संगरेश्वर पुल के पास नाव पलटी, 8 तैरकर बचे, 2 लापता; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी बांसवाड़ा जिले के अरथूना थाना क्षेत्र स्थित संगरेश्वर पुल के पास मंगलवार को नदी में बड़ा हादसा हो गया, जब करीब 10 लोगों को लेकर जा रही एक देसी नाव अचानक संतुलन बिगड़ने से पलट गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार के बीच लोग मदद के लिए दौड़ पड़े। प्राप्त जानकारी के अनुसार नाव में सवार 10 में से 8 लोग किसी तरह तैरकर बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि 2 व्यक्तियों के नदी में डूबने की आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही गढ़ी डीएसपी बाबूलाल रेगर पुलिस दल के साथ मौके पर पहुंचे और तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। स्थानीय गोताखोरों, सिविल डिफेंस टीम और पुलिस के संयुक्त प्रयासों से नदी में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। अरथूना थाना पुलिस भी मौके पर तैनात रहकर लापता लोगों की तलाश में जुटी हुई है। देर शाम तक दोनों लापता व्यक्तियों का कोई सुराग नहीं लग पाया था। हादसे की खबर फैलते ही आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर एकत्र हो गए। प्रशासन द्वारा भी रेस्क्यू अभियान को तेज करते हुए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि नाव देसी (स्थानीय स्तर पर बनाई गई) थी और उसमें सुरक्षा के कोई पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। नाव में सवार सभी लोग घूमने के उद्देश्य से इस क्षेत्र में आए थे। आशंका जताई जा रही है कि क्षमता से अधिक लोगों के बैठने और सुरक्षा उपकरणों की कमी के कारण यह हादसा हुआ। हालिया हादसे ने बढ़ाई चिंता गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व मध्यप्रदेश में भी इसी तरह का एक दर्दनाक नाव हादसा सामने आया था, जिसमें कई लोगों की जान चली गई थी। उस घटना के बाद भी सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठे थे, लेकिन बावजूद इसके स्थानीय स्तर पर बिना सुरक्षा इंतजामों के नाव संचालन जारी है। प्रशासन की अपील प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नदी-तालाब जैसे जलाशयों में बिना सुरक्षा साधनों के नाव यात्रा करने से बचें और निर्धारित नियमों का पालन करें, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
संगरेश्वर पुल के पास नाव पलटी, 8 तैरकर बचे, 2 लापता; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी बांसवाड़ा जिले के अरथूना थाना क्षेत्र स्थित संगरेश्वर पुल के पास मंगलवार को नदी में बड़ा हादसा हो गया, जब करीब 10 लोगों को लेकर जा रही एक देसी नाव अचानक संतुलन बिगड़ने से पलट गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार के बीच लोग मदद के लिए दौड़ पड़े। प्राप्त जानकारी के अनुसार नाव में सवार 10 में से 8 लोग किसी तरह तैरकर बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि 2 व्यक्तियों
के नदी में डूबने की आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही गढ़ी डीएसपी बाबूलाल रेगर पुलिस दल के साथ मौके पर पहुंचे और तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। स्थानीय गोताखोरों, सिविल डिफेंस टीम और पुलिस के संयुक्त प्रयासों से नदी में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। अरथूना थाना पुलिस भी मौके पर तैनात रहकर लापता लोगों की तलाश में जुटी हुई है। देर शाम तक दोनों लापता व्यक्तियों का कोई सुराग नहीं लग पाया था। हादसे की खबर फैलते ही आसपास के गांवों से
बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर एकत्र हो गए। प्रशासन द्वारा भी रेस्क्यू अभियान को तेज करते हुए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि नाव देसी (स्थानीय स्तर पर बनाई गई) थी और उसमें सुरक्षा के कोई पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। नाव में सवार सभी लोग घूमने के उद्देश्य से इस क्षेत्र में आए थे। आशंका जताई जा रही है कि क्षमता से अधिक लोगों के बैठने और सुरक्षा उपकरणों की कमी के कारण यह हादसा हुआ। हालिया हादसे ने बढ़ाई चिंता गौरतलब है
