हमीरपुर जिले के मुस्करा विकासखंड के ग्राम गहरौली में जिला पंचायत द्वारा निर्मित एक सीसी सड़क केवल सात महीने में ही क्षतिग्रस्त हो गई है। पंचम राज्य वित्त आयोग योजना 2024-25 के तहत महाविद्यालय के बगल से मुन्ना दादी की बगिया तक बनी इस सड़क में जगह-जगह दरारें पड़ गई हैं, जिसके बाद ग्रामीणों ने निर्माण में अनियमितता और घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय तकनीकी जांच की मांग की है। ग्रामीण भगत सिंह सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण में मानकों का पालन नहीं किया गया। उनका आरोप है कि घटिया सीमेंट, मोरम और कम मोटाई के कारण सड़क समय से पहले ही खराब होनी शुरू हो गई, जिससे बरसात में स्थिति और भी बदतर हो गई है और दोपहिया व चारपहिया वाहनों का निकलना मुश्किल हो रहा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण स्थल पर लगे शिलापट्ट में सड़क की लागत, लंबाई-चौड़ाई, कार्य अवधि, ठेकेदार का नाम और तकनीकी स्वीकृति जैसी अनिवार्य जानकारियां दर्ज नहीं हैं, जिससे पूरे काम की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीण भगत सिंह ने सीधे शब्दों में कहा, "सड़क बनते ही टूटने लगी। लगता है पूरा पैसा खा गए। जांच होनी चाहिए कि किसने कितना माल बनाया। हम DM साहब से मिलकर शिकायत करेंगे।" ग्रामीणों ने जिला पंचायत अध्यक्ष, संबंधित जनप्रतिनिधियों, अभियंताओं, अधिकारियों और ठेकेदार की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने की पुरजोर मांग की है। उन्होंने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने और आवश्यकता पड़ने पर सड़क का पुनर्निर्माण कराने की भी मांग उठाई है। इस पूरे मामले पर जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी उज्ज्वल अम्बेश से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।
हमीरपुर जिले के मुस्करा विकासखंड के ग्राम गहरौली में जिला पंचायत द्वारा निर्मित एक सीसी सड़क केवल सात महीने में ही क्षतिग्रस्त हो गई है। पंचम राज्य वित्त आयोग योजना 2024-25 के तहत महाविद्यालय के बगल से मुन्ना दादी की बगिया तक बनी इस सड़क में जगह-जगह दरारें पड़ गई हैं, जिसके बाद ग्रामीणों ने निर्माण में अनियमितता और घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय तकनीकी जांच की मांग की है। ग्रामीण भगत सिंह सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण में मानकों का पालन नहीं किया गया। उनका आरोप है कि घटिया सीमेंट, मोरम और कम मोटाई के कारण सड़क समय से पहले ही खराब होनी शुरू हो गई, जिससे बरसात में स्थिति और भी बदतर हो गई है और दोपहिया व चारपहिया वाहनों का निकलना मुश्किल हो रहा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण स्थल पर लगे शिलापट्ट में सड़क की लागत, लंबाई-चौड़ाई, कार्य अवधि, ठेकेदार का नाम और तकनीकी स्वीकृति जैसी अनिवार्य जानकारियां दर्ज नहीं हैं, जिससे पूरे काम की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीण भगत सिंह ने सीधे शब्दों में कहा, "सड़क बनते ही टूटने लगी। लगता है पूरा पैसा खा गए। जांच होनी चाहिए कि किसने कितना माल बनाया। हम DM साहब से मिलकर शिकायत करेंगे।" ग्रामीणों ने जिला पंचायत अध्यक्ष, संबंधित जनप्रतिनिधियों, अभियंताओं, अधिकारियों और ठेकेदार की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने की पुरजोर मांग की है। उन्होंने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने और आवश्यकता पड़ने पर सड़क का पुनर्निर्माण कराने की भी मांग उठाई है। इस पूरे मामले पर जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी उज्ज्वल अम्बेश से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।
