मध्य प्रदेश के सागर में एक बेहद मार्मिक दृश्य कैमरे में कैद हुआ है, जिसने हर देखने वाले का दिल छू लिया। यह घटना भीषण गर्मी और उमस के बीच हुई, जब एक छोटे बच्चे को प्यास से व्याकुल देखकर उसके बड़े भाई ने अपनी हथेलियों से पानी पिलाकर उसकी प्यास बुझाई। इस अद्भुत नजारे ने भाई-भाई के रिश्ते की अनमोल गहराई को दर्शाया। तेज धूप में एक छोटा बच्चा प्यास से बेहाल होकर पानी की तलाश में एक वाटरकूलर के पास पहुंचा। अपनी कम ऊंचाई के कारण वह वाटरकूलर के नल तक नहीं पहुंच पा रहा था और बार-बार कोशिश करने पर भी पानी की एक बूंद भी नहीं पी पा रहा था। वहाँ मौजूद अन्य लोग केवल यह सब देख रहे थे। तभी, दूर खड़े बड़े भाई की नजर अपने छोटे भाई पर पड़ी। छोटे भाई की बेबसी देखकर बड़े भाई का दिल तड़प उठा और वह तुरंत दौड़कर उसके पास पहुंचा। बिना किसी बर्तन या गिलास के, उसने अपनी दोनों हथेलियों को जोड़कर एक 'अंजुली' बनाई और नल के नीचे लगा दी। अंजुली में पानी भरते ही, बड़े प्यार से उसने वह पानी छोटे भाई के होठों से लगा दिया। बड़े भाई ने तब तक अंजुली भरकर पानी पिलाया, जब तक छोटे भाई की प्यास पूरी तरह से शांत नहीं हो गई। यह सिर्फ पानी नहीं, बल्कि अपने भाई के लिए बहते ममता के सागर जैसा था। इस निश्छल और भावुक दृश्य को देखकर राहगीर थम गए। वहाँ मौजूद हर शख्स की आंखें नम थीं और दिल भावुक हो उठा। लोगों ने कहा कि यही सच्चे बड़े भाई का प्यार होता है, जो अपनी तकलीफ से पहले अपने भाई के दर्द को समझता है। इस घटना ने दुनिया को रिश्तों की असली गहराई सिखाई, खासकर ऐसे दौर में जब लोग अक्सर अपनों को भूल जाते हैं। यह बताता है कि साधन भले ही छोटे पड़ जाएं, पर भाई का प्यार कभी कम नहीं होता।
मध्य प्रदेश के सागर में एक बेहद मार्मिक दृश्य कैमरे में कैद हुआ है, जिसने हर देखने वाले का दिल छू लिया। यह घटना भीषण गर्मी और उमस के बीच हुई, जब एक छोटे बच्चे को प्यास से व्याकुल देखकर उसके बड़े भाई ने अपनी हथेलियों से पानी पिलाकर उसकी प्यास बुझाई। इस अद्भुत नजारे ने भाई-भाई के रिश्ते की अनमोल गहराई को दर्शाया। तेज धूप में एक छोटा बच्चा प्यास से बेहाल होकर पानी की तलाश में एक वाटरकूलर के पास पहुंचा। अपनी कम ऊंचाई के कारण वह वाटरकूलर के नल तक नहीं पहुंच पा रहा था और बार-बार कोशिश करने पर भी पानी की एक बूंद भी नहीं पी पा रहा था। वहाँ मौजूद अन्य लोग केवल यह सब देख रहे थे। तभी, दूर खड़े बड़े भाई की नजर अपने छोटे भाई पर पड़ी। छोटे भाई की बेबसी देखकर बड़े भाई का दिल तड़प उठा और वह तुरंत दौड़कर उसके पास पहुंचा। बिना किसी बर्तन या गिलास के, उसने अपनी दोनों हथेलियों को जोड़कर एक 'अंजुली' बनाई और नल के नीचे लगा दी। अंजुली में पानी भरते ही, बड़े प्यार से उसने वह पानी छोटे भाई के होठों से लगा दिया। बड़े भाई ने तब तक अंजुली भरकर पानी पिलाया, जब तक छोटे भाई की प्यास पूरी तरह से शांत नहीं हो गई। यह सिर्फ पानी नहीं, बल्कि अपने भाई के लिए बहते ममता के सागर जैसा था। इस निश्छल और भावुक दृश्य को देखकर राहगीर थम गए। वहाँ मौजूद हर शख्स की आंखें नम थीं और दिल भावुक हो उठा। लोगों ने कहा कि यही सच्चे बड़े भाई का प्यार होता है, जो अपनी तकलीफ से पहले अपने भाई के दर्द को समझता है। इस घटना ने दुनिया को रिश्तों की असली गहराई सिखाई, खासकर ऐसे दौर में जब लोग अक्सर अपनों को भूल जाते हैं। यह बताता है कि साधन भले ही छोटे पड़ जाएं, पर भाई का प्यार कभी कम नहीं होता।
