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पार्ट 06 सिव महापुराण का अनसुना रहस्य कौन है सदा सिव रुद्र और महेश्वर सिव लिंग की उत्पत्ति कैसे हुई ब्रम्हा विष्णु महेश जी के माता पिता कौन हैं जाने इस वीडियो मे सभी धर्मो के धार्मिक सत् ग्रंथो के ऐसे अनसुलझे रहस्य जिसे सभी धर्म के धर्मगुरुओं द्वारा छुपाया गया जिससे जनता अभी तक अनजानऔर बेखबर है जिसे संत रामपाल जी महाराज ने उजागर किया है

18 hrs ago
user_MANNU SIDAR ji
MANNU SIDAR ji
Farmer बसना, महासमुंद, छत्तीसगढ़•
18 hrs ago

पार्ट 06 सिव महापुराण का अनसुना रहस्य कौन है सदा सिव रुद्र और महेश्वर सिव लिंग की उत्पत्ति कैसे हुई ब्रम्हा विष्णु महेश जी के माता पिता कौन हैं जाने इस वीडियो मे सभी धर्मो के धार्मिक सत् ग्रंथो के ऐसे अनसुलझे रहस्य जिसे सभी धर्म के धर्मगुरुओं द्वारा छुपाया गया जिससे जनता अभी तक अनजानऔर बेखबर है जिसे संत रामपाल जी महाराज ने उजागर किया है

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  • पार्ट 06 सिव महापुराण का अनसुना रहस्य कौन है सदा सिव रुद्र और महेश्वर सिव लिंग की उत्पत्ति कैसे हुई ब्रम्हा विष्णु महेश जी के माता पिता कौन हैं जाने इस वीडियो मे सभी धर्मो के धार्मिक सत् ग्रंथो के ऐसे अनसुलझे रहस्य जिसे सभी धर्म के धर्मगुरुओं द्वारा छुपाया गया जिससे जनता अभी तक अनजानऔर बेखबर है जिसे संत रामपाल जी महाराज ने उजागर किया है
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    पार्ट 06 सिव महापुराण का अनसुना रहस्य कौन है सदा सिव रुद्र और महेश्वर सिव लिंग की उत्पत्ति कैसे हुई ब्रम्हा विष्णु महेश जी के माता पिता कौन हैं जाने इस वीडियो मे 
सभी धर्मो के धार्मिक सत् ग्रंथो  के ऐसे अनसुलझे रहस्य जिसे सभी धर्म के धर्मगुरुओं द्वारा छुपाया गया जिससे जनता अभी तक अनजानऔर बेखबर है
जिसे संत रामपाल जी महाराज ने उजागर किया है
    user_MANNU SIDAR ji
    MANNU SIDAR ji
    Farmer बसना, महासमुंद, छत्तीसगढ़•
    18 hrs ago
  • बच्चों के निवाले पर सवाल! आंगनबाड़ी में ‘कागजी उपस्थिति’ का खेल? हकीकत में कम बच्चे, रजिस्टर में ज्यादा उपस्थिति! पोषण आहार की राशि आहरण को लेकर गंभीर आरोप गोविंद राम ब्यूरो चीफ बलौदाबाजार। पलारी दतान(प )आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 5 बच्चों के पोषण और भविष्य से जुड़ी आंगनबाड़ी व्यवस्था पर अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं। जिले के कुछ आंगनबाड़ी केंद्रों को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं कि बच्चों की वास्तविक उपस्थिति से अधिक संख्या दर्ज कर पोषण आहार की राशि का आहरण किया जा रहा है। यदि इन आरोपों में सच्चाई है तो मामला केवल विभागीय लापरवाही का नहीं, बल्कि बच्चों के हक से जुड़े संसाधनों में गंभीर अनियमितता का हो सकता है। ‘बच्चे कम, कागजों में संख्या ज्यादा’—किसके इशारे पर? शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कुछ केंद्रों पर वास्तविक रूप से बच्चों की उपस्थिति कम होने के बावजूद रजिस्टर में अधिक बच्चों की उपस्थिति दर्ज कर दी जाती है। इसी दर्ज संख्या के आधार पर पोषण आहार का हिसाब तैयार होने और राशि आहरण किए जाने की बात कही जा रही है। सवाल यह है कि यदि बच्चे केंद्र में मौजूद नहीं हैं तो उनकी उपस्थिति किस आधार पर दर्ज की जा रही है? क्या संबंधित रिकॉर्ड की नियमित जांच होती है या फिर कागजों पर ही व्यवस्था चल रही है? समय पर नहीं खुलते केंद्र, फिर कैसे पूरी होती है बच्चों की उपस्थिति? शिकायतों में यह आरोप भी है कि कुछ आंगनबाड़ी केंद्र निर्धारित समय पर नहीं खुलते। ऐसे में विभागीय दावों और जमीनी हकीकत के बीच अंतर को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। एक तरफ सरकार बच्चों को पोषण देने के लिए योजनाओं पर राशि खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर यदि केंद्रों पर समय की पाबंदी और बच्चों. की वास्तविक उपस्थिति सुनिश्चित नहीं हो पा रही है, तो योजना के क्रियान्वयन की निगरानी पर सवाल उठना स्वाभाविक है। रिकॉर्ड की जांच हो तो खुल सकता है पूरा मामला मामले की निष्पक्ष जांच के लिए उपस्थिति पंजी, पोषण आहार वितरण रजिस्टर, स्टॉक रजिस्टर और राशि आहरण के रिकॉर्ड का आपस में मिलान किया जाना जरूरी है। साथ ही बिना पूर्व सूचना के केंद्रों का औचक निरीक्षण किया जाए तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। यदि जांच में फर्जी अथवा गलत उपस्थिति दर्ज करने, पोषण आहार में अनियमितता या नियम विरुद्ध राशि आहरण की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी विभागीय एवं नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए। बड़ा सवाल: बच्चों के हिस्से का निवाला कागजों में तो नहीं बंट रहा? अब निगाहें महिला एवं बाल विकास विभाग और जिला प्रशासन पर हैं। क्या इन शिकायतों की निष्पक्ष जांच होगी? क्या जिम्मेदार केंद्रों का औचक निरीक्षण किया जाएगा? और यदि आरोप सही पाए गए तो क्या जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी? बच्चों के पोषण से जुड़ी योजना में पारदर्शिता केवल कागजों में नहीं, जमीन पर भी दिखाई देनी चाहिए।
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    बच्चों के निवाले पर सवाल! आंगनबाड़ी में ‘कागजी उपस्थिति’ का खेल?

