NEET और परीक्षा धांधली के साथ-साथ शिक्षा सुधारों की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर CJP का विरोध-प्रदर्शन चल रहा है। संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस तथा सुरक्षाबलों के बीच तीखी झड़प हुई, जिसके बाद लाठीचार्ज किया गया। इस घटना के बाद मौके पर मौजूद मीडियाकर्मियों और स्वतंत्र पत्रकारों ने पाया कि ड्यूटी पर तैनात कई सुरक्षाबल और RPF जवान बिना नेम-प्लेट के मुस्तैद थे। जब पत्रकारों ने जवानों से नेम-बैज न पहनने का कारण पूछा, तो उन्होंने दावा किया कि कार्रवाई या धक्का-मुक्की के दौरान बैज गिर जाने का डर रहता है। हालांकि, इस जवाब से विवाद शांत होने के बजाय और गहरा गया है। 'हेडलाइन 24 न्यूज़' ने इस मामले में प्रशासन और अधिकारियों से तीखे सवाल पूछे हैं कि सुप्रीम कोर्ट के D.K. Basu Guidelines के सख्त आदेशों के बावजूद, जिसमें हर जवान का नाम और पद स्पष्ट दिखना अनिवार्य है, नियमों की धज्जियां किसके इशारे पर उड़ाई गईं? यह भी सवाल उठाया गया है कि क्या जवानों की पहचान जानबूझकर छिपाई गई और अगर बल प्रयोग या कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी जवाबदेही किसकी होगी। इस पूरे मामले में आला अधिकारियों की चुप्पी और जवानों की तैनाती पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। साथ ही यह ध्यान दिलाया गया है कि भारतीय संविधान का अनुच्छेद 19(1)(a) नागरिकों को अभिव्यक्ति की आजादी देता है और अनुच्छेद 19(1)(b) बिना हथियार शांतिपूर्ण तरीके से इकट्ठा होकर विरोध दर्ज कराने का मौलिक अधिकार प्रदान करता है।
NEET और परीक्षा धांधली के साथ-साथ शिक्षा सुधारों की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर CJP का विरोध-प्रदर्शन चल रहा है। संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस तथा सुरक्षाबलों के बीच तीखी झड़प हुई, जिसके बाद लाठीचार्ज किया गया। इस घटना के बाद मौके पर मौजूद मीडियाकर्मियों और स्वतंत्र पत्रकारों ने पाया कि ड्यूटी पर तैनात कई सुरक्षाबल और RPF जवान बिना नेम-प्लेट के मुस्तैद थे। जब पत्रकारों ने जवानों से नेम-बैज न पहनने का कारण पूछा, तो उन्होंने दावा किया कि कार्रवाई या धक्का-मुक्की के दौरान बैज गिर जाने का डर रहता है। हालांकि, इस जवाब से विवाद शांत होने के बजाय और गहरा गया है। 'हेडलाइन 24 न्यूज़' ने इस मामले में प्रशासन और अधिकारियों से तीखे सवाल पूछे हैं कि सुप्रीम कोर्ट के D.K. Basu Guidelines के सख्त आदेशों के बावजूद, जिसमें हर जवान का नाम और पद स्पष्ट दिखना अनिवार्य है, नियमों की धज्जियां किसके इशारे पर उड़ाई गईं? यह भी सवाल उठाया गया है कि क्या जवानों की पहचान जानबूझकर छिपाई गई और अगर बल प्रयोग या कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी जवाबदेही किसकी होगी। इस पूरे मामले में आला अधिकारियों की चुप्पी और जवानों की तैनाती पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। साथ ही यह ध्यान दिलाया गया है कि भारतीय संविधान का अनुच्छेद 19(1)(a) नागरिकों को अभिव्यक्ति की आजादी देता है और अनुच्छेद 19(1)(b) बिना हथियार शांतिपूर्ण तरीके से इकट्ठा होकर विरोध दर्ज कराने का मौलिक अधिकार प्रदान करता है।
