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केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि पिछले 24 घंटे में CJP को 4 बार बातचीत का निमंत्रण दिया जा चुका है, लेकिन अभी तक CJP की तरफ से कोई जवाब नहीं आया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे छात्रों से बातचीत करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
Pawan Kumar Tiwari
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि पिछले 24 घंटे में CJP को 4 बार बातचीत का निमंत्रण दिया जा चुका है, लेकिन अभी तक CJP की तरफ से कोई जवाब नहीं आया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे छात्रों से बातचीत करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
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- केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि पिछले 24 घंटे में CJP को 4 बार बातचीत का निमंत्रण दिया जा चुका है, लेकिन अभी तक CJP की तरफ से कोई जवाब नहीं आया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे छात्रों से बातचीत करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।1
- अमेठी के कोतवाली क्षेत्र में पड़ोसियों पर मासूम बच्चों के साथ मारपीट, अभद्रता और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगा है। स्थानीय स्तर पर उचित कार्रवाई न होने के कारण पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि घटना के बाद से बच्चे बेहद भयभीत हैं और विरोध करने पर परिवार के अन्य सदस्यों को भी धमकाया गया। पीड़ित परिवार ने एसपी से मांग की है कि मासूम बच्चों का चिकित्सीय परीक्षण कराया जाए, पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई की जाए ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। वहीं, पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने प्रार्थना पत्र प्राप्त कर मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही लगाए गए आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।1
- सुल्तानपुर की तहसील सदर में मोटरसाइकिल स्टैंड ठेकेदार द्वारा की जा रही अवैध वसूली का एक फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हाल ही में नीलामी की प्रक्रिया पूरी करते हुए तहसील सदर में मोटरसाइकिल, फोर व्हीलर और साइकिल स्टैंड के लिए ठेकेदारी व्यवस्था लागू की गई थी। इसके बाद से ही ठेकेदार जिला प्रशासन को गुमराह करते हुए वाहन स्वामियों से मोटरसाइकिल के नाम पर ₹20 की वसूली कर रहा है, जबकि सरकार द्वारा निर्धारित रेट मात्र ₹10 ही है। इस धांधली के बावजूद जिला प्रशासन मौन धारण किए हुए है और इस अवैध वसूली से पूरी तरह बेखबर बना हुआ है। जब से तहसील सदर में यह नीलामी प्रक्रिया और ठेकेदारी व्यवस्था लागू हुई है, तब से अवैध वसूली को लेकर यह लगातार विवादों में है। ऐसे में यह बड़ा सवाल उठ रहा है कि दबंग व मनबढ़ ठेकेदार किसके सहारे वाहन स्वामियों से अवैध वसूली कर रहा है और तहसील प्रशासन इस पर संज्ञान क्यों नहीं ले रहा है।1
- NEET और परीक्षा धांधली के साथ-साथ शिक्षा सुधारों की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर CJP का विरोध-प्रदर्शन चल रहा है। संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस तथा सुरक्षाबलों के बीच तीखी झड़प हुई, जिसके बाद लाठीचार्ज किया गया। इस घटना के बाद मौके पर मौजूद मीडियाकर्मियों और स्वतंत्र पत्रकारों ने पाया कि ड्यूटी पर तैनात कई सुरक्षाबल और RPF जवान बिना नेम-प्लेट के मुस्तैद थे। जब पत्रकारों ने जवानों से नेम-बैज न पहनने का कारण पूछा, तो उन्होंने दावा किया कि कार्रवाई या धक्का-मुक्की के दौरान बैज गिर जाने का डर रहता है। हालांकि, इस जवाब से विवाद शांत होने के बजाय और गहरा गया है। 'हेडलाइन 24 न्यूज़' ने इस मामले में प्रशासन और अधिकारियों से तीखे सवाल पूछे हैं कि सुप्रीम कोर्ट के D.K. Basu Guidelines के सख्त आदेशों के बावजूद, जिसमें हर जवान का नाम और पद स्पष्ट दिखना अनिवार्य है, नियमों की धज्जियां किसके इशारे पर उड़ाई गईं? यह भी सवाल उठाया गया है कि क्या जवानों की पहचान जानबूझकर छिपाई गई और अगर बल प्रयोग या कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी जवाबदेही किसकी होगी। इस पूरे मामले में आला अधिकारियों की चुप्पी और जवानों की तैनाती पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। साथ ही यह ध्यान दिलाया गया है कि भारतीय संविधान का अनुच्छेद 19(1)(a) नागरिकों को अभिव्यक्ति की आजादी देता है और अनुच्छेद 19(1)(b) बिना हथियार शांतिपूर्ण तरीके से इकट्ठा होकर विरोध दर्ज कराने का मौलिक अधिकार प्रदान करता है।1