हकीकत में कम बच्चे, रजिस्टर में ज्यादा उपस्थिति! पोषण आहार की राशि आहरण को लेकर गंभीर आरोप
 गोविंद राम ब्यूरो चीफ
बलौदाबाजार। पलारी दतान(प )आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 5 बच्चों के पोषण और भविष्य से जुड़ी आंगनबाड़ी व्यवस्था पर अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं। जिले के कुछ आंगनबाड़ी केंद्रों को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं कि बच्चों की वास्तविक उपस्थिति से अधिक संख्या दर्ज कर पोषण आहार की राशि का आहरण किया जा रहा है। यदि इन आरोपों में सच्चाई है तो मामला केवल विभागीय लापरवाही का नहीं, बल्कि बच्चों के हक से जुड़े संसाधनों में गंभीर अनियमितता का हो सकता है।

‘बच्चे कम, कागजों में संख्या ज्यादा’—किसके इशारे पर?

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कुछ केंद्रों पर वास्तविक रूप से बच्चों की उपस्थिति कम होने के बावजूद रजिस्टर में अधिक बच्चों की उपस्थिति दर्ज कर दी जाती है। इसी दर्ज संख्या के आधार पर पोषण आहार का हिसाब तैयार होने और राशि आहरण किए जाने की बात कही जा रही है।

सवाल यह है कि यदि बच्चे केंद्र में मौजूद नहीं हैं तो उनकी उपस्थिति किस आधार पर दर्ज की जा रही है? क्या संबंधित रिकॉर्ड की नियमित जांच होती है या फिर कागजों पर ही व्यवस्था चल रही है?

समय पर नहीं खुलते केंद्र, फिर कैसे पूरी होती है बच्चों की उपस्थिति?