कि कुछ दिन पूर्व मध्यप्रदेश में भी इसी तरह का एक दर्दनाक नाव हादसा सामने आया था, जिसमें कई लोगों की जान चली गई थी। उस घटना के बाद भी सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठे थे, लेकिन बावजूद इसके स्थानीय स्तर पर बिना सुरक्षा इंतजामों के नाव संचालन जारी है। प्रशासन की अपील प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नदी-तालाब जैसे जलाशयों में बिना सुरक्षा साधनों के नाव यात्रा करने से बचें और निर्धारित नियमों का पालन करें, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
- #विजय थलापती #तमिलनाडू1
- ममता बनर्जी द्वारा इस्तीफा देने से इनकार के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कुशलगढ़ के जनप्रतिनिधियों ने इसे जनादेश के खिलाफ बताया। पूर्व संसदीय सचिव भीमा भाई डामोर ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध “हठधर्मिता” करार दिया। वहीं पूर्व पालिका अध्यक्ष राघवेश चरपोटा ने इसे लोकतंत्र पर “काला धब्बा” बताते हुए जनमत के सम्मान की बात कही। भाजपा मंडल अध्यक्ष जिनेंद्र सेठिया ने मुख्यमंत्री से नैतिक आधार पर इस्तीफे की मांग की। जिला महामंत्री कान्हिग रावत, पूर्व पालिका अध्यक्ष रेखा जोशी व वरिष्ठ नेता रमेश तलेसरा ने भी इसे संविधान व लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत बताया। विश्लेषकों के अनुसार, अब आगे की स्थिति विधानसभा के बहुमत और संवैधानिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।4
- कुशलगढ़ जिला बांसवाड़ा राजस्थान रिपोर्टर धर्मेन्द्र कुमार सोनी *कुशलगढ़ में मूसे बॉक्स आर्ट एंड क्राफ्ट राजकोट आर्ट एग्जिबिशन (कला प्रदर्शनी) के साथ समर कैंप का आयोजन* कुशलगढ़: मूसे बॉक्स आर्ट एंड क्राफ्ट राजकोट की मेघना जोशी ने बताया की आर्ट एग्जिबिशन (कला प्रदर्शनी) के साथ समर कैंप का आयोजन बच्चों और युवाओ के लिए अपनी रचनात्मकता (Creativity) दिखाने और नई कला तकनीकें सीखने का एक शानदार तरीका है। ऐसे शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।समर कैंप (Art Exhibition Focus) में क्या होता है?पेंटिंग और क्राफ्ट: पेंटिंग, स्केचिंग, क्ले मॉडलिंग, और क्राफ्ट गतिविधियां।कला प्रदर्शनी: कैंप के अंत में, बच्चों द्वारा बनाई गई कलाकृतियों को एक गैलरी में प्रदर्शित किया जाता है, जिसे माता-पिता और अन्य लोग देखते हैं।विविध शैलियां: मधुबनी पेंटिंग, एक्रिलिक, पेंसिल स्केच, और लीप्पन आर्ट जैसी कलाएं सिखाई जाती हैं।कुशलगढ़ में 26 अप्रैल से 5 मई 2026 तक समर आर्ट एंड क्राफ्ट कैंप (पॉटरी, क्ले टॉयज, पेंटिंग)।समर कैंप की मुख्य विशेषताएं कौशल विकास बच्चों में रचनात्मकता और कलात्मक कौशल का विकास होता है।प्रमाण पत्र कई कैंपों में समापन के बाद बच्चों को सर्टिफिकेट दिए जाते हैं।आत्मविश्वास अपनी बनाई हुई पेंटिंग को प्रदर्शनी में देखकर बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है। समर कैंप के समापन पर विद्यानिकेतन उमावि के प्राचार्य कैलाश राव ने कहा कि आज हम को बहोत ही गर्व की बात है की मेरी विद्यालय की छात्रा मेघना एक आर्टिस्ट बनी हे उन्हों ने कहा अभिभावक अपने बच्चों को मोबाइल नहीं देते हुए। बच्चों में रचनात्मकता और कलात्मक कौशल का विकास पर ध्यान देना चाहिए। इस अवसर पर मुख्य अतिथि कैलाश राव विशिष्ठ अतिथि यशोदा त्रिवेदी,ममता शर्मा पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष तिलोत्तमा पंड्या पत्रकार सुनील शर्मा,पूर्व पार्षद पायल पंड्या,रितेश गादिया,राहुल पंड्या,दिव्या पंड्या मोनिका पंड्या पेरणा त्रिवेदी उक्त शिविर समर केंप मेघना ने आयोजित करवाया वही पत्रकार अरुण जोशी, तिलोत्तमा पंडया पुर्व नगरपालिका उपाध्यक्ष भी रही मौजूद इस मौके पर ग्रामीण जन सहित बच्चो के अभी भावक उपस्थित रहे।4
