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घर है या जिला कॉमेडी वीडियो! एकदम नई कॉमेडी वायरल वीडियो🤣🤑

22 hrs ago
user_Pradeep Karauni Official
Pradeep Karauni Official
Comedy club अल्लापुर, अंबेडकर नगर, उत्तर प्रदेश•
22 hrs ago

घर है या जिला कॉमेडी वीडियो! एकदम नई कॉमेडी वायरल वीडियो🤣🤑

More news from Ambedkar Nagar and nearby areas
  • 🕯️ सिपाही संदीप कुमार को पुलिस विभाग ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि अम्बेडकरनगर। पुलिस लाइन में तैनात सिपाही संदीप कुमार के निधन के बाद पुलिस विभाग में शोक की लहर है। शुक्रवार को पुलिस लाइन में उनके पार्थिव शरीर पर एसपी समेत पुलिस अधिकारियों एवं पुलिस कर्मियों ने पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने दिवंगत सिपाही के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उनके परिजनों को इस कठिन समय में हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। श्रद्धांजलि सभा का माहौल बेहद भावुक रहा।
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    🕯️ सिपाही संदीप कुमार को पुलिस विभाग ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

अम्बेडकरनगर। पुलिस लाइन में तैनात सिपाही संदीप कुमार के निधन के बाद पुलिस विभाग में शोक की लहर है। शुक्रवार को पुलिस लाइन में उनके पार्थिव शरीर पर एसपी समेत पुलिस अधिकारियों एवं पुलिस कर्मियों ने पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

इस दौरान पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने दिवंगत सिपाही के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उनके परिजनों को इस कठिन समय में हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। श्रद्धांजलि सभा का माहौल बेहद भावुक रहा।
    user_BALRAM
    BALRAM
    Farmer Allapur, Ambedkar Nagar•
    57 min ago
  • घर है या जिला कॉमेडी वीडियो! एकदम नई कॉमेडी वायरल वीडियो🤣🤑
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    घर है या जिला कॉमेडी वीडियो! एकदम नई कॉमेडी वायरल वीडियो🤣🤑
    user_Pradeep Karauni Official
    Pradeep Karauni Official
    Comedy club अल्लापुर, अंबेडकर नगर, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • अतरौलिया के खानपुर फतेह के लाल सचिन निषाद ने रचा इतिहास — अभावों के बीच UPSSSC जूनियर असिस्टेंट परीक्षा में पाई सफलता, जश्न में डूबा पूरा गांव #SachinNishad #AtrauliaNews #UPSSSCJuniorAssistant #KhanpurFateh #AzamgarhPride #NewsUpdateUPUK #AzamgarhNews #SuccessStory #Shorts #Viral
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    अतरौलिया के खानपुर फतेह के लाल सचिन निषाद ने रचा इतिहास — अभावों के बीच UPSSSC जूनियर असिस्टेंट परीक्षा में पाई सफलता, जश्न में डूबा पूरा गांव