शिकायतों में यह आरोप भी है कि कुछ आंगनबाड़ी केंद्र निर्धारित समय पर नहीं खुलते। ऐसे में विभागीय दावों और जमीनी हकीकत के बीच अंतर को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

एक तरफ सरकार बच्चों को पोषण देने के लिए योजनाओं पर राशि खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर यदि केंद्रों पर समय की पाबंदी और बच्चों. की वास्तविक उपस्थिति सुनिश्चित नहीं हो पा रही है, तो योजना के क्रियान्वयन की निगरानी पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

रिकॉर्ड की जांच हो तो खुल सकता है पूरा मामला

मामले की निष्पक्ष जांच के लिए उपस्थिति पंजी, पोषण आहार वितरण रजिस्टर, स्टॉक रजिस्टर और राशि आहरण के रिकॉर्ड का आपस में मिलान किया जाना जरूरी है। साथ ही बिना पूर्व सूचना के केंद्रों का औचक निरीक्षण किया जाए तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।

यदि जांच में फर्जी अथवा गलत उपस्थिति दर्ज करने, पोषण आहार में अनियमितता या नियम विरुद्ध राशि आहरण की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी विभागीय एवं नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए।

बड़ा सवाल: बच्चों के हिस्से का निवाला कागजों में तो नहीं बंट रहा?

अब निगाहें महिला एवं बाल विकास विभाग और जिला प्रशासन पर हैं। क्या इन शिकायतों की निष्पक्ष जांच होगी? क्या जिम्मेदार केंद्रों का औचक निरीक्षण किया जाएगा? और यदि आरोप सही पाए गए तो क्या जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी?

