आज़मगढ़: चीन-दुबई कनेक्शन वाले साइबर गैंग पर बड़ा एक्शन; 17 सदस्यों पर गैंगस्टर एक्ट, 110 करोड़ की ठगी का पर्दाफाश आजमगढ़ l उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी के एक बहुत बड़े नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। 110 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी मामले में शामिल अंतर्राज्यीय गिरोह के 17 सदस्यों पर पुलिस ने 'गैंगस्टर एक्ट' के तहत मुकदमा दर्ज कर शिकंजा कस दिया है। चीन और दुबई से जुड़े थे गिरोह के तार पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस गिरोह का नेटवर्क केवल भारत तक ही सीमित नहीं था, बल्कि इसके तार चीन और दुबई जैसे देशों से भी जुड़े हुए थे। गिरोह के सदस्य विदेशी हैंडलरों के संपर्क में थे और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साइबर अपराध की साजिश रच रहे थे। ठगी का तरीका: फर्जी PM किसान योजना ऐप पुलिस अधीक्षक चिराग जैन के अनुसार, यह गिरोह भोले-भाले लोगों को निशाना बनाने के लिए “PM KISAN YOJANA (.APK)” नाम का एक फर्जी मोबाइल एप्लीकेशन इस्तेमाल करता था। गिरोह के सदस्य इन्वेस्टमेंट स्कीम के बहाने लोगों को व्हाट्सएप पर लिंक भेजते थे। जैसे ही कोई व्यक्ति उस APK फाइल को डाउनलोड करता, उनका मोबाइल हैक हो जाता और अपराधियों को उनके बैंक खातों का पूर्ण एक्सेस मिल जाता था। कैसे शुरू हुई कार्रवाई? इस बड़े सिंडिकेट का खुलासा तब हुआ जब 18 नवंबर 2025 को गंभीरपुर थाना क्षेत्र के बिंद्रा बाजार निवासी करन गुप्ता के खाते से करीब 7.77 लाख रुपये पार कर दिए गए थे। पीड़ित को व्हाट्सएप पर एक संदिग्ध लिंक भेजा गया था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी जांच शुरू की, जिससे इस विशाल अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पता चला। अब तक की बरामदगी और कार्रवाई पुलिस ने पिछले वर्ष नवंबर और दिसंबर में ही 17 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया था। इनके पास से निम्नलिखित सामान बरामद किया गया: 26 मोबाइल फोन और 15 सिम कार्ड 14 एटीएम कार्ड दो लग्जरी कारें भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और नकद राशि आरोपियों के खातों में मौजूद 17.50 लाख रुपये को पहले ही फ्रीज कराया जा चुका है। पुलिस की अपील: APK लिंक से रहें सावधान जिलाधिकारी द्वारा गैंगचार्ट को मंजूरी मिलने के बाद अब इन सभी 17 अपराधियों पर उत्तर प्रदेश गिरोह बंद अधिनियम (गैंगस्टर एक्ट) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने जनता से अपील करते हुए कहा है कि: "किसी भी अनजान नंबर से आए APK फाइल या संदिग्ध लिंक को कभी भी डाउनलोड न करें। सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए हमेशा आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें। आपकी एक छोटी सी लापरवाही आपके बैंक खाते को खाली कर सकती है।"
आज़मगढ़: चीन-दुबई कनेक्शन वाले साइबर गैंग पर बड़ा एक्शन; 17 सदस्यों पर गैंगस्टर एक्ट, 110 करोड़ की ठगी का पर्दाफाश आजमगढ़ l उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी के एक बहुत बड़े नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। 110 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी मामले में शामिल अंतर्राज्यीय गिरोह के 17 सदस्यों पर पुलिस ने 'गैंगस्टर एक्ट' के तहत मुकदमा दर्ज कर शिकंजा कस दिया है। चीन और दुबई से जुड़े थे गिरोह के तार पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस गिरोह का नेटवर्क केवल भारत तक ही सीमित नहीं था, बल्कि इसके तार चीन और दुबई जैसे देशों से भी जुड़े हुए थे। गिरोह के सदस्य विदेशी हैंडलरों के संपर्क में थे और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साइबर अपराध की साजिश रच रहे थे। ठगी का तरीका: फर्जी PM किसान योजना ऐप पुलिस अधीक्षक चिराग जैन के अनुसार, यह गिरोह भोले-भाले लोगों को निशाना बनाने के लिए “PM KISAN YOJANA (.APK)” नाम का एक फर्जी मोबाइल एप्लीकेशन इस्तेमाल करता था। गिरोह के सदस्य इन्वेस्टमेंट स्कीम के बहाने लोगों को व्हाट्सएप पर लिंक भेजते थे। जैसे ही कोई व्यक्ति उस APK फाइल को डाउनलोड करता, उनका मोबाइल हैक हो जाता और अपराधियों को उनके बैंक खातों का पूर्ण एक्सेस मिल जाता था। कैसे शुरू हुई कार्रवाई? इस बड़े सिंडिकेट का खुलासा तब हुआ जब 18 नवंबर 2025 को