- ग्राम पंचायत चितोड़िया में प्रथम पंचायत स्तरीय प्रतिभा सम्मान समारोह का हुआ आयोजन,मेधावी छात्र छात्राओं का किया सम्मान जुबेर अहमद धरियावद धरियावद-ग्राम पंचायत चितोड़िया में प्रथम पंचायत स्तरीय प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन ग्राम पंचायत भवन चितोड़िया में किया गया है। जानकारी देते हुए ग्राम पंचायत चित्तौड़िया के सरपंच राजकुमार मीणा ने बताया कि इस दौरान कार्यक्रम की अध्यक्षता कांग्रेस पूर्व जिलाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह राणावत द्वारा की गई। वहीं मुख्य अतिथि बतौर पूर्व प्रदेश मंत्री व विधायक प्रत्याशी कन्हैयालाल मीणा द्वारा की गई है। विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में पूर्व विधायक नगराज मीणा, रामलाल मीणा,भेरूलाल मीणा, धनराज मीणा,किशन लाल मीणा,नाथूलाल मीणा,अर्जुन लाल मीणा,केशुलाल मीणा एडवोकेट सहित सम्मिलित हुए है। कार्यक्रम के मुख्य आयोजनकर्ता चितोड़िया सरपंच राजकुमार मीणा एवं समस्त ग्रामवासियों ने कार्यक्रम में आए हुए तमाम अतिथियों का फूल मालाओं से एवं साफा पहनाकर स्वागत- अभिनंदन किया। इस दौरान तमाम वक्ताओं ने कार्यक्रम को लेकर अपनी-अपनी बातों को रखा है। कार्यक्रम में नवोदय विद्यालय,एकलव्य आवासीय विद्यालय एवं चितोड़िया के समस्त स्कूलों में मेधावी छात्र-छात्राओं को ओपरने व प्रशस्ति पत्र,ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। वहीं विभिन्न खेलों में उत्कृष्ट खिलाड़ियों का भी सम्मान किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां पेश की है। कार्यक्रम के मुख्य आयोजनकर्ता राजकुमार मीणा सरपंच चित्तौड़िया ने अंत में सभी का आभार जताते हुए प्रथम पंचायत स्तरीय प्रतिभा सम्मान समारोह का हर्सोल्लासपूर्वक समापन किया।1
- उदयपुर जिले के झाड़ोल थाना क्षेत्र के मोहम्मद फलासिया में मारपीट और लूट का मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष द्वारा थाना अधिकारी को दिए गए शिकायत पत्र में बताया गया कि दिनांक 04 मई 2026 को उनका पुत्र एक पार्टी कार्यक्रम से लौट रहा था। रात करीब 9 बजे, रास्ते में कुछ लोगों ने उसे रोक लिया और उसके साथ मारपीट की। शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने युवक को गंभीर रूप से पीटा और जान से मारने की धमकी भी दी। इस दौरान युवक के पास मौजूद ₹5500 नकद भी छीन लेने का आरोप लगाया गया है। पीड़ित ने शिकायत में कई आरोपियों के नाम भी उल्लेखित किए हैं और सभी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इस घटना के बाद क्षेत्र में भय का माहौल बन गया है। पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन से जल्द कार्रवाई कर दोषियों को गिरफ्तार करने और न्याय दिलाने की अपील की है।1
- Post by जीवन लाल मीणा9
- सीमलवाड़ा (डूंगरपुर)। वार्षिक परीक्षाओं के बाद बच्चों को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने और उनके सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विकल्प संस्था द्वारा आयोजित समर कैंप इस वर्ष प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरा। क्षेत्र के चार राजकीय विद्यालय—राजपुर, कंबोइया प्रथम, कंबोइया सेकंड, पठान बस्ती तथा सीनियर सेकेंडरी स्कूल बरछावाड़ा में आयोजित इस कैंप में कुल 393 बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिनमें 224 बालक और 169 बालिकाएं शामिल रहीं। इसके साथ ही 42 अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी ने इस आयोजन को सामुदायिक सहयोग का मजबूत स्वरूप प्रदान किया। कैंप के दौरान बच्चों के लिए खेलकूद, कविता पाठ, कहानी लेखन, सृजनात्मक लेखन, ओरिगामी कला तथा पक्षियों के लिए परिंडे बनाने जैसी विविध गतिविधियों का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों की रचनात्मकता, अभिव्यक्ति क्षमता और आत्मविश्वास को निखारने का सफल प्रयास किया गया। बच्चों ने न केवल नई चीजें सीखीं, बल्कि मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन भी किया। कैंप का मुख्य आकर्षण पपेट शो रहा, जिसमें “लड़की पढ़कर क्या करेगी” और “डॉक्टर की दवा भोपे की बात” जैसे विषयों पर आधारित