बच्चों के पोषण से जुड़ी योजना में पारदर्शिता केवल कागजों में नहीं, जमीन पर भी दिखाई देनी चाहिए।
    user_गोविन्द राम
    गोविन्द राम
    Court reporter बलौदा बाजार, बलौदा बाजार, छत्तीसगढ़•
    7 hrs ago
  • आडिल हायर सेकेंडरी स्कूल में विद्यार्थियों ने जड़ा ताला, शिक्षिका के खिलाफ खोला मोर्चा, आडिल हायर सेकेंडरी स्कूल में विद्यार्थियों ने जड़ा ताला, शिक्षिका के खिलाफ खोला मोर्चा, 9वीं में विज्ञान की पढ़ाई शुरू नहीं होने का आरोप, नाराज विद्यार्थियों का स्कूल के सामने प्रदर्शन, सक्ती जिले से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। आडिल हायर सेकेंडरी स्कूल में विद्यार्थियों ने तालाबंदी कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। विद्यार्थियों का आरोप है कि कक्षा 9वीं में अब तक विज्ञान विषय की नियमित पढ़ाई शुरू नहीं हुई है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। विद्यार्थियों ने व्याख्याता चंद्रकला गबेल पर मनमानी के आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विद्यार्थियों का कहना है कि परीक्षा नजदीक आने के बावजूद विज्ञान की नियमित कक्षाएं नहीं लग रही हैं, जिससे उन्हें परीक्षा की तैयारी में परेशानी हो सकती है। नाराज विद्यार्थियों ने स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं और मांग पूरी होने तक प्रदर्शन जारी रखने की बात कही है।
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    आडिल हायर सेकेंडरी स्कूल में विद्यार्थियों ने जड़ा ताला, शिक्षिका के खिलाफ खोला मोर्चा,
आडिल हायर सेकेंडरी स्कूल में विद्यार्थियों ने जड़ा ताला, शिक्षिका के खिलाफ खोला मोर्चा,
9वीं में विज्ञान की पढ़ाई शुरू नहीं होने का आरोप, नाराज विद्यार्थियों का स्कूल के सामने प्रदर्शन,
सक्ती जिले से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। आडिल हायर सेकेंडरी स्कूल में विद्यार्थियों ने तालाबंदी कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। विद्यार्थियों का आरोप है कि कक्षा 9वीं में अब तक विज्ञान विषय की नियमित पढ़ाई शुरू नहीं हुई है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
विद्यार्थियों ने व्याख्याता चंद्रकला गबेल पर मनमानी के आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विद्यार्थियों का कहना है कि परीक्षा नजदीक आने के बावजूद विज्ञान की नियमित कक्षाएं नहीं लग रही हैं, जिससे उन्हें परीक्षा की तैयारी में परेशानी हो सकती है।
नाराज विद्यार्थियों ने स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं और मांग पूरी होने तक प्रदर्शन जारी रखने की बात कही है।
    user_Lala upadhyay
    Lala upadhyay
    Local News Reporter Sakti, Chhattisgarh•
    11 hrs ago
  • भगवती मानव कल्याण संगठन के द्वारा शराब पकड़ी गया और पुलिस के हवाले किया गया नशा मुक्ति अभियान
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    भगवती मानव कल्याण संगठन के द्वारा शराब पकड़ी गया और पुलिस के हवाले किया गया
नशा मुक्ति अभियान
    user_Akash Kanwar
    Akash Kanwar
    Local Politician Janjgir, Janjgir-Champa•
    13 hrs ago
  • *Janjgir : मशरूम उत्पादक किसान रोहित साहू बने मिसाल, मशरूम उत्पादन कर कमा रहे लाखों रुपये, गांव के युवाओं को दे रहे रोजगार, 'मशरूम बाबा' के नाम से है प्रसिद्ध, वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू किसान स्कूल बहेराडीह और कृषि विज्ञान केंद्र से जुड़े हैं नवाचारी किसान... मशरूम उत्पादक किसान, ट्रेनर और BJP किसान मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता ने कहा... VIDEO* *Janjgir : मशरूम उत्पादक किसान रोहित साहू बने मिसाल, मशरूम उत्पादन कर कमा रहे लाखों रुपये, गांव के युवाओं को दे रहे रोजगार, 'मशरूम बाबा' के नाम से है प्रसिद्ध, वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू किसान स्कूल बहेराडीह और कृषि विज्ञान केंद्र से जुड़े हैं नवाचारी किसान... मशरूम उत्पादक किसान, ट्रेनर और BJP किसान मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता ने कहा... VIDEO*