#SachinNishad #AtrauliaNews #UPSSSCJuniorAssistant #KhanpurFateh #AzamgarhPride #NewsUpdateUPUK #AzamgarhNews #SuccessStory #Shorts #Viral
    user_Akash Modanwal
    Akash Modanwal
    Repoter बुरहानपुर, आजमगढ़, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • अतरौलिया के खानपुर फतेह के लाल सचिन निषाद ने रचा इतिहास — अभावों के बीच UPSSSC जूनियर असिस्टेंट परीक्षा में पाई सफलता, जश्न में डूबा पूरा गांव
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    अतरौलिया के खानपुर फतेह के लाल सचिन निषाद ने रचा इतिहास — अभावों के बीच UPSSSC जूनियर असिस्टेंट परीक्षा में पाई सफलता, जश्न में डूबा पूरा गांव
    user_News Update
    News Update
    Local News Reporter बुरहानपुर, आजमगढ़, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • सम्मनपुर थाना क्षेत्र में बुजुर्ग की आत्महत्या, बीमारी से परेशान होकर उठाया कदम, पुलिस जांच में जुटी।
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    सम्मनपुर थाना क्षेत्र में बुजुर्ग की आत्महत्या, बीमारी से परेशान होकर उठाया कदम, पुलिस जांच में जुटी।
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    PRIMEABN
    News Anchor अकबरपुर, अंबेडकर नगर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • *FIR के बाद डॉक्टर साहब की ‘कहानी’ वायरल, अब CCTV बनेगा असली हीरो!* *फोन से ‘मैनेजमेंट’ की कोशिश का आरोप, बात नहीं बनी तो वीडियो में पत्रकार पर आरोपों की बरसात—सच कौन बोल रहा, कैमरे की नजर बताएगी* अम्बेडकरनगर। अकबरपुर के टांडा रोड स्थित आरोग्य पाइल्स हॉस्पिटल इन दिनों इलाज से ज्यादा आरोप-प्रत्यारोप को लेकर चर्चा में है। मरीज के इलाज संबंधी आरोपों और पत्रकार के साथ कथित गाली-गलौज व मारपीट की खबर सामने आने के बाद डॉक्टर बी.के. अग्रवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की बात सामने आई है। इसके बाद मामले में एक नया मोड़ तब आया, जब डॉक्टर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वायरल वीडियो में डॉक्टर बी.के. अग्रवाल मरीज द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए पत्रकार पर भी गंभीर आरोप लगाते नजर आ रहे हैं। डॉक्टर की ओर से पत्रकार पर पैसे मांगने और कई लोगों के साथ अस्पताल पहुंचकर उपद्रव करने जैसे आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और इनकी वास्तविकता जांच का विषय है। मामले में सबसे दिलचस्प सवाल यह है कि अगर अस्पताल में CCTV कैमरे लगे हैं तो फिर कैमरे की ‘गवाही’ क्यों न ली जाए? आखिर कैमरा न किसी के पक्ष में वोट देता है और न ही बयान रटता है—जो हुआ होगा, वही रिकॉर्ड हुआ होगा। *‘रटा-रटाया बयान’ या पूरा सच?* सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कुछ लोगों का कहना है कि डॉक्टर का बयान बेहद तैयार किया हुआ प्रतीत होता है, जबकि दूसरी ओर डॉक्टर ने पत्रकार पर लगाए गए आरोपों को गंभीरता से सामने रखा है। ऐसे में फैसला सोशल मीडिया की अदालत में नहीं, बल्कि पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होना चाहिए। अगर घटना के समय का CCTV फुटेज सुरक्षित है और उसकी निष्पक्ष जांच होती है तो यह काफी हद तक स्पष्ट हो सकता है कि अस्पताल में वास्तव में कौन पहुंचा, कितने लोग मौजूद थे, क्या बातचीत हुई और कथित विवाद की शुरुआत कैसे हुई। *अब ‘वीडियो बनाम CCTV’ की लड़ाई!