गंभीरपुर थाना क्षेत्र के बिंद्रा बाजार निवासी करन गुप्ता के खाते से करीब 7.77 लाख रुपये पार कर दिए गए थे। पीड़ित को व्हाट्सएप पर एक संदिग्ध लिंक भेजा गया था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी जांच शुरू की, जिससे इस विशाल अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पता चला। अब तक की बरामदगी और कार्रवाई पुलिस ने पिछले वर्ष नवंबर और दिसंबर में ही 17 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया था। इनके पास से निम्नलिखित सामान बरामद किया गया: 26 मोबाइल फोन और 15 सिम कार्ड 14 एटीएम कार्ड दो लग्जरी कारें भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और नकद राशि आरोपियों के खातों में मौजूद 17.50 लाख रुपये को पहले ही फ्रीज कराया जा चुका है। पुलिस की अपील: APK लिंक से रहें सावधान जिलाधिकारी द्वारा गैंगचार्ट को मंजूरी मिलने के बाद अब इन सभी 17 अपराधियों पर उत्तर प्रदेश गिरोह बंद अधिनियम (गैंगस्टर एक्ट) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने जनता से अपील करते हुए कहा है कि: "किसी भी अनजान नंबर से आए APK फाइल या संदिग्ध लिंक को कभी भी डाउनलोड न करें। सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए हमेशा आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें। आपकी एक छोटी सी लापरवाही आपके बैंक खाते को खाली कर सकती है।"
- आजमगढ़। उत्तर प्रदेश की आजमगढ़ पुलिस ने युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। कोतवाली पुलिस ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पास कराने के नाम पर लाखों की ठगी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। इनके पास से ठगी के ₹6,900 नकद बरामद किए गए हैं। ठगी का तरीका: मॉक पेपर को बताते थे 'टॉप सीक्रेट' इस गिरोह के काम करने का तरीका बेहद शातिर था। पुलिस के अनुसार, गिरोह का मुख्य सरगना संजय कुमार भारद्वाज खुद को कोचिंग संचालक बताकर भोले-भले अभ्यर्थियों को जाल में फंसाता था। मेहनगर निवासी अभिषेक यादव ने इसकी शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता के मुताबिक, आरोपियों ने यूपीएसआई (UPSI) परीक्षा पास कराने के बदले 10 लाख रुपये की मांग की थी और एडवांस के तौर पर ₹50,000 ले लिए थे। विश्वास जीतने के लिए आरोपियों ने अभिषेक को एक साधारण मॉक पेपर दिया और दावा किया कि यह 'टॉप सीक्रेट' पेपर है जो सीधे परीक्षा में आएगा। जब परीक्षा में प्रश्न मैच नहीं हुए, तब ठगी का खुलासा हुआ। मुखबिर की सूचना पर पुलिस की दबिश मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना कोतवाली पुलिस जांच में जुटी थी। मंगलवार सुबह सटीक सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने पुरानी जेल बंधा रोड पर घेराबंदी की। यहाँ से पुलिस ने दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया: संजय कुमार भारद्वाज (42 वर्ष), निवासी जहानागंज, आजमगढ़। अजीत कुमार (34 वर्ष), निवासी चिरैयाकोट, मऊ। पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे बाजार से साधारण प्रैक्टिस सेट या मॉक पेपर खरीदते थे और उन्हें लीक पेपर बताकर अभ्यर्थियों को बेच देते थे। वसूली गई मोटी रकम को वे आपस में बांट लेते थे। पुलिस ने बताया कि आरोपी अजीत कुमार का पहले से ही आपराधिक इतिहास रहा है और उसके खिलाफ धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। पुलिस टीम और आगामी कार्रवाई इस सफल ऑपरेशन में पुलिस टीम के निम्नलिखित सदस्यों की मुख्य भूमिका रही: वरीय उपनिरीक्षक मेहरे आलम कांस्टेबल शैलेन्द्र प्रसाद कांस्टेबल शिव कुमार मिश्रा पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही, युवाओं से अपील की गई है कि वे किसी भी व्यक्ति के झांसे में आकर शॉर्टकट न अपनाएं और केवल अपनी मेहनत पर भरोसा करें।1
- आजमगढ़ देवगांव कोतवाली क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे में 13 वर्षीय किशोरी खुशी की मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि खुशी अपनी बड़ी बहन संध्या के साथ साइकिल से लालगंज बाजार दवा लेने जा रही थी। इसी दौरान आजमगढ़-वाराणसी नेशनल हाईवे पर भीरा चौराहा के पास तेज रफ्तार कार ने दोनों को टक्कर मार दी। हादसे में दोनों बहनें गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिन्हें तुरंत वाराणसी ट्रामा सेंटर ले जाया गया। जहां इलाज के दौरान खुशी ने दम तोड़ दिया, जबकि उसकी बहन संध्या की हालत गंभीर बनी हुई है।1