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    *Janjgir : मशरूम उत्पादक किसान रोहित साहू बने मिसाल, मशरूम उत्पादन कर कमा रहे लाखों रुपये, गांव के युवाओं को दे रहे रोजगार, 'मशरूम बाबा' के नाम से है प्रसिद्ध, वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू किसान स्कूल बहेराडीह और कृषि विज्ञान केंद्र से जुड़े हैं नवाचारी किसान...  मशरूम उत्पादक किसान, ट्रेनर और BJP किसान मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता ने कहा... VIDEO*
*Janjgir : मशरूम उत्पादक किसान रोहित साहू बने मिसाल, मशरूम उत्पादन कर कमा रहे लाखों रुपये, गांव के युवाओं को दे रहे रोजगार, 'मशरूम बाबा' के नाम से है प्रसिद्ध, वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू किसान स्कूल बहेराडीह और कृषि विज्ञान केंद्र से जुड़े हैं नवाचारी किसान...  मशरूम उत्पादक किसान, ट्रेनर और BJP किसान मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता ने कहा... VIDEO*
    user_Bhupendra lahare
    Bhupendra lahare
    Farmer मलखरोदा, सक्ती, छत्तीसगढ़•
    20 hrs ago
  • रायगढ़ युवा महोत्सव में दिखा युवाओं का हुनर,मेहंदी क्राफ्ट स्पर्धा में प्रतिभाओं ने बिखेरे रंग।
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    रायगढ़ युवा महोत्सव में दिखा युवाओं का हुनर,मेहंदी क्राफ्ट स्पर्धा में प्रतिभाओं ने बिखेरे रंग।
    user_Raigarh Chhattisgarh
    Raigarh Chhattisgarh
    रायगढ़, रायगढ़, छत्तीसगढ़•
    5 hrs ago
  • पार्ट 05 सिव महापुराण का अनसुना रहस्य कौन है सदा सिव रुद्र और महेश्वर सिव लिंग की उत्पत्ति कैसे हुई ब्रम्हा विष्णु महेश जी के माता पिता कौन हैं जाने इस वीडियो मे सभी धर्मो के धार्मिक सत् ग्रंथो के ऐसे अनसुलझे रहस्य जिसे सभी धर्म के धर्मगुरुओं द्वारा छुपाया गया जिससे जनता अभी तक अनजानऔर बेखबर है जिसे संत रामपाल जी महाराज ने उजागर किया है
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    पार्ट 05 सिव महापुराण का अनसुना रहस्य कौन है सदा सिव रुद्र और महेश्वर सिव लिंग की उत्पत्ति कैसे हुई ब्रम्हा विष्णु महेश जी के माता पिता कौन हैं जाने इस वीडियो मे 
सभी धर्मो के धार्मिक सत् ग्रंथो  के ऐसे अनसुलझे रहस्य जिसे सभी धर्म के धर्मगुरुओं द्वारा छुपाया गया जिससे जनता अभी तक अनजानऔर बेखबर है
जिसे संत रामपाल जी महाराज ने उजागर किया है
    user_MANNU SIDAR ji
    MANNU SIDAR ji
    Farmer बसना, महासमुंद, छत्तीसगढ़•
    18 hrs ago
  • कट्टा-कारतूस के साथ मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के हथियारबंद अंतर्राज्यीय गिरोह के 4 आरोपी गिरफ्तार महासमुंद। जिला महासमुंद थाना बसना पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थों एवं हथियारों की तस्करी पर प्रभावी कार्यवाही के तारतम्य में दिनांक 09-10/08/2026 की दरमियानी रात पलसापाली बेरियर पर सघन वाहन चेकिंग एवं पेट्रोलिंग की जा रही थी। चेकिंग के दौरान ओड़िशा की ओर से आ रही एक बिना नंबर की सफेद रंग की मारुति सुजुकी विक्टोरिस कार (जिसके पीछे पीली टी.सी. प्लेट MP07/C0011/TC लगी थी) को संदेह के आधार पर रोका गया। कार में चार व्यक्ति सवार थे, जिनका आचरण अत्यंत संदिग्ध था। पुलिस टीम द्वारा तलाशी लेने पर कार के डेशबोर्ड/सीट के पास से 01 नग .315 बोर का देशी कट्टा एवं 03 नग जिंदा कारतूस बरामद हुआ] साथ ही कार में रखे एक बैग से 3,25,000/- (तीन लाख पच्चीस हजार) रुपये नगद भी बरामद हुए। इसके अतिरिक्त आरोपियों की व्यक्तिगत तलाशी में 04 मोबाइल जप्त किए गए। आरोपियों से पूछताछ करने पर उन्होंने बताया कि वे सभी एक राय होकर आपराधिक षड्यंत्र के तहत ओड़िशा के बलांगीर से गांजा खरीदने आये थे। रास्ते में पुलिस या किसी भी बाधा को दूर करने तथा जान से मारने की नीयत से यह अवैध हथियार (देशी कट्टा) रखा था। गांजा सप्लायर से संपर्क न हो पाने के कारण वे बिना गांजा लिए 3.25 लाख रुपये नगदी रकम लेकर वापस लौट रहे थे। इस पुख्ता जानकारी और साक्ष्यों के आधार पर बसना पुलिस ने त्वरित एक्शन लेते हुए चारों आरोपियों को मौके पर ही अभिरक्षा में लिया गया। जिला महासमुंद थाना बसना पुलिस ने अंतरराज्यीय तस्करों के मंसूबों को नाकाम करते हुए एक बड़ी वारदात को अंजाम देने से पूर्व ही इस हथियारबंद गिरोह को गिरफ्तार करने में बसना पुलिस को बड़ी कामयाबी हासिल हुई। सभी आरोपियों के खिलाफ थाना बसना में धारा 25 आर्म्स एक्ट एवं 61(2)(क) बी.एन.