- हमीरपुर जिले के मुस्करा विकासखंड के ग्राम गहरौली में जिला पंचायत द्वारा निर्मित एक सीसी सड़क केवल सात महीने में ही क्षतिग्रस्त हो गई है। पंचम राज्य वित्त आयोग योजना 2024-25 के तहत महाविद्यालय के बगल से मुन्ना दादी की बगिया तक बनी इस सड़क में जगह-जगह दरारें पड़ गई हैं, जिसके बाद ग्रामीणों ने निर्माण में अनियमितता और घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय तकनीकी जांच की मांग की है। ग्रामीण भगत सिंह सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण में मानकों का पालन नहीं किया गया। उनका आरोप है कि घटिया सीमेंट, मोरम और कम मोटाई के कारण सड़क समय से पहले ही खराब होनी शुरू हो गई, जिससे बरसात में स्थिति और भी बदतर हो गई है और दोपहिया व चारपहिया वाहनों का निकलना मुश्किल हो रहा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण स्थल पर लगे शिलापट्ट में सड़क की लागत, लंबाई-चौड़ाई, कार्य अवधि, ठेकेदार का नाम और तकनीकी स्वीकृति जैसी अनिवार्य जानकारियां दर्ज नहीं हैं, जिससे पूरे काम की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीण भगत सिंह ने सीधे शब्दों में कहा, "सड़क बनते ही टूटने लगी। लगता है पूरा पैसा खा गए। जांच होनी चाहिए कि किसने कितना माल बनाया। हम DM साहब से मिलकर शिकायत करेंगे।" ग्रामीणों ने जिला पंचायत अध्यक्ष, संबंधित जनप्रतिनिधियों, अभियंताओं, अधिकारियों और ठेकेदार की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने की पुरजोर मांग की है। उन्होंने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने और आवश्यकता पड़ने पर सड़क का पुनर्निर्माण कराने की भी मांग उठाई है। इस पूरे मामले पर जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी उज्ज्वल अम्बेश से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।1
- झांसी के गुरसराय स्थित ग्राम सरसेडा में एक निर्माणाधीन पुलिया को लेकर ग्रामीणों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पुलिया के निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों की अनदेखी की जा रही है और घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। उनके अनुसार, निर्माण में मोटे सरिये की जगह पतला सरिया लगाया जा रहा है, और सीमेंट-कंक्रीट के मिश्रण में बालू की जगह डस्ट का इस्तेमाल किया जा रहा है। इन गंभीर अनियमितताओं से पुलिया की गुणवत्ता और मजबूती पर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इन कथित धांधलियों के कारण भविष्य में पुलिया की मजबूती प्रभावित हो सकती है, जिससे क्षेत्र के लोगों की सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो सकता है। इसे देखते हुए, ग्रामीणों ने संबंधित विभाग के उच्च अधिकारियों से निर्माण सामग्री और कार्य की गुणवत्ता की तत्काल और निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक इस मामले में संबंधित विभाग या निर्माण एजेंसी की ओर से कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। रिपोर्ट के अनुसार, यदि विभाग इस संबंध में अपना पक्ष प्रस्तुत करता है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।1
- राम मंदिर ट्रस्ट की आगामी बैठक अब 11 जुलाई की जगह 6 जुलाई को अयोध्या में होगी। सूत्रों के अनुसार, यह बैठक मणि रामदास जी की छावनी के बजाय कारसेवक पुरम में आयोजित की जा सकती है, हालांकि इसके दिन और जगह में बदलाव के कारणों का अभी पता नहीं चला है। इस बीच, मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में पूर्व पदाधिकारियों चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव से पूछताछ की गई और उनके बयान दर्ज किए गए; पूछताछ के बाद चंपत राय दिल्ली रवाना हो गए। यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है, जहां वकील अनूप अवस्थी ने इसकी सीबीआई जांच की मांग को लेकर याचिका दायर की है। हालांकि, कोर्ट ने इस याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए पूछा कि इतनी जल्दी क्या है और स्पष्ट किया कि मामले की सुनवाई छुट्टियों के बाद ही होगी। दूसरी ओर, पुलिस सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे जेल में बंद 8 आरोपियों के बैंक खाते खंगालने के लिए एसबीआई की अयोध्या धाम ब्रांच पहुंची। इन 8 में से 7 आरोपियों के खाते