प्रस्तुतियों के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार किया गया। इन प्रस्तुतियों ने अंधविश्वास, लैंगिक भेदभाव और रूढ़िवादी सोच के खिलाफ जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अतिरिक्त बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए मैजिक ट्रिक्स और सरल वैज्ञानिक प्रयोगों का प्रदर्शन किया गया। इन गतिविधियों के जरिए बच्चों को तर्कसंगत सोच अपनाने के लिए प्रेरित किया गया, जिससे सीखने की प्रक्रिया रोचक और प्रभावी बनी। समर कैंप का सफल संचालन विकल्प संस्था के श्री बलवंत सिंह झाला के कुशल संयोजन में हुआ। संस्था निदेशक श्री धुलेश्वर रोत ने बताया कि इस प्रकार के कैंप बच्चों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और अभिभावकों को अपने बच्चों को ऐसे रचनात्मक आयोजनों से जोड़ने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। कार्यक्रम के मार्गदर्शक विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री हमराज सिंह चौहान ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन बच्चों में सीखने की निरंतरता बनाए रखते हैं और उनकी छिपी प्रतिभाओं को उजागर करने का सशक्त माध्यम बनते हैं। कैंप के सफल संचालन में विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकों और सहयोगियों का विशेष योगदान रहा। राजपुर स्कूल में श्रीमती कलावती और रितु पंड्या, कंबोइया प्रथम में मुकेश कुमार और गीता कुमारी परमार, कंबोइया सेकंड में बेनजीर खान और जया खराड़ी, तथा सीनियर सेकेंडरी स्कूल बरछावाड़ा में भुलेश्वर पटेल, ऋद्धि पंड्या, शंकर लाल अहारी, दिनेश कुमार बारिया, राकेश कोटेड एवं रेखा खराड़ी ने सक्रिय भूमिका निभाई। इसके अलावा विकल्प संस्था की टीम से मीरा हंगात, रंजना अहारी, हीना कटारा और रोनिका रोत का योगदान भी सराहनीय रहा। समर कैंप ने यह साबित कर दिया कि यदि बच्चों को सही दिशा और अवसर मिले तो वे छुट्टियों के समय को भी सीखने, सृजन और व्यक्तित्व विकास के सुनहरे अवसर में बदल सकते हैं।4
- #गाव घाटा फलां डोल कुजेला ब्लॉग झोथरी चौरासी1
- सज्जनगढ़ क्षेत्र में कुशलगढ़ उपखंड के जाडी कलिंजरा गांव में कथित अवैध गोकशी एवं धर्मांतरण की सूचना पर पहुंचे गोभक्तों और हिन्दू संगठन के कार्यकर्ताओं पर हुए हमले के विरोध में व्यापक आक्रोश देखने को मिला। घटना के विरोध में क्षेत्र के विभिन्न हिन्दू संगठनों, समाजजनों एवं प्रबुद्ध नागरिकों ने एकजुट होकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। जानकारी के अनुसार, समाजजनों ने सज्जनगढ़ स्थित रामजी मंदिर से रैली निकाली, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। रैली में शामिल लोगों ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर नारेबाजी करते हुए पंचायत समिति कार्यालय तक मार्च किया। वहां पहुंचकर प्रतिनिधिमंडल ने तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि जाडी कलिंजरा में अवैध गतिविधियों की सूचना पर पहुंचे गोभक्तों एवं कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट और हमला किया गया, जो अत्यंत निंदनीय है। समाजजनों ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं कानून व्यवस्था को चुनौती देने के साथ-साथ सामाजिक सौहार्द को भी प्रभावित करती हैं। प्रशासन से मांग की गई कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए तथा हमले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही यदि किसी राजकीय कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी तत्काल कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके अतिरिक्त, भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने, क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने तथा आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की भी मांग रखी गई। इस दौरान विभिन्न हिन्दू संगठनों के पदाधिकारी, समाज के वरिष्ठजन, युवा वर्ग और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने एक स्वर में न्याय की मांग1