डिंडौरी : 22 अप्रैल,2026
कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने सर्व शिक्षा अभियान की समीक्षा बैठक के दौरान कक्षा 1 से 8वीं तक शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। इसके लिए 30 अप्रैल 2026 की समय-सीमा निर्धारित की गई थी।
निर्धारित समय-सीमा के भीतर लक्ष्य पूरा नहीं होने पर कलेक्टर ने कड़ा रुख अपनाते हुए डीपीसी स्टाफ, बीआरसी, एपीसी, बीईओ एवं स्कूलों के संस्था प्रमुखों के प्रति नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों के वेतन रोकने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि जब तक नामांकन का कार्य पूर्ण नहीं होगा, तब तक वेतन जारी नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को शीघ्र ही शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि शैक्षणिक सत्र की शुरुआत सुचारु रूप से हो सके।
डीपीसी श्रीमती श्वेता अग्रवाल, श्रीमती प्रमिला मिश्रा एपीसी, श्री अमित गौलिया एपीसी, श्री बीके मिश्रा सहायक यंत्री, प्रोग्रामर श्री अनुराग पटेल सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
    user_Neeraj rajak Press
    Neeraj rajak Press
    Local News Reporter डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
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