* फिलहाल मामला कुछ ऐसा नजर आ रहा है कि एक तरफ डॉक्टर का वायरल वीडियो है और दूसरी तरफ पत्रकार की शिकायत व एफआईआर। ऐसे में असली पटकथा शायद अस्पताल के CCTV कैमरे के पास सुरक्षित हो। अब देखना यह है कि जांच में CCTV की आंख खुलती है या फिर मामला बयानों की भूलभुलैया में ही घूमता रहता है। क्योंकि कैमरा अगर सच बोल पड़ा तो न डॉक्टर को रटा हुआ बयान याद करना पड़ेगा और न पत्रकार को अपनी कलम का हिसाब देना पड़ेगा। मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और कितने आरोप महज आरोप हैं। फिलहाल आरोग्य पाइल्स हॉस्पिटल का विवाद ‘इलाज’ से निकलकर ‘CCTV की अदालत’ तक पहुंचता दिखाई दे रहा है। *FIR के बाद डॉक्टर साहब की ‘कहानी’ वायरल, अब CCTV बनेगा असली हीरो!* *फोन से ‘मैनेजमेंट’ की कोशिश का आरोप, बात नहीं बनी तो वीडियो में पत्रकार पर आरोपों की बरसात—सच कौन बोल रहा, कैमरे की नजर बताएगी* अम्बेडकरनगर। अकबरपुर के टांडा रोड स्थित आरोग्य पाइल्स हॉस्पिटल इन दिनों इलाज से ज्यादा आरोप-प्रत्यारोप को लेकर चर्चा में है। मरीज के इलाज संबंधी आरोपों और पत्रकार के साथ कथित गाली-गलौज व मारपीट की खबर सामने आने के बाद डॉक्टर बी.के. अग्रवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की बात सामने आई है। इसके बाद मामले में एक नया मोड़ तब आया, जब डॉक्टर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वायरल वीडियो में डॉक्टर बी.के. अग्रवाल मरीज द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए पत्रकार पर भी गंभीर आरोप लगाते नजर आ रहे हैं। डॉक्टर की ओर से पत्रकार पर पैसे मांगने और कई लोगों के साथ अस्पताल पहुंचकर उपद्रव करने जैसे आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और इनकी वास्तविकता जांच का विषय है। मामले में सबसे दिलचस्प सवाल यह है कि अगर अस्पताल में CCTV कैमरे लगे हैं तो फिर कैमरे की ‘गवाही’ क्यों न ली जाए? आखिर कैमरा न किसी के पक्ष में वोट देता है और न ही बयान रटता है—जो हुआ होगा, वही रिकॉर्ड हुआ होगा। *‘रटा-रटाया बयान’ या पूरा सच?* सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कुछ लोगों का कहना है कि डॉक्टर का बयान बेहद तैयार किया हुआ प्रतीत होता है, जबकि दूसरी ओर डॉक्टर ने पत्रकार पर लगाए गए आरोपों को गंभीरता से सामने रखा है। ऐसे में फैसला सोशल मीडिया की अदालत में नहीं, बल्कि पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होना चाहिए। अगर घटना के समय का CCTV फुटेज सुरक्षित है और उसकी निष्पक्ष जांच होती है तो यह काफी हद तक स्पष्ट हो सकता है कि अस्पताल में वास्तव में कौन पहुंचा, कितने लोग मौजूद थे, क्या बातचीत हुई और कथित विवाद की शुरुआत कैसे हुई। *अब ‘वीडियो बनाम CCTV’ की लड़ाई!* फिलहाल मामला कुछ ऐसा नजर आ रहा है कि एक तरफ डॉक्टर का वायरल वीडियो है और दूसरी तरफ पत्रकार की शिकायत व एफआईआर। ऐसे में असली पटकथा शायद अस्पताल के CCTV कैमरे के पास सुरक्षित हो। अब देखना यह है कि जांच में CCTV की आंख खुलती है या फिर मामला बयानों की भूलभुलैया में ही घूमता रहता है। क्योंकि कैमरा अगर सच बोल पड़ा तो न डॉक्टर को रटा हुआ बयान याद करना पड़ेगा और न पत्रकार को अपनी कलम का हिसाब देना पड़ेगा। मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और कितने आरोप महज आरोप हैं। फिलहाल आरोग्य पाइल्स हॉस्पिटल का विवाद ‘इलाज’ से निकलकर ‘CCTV की अदालत’ तक पहुंचता दिखाई दे रहा है।
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    *FIR के बाद डॉक्टर साहब की ‘कहानी’ वायरल, अब CCTV बनेगा असली हीरो!* 

