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*कल सुबह कल्याणपुर स्थित केवी स्कूल के समीप एक घायल बारहसिंगा मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही अटल कामधेनु गौसेवा संस्थान की टीम तत्काल मौके पर पहुँची और तत्परता दिखाते हुए वन्यजीव का रेस्क्यू शुरू किया।* *👉🏻प्राथमिक उपचार और आवश्यक कार्यवाही के उपरांत, वन विभाग की टीम की निगरानी में बारहसिंगा को वापस उसके प्राकृतिक आवास (जंगल) में सुरक्षित रिलीज़ कर दिया गया है।*
पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
*कल सुबह कल्याणपुर स्थित केवी स्कूल के समीप एक घायल बारहसिंगा मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही अटल कामधेनु गौसेवा संस्थान की टीम तत्काल मौके पर पहुँची और तत्परता दिखाते हुए वन्यजीव का रेस्क्यू शुरू किया।* *👉🏻प्राथमिक उपचार और आवश्यक कार्यवाही के उपरांत, वन विभाग की टीम की निगरानी में बारहसिंगा को वापस उसके प्राकृतिक आवास (जंगल) में सुरक्षित रिलीज़ कर दिया गया है।*
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- *जैतपुर में रेत का 'मायाजाल': अधिकारियों ने कागजों में भरी रेत, हकीकत में मैदान खाली!* *जैतपुर (शहडोल): जैतपुर थाना क्षेत्र में रेत के अवैध कारोबार पर लगाम लगाने का प्रशासनिक दावा एक बार फिर सवालों के घेरे में है। एसडीएम और तहसीलदार की संयुक्त टीम ने भारी-भरकम लाव-लश्कर के साथ छापेमारी तो की, लेकिन असली खेल जब्ती के बाद शुरू हुआ। जनता पूछ रही है— साहब, कार्रवाई वाली रेत आखिर गई कहाँ?* *👉कार्रवाई का शोर ज्यादा, जब्ती का हिसाब आधा!* *प्रशासनिक अमले ने संयुक्त कार्रवाई के दौरान सैकड़ों घन मीटर रेत जब्त करने का ढिंढोरा पीटा, लेकिन मौके से रेत का रहस्यमयी ढंग से गायब होना कई संदेह पैदा कर रहा है।* *👉क्या जब्त की गई रेत को माफियाओं ने अधिकारियों की नाक के नीचे से चोरी कर लिया?* *या फिर जब्ती की कार्रवाई महज 'खानापूर्ति' थी ताकि रेत के असली सौदागरों को सुरक्षित रास्ता दिया जा सके?* *👉पहरेदारी का ढोंग: सोती हुई पुलिस और जागता हुआ माफिया* *इस पूरी घटना का सबसे शर्मनाक पहलू वह मंजर है, जहाँ जब्त रेत और वाहनों की देखरेख के लिए तैनात पुलिस कर्मचारी जमीन पर लेटा हुआ मिला।* *विद्वान का सवाल: जब पहरेदार ही जमीन पर लेटकर 'सपनों की दुनिया' में खोया हो, तो भला रेत माफिया अपना काम क्यों न करें? क्या यह कर्मचारी की थकान थी, या फिर माफियाओं को माल पार करने के लिए दी गई एक 'मौन स्वीकृति'?* *👉रेत माफियाओं और सिस्टम की 'जुगलबंदी'* *जैतपुर क्षेत्र में रेत की लूट मची हुई है, लेकिन जब एसडीएम और तहसीलदार जैसे बड़े अधिकारी मैदान में उतरते हैं, तब भी अगर रेत 'सुरक्षित' न रह पाए, तो इसे प्रशासन की विफलता कहें या मिलीभगत? जब्त रेत का गायब होना यह साबित करता है कि जिले में खनिज माफियाओं का नेटवर्क सरकारी तंत्र से कहीं ज्यादा मजबूत और सक्रिय है।* *👉इन सवालों का जवाब कौन देगा?* *जब्त की गई रेत का सटीक रिकॉर्ड (घन मीटर में) सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया?* *जिस स्थान पर जब्ती की गई, वहां अब रेत के ढेर की जगह सिर्फ खाली जमीन क्यों दिख रही है?* *ड्यूटी के दौरान लेटने वाले कर्मचारी पर क्या कार्रवाई होगी, जिसने माफियाओं के लिए मैदान साफ छोड़ दिया?* *👉जैतपुर की जनता अब केवल 'कार्रवाई' का नाम नहीं सुनना चाहती, वह जब्त किए गए सरकारी राजस्व (रेत) का हिसाब चाहती है।*1