- Post by RISHI RAI1
- आलापुर अम्बेडकर नगर पीआरडी जवान का आरोप—थानेदार ने मांगे पैसे, नहीं देने पर कार्रवाई की धमकी!1
- गोरखपुर में पूर्व पार्षद राजकुमार चौहान की गोली मारकर की गई हत्या...! पुलिस टीम जांच में लगी हुई है, सूचना के अनुसार अभी तक 7 लोगों को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है। हत्या की कोई स्पष्ट वजह का पता नहीं चला है अभी तक...! पूरे प्रदेश के चौहान समाज के नेता, चाहे वो किसी भी राजनीतिक दल के हों, सभी लोगों दुखी हैं और उनका कहना है कि आरोपियों को जल्द से जल्द सजा मिलनी चाहिए। वही पवन चौहान जनसेवक का कहना है कि अब चौहान समाज किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं करेगा। वर्तमान समय की स्थिति ये है कि चौहान समाज की जितनी भी राजनीतिक पार्टियां हैं उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष गोरखपुर पहुंच चुके हैं और कुछ लोग जा रहे हैं। जनताक्रान्तिपार्टी राष्ट्रवादी उत्तर प्रदेश के राष्ट्रीय अध्यक्ष Kamlesh Chauhan अपने चैनल के माध्यम से ऑनलाइन हो बताए हैं वो गोरखपुर जा रहे हैं तो वही जनवादी पार्टी सोशलिस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय चौहान भी अपने चैनल के माध्यम से ऑनलाइन आकर बताए कि वो गोरखपुर जा रहे हैं। आगे जो कुछ भी होगा आप लोगों को अपडेट मिलता रहेगा जुड़े रहिये अपने न्यूज़ चैनल के साथ।1
- Post by Umesh nishad azamgarh Umesh az1
- Post by रिपोर्टरआलापुर अंबेडकरनगर1
- आजमगढ़ l उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी के एक बहुत बड़े नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। 110 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी मामले में शामिल अंतर्राज्यीय गिरोह के 17 सदस्यों पर पुलिस ने 'गैंगस्टर एक्ट' के तहत मुकदमा दर्ज कर शिकंजा कस दिया है। चीन और दुबई से जुड़े थे गिरोह के तार पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस गिरोह का नेटवर्क केवल भारत तक ही सीमित नहीं था, बल्कि इसके तार चीन और दुबई जैसे देशों से भी जुड़े हुए थे। गिरोह के सदस्य विदेशी हैंडलरों के संपर्क में थे और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साइबर अपराध की साजिश रच रहे थे। ठगी का तरीका: फर्जी PM किसान योजना ऐप पुलिस अधीक्षक चिराग जैन के अनुसार, यह गिरोह भोले-भाले लोगों को निशाना बनाने के लिए “PM KISAN YOJANA (.APK)” नाम का एक फर्जी मोबाइल एप्लीकेशन इस्तेमाल करता था। गिरोह के सदस्य इन्वेस्टमेंट स्कीम के बहाने लोगों को व्हाट्सएप पर लिंक भेजते थे। जैसे ही कोई व्यक्ति उस APK फाइल को डाउनलोड करता, उनका मोबाइल हैक हो जाता और अपराधियों को उनके बैंक खातों का पूर्ण एक्सेस मिल जाता था। कैसे शुरू हुई कार्रवाई? इस बड़े सिंडिकेट का खुलासा तब हुआ जब 18 नवंबर 2025 को गंभीरपुर थाना क्षेत्र के बिंद्रा बाजार निवासी करन गुप्ता के खाते से करीब 7.77 लाख रुपये पार कर दिए गए थे। पीड़ित को व्हाट्सएप पर एक संदिग्ध लिंक भेजा गया था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी जांच शुरू की, जिससे इस विशाल अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पता चला। अब तक की बरामदगी और कार्रवाई पुलिस ने पिछले वर्ष नवंबर और दिसंबर में ही 17 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया था। इनके पास से निम्नलिखित सामान बरामद किया गया: 26 मोबाइल फोन और 15 सिम कार्ड 14 एटीएम कार्ड दो लग्जरी कारें भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और नकद राशि आरोपियों के खातों में मौजूद 17.50 लाख रुपये को पहले ही फ्रीज कराया जा चुका है। पुलिस की अपील: APK लिंक से रहें सावधान जिलाधिकारी द्वारा गैंगचार्ट को मंजूरी मिलने के बाद अब इन सभी 17 अपराधियों पर उत्तर प्रदेश गिरोह बंद अधिनियम (गैंगस्टर एक्ट) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने जनता से अपील करते हुए कहा है कि: "किसी भी अनजान नंबर से आए APK फाइल या संदिग्ध लिंक को कभी भी डाउनलोड न करें। सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए हमेशा आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें। आपकी एक छोटी सी लापरवाही आपके बैंक खाते को खाली कर सकती है।"1