विकास के दावों के बीच झोपड़ी में स्कूल! भाटी ने सरकार से पूछा—सीमा के बच्चों का क्या कसूर? बाड़मेर। देश आजादी की 80वीं वर्षगांठ मना रहा है और भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन सीमावर्ती गांवों की तस्वीर इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है। शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम जिला या उपखंड मुख्यालय के बजाय भारत-पाकिस्तान सीमा से महज 15 किलोमीटर दूर थानाणी गांव के उस सरकारी स्कूल में मनाया, जहां पहली से पांचवीं तक की पढ़ाई आज भी एक झोपड़ी में हो रही है। भाटी ने इसी झोपड़ी में ध्वजारोहण कर बच्चों के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाया और सरकार की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक तरफ राजस्थान को ‘राइजिंग’ और भारत को विकसित बनाने की बात हो रही है, वहीं दूसरी तरफ सीमा से सटे गांवों में बच्चों को पक्का स्कूल भवन तक उपलब्ध नहीं है। भाटी का सीधा सवाल—क्या सीमा के बच्चों का कोई गुनाह है? भाटी ने कहा कि जयपुर और दिल्ली में बैठे जिम्मेदार लोग क्या अपने बच्चों को ऐसी झोपड़ी में पढ़ने भेजेंगे? अगर नहीं, तो फिर सीमावर्ती गांवों के इन बच्चों का क्या कसूर है? उन्होंने कहा कि सरकारें बदलती रहीं, सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों आते-जाते रहे, लेकिन इन गांवों के बच्चों की बुनियादी जरूरतें आज भी अधूरी हैं। जब देश चांद तक पहुंचने और विश्व गुरु बनने की बात कर रहा है, तब सीमा पर रहने वाले बच्चों को पक्की छत और बेहतर शिक्षा तक नहीं मिल पा रही। 2022 में शुरू हुआ स्कूल, आज भी झोपड़ी में पढ़ाई राजकीय प्राथमिक विद्यालय थानाणी, ग्राम पंचायत द्राभा, गडरारोड ब्लॉक में वर्ष 2022 में शुरू हुआ था। स्कूल शुरू होने के बाद से अब तक इसका संचालन एक झोपड़ी में ही हो रहा है। यहां करीब 20 से 25 बच्चे पहली से पांचवीं तक पढ़ते हैं और फिलहाल एक ही शिक्षक कार्यरत है। स्वतंत्रता दिवस पर स्कूल पहुंचे भाटी ने बच्चों से बातचीत की और स्कूल में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। बच्चों ने भारत माता के जयकारे लगाए और उनके साथ स्वतंत्रता दिवस मनाया। दो स्कूलों के लिए 12 लाख रुपए की अनुशंसा भाटी ने भवन विहीन राजकीय प्राथमिक विद्यालय थानाणी और राजकीय प्राथमिक विद्यालय डबली में कक्षा-कक्ष निर्माण के लिए विधायक कोष से 6-6 लाख रुपए, कुल 12 लाख रुपए की अनुशंसा की। थानाणी गांव में बिजली व्यवस्था के लिए विधायक कोष से 8.5 लाख रुपए पहले ही जारी किए जा चुके हैं। दोनों स्कूलों में स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण भी करवाया जाएगा। भाटी ने कहा कि सीमा को मजबूत करने की बात सिर्फ जवानों और सुरक्षा तक सीमित नहीं होनी चाहिए। सीमा पर रहने वाली नई पीढ़ी को मजबूत, शिक्षित और सुविधासंपन्न बनाना भी उतना ही जरूरी है। जब सीमा के बच्चों के सिर पर पक्की छत नहीं होगी, तब ‘विकसित भारत’ के दावों पर सवाल उठना स्वाभाविक है। #NewsUpdate #newstoday #breakingnewstoday
विकास के दावों के बीच झोपड़ी में स्कूल! भाटी ने सरकार से पूछा—सीमा के बच्चों का क्या कसूर? बाड़मेर। देश आजादी की 80वीं वर्षगांठ मना रहा है और भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन सीमावर्ती गांवों की तस्वीर इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है। शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम जिला या उपखंड मुख्यालय के बजाय भारत-पाकिस्तान सीमा से महज 15 किलोमीटर दूर थानाणी गांव के उस सरकारी स्कूल में मनाया, जहां पहली से पांचवीं तक की पढ़ाई आज भी एक झोपड़ी में हो रही है। भाटी ने इसी झोपड़ी में ध्वजारोहण