तीसरे सोमवार को गंगा घाटों पर उमड़ा आस्था का सैलाब, सुरक्षा में जुटा पुलिस प्रशासन बिठूर। सावन के तीसरे सोमवार के अवसर पर बिठूर स्थित गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही बड़ी संख्या में भक्तों ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया और पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आया। घाटों और प्रमुख मार्गों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ ही सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था पर विशेष नजर रखी गई। पुलिस अधिकारियों ने लगातार व्यवस्थाओं का जायजा लिया। डीसीपी वेस्ट एस.एम. कासिम आबिदी भी बिठूर के गंगा घाट पर मौजूद रहे और श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण तथा यातायात प्रबंधन का निरीक्षण किया। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। गंगा घाटों पर भोर से ही हर-हर महादेव और हर-हर गंगे के जयकारों से माहौल भक्तिमय बना रहा। प्रशासन की सक्रियता के चलते श्रद्धालुओं को सुरक्षित तरीके से दर्शन और स्नान कराने के लिए लगातार प्रयास किए जाते रहे।
तीसरे सोमवार को गंगा घाटों पर उमड़ा आस्था का सैलाब, सुरक्षा में जुटा पुलिस प्रशासन बिठूर। सावन के तीसरे सोमवार के अवसर पर बिठूर स्थित गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही बड़ी संख्या में भक्तों ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया और पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आया। घाटों और प्रमुख मार्गों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ ही सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था पर विशेष नजर रखी गई। पुलिस अधिकारियों ने लगातार व्यवस्थाओं का जायजा लिया। डीसीपी वेस्ट एस.एम. कासिम आबिदी भी बिठूर के गंगा घाट पर मौजूद रहे और श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण तथा यातायात प्रबंधन का निरीक्षण किया। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। गंगा घाटों पर भोर से ही हर-हर महादेव और हर-हर गंगे के जयकारों से माहौल भक्तिमय बना रहा। प्रशासन की सक्रियता के चलते श्रद्धालुओं को सुरक्षित तरीके से दर्शन और स्नान कराने के लिए लगातार प्रयास किए जाते रहे।
- ग्राम पंचायत माधव नगर कोटेदार के पुत्र के जो पुत्र हैं जो नन्हे से बच्चे हैं उन्होंने तिरंगा लहराकर एक संदेश देश को दिया जनपद वासियों को और क्षेत्र वासियों को दिया की नन्हे बच्चे ने अपने देश की आजादी के लिए तिरंगा हाथ में लेकर के लहराया जिससे हमारे देश की गरिमा बनी रहे और सभी एकताएं बरकरार रहे नन्हे बच्चे नन्हे मुन्ने एक सिपाही की तरह उसने इस बच्चे ने कार्य किया और तिरंगा फहराकर जो है स्वतंत्रता दिवस की1
- dekho ahmedabad gujarat ka bus stand,jaise kahi aur nhi hai1
- छिबरामऊ से राजघाट जाने वाला मार्ग इन दिनों बेहद जर्जर हालत में है जिम्मेदार अधिकारी सिर्फ कागजी स्तर पर ले रहे जायजा हरदोई/बिलग्राम। छिबरामऊ से राजघाट जाने वाला मार्ग इन दिनों बेहद जर्जर हालत में है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे और खराब सतह के कारण राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सावन के दौरान राजघाट जाने वाले कांवड़ियों की संख्या बढ़ने से उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। कांवड़ियों को पैदल यात्रा के दौरान खराब सड़क के कारण संभलकर चलना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मार्ग लंबे समय से मरम्मत की बाट जोह रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग द्वारा सड़क की स्थिति सुधारने की ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों और कांवड़ियों ने प्रशासन से छिबरामऊ-राजघाट मार्ग की तत्काल मरम्मत कराने तथा गड्ढों को भरवाने की मांग की है, ताकि कांवड़ यात्रा के दौरान किसी अप्रिय घटना की स्थिति न बने।1