- सुल्तानपुर के अखंडनगर थाना क्षेत्र स्थित उमरी गांव में उच्च न्यायालय के निर्देश और जिला प्रशासन के आदेश पर राजस्व विभाग तथा पुलिस की संयुक्त टीम ने गुरुवार को तालाब की भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। इस अभियान के दौरान जेसीबी की मदद से तालाब क्षेत्र में बने अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया। यह पूरी कार्रवाई शिकायतकर्ता सभापति सिंह की याचिका पर चलाई गई। इससे पहले 11 जुलाई को भी यहां आंशिक कार्रवाई की गई थी, जिसके बाद जिलाधिकारी को पुनः प्रार्थना पत्र दिए जाने पर यह अभियान दोबारा चलाया गया। कार्रवाई के दौरान तहसीलदार उमेश चंद्र यादव और नायब तहसीलदार प्रदीप कुमार मिश्र सहित राजस्व व पुलिस टीम मौके पर मौजूद रही। अभियान के बाद शिकायतकर्ता सभापति सिंह ने दावा किया है कि पूरी भूमि अभी भी अतिक्रमण मुक्त नहीं हुई है। वहीं, पवन सिंह सहित कुछ अन्य लोगों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने उनकी वैध पशुशाला और बैठक को भी गिरा दिया है। इन आरोपों को निराधार बताते हुए तहसीलदार उमेश चंद्र यादव ने कहा कि यह पूरी कार्रवाई उच्च न्यायालय और वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों के अनुपालन में की गई है।1
- अमेठी के जायस बहादुरपुर स्टेशन रोड स्थित आदर्श पब्लिक इंटर कॉलेज के स्कूली वाहनों में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर लाने-ले जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों और अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल के वाहनों में निर्धारित क्षमता से कहीं अधिक बच्चों को ठूंसकर बैठाया जाता है। कई बार बच्चे सीटों के बजाय एक-दूसरे से सटकर बैठने को मजबूर होते हैं, जिससे रास्ते में कोई दुर्घटना होने पर बड़े हादसे की आशंका जताई जा रही है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए और एक ही वाहन में क्षमता से अधिक बच्चे भरने से यातायात नियमों का उल्लंघन होने के साथ मासूमों की जान जोखिम में डाली जा रही है। इस स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोगों ने प्रशासन और परिवहन विभाग से मामले की जांच करने के साथ-साथ स्कूल वाहनों की क्षमता, फिटनेस और सुरक्षा मानकों की जांच की मांग की है, ताकि समय रहते किसी संभावित गंभीर दुर्घटना को रोका जा सके। हालांकि, इस पूरे मामले में फिलहाल स्कूल प्रबंधन का पक्ष सामने नहीं आया है। प्रबंधन की ओर से कोई प्रतिक्रिया मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।1
- समाजवादी पार्टी के प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन को लेकर अमेठी में पुलिस पूरी तरह सतर्क नजर आई और प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही कई सपा पदाधिकारियों को उनके घरों में हाउस अरेस्ट कर लिया गया। सपा महिला जिलाध्यक्ष गुंजन सिंह सहित कई पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस ने उनके घर पहुंचकर उन्हें बाहर निकलने से रोक दिया है। सपा नेताओं का कहना है कि सरकार इस तरह की कार्रवाई करके विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। सपा महिला जिलाध्यक्ष गुंजन सिंह ने प्रदेश और केंद्र की शिक्षा व्यवस्था पर हमला बोलते हुए कहा कि पिछले 9 वर्षों में 152 बार भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाएं हुई हैं। उन्होंने दिल्ली में छात्र-छात्राओं के साथ अभद्रता करने और सरकार के इशारे पर उन पर लाठियां बरसाने का भी गंभीर आरोप लगाया। गुंजन सिंह ने चेतावनी दी कि यदि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा नहीं लिया जाता और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तो सपा का महिला संगठन धरना-प्रदर्शन के लिए बाध्य होगा।4