- NEET और परीक्षा धांधली के साथ-साथ शिक्षा सुधारों की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर CJP का विरोध-प्रदर्शन चल रहा है। संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस तथा सुरक्षाबलों के बीच तीखी झड़प हुई, जिसके बाद लाठीचार्ज किया गया। इस घटना के बाद मौके पर मौजूद मीडियाकर्मियों और स्वतंत्र पत्रकारों ने पाया कि ड्यूटी पर तैनात कई सुरक्षाबल और RPF जवान बिना नेम-प्लेट के मुस्तैद थे। जब पत्रकारों ने जवानों से नेम-बैज न पहनने का कारण पूछा, तो उन्होंने दावा किया कि कार्रवाई या धक्का-मुक्की के दौरान बैज गिर जाने का डर रहता है। हालांकि, इस जवाब से विवाद शांत होने के बजाय और गहरा गया है। 'हेडलाइन 24 न्यूज़' ने इस मामले में प्रशासन और अधिकारियों से तीखे सवाल पूछे हैं कि सुप्रीम कोर्ट के D.K. Basu Guidelines के सख्त आदेशों के बावजूद, जिसमें हर जवान का नाम और पद स्पष्ट दिखना अनिवार्य है, नियमों की धज्जियां किसके इशारे पर उड़ाई गईं? यह भी सवाल उठाया गया है कि क्या जवानों की पहचान जानबूझकर छिपाई गई और अगर बल प्रयोग या कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी जवाबदेही किसकी होगी। इस पूरे मामले में आला अधिकारियों की चुप्पी और जवानों की तैनाती पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। साथ ही यह ध्यान दिलाया गया है कि भारतीय संविधान का अनुच्छेद 19(1)(a) नागरिकों को अभिव्यक्ति की आजादी देता है और अनुच्छेद 19(1)(b) बिना हथियार शांतिपूर्ण तरीके से इकट्ठा होकर विरोध दर्ज कराने का मौलिक अधिकार प्रदान करता है।1
- अयोध्या जिले के मिल्कीपुर अंतर्गत हैरिंग्टनगंज विकासखंड के सामने प्रस्तावित किसान कल्याण केंद्र के निर्माण कार्य की औपचारिक शुरुआत गुरुवार, 23 जुलाई 2026 को बुनियाद की मार्किंग और खुदाई के साथ हो गई है। लगभग 20×60 फीट क्षेत्रफल में बनने वाले इस केंद्र का नक्शा पहले ही स्वीकृत हो चुका है और अब तय मानकों व तकनीकी दिशा-निर्देशों के अनुरूप निर्माण कराया जा रहा है। इस सुविधा केंद्र के निर्माण की शुरुआत से स्थानीय किसानों में खुशी का माहौल है। इस संबंध में राजकीय कृषि बीज गोदाम के प्रभारी उमाशंकर यादव ने बताया कि बुनियादी खुदाई का काम शुरू हो गया है और निर्माण पूरी गुणवत्ता के साथ कराया जाएगा। केंद्र के बन जाने से किसानों को कृषि विभाग से जुड़ी योजनाओं, बीज वितरण, अनुदान, कृषि परामर्श और अन्य सेवाओं के लिए अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। एक ही परिसर में सभी सुविधाएं मिलने से किसानों का समय और खर्च दोनों बचेगा तथा कृषि कार्यों में पारदर्शिता आएगी।1
- सुल्तानपुर के अखंडनगर थाना क्षेत्र स्थित उमरी गांव में उच्च न्यायालय के निर्देश और जिला प्रशासन के आदेश पर राजस्व विभाग तथा पुलिस की संयुक्त टीम ने गुरुवार को तालाब की भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। इस अभियान के दौरान जेसीबी की मदद से तालाब क्षेत्र में बने अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया। यह पूरी कार्रवाई शिकायतकर्ता सभापति सिंह की याचिका पर चलाई गई। इससे पहले 11 जुलाई को भी यहां आंशिक कार्रवाई की गई थी, जिसके बाद जिलाधिकारी को पुनः प्रार्थना पत्र दिए जाने पर यह अभियान दोबारा चलाया गया। कार्रवाई के दौरान तहसीलदार उमेश चंद्र यादव और नायब तहसीलदार प्रदीप कुमार मिश्र सहित राजस्व व पुलिस टीम मौके पर मौजूद रही। अभियान के बाद शिकायतकर्ता सभापति सिंह ने दावा किया है कि पूरी भूमि अभी भी अतिक्रमण मुक्त नहीं हुई है। वहीं, पवन सिंह सहित कुछ अन्य लोगों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने उनकी वैध पशुशाला और बैठक को भी गिरा दिया है। इन आरोपों को निराधार बताते हुए तहसीलदार उमेश चंद्र यादव ने कहा कि यह पूरी कार्रवाई उच्च न्यायालय और वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों के अनुपालन में की गई है।1
- jai jai jai jai jai jai jai jai jai jai jai jai jai jai jai jai jai jai jai jai jai jai Gajanand ji1
- केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि पिछले 24 घंटे में CJP को 4 बार बातचीत का निमंत्रण दिया जा चुका है, लेकिन अभी तक CJP की तरफ से कोई जवाब नहीं आया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे छात्रों से बातचीत करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।1
- अयोध्या के हैरिंग्टनगंज ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत मलेथू खुर्द निवासी कुशल सिंह 'तरंग' (स्वर्गीय शंभू सिंह के पुत्र) चीन में आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारतीय अंडर-18 राष्ट्रीय वॉलीबॉल टीम का प्रतिनिधित्व कर स्वदेश लौटे। भारत का प्रतिनिधित्व कर लौटने पर गुरुवार को पूरे क्षेत्र में उनका भव्य स्वागत किया गया। दोपहर 1:30 बजे सबसे पहले उनके पूर्व शिक्षण संस्थान सरस्वती इंटर कॉलेज में सम्मान समारोह आयोजित हुआ, जहां शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने माल्यार्पण कर उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इसके बाद कुशल के पैतृक गांव मलेथू खुर्द पहुंचने पर ढोल-नगाड़ों, फूल-मालाओं और पुष्पवर्षा के बीच सैकड़ों लोगों ने उनका जोरदार अभिनंदन किया। जनप्रतिनिधियों ने उन्हें अंगवस्त्र व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। घर पहुंचने पर उनकी दादी यशोदा सिंह ने तिलक लगाकर आरती उतारी, मिठाई खिलाई और आशीर्वाद दिया। इस दौरान परिवार में स्वर्गीय शंभू सिंह की कमी महसूस हुई और उनकी माता शशि सिंह भावुक हो गईं। कुशल सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय अपने दिवंगत पिता की प्रेरणा, मामा आशीष सिंह उर्फ लाल सिंह तथा गांव व क्षेत्रवासियों के सहयोग को दिया। उन्होंने कहा कि छोटे से गांव से निकलकर भारत का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए गर्व की बात है और वे आगे भी देश के लिए बेहतर प्रदर्शन करेंगे। इस समारोह के अवसर पर प्रधान संघ अध्यक्ष अशोक तिवारी, पलिया प्रधान अभिषेक भद्र सिंह उर्फ भोला, पूर्व प्रधान अखिलेश प्रताप सिंह उर्फ बब्बू सिंह, भाजपा जिला उपाध्यक्ष सरजू प्रसाद दुबे, लवलेश मिश्रा, लोकगायक विवेक पांडे, मोहित मिश्रा, सनी सिंह, अंकित श्रीवास्तव, रविंद्र सिंह और दिनेश सिंह उर्फ पंकज सिंह सहित सैकड़ों ग्रामवासी एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।1
- समाजवादी पार्टी के प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन को लेकर अमेठी में पुलिस पूरी तरह सतर्क नजर आई और प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही कई सपा पदाधिकारियों को उनके घरों में हाउस अरेस्ट कर लिया गया। सपा महिला जिलाध्यक्ष गुंजन सिंह सहित कई पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस ने उनके घर पहुंचकर उन्हें बाहर निकलने से रोक दिया है। सपा नेताओं का कहना है कि सरकार इस तरह की कार्रवाई करके विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। सपा महिला जिलाध्यक्ष गुंजन सिंह ने प्रदेश और केंद्र की शिक्षा व्यवस्था पर हमला बोलते हुए कहा कि पिछले 9 वर्षों में 152 बार भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाएं हुई हैं। उन्होंने दिल्ली में छात्र-छात्राओं के साथ अभद्रता करने और सरकार के इशारे पर उन पर लाठियां बरसाने का भी गंभीर आरोप लगाया। गुंजन सिंह ने चेतावनी दी कि यदि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा नहीं लिया जाता और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तो सपा का महिला संगठन धरना-प्रदर्शन के लिए बाध्य होगा।4