- समयावधि पत्रों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश अनूपपुर। जिले में विद्यार्थियों के शत-प्रतिशत नामांकन करने के उद्देश्य से एक माह का फील्ड विजिट प्लान तैयार किया जाए। सभी संबंधित अधिकारियों को सेक्टरवार फील्ड विजिट करने तथा अधिक से अधिक विद्यार्थियों का विद्यालयों में नामांकन कराये जाये। अधिकारी विद्यार्थियों के अभिभावकों से संवाद स्थापित कर उन्हें बच्चों के विद्यालय में नामांकन कराने के लिए प्रेरित करें। इस कार्य को प्रभावी ढंग से संचालित करने हेतु जिला एवं जनपद स्तर के अधिकारियों की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, संबंधित अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि ड्यूटी आदेश शीघ्र तैयार कर कार्यवाही सुनिश्चित करें, ताकि अभियान को समयबद्ध एवं सुव्यवस्थित तरीके से क्रियान्वित किया जा सके। उन्होंने कहा कि चाइल्ड ट्रैकिंग एप के माध्यम से विद्यार्थियों की जानकारी भी प्राप्त की जा सकती है। सोमवार को कलेक्टर हर्षल पंचोली ने कलेक्ट्रेट कार्यालय के नर्मदा सभागार में आयोजित समयावधि पत्रों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया। कलेक्टर ने ग्रामीण क्षेत्रों में नल-जल योजना के अंतर्गत जलापूर्ति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों से जानकारी प्राप्त कर निर्देशित किया कि जल दर्पण एप्लीकेशन के माध्यम से योजना की रियल-टाइम एवं नियमित मॉनिटरिंग की जाए। साथ ही ग्रीष्म ऋतु को ध्यान में रखते हुए सभी ग्रामीणों को शुद्ध एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने सार्वजनिक एवं शासकीय स्थलों पर प्याऊ व्यवस्था स्थापित करने के भी निर्देश दिए। राज्य शासन द्वारा कृषि विभाग के अंतर्गत घोषित कृषक कल्याण वर्ष के अवसर पर आयोजित की जाने वाली गतिविधियों की भी समीक्षा में उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कृषक कल्याण वर्ष के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रमों एवं गतिविधियों का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए। किसानों को उन्नत कृषि पद्धतियों को अपनाने एवं कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने के लिए प्रेरित एवं प्रोत्साहित किया जाए। इसके साथ ही, किसानों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाए तथा बाइक रैली, ट्रैक्टर रैली आदि के माध्यम से कृषि संबंधी गतिविधियों के प्रति जागरूक किया जाए। सीएम हेल्पलाइन के अंतर्गत लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए उन्होंने हैंडपंपों के रखरखाव एवं मरम्मत, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, नवीन राशन कार्ड जारी करने एवं राशन कार्ड के अद्यतन, लाड़ली बहना योजना की पेंडिंग भुगतान राशि, भूमि सीमांकन तथा निजी भूमि पर अवैध कब्जे से संबंधित शिकायतों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, पंचायती राज के अंतर्गत जलप्रदाय से जुड़ी समस्याओं जैसे पाइपलाइन टूट-फूट, मोटर जलने एवं सुधार कार्य, संबल पंजीयन में लंबित आवेदन, शासकीय भूमि पर अतिक्रमण तथा समग्र आईडी से संबंधित प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन लंबित मामलों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए तथा शिकायतों के समाधान में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। जिले