 *फोन से ‘मैनेजमेंट’ की कोशिश का आरोप, बात नहीं बनी तो वीडियो में पत्रकार पर आरोपों की बरसात—सच कौन बोल रहा, कैमरे की नजर बताएगी* 

अम्बेडकरनगर। अकबरपुर के टांडा रोड स्थित आरोग्य पाइल्स हॉस्पिटल इन दिनों इलाज से ज्यादा आरोप-प्रत्यारोप को लेकर चर्चा में है। मरीज के इलाज संबंधी आरोपों और पत्रकार के साथ कथित गाली-गलौज व मारपीट की खबर सामने आने के बाद डॉक्टर बी.के. अग्रवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की बात सामने आई है। इसके बाद मामले में एक नया मोड़ तब आया, जब डॉक्टर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वायरल वीडियो में डॉक्टर बी.के. अग्रवाल मरीज द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए पत्रकार पर भी गंभीर आरोप लगाते नजर आ रहे हैं। डॉक्टर की ओर से पत्रकार पर पैसे मांगने और कई लोगों के साथ अस्पताल पहुंचकर उपद्रव करने जैसे आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और इनकी वास्तविकता जांच का विषय है।
मामले में सबसे दिलचस्प सवाल यह है कि अगर अस्पताल में CCTV कैमरे लगे हैं तो फिर कैमरे की ‘गवाही’ क्यों न ली जाए? आखिर कैमरा न किसी के पक्ष में वोट देता है और न ही बयान रटता है—जो हुआ होगा, वही रिकॉर्ड हुआ होगा।