- तीन महीने से नहीं मिली मजदूरी: रोजी-रोटी के संकट के बीच छिबरामऊ कोतवाली पहुंचे परेशान मजदूर! उत्तर प्रदेश के छिबरामऊ से एक बड़ी और हैरान कर देने वाली खबर सामने आ रही है। यहां पिछले 3 महीनों से मजदूरी का भुगतान न मिलने के कारण कई परिवारों के सामने रोजी-रोटी का गहरा संकट खड़ा हो गया है। [विजुअल्स/डिटेल्स]: मजदूरी न मिलने से परेशान और हताश होकर पीड़ित मजदूरों ने आखिरकार छिबरामऊ कोतवाली का रुख किया है। मजदूरों ने स्थानीय पुलिस को एक शिकायती पत्र सौंपकर अपनी आपबीती सुनाई है और जल्द से जल्द अपना हक दिलाने की गुहार लगाई है। [एंकर]: मजदूरों का कहना है कि महीनों से काम करने के बावजूद उन्हें उनकी मेहनत का पैसा नहीं दिया जा रहा, जिससे अब उनके घरों में चूल्हा जलना भी मुश्किल हो गया है। प्रशासन इस पर क्या कदम उठाता है और मजदूरों को न्याय कब तक मिलता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं। सोशल मीडिया पोस्ट के लिए कैप्शन: 🚨 छिबरामऊ: 3 महीने से नहीं मिली मजदूरी, दाने-दाने को तरसे मजदूर! पिछले 3 महीनों से मजदूरी न मिलने से परेशान मजदूरों ने छिबरामऊ कोतवाली पहुंचकर शिकायती पत्र सौंपा है। रोजी-रोटी के संकट से जूझ रहे इन मजदूरों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई और बकाया भुगतान की मांग की है।1
- सहकारी समिति पिलख में निकाली गई तिरंगा यात्रा देश भक्ति के नारों से गुंजा वातावरण1
- मारपीट और धमकी के मामले में तीन पर दर्ज हुआ मुकदमा संदलपुर। ब्लॉक क्षेत्र के तलहुआपुर गांव निवासी सुनीत कुमार ने मंगलपुर थाने में तहरीर देकर गांव के ही वैभव तिवारी और राकेश तिवारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि कुछ दिन पहले दोनों लोग उसके घर पर चढ़ आए और गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी थी। यह पूरी घटना घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। घटना का सीसीटीवी फुटेज अब सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। सुनीत कुमार के अनुसार, उक्त घटना के बाद वह निजी काम से झींझक जा रहा था। इसी दौरान हवासपुर में वैभव तिवारी और राकेश तिवारी के साथ उनके मामा विनय तिवारी ने उसके साथ मारपीट कर दी। पीड़ित ने मामले में पुलिस से कार्रवाई की मांग की। वहीं, मामले को लेकर मंगलपुर थाना प्रभारी अनिल सिंह ने बताया कि प्रकरण में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। संदलपुर चौकी प्रभारी द्वारा मामले की विवेचना की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- सरकारी राशन की घटतौली का विरोध पड़ा भारी, कोटेदार और साथियों पर मारपीट का आरोप सरकारी राशन की घटतौली का विरोध पड़ा भारी, कोटेदार और साथियों पर मारपीट का आरोप कन्नौज। राशन वितरण में घटतौली का विरोध करना एक परिवार को भारी पड़ गया। आरोप है कि सरकारी राशन की दुकान पर निर्धारित मात्रा से कम राशन देने का विरोध करने पर कोटेदार ने युवक के साथ मारपीट कर दी। शिकायत करने पहुंचे परिजनों पर भी कोटेदार और उसके साथियों ने हमला कर दिया। मारपीट में कई लोग घायल हो गए। पुलिस ने घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां दो गंभीर घायलों को कानपुर रेफर किया गया है। ठठिया थाना क्षेत्र के ग्राम रूरा निवासी शकील खां पुत्र जलील खां ने बताया कि रविवार शाम करीब चार बजे उनका पुत्र मुर्सीद खां गांव स्थित सरकारी राशन की दुकान पर राशन लेने गया था। आरोप है कि राशन वितरण के दौरान कोटेदार इरफान खां पुत्र आसिफ खां ने निर्धारित मात्रा से कम राशन दिया। मुर्सीद ने घटतौली का विरोध किया तो कोटेदार ने उसके साथ मारपीट कर दी। मुर्सीद ने घर पहुंचकर घटना की जानकारी परिजनों को दी। इसके बाद शकील खां अपने परिजनों के साथ कोटेदार से शिकायत करने पहुंचे। आरोप है कि वहां कोटेदार इरफान खां अपने साथियों के साथ लामबंद हो गया और शकील खां के परिवार के अनसार खां, सगीर खां, साहिद खां, इमरान खां, साहेबे और हाशिम खां समेत अन्य लोगों के साथ मारपीट शुरू कर दी। बीच-बचाव करने पहुंचे परिजनों को भी नहीं बख्शा गया। मारपीट में कई लोग घायल हो गए। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि हमलावर जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। घटना के बाद घायलों को पुलिस ने जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां दो लोगों की हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें कानपुर रेफर कर दिया। पीड़ित शकील खां ने ठठिया थाना प्रभारी को लिखित तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ठठिया थाना प्रभारी संजीव कुमार ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले में पुलिस द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।2