की सभी उचित मूल्य दुकानों में खाद्यान्न की उपलब्धता के संबंध में अधिकारियों से जानकारी प्राप्त कर निर्देश दिए कि राशन दुकानों का आकस्मिक निरीक्षण किया जाए तथा वितरण व्यवस्था को पारदर्शी एवं सुचारु बनाए रखा जाए। इसके साथ ही जिले के विद्यार्थियों को समय पर पाठ्यपुस्तकों के वितरण की समीक्षा की। उन्होंने जर्जर एवं जीर्ण-शीर्ण शासकीय भवनों के स्थान पर नवीन भवनों के निर्माण हेतु स्वीकृति प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में अन्य विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी चर्चा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। कलेक्टर ने शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना के अंतर्गत 45 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की समीक्षा की, जिसमें पुलिस एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इस संबंध में उन्होंने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए तथा प्रशिक्षण को प्रभावी एवं परिणामोन्मुखी बनाने पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त, कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, पशुपालन विभाग, सहकारिता विभाग तथा जनजातीय कार्य विभाग सहित अन्य विभागों के कार्यों की समीक्षा की। बैठक में विभागीय योजनाओं एवं गतिविधियों के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अर्चना कुमारी सहित जिले के विभिन्न विभागों के विभागीय अधिकारी उपस्थित रहें।2
- Post by पत्रकारिता1
- Post by Onkar Singh1
- **टाइगर के इंसानी अटैक से युवक की गई जान उमरिया//बांधवगढ टाइगर रिज़र्व के पनपथा कोर के चसुरा बीट में रविवार की दोपहर टाइगर ने इंसानी अटैक किया है,इस घटना में घटना स्थल पर ही आदिवासी युवक रज्जू पिता पितई कोल उम्र करीब 46 वर्ष निवासी कुदरी की जान चली गई है।बताया जाता है कि रविवार की दोपहर मृत युवक सूखा महुआ ,जलाऊ लकड़ी आदि बीनने घर से निकला था,इसी बीच चसुरा बीट में चहल कदमी कर रहे टाइगर ने हमला बोल दिया,इस घटना में युवक का अधिकांश शरीर टाइगर का निवाला बन गया है,घटना के बाद खबर है कि सोमवार की सुबह पीएम आदि की कार्यवाही की जा रही है।ग्रामीणों का मानना है कि नमन कैम्प से सटे घटना स्थल पर विभागीय कर्मी अगर मौजूद होता या सक्रिय होता तो निश्चित ही मृत युवक को इस दर्दनाक मौत से बचाया जा सकता था।_1
- dhoop me kaam karke khush hai gaw ke log mumbai jaise saher me1
- Post by Ashok Sondhiya1
- Post by पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार1
- शहपुरा में बढ़ती गर्मी के बीच बेजुबान पशु-पक्षियों के लिए पानी की समस्या खड़ी हो गई है। ऐसे में नंदी गौ जीव सेवा आश्रय के गो सेवक एक सराहनीय पहल कर रहे हैं। संस्था के सदस्य नगर के अलग-अलग वार्डों, चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर पानी के कुंड रख रहे हैं और उनमें रोज सुबह-शाम साफ पानी भर रहे हैं। इससे सड़कों पर घूमने वाले गौवंश, कुत्तों और पक्षियों को काफी राहत मिल रही है। गो सेवकों का कहना है कि वे पिछले तीन सालों से लगातार यह सेवा कार्य कर रहे हैं और आगे भी जारी रखेंगे। उनका मानना है कि बेजुबान जीवों की सेवा करना हर व्यक्ति का कर्तव्य है। इस पहल की नगरवासियों ने भी सराहना की है और इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया है।1