कर बच्चों के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाया और सरकार की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक तरफ राजस्थान को ‘राइजिंग’ और भारत को विकसित बनाने की बात हो रही है, वहीं दूसरी तरफ सीमा से सटे गांवों में बच्चों को पक्का स्कूल भवन तक उपलब्ध नहीं है। भाटी का सीधा सवाल—क्या सीमा के बच्चों का कोई गुनाह है? भाटी ने कहा कि जयपुर और दिल्ली में बैठे जिम्मेदार लोग क्या अपने बच्चों को ऐसी झोपड़ी में पढ़ने भेजेंगे? अगर नहीं, तो फिर सीमावर्ती गांवों के इन बच्चों का क्या कसूर है? उन्होंने कहा कि सरकारें बदलती रहीं, सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों आते-जाते रहे, लेकिन इन गांवों के बच्चों की बुनियादी जरूरतें आज भी अधूरी हैं। जब देश चांद तक पहुंचने और विश्व गुरु बनने की बात कर रहा है, तब सीमा पर रहने वाले बच्चों को पक्की छत और बेहतर शिक्षा तक नहीं मिल पा रही। 2022 में शुरू हुआ स्कूल, आज भी झोपड़ी में पढ़ाई राजकीय प्राथमिक विद्यालय थानाणी, ग्राम पंचायत द्राभा, गडरारोड ब्लॉक में वर्ष 2022 में शुरू हुआ था। स्कूल शुरू होने के बाद से अब तक इसका संचालन एक झोपड़ी में ही हो रहा है। यहां करीब 20 से 25 बच्चे पहली से पांचवीं तक पढ़ते हैं और फिलहाल एक ही शिक्षक कार्यरत है। स्वतंत्रता दिवस पर स्कूल पहुंचे भाटी ने बच्चों से बातचीत की और स्कूल में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। बच्चों ने भारत माता के जयकारे लगाए और उनके साथ स्वतंत्रता दिवस मनाया। दो स्कूलों के लिए 12 लाख रुपए की अनुशंसा भाटी ने भवन विहीन राजकीय प्राथमिक विद्यालय थानाणी और राजकीय प्राथमिक विद्यालय डबली में कक्षा-कक्ष निर्माण के लिए विधायक कोष से 6-6 लाख रुपए, कुल 12 लाख रुपए की अनुशंसा की। थानाणी गांव में बिजली व्यवस्था के लिए विधायक कोष से 8.5 लाख रुपए पहले ही जारी किए जा चुके हैं। दोनों स्कूलों में स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण भी करवाया जाएगा। भाटी ने कहा कि सीमा को मजबूत करने की बात सिर्फ जवानों और सुरक्षा तक सीमित नहीं होनी चाहिए। सीमा पर रहने वाली नई पीढ़ी को मजबूत, शिक्षित और सुविधासंपन्न बनाना भी उतना ही जरूरी है। जब सीमा के बच्चों के सिर पर पक्की छत नहीं होगी, तब ‘विकसित भारत’ के दावों पर सवाल उठना स्वाभाविक है। #NewsUpdate #newstoday #breakingnewstoday
- विकास के दावों के बीच झोपड़ी में स्कूल! भाटी ने सरकार से पूछा—सीमा के बच्चों का क्या कसूर? बाड़मेर। देश आजादी की 80वीं वर्षगांठ मना रहा है और भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन सीमावर्ती गांवों की तस्वीर इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है। शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम जिला या उपखंड मुख्यालय के बजाय भारत-पाकिस्तान सीमा से महज 15 किलोमीटर दूर थानाणी गांव के उस सरकारी स्कूल में मनाया, जहां पहली से पांचवीं तक की पढ़ाई आज भी एक झोपड़ी में हो रही है। भाटी ने इसी झोपड़ी में ध्वजारोहण कर बच्चों के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाया और सरकार की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक तरफ राजस्थान को ‘राइजिंग’ और भारत को विकसित बनाने की बात हो रही है, वहीं दूसरी तरफ सीमा से सटे गांवों में बच्चों को पक्का स्कूल भवन तक उपलब्ध नहीं है। भाटी का सीधा सवाल—क्या सीमा के बच्चों का कोई गुनाह है? भाटी ने कहा कि जयपुर और दिल्ली में बैठे जिम्मेदार लोग क्या अपने बच्चों को ऐसी झोपड़ी में पढ़ने भेजेंगे? अगर नहीं, तो फिर सीमावर्ती गांवों के इन बच्चों का क्या कसूर है? उन्होंने कहा कि सरकारें बदलती रहीं, सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों आते-जाते रहे, लेकिन इन गांवों के बच्चों की बुनियादी जरूरतें आज भी अधूरी हैं। जब देश चांद तक पहुंचने और विश्व गुरु बनने की बात कर रहा है, तब सीमा पर रहने वाले बच्चों को पक्की छत और बेहतर शिक्षा तक नहीं मिल पा रही। 