एस. (भारतीय न्याय संहिता) का मामला दर्ज कर दिनांक 10/08/2026 को विधिवत गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपी- 01-उमाशंकर शर्मा पिता सुरेश शर्मा (उम्र 41 वर्ष), निवासी- ग्राम देवरी, पोस्ट मेहगांव, थाना मेहगांव, जिला भिंड (मध्यप्रदेश)। 02- आकाश काकर शर्मा उर्फ गोलू पिता विजय कुमार (उम्र 27 वर्ष), निवासी- गांव बरोही, थाना बरोही, जिला भिंड (मध्यप्रदेश)। 03- शिवम शर्मा पिता त्रियोगी नारायण शर्मा (उम्र 26 वर्ष), निवासी- गांव बरोही, थाना बरोही, जिला भिंड (मध्यप्रदेश)। 04- शनि सिंग उर्फ संदीप पिता खजान सिंग (उम्र 32 वर्ष), निवासी- गांव गरीकरना, थाना खैरागढ़, जिला आगरा (उत्तरप्रदेश)। जप्त संपत्ति- 01- नगदी रकम: 3,25,000/- रुपये (तीन लाख पच्चीस हजार रुपये )। 02- अवैध हथियार: 01 नग .315 बोर का देशी कट्टा (Pistol) एवं 03 नग जिंदा कारतूस। 03- एक सफेद रंग की कार (अस्थायी टी.सी. प्लेट MP07/C0011/TC), अनुमानित कीमत – लगभग 15,00,000 रुपये। 04- 04 नग मोबाईल अनुमानित कीमत– लगभग 1,00,000 रुपये।
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    कट्टा-कारतूस के साथ मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के हथियारबंद अंतर्राज्यीय गिरोह के 4 आरोपी गिरफ्तार
महासमुंद। जिला महासमुंद थाना बसना पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थों एवं हथियारों की तस्करी पर प्रभावी कार्यवाही के तारतम्य में दिनांक 09-10/08/2026 की दरमियानी रात पलसापाली बेरियर पर सघन वाहन चेकिंग एवं पेट्रोलिंग की जा रही थी। चेकिंग के दौरान ओड़िशा की ओर से आ रही एक बिना नंबर की सफेद रंग की मारुति सुजुकी विक्टोरिस कार (जिसके पीछे पीली टी.सी. प्लेट MP07/C0011/TC लगी थी) को संदेह के आधार पर रोका गया। कार में चार व्यक्ति सवार थे, जिनका आचरण अत्यंत संदिग्ध था। पुलिस टीम द्वारा तलाशी लेने पर कार के डेशबोर्ड/सीट के पास से 01 नग .315 बोर का देशी कट्टा एवं 03 नग जिंदा कारतूस बरामद हुआ] साथ ही कार में रखे एक बैग से 3,25,000/- (तीन लाख पच्चीस हजार) रुपये नगद भी बरामद हुए। इसके अतिरिक्त आरोपियों की व्यक्तिगत तलाशी में 04 मोबाइल जप्त किए गए। आरोपियों से पूछताछ करने पर उन्होंने बताया कि वे सभी एक राय होकर आपराधिक षड्यंत्र के तहत ओड़िशा के बलांगीर से गांजा खरीदने आये थे। रास्ते में पुलिस या किसी भी बाधा को दूर करने तथा जान से मारने की नीयत से यह अवैध हथियार (देशी कट्टा) रखा था। गांजा सप्लायर से संपर्क न हो पाने के कारण वे बिना गांजा लिए 3.25 लाख रुपये  नगदी रकम लेकर वापस लौट रहे थे। इस पुख्ता जानकारी और साक्ष्यों के आधार पर बसना पुलिस ने त्वरित एक्शन लेते हुए चारों आरोपियों को मौके पर ही अभिरक्षा  में लिया गया। जिला महासमुंद थाना बसना पुलिस ने अंतरराज्यीय तस्करों के मंसूबों को नाकाम करते हुए एक बड़ी वारदात को अंजाम देने से पूर्व ही इस हथियारबंद गिरोह को गिरफ्तार करने में बसना पुलिस को बड़ी कामयाबी हासिल हुई। सभी आरोपियों के खिलाफ थाना बसना में धारा 25 आर्म्स एक्ट एवं 61(2)(क) बी.एन.एस. (भारतीय न्याय संहिता) का मामला दर्ज कर दिनांक 10/08/2026 को विधिवत गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तार आरोपी-
01-उमाशंकर शर्मा पिता सुरेश शर्मा (उम्र 41 वर्ष), निवासी- ग्राम देवरी, पोस्ट मेहगांव, थाना मेहगांव, जिला भिंड (मध्यप्रदेश)।
02- आकाश काकर शर्मा उर्फ गोलू पिता विजय कुमार (उम्र 27 वर्ष), निवासी- गांव बरोही, थाना बरोही, जिला भिंड (मध्यप्रदेश)।
03- शिवम शर्मा पिता त्रियोगी नारायण शर्मा (उम्र 26 वर्ष), निवासी- गांव बरोही, थाना बरोही, जिला भिंड (मध्यप्रदेश)।
04- शनि सिंग उर्फ संदीप पिता खजान सिंग (उम्र 32 वर्ष), निवासी- गांव गरीकरना, थाना खैरागढ़, जिला आगरा (उत्तरप्रदेश)।
जप्त संपत्ति-
01- नगदी रकम: 3,25,000/- रुपये (तीन लाख पच्चीस हजार रुपये )।
02- अवैध हथियार: 01 नग .315 बोर का देशी कट्टा (Pistol) एवं 03 नग जिंदा कारतूस।
03- एक सफेद रंग की कार (अस्थायी टी.सी. प्लेट MP07/C0011/TC), अनुमानित कीमत – लगभग 15,00,000 रुपये।
04- 04 नग मोबाईल अनुमानित कीमत– लगभग 1,00,000 रुपये।
    user_Kishor Kar Journalist
    Kishor Kar Journalist
    Media and information sciences faculty Saraipali, Mahasamund•
    8 hrs ago
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