- आलू के गिरे दाम, किसान परेशान: मंडियों में नहीं मिल रही लागत, खून-पसीने की कमाई पर फिरा पानी नमस्कार, मैं दीपक जोशी... और इस वक्त हम मौजूद हैं मंडी के धरातल पर, जहां पसीना बहाने वाला अन्नदाता आज लाचार और परेशान खड़ा है। खेती में दिन-रात मेहनत करके आलू उगाने वाले किसानों की उम्मीदों पर इस बार पानी फिरता नजर आ रहा है। मंडियों में आलू के दाम इतनी तेजी से गिरे हैं कि किसानों को उनकी लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है। खाद, बीज, पानी और कड़ाके की ठंड में की गई दिन-रात की रखवाली के बाद जब फसल मंडी पहुंची, तो किसानों के हाथ सिर्फ मायूसी लगी। किसान भाइयों का साफ कहना है कि आलू की जो कीमत इस समय मंडी में मिल रही है, उससे तो भाड़ा और मजदूरी तक नहीं निकल पा रही है। कोल्ड स्टोरेज में रखने का खर्च अलग और फसल को मंडी तक लाने का किराया अलग। ऐसे में किसान कर्ज में डूबने को मजबूर हैं। व्यापारियों और मंडी की स्थिति देखें तो आवक ज्यादा होने और सही खरीद न मिलने के कारण आलू कौड़ियों के भाव बिक रहा है। सवाल यह उठता है कि जब किसान की लागत ही पूरी नहीं होगी, तो वह अगली फसल के लिए पैसा कहां से लाएगा? क्या प्रशासन और सरकार किसानों के इस दर्द को समझेगी? क्या आलू उत्पादक किसानों के लिए सही मूल्य या उचित सरकारी समर्थन की व्यवस्था होगी? हम लगातार इस मुद्दे पर नजर बनाए हुए हैं।1
- पति ने की थी पत्नी जी हत्या,जिस मांग में भरा सिंदूर उसी के दुपट्टे से घोंट दिया कोमल का गला,अपनों की क्रूरता की भेंट चढ़ी कोमल,तन पर 14 घाव और चीखता रहा जंगल,रिश्तों का हुआ खौफनाक अंत......... विश्वास... भरोसा... और फिर बेरहमी से कत्ल! रिश्तों को तार-तार कर देने वाली एक ऐसी ही सनसनीखेज वारदात हरदोई से सामने आई है, जहाँ एक पति ही अपनी पत्नी का जल्लाद बन गया। पहले प्यार का नाटक किया, बेहतर इलाज का भरोसा दिया, और फिर बीच रास्ते में गाड़ी रोककर पत्नी को मौत के घाट उतार दिया। मामला देहात कोतवाली इलाके का है, जहाँ पुलिस को बबूल के जंगलों में एक महिला की लाश मिली। जब तहकीकात शुरू हुई, तो जो सच सामने आया... उसने हर किसी के होश उड़ा दिए।लखनऊ के नाका क्षेत्र की रहने वाली कोमल की शादी 17 साल पहले कनेहटा के सत्यपाल यादव से हुई थी। चार बच्चों की माँ कोमल का उजाड़ आशियाना उस वक्त बिखर गया, जब सत्यपाल के जीवन में उसकी साली शशी की एंट्री हुई। सत्यपाल शशी को घर ले आया, जिससे नाराज होकर कोमल अपने सबसे छोटे बच्चे को लेकर संडीला चली गई और एक प्लाईवुड फैक्टरी में मजदूरी कर अपना पेट पालने लगी।लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। बृहस्पतिवार की शाम कोमल अपने बड़े बेटे के बुलावे पर उसे कपड़े दिलाने लालपालपुर चौराहे पर आई थी। तभी वहां पहुंचे हैवान पति सत्यपाल ने सरेआम कोमल की बेरहमी से पिटाई कर दी। स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव कर लहूलुहान कोमल को 100 शैया संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया।साजिश की अगली किश्त देर रात अस्पताल में रची गई। सत्यपाल अपने भाई सत्यप्रकाश के साथ अस्पताल पहुंचा। चेहरे पर पछतावे का झूठा मुखौटा पहनकर उसने कोमल को बेहतर इलाज का झांसा दिया और अस्पताल से डिस्चार्ज कराकर अपने साथ ले गया। लेकिन रास्ते में ही... तड़पती हुई पत्नी को मंगोलापुर के बबूल के जंगलों में ले जाकर मौत की नींद सुला दिया।शनिवार की सुबह जब गांव के चौकीदार ने कोमल का शव देखा, तो इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही सीओ सिटी अजीत चौहान और देहात कोतवाल समर बहादुर फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे।पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस हत्याकांड की जो कूरता बयां की है, उसे सुनकर रूह कांप जाए। कोमल का गला घोंटकर उसे मारा गया था। इतना ही नहीं, हैवानियत की हद पार करते हुए उसके गले पर चाकू से वार के तीन निशान मिले हैं, और पूरे शरीर पर चोट के 14 गहरे जख्म इस बात गवाह हैं कि मरने से पहले कोमल ने कितनी तड़प झेली होगी। फिलहाल पुलिस ने मुख्य आरोपी पति सत्यपाल को हिरासत में ले लिया है और उससे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है"इस खौफनाक वारदात ने एक बार फिर समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर कोई इतना बेरहम कैसे हो सकता है? पुलिस अब आरोपी पति और उसके भाई के खिलाफ शिकंजा कस रही है। #HardoiNews #HardoiCase #CrimeNews #UttarPradeshNews #KomalCase #JusticeForKomal #UPPolice #BreakingNews #HardoiPolice #CrimeUpdate1