राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित पुरनिया क्षेत्र में सोमवार को एक बहुमंजिला इमारत में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को स्तब्ध कर दिया। इस इमारत में संचालित एनिमेशन एवं सॉफ्टवेयर ट्रेनिंग सेंटर में अचानक आग लगने से यह विकराल रूप ले लिया। घने धुएं और आग की लपटों में फंसे छात्रों के बीच चीख-पुकार और भगदड़ मच गई, जिससे जान बचाने के लिए कई छात्रों को ऊंची मंजिलों से छलांग लगानी पड़ी। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के अनुसार, 20 से अधिक घायलों को अस्पताल लाया गया, जिनमें से 15 की जान चली गई; मृतकों में पुरुष और महिलाएं दोनों शामिल हैं, और एक छात्र की रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट आई है। घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना अलीगढ़ दौरा बीच में ही छोड़कर तत्काल लखनऊ वापसी की। उन्होंने फोन पर फायर विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए राहत एवं बचाव कार्य में कोई लापरवाही न बरतने और जिम्मेदार लोगों को किसी भी हाल में न बख्शने का स्पष्ट आदेश दिया। मुख्यमंत्री ने पहले घटनास्थल का दौरा कर राहत कार्यों का जायजा लिया और फिर सीधे KGMU पहुंचकर घायलों व उनके परिजनों से मुलाकात की, डॉक्टरों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएँ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी घटनास्थल पर पहुंचे, जहां वे हादसे की भयावहता देखकर भावुक हो गए। उन्होंने बताया कि घने धुएं के कारण बचाव अभियान चुनौतीपूर्ण रहा और अंदर कई लोगों के फंसे होने की आशंका के बीच राहत कार्य जारी रहा। उन्होंने सभी अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रखने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर पूरा प्रशासनिक अमला युद्धस्तर पर सक्रिय हो गया, जिसमें उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद, डीजीपी राजीव कृष्ण, जिलाधिकारी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद रहे। दमकल, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और पुलिस की संयुक्त टीमों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया; बचाव टीमों को भवन के अंदर पहुंचने के लिए पीछे की दीवार भी तोड़नी पड़ी। जानकारी के अनुसार, आग लगी इमारत में एनिमेशन और गेमिंग इंडस्ट्री से जुड़े सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट की ट्रेनिंग दी जाती थी, और वहां एक एनिमेशन स्टूडियो भी संचालित था। भवन के निचले हिस्से में पेट शॉप और अन्य व्यावसायिक गतिविधियाँ चल रही थीं। इस दुखद हादसे की गूंज दिल्ली तक पहुंची। लखनऊ के सांसद और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। वे भी दिल्ली से लखनऊ के लिए रवाना हो गए हैं और उनके घटनास्थल तथा पीड़ित परिवारों से मुलाकात करने की संभावना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। इस त्रासदी के बाद पूरे प्रदेश में शोक की लहर है, एक ओर परिजन अपने प्रियजनों की तलाश में अस्पतालों और घटनास्थल के चक्कर लगा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर यह हादसा कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक भवनों में अग्नि सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित पुरनिया क्षेत्र में सोमवार को एक बहुमंजिला इमारत में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को स्तब्ध कर दिया। इस इमारत में संचालित एनिमेशन एवं सॉफ्टवेयर ट्रेनिंग सेंटर में अचानक आग लगने से यह विकराल रूप ले लिया। घने धुएं और आग की लपटों में फंसे छात्रों के बीच चीख-पुकार और भगदड़ मच गई, जिससे जान बचाने के लिए कई छात्रों को ऊंची मंजिलों से छलांग लगानी पड़ी। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के अनुसार, 20 से अधिक घायलों को अस्पताल लाया गया, जिनमें से 15 की जान चली गई; मृतकों में पुरुष और महिलाएं दोनों शामिल हैं, और एक छात्र की रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट आई है। घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना अलीगढ़ दौरा बीच में ही छोड़कर तत्काल लखनऊ वापसी की। उन्होंने फोन पर फायर विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए राहत एवं बचाव कार्य में कोई लापरवाही न बरतने और जिम्मेदार लोगों को किसी भी हाल में न बख्शने का स्पष्ट आदेश दिया। मुख्यमंत्री ने पहले घटनास्थल का दौरा
कर राहत कार्यों का जायजा लिया और फिर सीधे KGMU पहुंचकर घायलों व उनके परिजनों से मुलाकात की, डॉक्टरों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएँ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी घटनास्थल पर पहुंचे, जहां वे हादसे की भयावहता देखकर भावुक हो गए। उन्होंने बताया कि घने धुएं के कारण बचाव अभियान चुनौतीपूर्ण रहा और अंदर कई लोगों के फंसे होने की आशंका के बीच राहत कार्य जारी रहा। उन्होंने सभी अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रखने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर पूरा प्रशासनिक अमला युद्धस्तर पर सक्रिय हो गया, जिसमें उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद, डीजीपी राजीव कृष्ण, जिलाधिकारी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद रहे। दमकल, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और पुलिस की संयुक्त टीमों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया; बचाव टीमों को भवन के अंदर पहुंचने के लिए पीछे की दीवार भी तोड़नी पड़ी। जानकारी के अनुसार, आग लगी इमारत में एनिमेशन और गेमिंग इंडस्ट्री से जुड़े सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट की ट्रेनिंग दी जाती थी, और वहां एक एनिमेशन स्टूडियो भी संचालित था। भवन के निचले हिस्से में पेट शॉप और अन्य व्यावसायिक गतिविधियाँ चल रही थीं। इस दुखद हादसे की गूंज दिल्ली तक पहुंची।
