डिंडोरी में हाथियों का मूवमेंट: दो किसानों की फसल चौपट, वन विभाग अलर्ट, ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील डिंडोरी (म.प्र.) जिले में हाथियों की आवाजाही से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया है। सोमवार को तीन नर हाथियों का दल डिंडोरी वन परिक्षेत्र के बासी देवरी जंगल से निकलकर देवकरा गांव पहुंचा, जहां उन्होंने दो किसानों की खड़ी गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचाया। जानकारी के अनुसार, हाथियों का यह दल अनूपपुर जिले की सीमा से प्रवेश कर विभिन्न जंगल क्षेत्रों—रामगुड़ा, त्यागपुर, सारस ताल, गोपालपुर, बासी देवरी, नारायण डीह और टिकरी पिपरी—से गुजरते हुए बसनिया के कक्ष क्रमांक 239 तक पहुंचा। शाम होते ही हाथियों ने देवकरा गांव में किसान गिरवर सिंह और वन समिति अध्यक्ष छोटे लाल मरावी के खेतों में नुकसान किया। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नुकसान का आकलन राजस्व विभाग द्वारा सर्वे के बाद किया जाएगा, जिसके आधार पर मुआवजा दिया जाएगा। मंगलवार सुबह हाथियों का दल मिंगडी गांव के जंगल में डेरा जमाए हुए है। अधिकारियों ने दी समझाइश सोमवार रात डीएफओ अशोक कुमार सोलंकी, एसडीओ सुरेंद्र जाटव और रेंजर अतुल सिंह बघेल गांव पहुंचे और ग्रामीणों को सतर्क रहने की समझाइश दी। उन्होंने लोगों से अपील की कि कोई भी व्यक्ति अकेले जंगल की ओर न जाए, कच्चे मकानों को अस्थायी रूप से खाली कर सुरक्षित स्थान पर रहें और हाथियों को किसी भी प्रकार से परेशान न करें। छह टीमें कर रहीं निगरानी हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वन विभाग ने छह टीमों का गठन किया है। मुड़की, डिंडोरी, नेवसा, सारस ताल और नारायण डीह सर्किल के वनकर्मी आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में निगरानी कर रहे हैं। गांवों में मुनादी कराई जा रही है और वन समिति व ग्रामीणों के साथ लगातार बैठकें आयोजित की जा रही हैं। महुआ और तेंदूपत्ता सीजन को देखते हुए जंगलों में लोगों की आवाजाही बढ़ी है, ऐसे में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। जरूरत पड़ने पर हाथी मित्र दल की भी सहायता ली जाएगी। रैपिड रिस्पांस टीम अलर्ट आपात स्थिति से निपटने के लिए रैपिड रिस्पांस टीम का गठन किया गया है। बिजली विभाग से समन्वय कर आवश्यकतानुसार बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद कराई जा रही है, वहीं स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट पर रखा गया है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि हाथियों से कम से कम 250 मीटर की दूरी बनाए रखें, उन्हें उकसाने का प्रयास न करें और फोटो-वीडियो बनाने के चक्कर में अपनी जान जोखिम में न डालें। 👉 फिलहाल वन विभाग की टीम स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
डिंडोरी में हाथियों का मूवमेंट: दो किसानों की फसल चौपट, वन विभाग अलर्ट, ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील डिंडोरी (म.प्र.) जिले में हाथियों की आवाजाही से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया है। सोमवार को तीन नर हाथियों का दल डिंडोरी वन परिक्षेत्र के बासी देवरी जंगल से निकलकर देवकरा गांव पहुंचा, जहां उन्होंने दो किसानों की खड़ी गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचाया। जानकारी के अनुसार, हाथियों का यह दल अनूपपुर जिले की सीमा से प्रवेश कर विभिन्न जंगल क्षेत्रों—रामगुड़ा, त्यागपुर, सारस ताल, गोपालपुर, बासी देवरी, नारायण डीह और टिकरी पिपरी—से गुजरते हुए बसनिया के कक्ष क्रमांक 239 तक पहुंचा। शाम होते ही
हाथियों ने देवकरा गांव में किसान गिरवर सिंह और वन समिति अध्यक्ष छोटे लाल मरावी के खेतों में नुकसान किया। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नुकसान का आकलन राजस्व विभाग द्वारा सर्वे के बाद किया जाएगा, जिसके आधार पर मुआवजा दिया जाएगा। मंगलवार सुबह हाथियों का दल मिंगडी गांव के जंगल में डेरा जमाए हुए है। अधिकारियों ने दी समझाइश सोमवार रात डीएफओ अशोक कुमार सोलंकी, एसडीओ सुरेंद्र जाटव और रेंजर अतुल सिंह बघेल गांव पहुंचे और ग्रामीणों को सतर्क रहने की समझाइश दी। उन्होंने लोगों से अपील की कि कोई भी व्यक्ति अकेले जंगल की ओर न जाए, कच्चे मकानों को अस्थायी