2022 में शुरू हुआ स्कूल, आज भी झोपड़ी में पढ़ाई राजकीय प्राथमिक विद्यालय थानाणी, ग्राम पंचायत द्राभा, गडरारोड ब्लॉक में वर्ष 2022 में शुरू हुआ था। स्कूल शुरू होने के बाद से अब तक इसका संचालन एक झोपड़ी में ही हो रहा है। यहां करीब 20 से 25 बच्चे पहली से पांचवीं तक पढ़ते हैं और फिलहाल एक ही शिक्षक कार्यरत है। स्वतंत्रता दिवस पर स्कूल पहुंचे भाटी ने बच्चों से बातचीत की और स्कूल में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। बच्चों ने भारत माता के जयकारे लगाए और उनके साथ स्वतंत्रता दिवस मनाया। दो स्कूलों के लिए 12 लाख रुपए की अनुशंसा भाटी ने भवन विहीन राजकीय प्राथमिक विद्यालय थानाणी और राजकीय प्राथमिक विद्यालय डबली में कक्षा-कक्ष निर्माण के लिए विधायक कोष से 6-6 लाख रुपए, कुल 12 लाख रुपए की अनुशंसा की। थानाणी गांव में बिजली व्यवस्था के लिए विधायक कोष से 8.5 लाख रुपए पहले ही जारी किए जा चुके हैं। दोनों स्कूलों में स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण भी करवाया जाएगा। भाटी ने कहा कि सीमा को मजबूत करने की बात सिर्फ जवानों और सुरक्षा तक सीमित नहीं होनी चाहिए। सीमा पर रहने वाली नई पीढ़ी को मजबूत, शिक्षित और सुविधासंपन्न बनाना भी उतना ही जरूरी है। जब सीमा के बच्चों के सिर पर पक्की छत नहीं होगी, तब ‘विकसित भारत’ के दावों पर सवाल उठना स्वाभाविक है। #NewsUpdate #newstoday #breakingnewstoday1
- बालोतरा में मातृशक्ति मंथन कार्यक्रम का आयोजन किया गया बालोतरा। बालोतरा में पूर्व पार्षद के निवास स्थल पर मातृशक्ति ने मंथन कार्यक्रम का आयोजन किया।4
- कांग्रेस में वंदे मातरम पर घमासान! | Vande Mataram | देखिए Poochta Hai Bharat में ऐश्वर्य का ऐजेंडा प्रधानमंत्री पीएम नरेंद्र मोदी देश के तिरगा ध्वज को सलामी1
- Post by Bhom singh bhati1
- नागाजी महाराज श्री मठ में गूंजे वैदिक मंत्र, बारिश की कामना को उमड़ा आस्था का सैलाब रोहित जोशी । खंडप नागाजी महाराज श्री मठ खंडप में रविवार को वार्षिक हवन कार्यक्रम श्रद्धा, आस्था और धार्मिक उत्साह के साथ आयोजित किया गया। वार्षिक धार्मिक आयोजन में खंडप सहित डाबली गोलियां, सरवड़ी, चियाली, रोजियों की ढाणी, अर्थंडी सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। सुबह से ही मठ परिसर में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर नजर आया। श्रद्धालुओं ने नागाजी महाराज की समाधि के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की। इस दौरान क्षेत्र में अच्छी बारिश, खुशहाली, सुख-समृद्धि और सभी के मंगल की कामना की गई। ग्रामीणों ने नागाजी महाराज के प्रति अपनी आस्था प्रकट करते हुए परिवार एवं क्षेत्र की सुख-शांति के लिए प्रार्थना की। मंत्रोच्चारण के बीच दी हवन में आहुतियां वार्षिक हवन कार्यक्रम में पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हवन की विधि संपन्न करवाई। हवन कुंड में श्रद्धालुओं ने विधिवत आहुतियां देकर लोक कल्याण और क्षेत्र में अच्छी वर्षा की कामना की। हवन के दौरान गूंजते वैदिक मंत्रों और धार्मिक जयकारों से मठ परिसर का वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। महंत उमाकांत गिरी महाराज से लिया आशीर्वाद कार्यक्रम में पहुंचे श्रद्धालुओं ने नागाजी महाराज की समाधि के दर्शन के साथ ही मठ के महंत उमाकांत गिरी महाराज से आशीर्वाद लिया। महंत ने