इसी ब्रांच में हैं, और पुलिस ने उनके बैंक स्टेटमेंट हासिल किए हैं। अब यह जांच की जाएगी कि मंदिर में नौकरी मिलने के बाद से उनके खातों में कितनी राशि आई है। पुलिस ने बैंक के दो कर्मचारियों को भी नोटिस जारी किया है। इसी कड़ी में, सभी 8 आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, लेकिन पुलिस ने उनकी रिमांड नहीं मांगी। इसके बाद कोर्ट ने सभी आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, और उनकी अगली सुनवाई 13 जुलाई को निर्धारित की गई है, तब तक वे जेल में ही रहेंगे। उधर, अयोध्या के वकीलों ने एक बड़ी बैठक कर यह फैसला लिया है कि वे राम मंदिर चोरी मामले के इन 8 आरोपियों की पैरवी नहीं करेंगे।1
- स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अयोध्या के राम मंदिर में कथित चंदा चोरी के मामले पर अपनी टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि इस चोरी का 'पहला जिम्मेदार' व्यक्ति कोषाध्यक्ष है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कोषाध्यक्ष का नाम गोविंद देव गिरी बताया, हालांकि उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वे उनका नाम नहीं ले रहे हैं।1
- जालौन के रामपुरा थाना क्षेत्र के पचोखरा गांव में शॉर्ट सर्किट के कारण एक घर में भीषण आग लग गई। आग की तेज लपटें और धुएं का गुब्बार उठता देख इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग को बेकाबू होते देख ग्रामीणों ने तत्काल दमकल विभाग को सूचना दी। दमकलकर्मियों ने ग्रामीणों के सहयोग से काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक घर में रखा लाखों का गृहस्थी का सामान जलकर खाक हो चुका था, जिसमें फ्रिज, कूलर, कपड़े और अनाज जैसी महत्वपूर्ण वस्तुएं पूरी तरह राख हो गईं। इस घटना से एक गरीब का आशियाना पलभर में तबाह हो गया।1
- महोबा के चरखारी स्थित बीज भंडार में धांधली की हदें पार हो गई हैं, जहाँ किसानों को मनमानी दरों पर तिल खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इस बीज भंडार की मनमानी इतनी बढ़ गई है कि यह 'एक बीज, तीन रेट' के सिद्धांत पर काम कर रहा है, जिससे किसानों में गहरा आक्रोश व्याप्त है और उनका गुस्सा फूट पड़ा है।1
- उत्तर प्रदेश में विकास कार्यों को गति प्रदान करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथरस और पीलीभीत जिलों को कुल ₹1,117 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इन परियोजनाओं के तहत हाथरस में ₹548 करोड़ और पीलीभीत में ₹569 करोड़ की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार विकास, निवेश और रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। मुख्यमंत्री योगी ने चेतावनी देते हुए कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यदि किसी परियोजना में लापरवाही या अनियमितता पाई गई तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से प्रदेश के आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलेगी, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।1
- झांसी के गुरसराय स्थित 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र गुरसराय के पुरानी गुरसराय फीडर की मशीन में अचानक ब्लास्ट हो जाने के कारण क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है। इस घटना के चलते गुरसराय में लगभग 30 मिनट से विद्युत आपूर्ति बंद है। घटना के तुरंत बाद उपकेंद्र पर मेंटीनेंस कार्य शुरू कर दिया गया है। अवर अभियंता दीपक कुमार ने बताया कि मशीन में तकनीकी खराबी आने के कारण मरम्मत का कार्य युद्ध स्तर पर कराया जा रहा है। विद्युत विभाग की टीम मौके पर मौजूद है और आपूर्ति को जल्द से जल्द बहाल करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। अवर अभियंता दीपक कुमार ने उपभोक्ताओं से थोड़े समय तक सहयोग और धैर्य बनाए रखने की अपील की है, साथ ही यह आश्वासन भी दिया है कि मेंटीनेंस कार्य पूरा होते ही विद्युत आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी।1