रूप से खाली कर सुरक्षित स्थान पर रहें और हाथियों को किसी भी प्रकार से परेशान न करें। छह टीमें कर रहीं निगरानी हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वन विभाग ने छह टीमों का गठन किया है। मुड़की, डिंडोरी, नेवसा, सारस ताल और नारायण डीह सर्किल के वनकर्मी आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में निगरानी कर रहे हैं। गांवों में मुनादी कराई जा रही है और वन समिति व ग्रामीणों के साथ लगातार बैठकें आयोजित की जा रही हैं। महुआ और तेंदूपत्ता सीजन को देखते हुए जंगलों में लोगों की आवाजाही बढ़ी है, ऐसे में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। जरूरत पड़ने
पर हाथी मित्र दल की भी सहायता ली जाएगी। रैपिड रिस्पांस टीम अलर्ट आपात स्थिति से निपटने के लिए रैपिड रिस्पांस टीम का गठन किया गया है। बिजली विभाग से समन्वय कर आवश्यकतानुसार बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद कराई जा रही है, वहीं स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट पर रखा गया है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि हाथियों से कम से कम 250 मीटर की दूरी बनाए रखें, उन्हें उकसाने का प्रयास न करें और फोटो-वीडियो बनाने के चक्कर में अपनी जान जोखिम में न डालें। 👉 फिलहाल वन विभाग की टीम स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
- डिंडोरी में हाथियों का मूवमेंट: दो किसानों की फसल चौपट, वन विभाग अलर्ट, ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील डिंडोरी (म.प्र.) जिले में हाथियों की आवाजाही से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया है। सोमवार को तीन नर हाथियों का दल डिंडोरी वन परिक्षेत्र के बासी देवरी जंगल से निकलकर देवकरा गांव पहुंचा, जहां उन्होंने दो किसानों की खड़ी गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचाया। जानकारी के अनुसार, हाथियों का यह दल अनूपपुर जिले की सीमा से प्रवेश कर विभिन्न जंगल क्षेत्रों—रामगुड़ा, त्यागपुर, सारस ताल, गोपालपुर, बासी देवरी, नारायण डीह और टिकरी पिपरी—से गुजरते हुए बसनिया के कक्ष क्रमांक 239 तक पहुंचा। शाम होते ही हाथियों ने देवकरा गांव में किसान गिरवर सिंह और वन समिति अध्यक्ष छोटे लाल मरावी के खेतों में नुकसान किया। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नुकसान का आकलन राजस्व विभाग द्वारा सर्वे के बाद किया जाएगा, जिसके आधार पर मुआवजा दिया जाएगा। मंगलवार सुबह हाथियों का दल मिंगडी गांव के जंगल में डेरा जमाए हुए है। अधिकारियों ने दी समझाइश सोमवार रात डीएफओ अशोक कुमार सोलंकी, एसडीओ सुरेंद्र जाटव और रेंजर अतुल सिंह बघेल गांव पहुंचे और ग्रामीणों को सतर्क रहने की समझाइश दी। उन्होंने लोगों से अपील की कि कोई भी व्यक्ति अकेले जंगल की ओर न जाए, कच्चे मकानों को अस्थायी रूप से खाली कर सुरक्षित स्थान पर रहें और हाथियों को किसी भी प्रकार से परेशान न करें। छह टीमें कर रहीं निगरानी हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वन विभाग ने छह टीमों का गठन किया है। मुड़की, डिंडोरी, नेवसा, सारस ताल और नारायण डीह सर्किल के वनकर्मी आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में निगरानी कर रहे हैं। गांवों में मुनादी कराई जा रही है और वन समिति व ग्रामीणों के साथ लगातार बैठकें आयोजित की जा रही हैं। महुआ और तेंदूपत्ता सीजन को देखते हुए जंगलों में लोगों की आवाजाही बढ़ी है, ऐसे में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। जरूरत पड़ने पर हाथी मित्र दल की भी सहायता ली जाएगी। रैपिड रिस्पांस टीम अलर्ट आपात स्थिति से निपटने के लिए रैपिड रिस्पांस टीम का गठन किया गया है। बिजली विभाग से समन्वय कर आवश्यकतानुसार बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद कराई जा रही है, वहीं स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट पर रखा गया है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि हाथियों से कम से कम 250 मीटर की दूरी बनाए रखें, उन्हें उकसाने का प्रयास न करें और फोटो-वीडियो बनाने के चक्कर में अपनी जान जोखिम में न डालें। 👉 फिलहाल वन विभाग की टीम स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।4
