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मंडला जिले में पुलिस ने अवैध शराब के क्रय-विक्रय और परिवहन के विरुद्ध एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में अंग्रेजी, देशी शराब और बीयर जब्त की है। पुलिस अधीक्षक के विशेष निर्देशों पर, बम्हनी और बिछिया थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से यह कार्रवाई करते हुए चार वाहनों सहित लगभग 10 लाख रुपये से अधिक का अवैध मसरूका बरामद किया है।
Salim khan
मंडला जिले में पुलिस ने अवैध शराब के क्रय-विक्रय और परिवहन के विरुद्ध एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में अंग्रेजी, देशी शराब और बीयर जब्त की है। पुलिस अधीक्षक के विशेष निर्देशों पर, बम्हनी और बिछिया थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से यह कार्रवाई करते हुए चार वाहनों सहित लगभग 10 लाख रुपये से अधिक का अवैध मसरूका बरामद किया है।
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- मध्य प्रदेश के मंडला जिले के मवई विकासखंड अंतर्गत आने वाले बैगा बहुल ग्राम अमवार में जल जीवन मिशन की जमीनी हकीकत सामने आई है। ये तस्वीरें सरकार द्वारा बैगा जनजातियों के विकास को लेकर किए जा रहे बड़े-बड़े दावों की पोल खोलती नजर आ रही हैं। एक ओर जहां सरकार बैगा जनजातियों के विकास के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर अमवार गांव की जमीनी स्थिति दर्शाती है कि यह विकास केवल कागजों तक ही सीमित है। यह स्थिति सीधे तौर पर इस सवाल को उठाती है कि क्या बैगा जनजातियों के साथ धोखा किया जा रहा है या उनका विकास केवल सरकारी दस्तावेजों में ही दर्ज है।1
- जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट के पास ग्राम गदेरी में एक मकान के निर्माण कार्य के दौरान जमीन के अंदर दबा एक जिंदा बम मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। खुदाई कर रहे मजदूरों को जमीन के भीतर एक संदिग्ध लोहे जैसी वस्तु दिखाई दी, जिसके बाद इसकी सूचना अधिकारियों को दी गई। सूचना मिलते ही खमरिया थाना पुलिस और बम स्क्वॉड की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। जांच में पता चला कि मिला हुआ विस्फोटक एक जिंदा UXO बम था, जिसकी मारक क्षमता लगभग 50 मीटर तक बताई जा रही है। इस बम का वजन करीब 12 किलो से अधिक था और यह जमीन में 3 से 4 फीट नीचे दबा हुआ पाया गया। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, पुलिस ने तत्काल आसपास के इलाके को खाली करा लिया। इसके बाद, पुलिस ने इस जिंदा बम को सुरक्षित तरीके से सेना के अधिकारियों को सौंप दिया है, जहां अब इसे डिफ्यूज करने की प्रक्रिया की जाएगी।1
- डिंडौरी जिला जल संरचनाओं के निर्माण और जल स्रोतों के जीर्णोद्धार में पूरे देश में दूसरे स्थान पर है। पिछले दो महीनों से जिले में जनभागीदारी के माध्यम से लगातार यह कार्य किया जा रहा है। अब तक जिला और जनपद पंचायत क्षेत्रों में कुल 6 लाख 26 हजार 955 जल संरचनाओं का निर्माण कराया जा चुका है, जिसमें ग्रामीणों की सक्रिय भूमिका रही है। अधिकारियों ने ग्रामीणों को जल संरक्षण का महत्व समझाया, जिससे उन्हें यह बात समझ आई कि पानी रोकने से ही बचेगा और फिर से उपलब्ध होगा। इस समझ के बाद, लोगों ने स्वयं प्रेरित होकर अपने घरों में जल संचय के कार्य शुरू कर दिए। बजाग जनपद पंचायत की सिंहपुर ग्राम पंचायत में, जहाँ लगभग साढ़े तीन सौ मकान हैं, हर घर में सोखता पिट और छतों से बारिश के पानी को रोकने के लिए पाइप के जरिए वाटर हार्वेस्टिंग की तैयारी की गई है। गांव की महिला मेकिन बाई ने बताया कि पहले उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी, लेकिन सरपंच दीपचंद पूषाम और अधिकारियों ने उन्हें जल का महत्व समझाया, जिसके बाद उन्होंने स्वयं मेहनत कर और थोड़ा पैसा खर्च कर पाइप खरीदे और घर के सामने सोखता पिट बनाया, जिसमें अब निस्तार का पानी जा रहा है। इसी तरह, जमुना खैरवार ने भी स्वीकार किया कि वे पहले पानी का महत्व नहीं जानते