लखनऊ के सांसद और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। वे भी दिल्ली से लखनऊ के लिए रवाना हो गए हैं और उनके घटनास्थल तथा पीड़ित परिवारों से मुलाकात करने की संभावना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। इस त्रासदी के बाद पूरे प्रदेश में शोक की लहर है, एक ओर परिजन अपने प्रियजनों की तलाश में अस्पतालों और घटनास्थल के चक्कर लगा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर यह हादसा कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक भवनों में अग्नि सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
- लखनऊ के तहसील मलिहाबाद क्षेत्र स्थित ग्राम पंचायत तिरगावा में बेता नाला पर एक पोल्ट्री फार्म संचालक द्वारा कथित रूप से निजी मिनी पुल बनाए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने इस पर कड़ा विरोध जताते हुए संबंधित अधिकारियों से शिकायत की है। ग्रामीणों का आरोप है कि पोल्ट्री फार्म से निकलने वाली गंदगी और बदबू के कारण आसपास के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में तहसील मलिहाबाद में शिकायत भी दर्ज कराई गई थी, लेकिन शिकायत के चौथे दिन भी कोई अधिकारी मौके पर जांच के लिए नहीं पहुंचा और न ही अब तक कोई कार्रवाई की गई है। अधिकारियों की इस उदासीनता के चलते ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मौके पर पहुंचकर जांच और उचित कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले दिनों में धरना प्रदर्शन किया जा सकता है। अब यह देखना होगा कि प्रशासन ग्रामीणों की शिकायत पर कब तक संज्ञान लेता है।1
- पुलिस उपायुक्त पूर्वी महोदया के निर्देशन में मोहर्रम के त्यौहार को ध्यान में रखते हुए, प्रभारी निरीक्षक गाजीपुर ने अपने पुलिस बल के साथ थाना क्षेत्र के महत्वपूर्ण स्थानों और मार्गों पर फ्लैग मार्च किया। इस दौरान, आम जनता को सुरक्षा का एहसास कराया गया और शांति, सौहार्द तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।1
- गुजरात के खेड़ा जिले में लव जिहाद का एक अत्यंत घिनौना मामला सामने आया है, जहाँ एक नाबालिग हिन्दू लड़की को तीन साल तक लगातार ब्लैकमेल कर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। यह भयावह घटना तब शुरू हुई जब एक दोस्त ने पीड़िता को पहले प्रेम जाल में फँसाया, और फिर उसे अपने 10 दोस्तों के सामने 'परोस' दिया। पुलिस ने इस प्रकरण में त्वरित कार्रवाई करते हुए आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अन्य आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। इस गंभीर मामले में POCSO अधिनियम और अन्य सख्त धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। पीड़िता को तत्काल सुरक्षा प्रदान की गई है और मामले की विस्तृत जाँच लगातार जारी है। यह घटना एक बार फिर इस बात को रेखांकित करती है कि लव जिहाद जैसी चुनौतियों का सामना करने के लिए समाज को कितना अधिक सतर्क और सख्त होने की आवश्यकता है।1
- जनपद सुल्तानपुर के थाना कादीपुर से संबंधित एक खबर सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही है। इस खबर के अनुसार, एक व्यक्ति द्वारा एक घर में घुसकर बच्चियों और महिलाओं के साथ अभद्रता और मारपीट की गई है। इस गंभीर मामले में पुलिस ने तत्काल संज्ञान लेते हुए गंभीर धाराओं के तहत अभियोग पंजीकृत कर लिया है। बताया गया है कि मामले में नामजद अभियुक्त को गिरफ्तार किया जा चुका है और आगे की विधिक कार्रवाई प्रचलित है। यह जानकारी क्षेत्राधिकारी कादीपुर, श्री विनय कुमार गौतम द्वारा प्रदान की गई है।1
- सीएम योगी आदित्यनाथ ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।1
- अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद, दान की गिनती में लगे लगभग 40 कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। इन कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई थी, जिसके बाद उनकी जगह अब बैंक द्वारा नए कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इस घटनाक्रम के मद्देनजर मंदिर की सुरक्षा और निगरानी को मजबूत करते हुए सीसीटीवी कैमरों की संख्या में भी बढ़ोतरी की गई है। वहीं, इस पूरे मामले पर पवन पांडेय ने टिप्पणी करते हुए कहा है कि प्रभु श्रीराम ने खुद चढ़ावा चोरी की बात अखिलेश को बताई।1
- लखनऊ में एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने से 15 लोगों की दुखद मौत हो गई। मृतकों में ज्यादातर छात्र शामिल थे, जो आग से बचने के लिए बाथरूम में छिपे थे। अन्य ब्रेकिंग खबरों में, अमेरिका ने ईरान के तेल बेचने पर लगे प्रतिबंध हटा दिए हैं, जिसके बाद भारत अगले 60 दिनों तक ईरान से तेल खरीद सकेगा। साथ ही, उद्धव के छह सांसदों ने शिंदे का साथ दिया है।2