 *‘रटा-रटाया बयान’ या पूरा सच?* 

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कुछ लोगों का कहना है कि डॉक्टर का बयान बेहद तैयार किया हुआ प्रतीत होता है, जबकि दूसरी ओर डॉक्टर ने पत्रकार पर लगाए गए आरोपों को गंभीरता से सामने रखा है। ऐसे में फैसला सोशल मीडिया की अदालत में नहीं, बल्कि पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होना चाहिए।
अगर घटना के समय का CCTV फुटेज सुरक्षित है और उसकी निष्पक्ष जांच होती है तो यह काफी हद तक स्पष्ट हो सकता है कि अस्पताल में वास्तव में कौन पहुंचा, कितने लोग मौजूद थे, क्या बातचीत हुई और कथित विवाद की शुरुआत कैसे हुई।

 *अब ‘वीडियो बनाम CCTV’ की लड़ाई!* 

फिलहाल मामला कुछ ऐसा नजर आ रहा है कि एक तरफ डॉक्टर का वायरल वीडियो है और दूसरी तरफ पत्रकार की शिकायत व एफआईआर। ऐसे में असली पटकथा शायद अस्पताल के CCTV कैमरे के पास सुरक्षित हो।
अब देखना यह है कि जांच में CCTV की आंख खुलती है या फिर मामला बयानों की भूलभुलैया में ही घूमता रहता है। क्योंकि कैमरा अगर सच बोल पड़ा तो न डॉक्टर को रटा हुआ बयान याद करना पड़ेगा और न पत्रकार को अपनी कलम का हिसाब देना पड़ेगा। मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और कितने आरोप महज आरोप हैं। फिलहाल आरोग्य पाइल्स हॉस्पिटल का विवाद ‘इलाज’ से निकलकर ‘CCTV की अदालत’ तक पहुंचता दिखाई दे रहा है।
*FIR के बाद डॉक्टर साहब की ‘कहानी’ वायरल, अब CCTV बनेगा असली हीरो!* 
*फोन से ‘मैनेजमेंट’ की कोशिश का आरोप, बात नहीं बनी तो वीडियो में पत्रकार पर आरोपों की बरसात—सच कौन बोल रहा, कैमरे की नजर बताएगी* 
अम्बेडकरनगर। अकबरपुर के टांडा रोड स्थित आरोग्य पाइल्स हॉस्पिटल इन दिनों इलाज से ज्यादा आरोप-प्रत्यारोप को लेकर चर्चा में है। मरीज के इलाज संबंधी आरोपों और पत्रकार के साथ कथित गाली-गलौज व मारपीट की खबर सामने आने के बाद डॉक्टर बी.के. अग्रवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की बात सामने आई है। इसके बाद मामले में एक नया मोड़ तब आया, जब डॉक्टर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वायरल वीडियो में डॉक्टर बी.के. अग्रवाल मरीज द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए पत्रकार पर भी गंभीर आरोप लगाते नजर आ रहे हैं। डॉक्टर की ओर से पत्रकार पर पैसे मांगने और कई लोगों के साथ अस्पताल पहुंचकर उपद्रव करने जैसे आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और इनकी वास्तविकता जांच का विषय है।
मामले में सबसे दिलचस्प सवाल यह है कि अगर अस्पताल में CCTV कैमरे लगे हैं तो फिर कैमरे की ‘गवाही’ क्यों न ली जाए? आखिर कैमरा न किसी के पक्ष में वोट देता है और न ही बयान रटता है—जो हुआ होगा, वही रिकॉर्ड हुआ होगा।
*‘रटा-रटाया बयान’ या पूरा सच?* 
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कुछ लोगों का कहना है कि डॉक्टर का बयान बेहद तैयार किया हुआ प्रतीत होता है, जबकि दूसरी ओर डॉक्टर ने पत्रकार पर लगाए गए आरोपों को गंभीरता से सामने रखा है। ऐसे में फैसला सोशल मीडिया की अदालत में नहीं, बल्कि पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होना चाहिए।
अगर घटना के समय का CCTV फुटेज सुरक्षित है और उसकी निष्पक्ष जांच होती है तो यह काफी हद तक स्पष्ट हो सकता है कि अस्पताल में वास्तव में कौन पहुंचा, कितने लोग मौजूद थे, क्या बातचीत हुई और कथित विवाद की शुरुआत कैसे हुई।
*अब ‘वीडियो बनाम CCTV’ की लड़ाई!* 
फिलहाल मामला कुछ ऐसा नजर आ रहा है कि एक तरफ डॉक्टर का वायरल वीडियो है और दूसरी तरफ पत्रकार की शिकायत व एफआईआर। ऐसे में असली पटकथा शायद अस्पताल के CCTV कैमरे के पास सुरक्षित हो।
अब देखना यह है कि जांच में CCTV की आंख खुलती है या फिर मामला बयानों की भूलभुलैया में ही घूमता रहता है। क्योंकि कैमरा अगर सच बोल पड़ा तो न डॉक्टर को रटा हुआ बयान याद करना पड़ेगा और न पत्रकार को अपनी कलम का हिसाब देना पड़ेगा। मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और कितने आरोप महज आरोप हैं। फिलहाल आरोग्य पाइल्स हॉस्पिटल का विवाद ‘इलाज’ से निकलकर ‘CCTV की अदालत’ तक पहुंचता दिखाई दे रहा है।
    user_Khan Rizwan
    Khan Rizwan
    Farmer अकबरपुर, अंबेडकर नगर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • इकलौता पुत्र सिपाही फंदे से लटका - बुझ गया घर का चिराग - पुलिस प्रशासन में मचा हड़कंप- मातम का माहौल अंबेडकर नगर पुलिस लाइन में तैनात आरक्षी संदीप कुमार ने फंदे से लटक कर अपने जीवन को समाप्त कर लिया है । इस घटना के बाद अंबेडकर नगर पुलिस प्रशासन में जहां हड़कंप मच गया है वहीं परिजनों में कोहराम मचा हुआ है । पुलिस ने लाश को कब्जे में लेते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है ।
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    इकलौता पुत्र सिपाही फंदे से लटका - बुझ गया घर का चिराग - पुलिस प्रशासन में मचा हड़कंप- मातम का माहौल 
अंबेडकर नगर पुलिस लाइन में तैनात आरक्षी संदीप कुमार ने फंदे से लटक कर अपने जीवन को समाप्त कर लिया है । इस घटना के बाद अंबेडकर नगर पुलिस प्रशासन में जहां हड़कंप मच गया है वहीं परिजनों में कोहराम मचा हुआ है । पुलिस ने लाश को कब्जे में लेते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है ।
    user_ABN News Plus
    ABN News Plus
    पत्रकार Ambedkar Nagar, Uttar Pradesh•
    6 hrs ago
  • 🚨 **हमीरपुर: दुधमुंहे बच्चे को महिला द्वारा झंझोड़ने का वीडियो वायरल** **हमीरपुर।** दुधमुंहे बच्चे के साथ कथित तौर पर महिला द्वारा बेरहमी से झंझोड़ने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में महिला बच्चे को सड़क किनारे फेंककर वहां से जाती हुई दिखाई दे रही है। ⚠️ **वायरल वीडियो की सत्यता और घटना की पूरी जानकारी की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।**
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    🚨 **हमीरपुर: दुधमुंहे बच्चे को महिला द्वारा झंझोड़ने का वीडियो वायरल**
 
**हमीरपुर।** दुधमुंहे बच्चे के साथ कथित तौर पर महिला द्वारा बेरहमी से झंझोड़ने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में महिला बच्चे को सड़क किनारे फेंककर वहां से जाती हुई दिखाई दे रही है।
 
⚠️ **वायरल वीडियो की सत्यता और घटना की पूरी जानकारी की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।**
    user_BALRAM
    BALRAM
    Farmer Allapur, Ambedkar Nagar•
    1 hr ago
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