थे और सोचते थे कि पानी उपलब्ध कराना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। सरपंच और अधिकारियों द्वारा थोड़ी मेहनत से पानी बचाने और धरती को रिचार्ज करने की जानकारी देने के बाद उन्होंने अपने घर में दो सोखता पिट बनवाए। अब वे गांव में जाकर अन्य लोगों को भी जागरूक कर रही हैं ताकि बारिश का पानी रोका जा सके और आने वाली पीढ़ी के लिए पानी बचाया जा सके। इसके अतिरिक्त, आजीविका परियोजना से जुड़ी कृषक सखी सुदामा सुरेश्वर ने 'मां की बगिया' योजना के बारे में बताया, जिसके तहत पांच हितग्राही हैं। एक बगिया में 15 नींबू और 35 आम के पेड़ लगाए गए हैं, जिन्हें टपक पद्धति से पानी दिया जा रहा है। कृषक सखी ने पानी बचाने और पेड़ों को सुरक्षित रखने के लिए हितग्राहियों को जागरूक किया और उन्हें टपकना, हांडी और स्लाइन की बोतल से पेड़ों को पानी देने के तरीके बताए। अब ये हितग्राही स्वयं पेड़ों की सुरक्षा और सिंचाई का कार्य कर रहे हैं, जिससे यह सुनिश्चित हो रहा है कि पानी की बचत के साथ-साथ पर्यावरण का भी ध्यान रखा जा सके।1
- डिंडौरी जिले की कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने ग्राम पंचायत घुसिया माल के ढीमरटोला में पेयजल की लंबी समस्या का त्वरित समाधान कर प्रशासनिक संवेदनशीलता का एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया। यह कार्रवाई तब हुई जब कुछ दिन पूर्व ढीमरटोला के ग्रामीण पेयजल संकट को लेकर जनसुनवाई में कलेक्टर के पास पहुँचे थे। समस्या की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को दो दिनों के भीतर व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए थे और इन्हीं निर्देशों के क्रियान्वयन का जायजा लेने वे स्वयं गांव पहुँचीं। ग्रामीणों ने बताया कि पानी की कमी के कारण उन्हें कुओं में उतरकर पानी भरना पड़ रहा था। स्थिति का प्रत्यक्ष अवलोकन करने के बाद, कलेक्टर ने खराब पड़े बोरवेल में अपने समक्ष एक नया पंप लगवाकर उसे चालू कराया और घर-घर पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं भी करवाईं। उन्होंने स्वयं बोरवेल का पानी पीकर उसकी गुणवत्ता जाँची और बच्चों को भी पानी पिलाया। ग्रामीणों की सुविधा के लिए दो-दो हजार लीटर क्षमता की दो पानी टंकियां भी स्थापित की गईं और कम वोल्टेज की समस्या सामने आने पर तत्काल स्टेबलाइजर लगाने के निर्देश देकर व्यवस्था को सुचारु बनाया गया। इस दौरान उन्होंने जल जीवन मिशन के अंतर्गत किए गए कार्यों का निरीक्षण भी किया। कलेक्टर की इस मौजूदगी और त्वरित निर्णयों से गांव में उत्साह का माहौल बन गया, जहाँ ग्रामीणों ने पहली बार किसी वरिष्ठ अधिकारी को मौके पर खड़े होकर समस्या का समाधान करते देखा। ग्रामीणों को संबोधित करते हुए, कलेक्टर ने गर्मी के मौसम में पानी के सदुपयोग की अपील की और मोटर संचालन की जिम्मेदारी किसी जिम्मेदार व्यक्ति को सौंपने का सुझाव दिया ताकि पूरे गांव को समय पर पर्याप्त पानी मिल सके। निरीक्षण के दौरान, कलेक्टर ने जल संरक्षण का संदेश भी दिया। उन्होंने ग्रामीणों को सोखता टैंक निर्माण की जानकारी दी और उन्हें घरों में ऐसे टैंक बनाने के लिए प्रेरित किया, यह समझाते हुए कि इससे भूजल स्तर संरक्षित रहेगा और वर्षा जल संचयन को भी बढ़ावा मिलेगा। इस अवसर पर रामबाबू देवांगन, सुंदरलाल यादव, चेतराम अहिरवार, प्रमोद उपाध्याय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कलेक्टर की इस पहल ने न केवल पेयजल संकट का समाधान किया, बल्कि प्रशासन और ग्रामीणों के बीच विश्वास की एक नई मिसाल भी कायम की है।2
- समनापुर क्षेत्र में नौतपा के दौरान हुई बारिश ने गर्मी का असर काफी कम कर दिया है। इस बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली है। किसान भी इस बारिश को फायदेमंद मान रहे हैं, क्योंकि इससे खेतों में नमी बढ़ी है और आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों में भी मदद मिलेगी।1