- डिंडोरी अंगवार गांव में ऑटो ने बाइक सवार को मारा टककर पिता पुत्र हुए घायल जिला चिकित्सालय में उपचार जारी पुलिस कर रही है जांच3
- नाचते-नाचते बुझ गई जिंदगी, काली बने युवक हुई मौत उमरिया तपस गुप्ता (7999276090) कहते हैं जिंदगी और मौत के बीच की दूरी बस एक पल की होती है। उमरिया जिले के जनपद पंचायत करकेली अंतर्गत ग्राम पठारी में चैत्र नवरात्रि के अवसर पर यह कहावत उस वक्त सच साबित हो गई, जब भक्ति और उत्साह से भरा माहौल अचानक चीख-पुकार और सन्नाटे में बदल गया। दरअसल, गांव में कलश विसर्जन कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक काली नृत्य का आयोजन किया गया था। गांव के ही निवासी रामगरीब कोल उम्र 40 वर्ष हर साल की तरह इस बार भी मां काली का रूप धारण कर प्रस्तुति दे रहे थे। चेहरे पर काली का रौद्र रूप… जैसे ही बैंड-बाजे की गूंज तेज हुई, उनका नृत्य भी पूरे शबाब पर था। सामने खड़े ग्रामीण उनकी प्रस्तुति को देखकर भाव-विभोर हो रहे थे। माहौल पूरी तरह भक्तिमय था, लेकिन किसी को क्या पता था कि यह प्रस्तुति उनकी जिंदगी की आखिरी प्रस्तुति साबित होगी। नृत्य के दौरान अचानक रामगरीब लड़खड़ाए और गिर पड़े। शुरुआत में लोगों ने इसे अभिनय का हिस्सा समझा, लेकिन जब कुछ देर तक वह नहीं उठे, तो वहां मौजूद लोगों के बीच हड़कंप मच गया। तुरंत कुछ लोग मंच पर पहुंचे और उन्हें उठाने की कोशिश की, लेकिन उनकी हालत गंभीर लग रही थी। ग्रामीणों ने बिना देर किए उन्हें अस्पताल ले जाने की तैयारी की, लेकिन प्राथमिक जानकारी में ही उनकी मौत की पुष्टि हो गई। डॉक्टरों ने शुरुआती जांच में हृदयाघात (हार्ट अटैक) को मौत का संभावित कारण बताया है। इस घटना के बाद पूरे कार्यक्रम का माहौल पल भर में बदल गया। जहां कुछ मिनट पहले तक जयकारों और संगीत की आवाज गूंज रही थी, वहीं अब हर तरफ सन्नाटा और गम का माहौल था। महिलाएं रोने लगीं, बच्चे सहम गए और पुरुष स्तब्ध खड़े रह गए। गांव वालों के मुताबिक, रामगरीब कोल धार्मिक आयोजनों में हमेशा बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे और खासकर काली नृत्य के लिए जाने जाते थे। उनका यह रूप और ऊर्जा लोगों को हर साल आकर्षित करती थी। इस बार भी लोगों को उनकी प्रस्तुति का बेसब्री से इंतजार था, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि यह इंतजार ऐसी दर्दनाक याद में बदल जाएगा। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसे देखने वाले लोग जहां एक तरफ हैरान हैं, वहीं दूसरी ओर गहरा दुख भी जता रहे हैं। ग्राम पठारी में अब सिर्फ एक ही चर्चा है कि जो व्यक्ति कुछ ही मिनट पहले देवी का रूप लेकर लोगों को भावुक कर रहा था, वह अचानक यूं सबको छोड़कर चला जाएगा यह किसी ने सोचा भी नहीं था। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि जिंदगी कितनी अनिश्चित है, और कब क्या हो जाए, कोई नहीं जानता।1
- भाजपा मंत्री को बना दिया कांग्रेस प्रदेश सचिव उमरिया में लिस्ट से मचा बवाल उमरिया (देशबन्धु)जिले की सियासत में कांग्रेस की एक सूची ने ऐसा बवंडर खड़ा कर दिया है जिसकी गूंज अब संगठन की साख तक पहुंच गई है। मामला मध्य प्रदेश कांग्रेस केश कला शिल्पी प्रकोष्ठ की प्रदेश स्तरीय नव-नियुक्त प्रबंध समिति से जुड़ा है जहां एक नाम ने पूरी राजनीति गरमा दी। सूची में उमरिया निवासी अनुज सेन को प्रदेश सचिव घोषित कर दिया गया लेकिन असली विवाद यहीं से शुरू हुआ। चौंकाने वाली बात यह है कि अनुज सेन खुद को भारतीय जनता पार्टी का सक्रिय कार्यकर्ता बताते हैं और वर्तमान में भाजपा नगर मंडल उमरिया में मंत्री पद पर काबिज हैं। ऐसे में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की सूची में उनका नाम शामिल होना सीधे-सीधे संगठन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। अनुज सेन ने इस घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने साफ कहा कि उनका कांग्रेस से कोई संबंध नहीं है और वे वर्षों पहले ही पार्टी छोड़ चुके हैं। उनके मुताबिक, बिना जानकारी और सहमति के उनका नाम जोड़ना सिर्फ एक गलती नहीं बल्कि साजिश भी हो सकती है। सेन ने दो टूक कहा कि वे आगे भी भाजपा के साथ ही जुड़े रहेंगे। बताया जा रहा है कि अनुज सेन करीब 8 साल पहले कांग्रेस से अलग हो चुके थे और तब से लगातार भाजपा की राजनीति में सक्रिय हैं। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर कांग्रेस की सूची तैयार करने में इतनी बड़ी चूक कैसे हो गई? क्या यह सिर्फ लापरवाही है या फिर संगठन के भीतर गहरी गड़बड़ी? इस पूरे मामले ने कांग्रेस को असहज स्थिति में ला खड़ा किया है। विपक्ष को बैठे-बिठाए हमला करने का मौका मिल गया है वहीं संगठन के भीतर भी असंतोष की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। एक साधारण सूची में इस तरह की गलती ने कांग्रेस की गंभीरता और विश्वसनीयता दोनों पर चोट पहुंचाई है। विवाद बढ़ता देख कांग्रेस संगठन के महासचिव एडवोकेट पुष्पराज सिंह सामने आए और सफाई दी। उन्होंने स्वीकार किया कि अनुज सेन पहले कांग्रेस में थे लेकिन अब पार्टी का हिस्सा नहीं हैं। उनके अनुसार सूची में नाम शामिल होना एक तकनीकी त्रुटि है, जिसे जल्द ही ठीक कर लिया जाएगा। हालांकि यह सफाई कई सवालों को शांत करने में नाकाफी साबित हो रही है। क्या इतनी अहम नियुक्ति सूची बिना सही जांच के जारी कर दी गई? क्या संगठन में समन्वय की कमी है या फिर जिम्मेदारी तय करने का अभाव? उमरिया का यह मामला अब एक साधारण नाम जुड़ने की गलती नहीं रह गया है बल्कि कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे और कार्यशैली पर बड़ा सवाल बनकर खड़ा हो गया है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि कांग्रेस इस नुकसान की भरपाई कैसे करती है या यह मुद्दा आगे और सियासी रंग लेता है।1
- शहडोल (मध्य प्रदेश): शहडोल पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 15 वर्षीय नाबालिग बालिका को ब्लैकमेल कर आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। थाना कोतवाली पुलिस ने इस गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी सनी यादव को सलाखों के पीछे भेज दिया है। घटना का विवरण: मामला फरवरी 2026 का है, जब एक नाबालिग बालिका ने जहर खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि देवरी निवासी 19 वर्षीय सनी यादव पिछले एक साल से पीड़िता को उसकी फोटो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल कर रहा था। इसी प्रताड़ना से तंग आकर बालिका ने आत्मघाती कदम उठाया। विवेचना के दौरान यह भी पता चला कि एक अन्य आरोपी, रूपेश सिंह गौड़, ने भी पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया था। कानूनी कार्रवाई: पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 (आत्महत्या का दुष्प्रेरण), 65(1), पॉक्सो एक्ट (POCSO) और एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। वर्तमान स्थिति: आज दिनांक 31 मार्च 2026 को पुलिस ने दबिश देकर मुख्य आरोपी सनी यादव को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। पुलिस ने बताया कि प्रकरण का दूसरा आरोपी रूपेश फिलहाल फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। इस सफल कार्रवाई में कोतवाली थाना प्रभारी राघवेंद्र तिवारी और उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।2
- शहडोल जिला कांग्रेस कमेटी के लोग मंगलवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे और कलेक्टर को एक ज्ञापन सौपा है, ज्ञापन में उन्होंने कहा है कि, गैस सिलेंडर एवं बिजली बिल में मूल वृद्धि का विरोध ज्ञापन के माध्यम से किया गया है, इस दौरान काफी संख्या में कांग्रेस कमेटी के लोग मौजूद रहे हैं।1
- Post by Suraj shriwastava1
- शहडोल जिले के सोहागपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत कुदरी गांव में एक हिरण घायल अवस्था में मिला है, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने अटल कामधेनु गौ सेवा संस्थान के लोगों को इस बात की जानकारी दी जानकारी लगते ही संस्थान के लोग मौके पर पहुंचे और घायल हुए हिरण का उपचार करके हिरण को वन विभाग की टीम को सौपा है।1