श्रद्धालुओं को धर्म, सेवा, सद्भाव और समाजहित के कार्यों से जुड़े रहने का संदेश दिया। उन्होंने सभी के सुख-शांति एवं क्षेत्र की समृद्धि की मंगलकामना की। आस्था का केंद्र बना नागाजी महाराज श्री मठ वार्षिक हवन कार्यक्रम के दौरान आसपास के गांवों से पहुंचे श्रद्धालुओं की मौजूदगी ने आयोजन को भव्य रूप प्रदान किया। ग्रामीणों के लिए नागाजी महाराज श्री मठ लंबे समय से आस्था और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र रहा है। वार्षिक हवन में शामिल होकर श्रद्धालुओं ने धार्मिक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए सामूहिक रूप से क्षेत्र में अच्छी बारिश एवं खुशहाली की प्रार्थना की2
- भंवरी देवी हत्याकांड: 18 अगस्त को कलेक्ट्रेट घेराव का ऐलान, किशनाराम बिश्नोई बोले—आंदोलन होगा तेज फलोदी से इस वक्त की बड़ी खबर। भंवरी देवी बिश्नोई हत्याकांड में आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आंदोलन अब और तेज होने जा रहा है। पूर्व लोहावट विधायक किशनाराम बिश्नोई ने 18 अगस्त को कलेक्टर का घेराव करने का ऐलान किया है। भंवरी देवी बिश्नोई हत्याकांड में आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आंदोलन लगातार जारी है। इसी बीच पूर्व लोहावट विधायक किशनाराम बिश्नोई ने बड़ा ऐलान किया है। किशनाराम बिश्नोई ने कहा कि 18 अगस्त को फलोदी जिला मुख्यालय पर आंदोलन तेज किया जाएगा और कलेक्टर का घेराव किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भंवरी देवी हत्याकांड में आरोपी की गिरफ्तारी और न्याय की मांग को लेकर आंदोलन जारी रहेगा। अब 18 अगस्त को होने वाले कलेक्टर घेराव को लेकर प्रशासन और पुलिस की तैयारियों पर सभी की नजरें रहेंगी।1
- वायरल ऑडियो ने बढ़ाई सियासी हलचल* *विधायक देवेंद्र जोशी और भाजपा कार्यकर्ता जनक सोनी की कथित बातचीत सोशल मीडिया पर वायरल* जोधपुर। विधायक देवेंद्र जोशी और भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता जनक सोनी के बीच कथित बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। ऑडियो में एक अधूरे कार्य को लेकर कार्यकर्ता विधायक से काम पूरा कराने की बात कहते सुनाई दे रहे हैं। वायरल बातचीत में कार्यकर्ता कथित तौर पर कहते हैं कि “मेरे कहने और विश्वास पर जनता ने आपको वोट दिए, अब उन्हीं लोगों के काम के लिए आपसे कह रहा हूं।” इस पर विधायक की ओर से कथित तौर पर “कबीर नगर में क्या इंटरेस्ट है..?” सवाल किया जाता है। जवाब में कार्यकर्ता कहते हैं कि वहां से वोट दिलाना ही उनका इंटरेस्ट था, इसके अलावा कुछ नहीं। ऑडियो वायरल होने के बाद आगामी नगर निकाय चुनावों को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। सोशल मीडिया पर लोग इसे जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता और जनता के बीच जवाबदेही से जोड़कर देख रहे हैं। *दैनिक ख़बर मारवाड़ इस वायरल ऑडियो की सत्यता अथवा उसमें मौजूद आवाजों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। ऑडियो की वास्तविकता और बातचीत के संदर्भ की पुष्टि संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयान के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी*1
- 🗣️ 15 अगस्त का ऐसा परफॉर्मेंस… दिल दहला देगा 💔 | आ गए मेरी मौत का तमाशा देखने 😢🇮🇳 #15August #IndependenceDay #15AugustSpecial #IndependenceDay2026 #DeshBhakti #Patriotic #EmotionalPerformance #ShockingPerformance #HeartTouching #ViralReels #TrendingReels #ReelsIndia #InstagramReels #Shorts #ViralShorts #IndianReels #DesiReels #Performance #EmotionalReels #Trending #Viral #India #Indian #Masti #ComedyReels #Sankranti #RepublicDay भारत1