- डिंडोरी जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मानी जाने वाली एंबुलेंस व्यवस्था खुद ही खराब स्थिति में है। इस बदहाली के कारण गंभीर मरीजों और उनके परिजनों को समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पा रही है। हालत यह है कि जिला अस्पताल से जबलपुर सहित अन्य बड़े अस्पतालों के लिए रेफर किए गए मरीजों को एंबुलेंस के लिए घंटों तक इंतजार करना पड़ता है। डिंडोरी जिले में वर्तमान में जननी एक्सप्रेस, बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस) और एडवांस लाइफ सपोर्ट (एएलएस) समेत कुल 29 एंबुलेंस वाहन संचालित हैं। हालांकि, इनमें से कई वाहन लंबे समय से खराब होकर खड़े हैं और मरम्मत की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इस स्थिति के चलते जिले की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं।1
- मंडला जिले में पुलिस ने अवैध शराब के क्रय-विक्रय और परिवहन के विरुद्ध एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में अंग्रेजी, देशी शराब और बीयर जब्त की है। पुलिस अधीक्षक के विशेष निर्देशों पर, बम्हनी और बिछिया थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से यह कार्रवाई करते हुए चार वाहनों सहित लगभग 10 लाख रुपये से अधिक का अवैध मसरूका बरामद किया है।1
- मंडला के पवित्र माहिष्मती घाट पर शुक्रवार शाम को सिंधी समाज मंडला द्वारा मां नर्मदा की भव्य पंचचौकी महाआरती का आयोजन किया गया। धार्मिक परंपरा के अनुसार, हर माह की 29 तारीख को सिंधी समाज को इस महाआरती के संयोजन का सौभाग्य मिलता है। इस अवसर पर घाट पर श्रद्धालुओं का बड़ा हुजूम उमड़ा, जिससे पूरा क्षेत्र 'जय माँ नर्मदा' के जयकारों और भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो उठा। मां नर्मदा के माहिष्मती घाट पर विशेष रूप से सजी पांच चौकियों – अमृता, रेवा, नर्मदा, शांकरी और मेकलसुता – पर विद्वानों की उपस्थिति में महाआरती उतारी गई। इस दौरान भक्तों ने मां नर्मदा के जल में आस्था के दीप प्रवाहित किए, जिससे नदी दीपों की झिलमिलाहट से पूरी तरह जगमगा उठी। महाआरती के दौरान नर्मदाष्टक, त्वदीय पाद पंकजम्, नमामि देवी नर्मदे के सस्वर पाठ के साथ 'ऊँ जय जगदीश हरे' की आरती ने उपस्थित जनसमुदाय को भाव-विभोर कर दिया। इस पुनीत आयोजन को लेकर सिंधी समाज के साथ-साथ नगर के सभी वर्गों में भारी उत्साह और उल्लास देखने को मिला। बड़ी संख्या में पहुंचे प्रबुद्ध नागरिकों और मातृशक्ति ने इस आयोजन को श्रद्धा, भक्ति और आस्था का एक अनूठा संगम बताया। मुख्य अनुष्ठान के बाद, आयोजन समिति ने सभी उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रसादी का वितरण किया। वक्ताओं ने इस पंचचौकी महाआरती को केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जीवनदायिनी मां नर्मदा के प्रति कृतज्ञता और अनन्य भक्ति व्यक्त करने का एक पवित्र माध्यम बताया।1
- डिंडोरी जिले में नौतपा के दौरान पड़ रही भीषण गर्मी और उमस के बीच, शनिवार शाम करीब 5:00 बजे मौसम ने अचानक करवट बदली। मोहदा छांटा क्षेत्र में तेज आंधी-तूफान के साथ जोरदार बारिश शुरू हो गई, जिससे कुछ समय के लिए जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। दिनभर तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो रहा था, और तापमान लगातार ऊंचे स्तर पर बना हुआ था, जिससे आमजन गर्मी से काफी परेशान थे। शाम को अचानक आसमान में काले बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ बारिश होने लगी। इस दौरान कई स्थानों पर लोगों को सुरक्षित जगहों पर भागना पड़ा, जबकि बाजारों और सड़कों पर आवाजाही प्रभावित हुई। तेज हवा के कारण पेड़ों की डालियां झूमने लगीं और कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी बाधित होने की सूचना मिली। हालांकि, इस अचानक हुई बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है। बारिश के बाद तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई, जिससे मौसम सुहावना हो गया, और किसानों व ग्रामीणों ने भी इस बारिश को गर्मी से राहत देने वाला बताया।2