- मध्य प्रदेश के सागर में एक बेहद मार्मिक दृश्य कैमरे में कैद हुआ है, जिसने हर देखने वाले का दिल छू लिया। यह घटना भीषण गर्मी और उमस के बीच हुई, जब एक छोटे बच्चे को प्यास से व्याकुल देखकर उसके बड़े भाई ने अपनी हथेलियों से पानी पिलाकर उसकी प्यास बुझाई। इस अद्भुत नजारे ने भाई-भाई के रिश्ते की अनमोल गहराई को दर्शाया। तेज धूप में एक छोटा बच्चा प्यास से बेहाल होकर पानी की तलाश में एक वाटरकूलर के पास पहुंचा। अपनी कम ऊंचाई के कारण वह वाटरकूलर के नल तक नहीं पहुंच पा रहा था और बार-बार कोशिश करने पर भी पानी की एक बूंद भी नहीं पी पा रहा था। वहाँ मौजूद अन्य लोग केवल यह सब देख रहे थे। तभी, दूर खड़े बड़े भाई की नजर अपने छोटे भाई पर पड़ी। छोटे भाई की बेबसी देखकर बड़े भाई का दिल तड़प उठा और वह तुरंत दौड़कर उसके पास पहुंचा। बिना किसी बर्तन या गिलास के, उसने अपनी दोनों हथेलियों को जोड़कर एक 'अंजुली' बनाई और नल के नीचे लगा दी। अंजुली में पानी भरते ही, बड़े प्यार से उसने वह पानी छोटे भाई के होठों से लगा दिया। बड़े भाई ने तब तक अंजुली भरकर पानी पिलाया, जब तक छोटे भाई की प्यास पूरी तरह से शांत नहीं हो गई। यह सिर्फ पानी नहीं, बल्कि अपने भाई के लिए बहते ममता के सागर जैसा था। इस निश्छल और भावुक दृश्य को देखकर राहगीर थम गए। वहाँ मौजूद हर शख्स की आंखें नम थीं और दिल भावुक हो उठा। लोगों ने कहा कि यही सच्चे बड़े भाई का प्यार होता है, जो अपनी तकलीफ से पहले अपने भाई के दर्द को समझता है। इस घटना ने दुनिया को रिश्तों की असली गहराई सिखाई, खासकर ऐसे दौर में जब लोग अक्सर अपनों को भूल जाते हैं। यह बताता है कि साधन भले ही छोटे पड़ जाएं, पर भाई का प्यार कभी कम नहीं होता।1
- बीना के गांधी चौराहे पर स्थित 'जैन फूड प्लाजा' नामक भोजनालय में मांसाहारी भोजन बेचे जाने को लेकर जैन समाज में भारी आक्रोश है। मंगलवार को जैन समाज के लोगों ने इस भोजनालय के खिलाफ सीएमओ राहुल कौरव और बीना थाना प्रभारी अनूप यादव से शिकायत की। समाज का कहना है कि यह 'जैन फूड प्लाजा' एक अजैन व्यक्ति द्वारा चलाया जा रहा है, जो जैन न होते हुए भी भ्रामक जानकारी देकर इस भोजनालय का संचालन कर रहा है। ज्ञापन में जैन समाज ने स्पष्ट किया कि उनके धर्म में अहिंसा और शाकाहार को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है और 'जैन थाली' या 'जैन भोजनालय' जैसे नाम शुद्ध शाकाहारी भोजन की प्रामाणिकता दर्शाते हैं। आरोप है कि इस भोजनालय में मांसाहार पकाया और बेचा जाता है, जिससे सभी जैन समाज के लोगों की धार्मिक भावनाएँ आहत हो रही हैं। समाज ने अधिकारियों से उक्त व्यक्ति के फूड लाइसेंस की जाँच करने और भ्रामक जानकारी वाले 'जैन फूड प्लाजा' को तत्काल बंद करने की मांग की। इस दौरान शिकायत सौंपने वालों में प्रमुख रूप से अशोक जैन, अनिल कुमार, अनुराग जैन, अजय जैन, अखलेश जैन, संकल्प सराफ, मुकेश जैन, रविन्द्र जैन और मुकेश सराफ शामिल थे।4
- मध्य प्रदेश के रीवा में पुलिस वाहन से शराब लेते हुए पुलिसकर्मी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। इस वीडियो ने ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों द्वारा शराबखोरी किए जाने के आरोपों की पोल खोल दी है, जिससे पुलिस प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं। वायरल वीडियो गंगेव स्थित एक शराब दुकान के सामने का बताया जा रहा है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि डायल 112 का सायरन बजते ही पुलिसकर्मी खुलेआम शराब लेने पहुँच जाते हैं। इस मामले में संज्ञान लेते हुए, वीडियो में शराब लेते हुए दिखे एक आरक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।1
- मंगलवार को सागर कलेक्ट्रेट परिसर में उस वक्त हड़कंप मच गया जब जैसीनगर थाना क्षेत्र के निवासी बहादुर चढ़ार नामक एक युवक ने कथित तौर पर पवित्र रामचरितमानस को आग के हवाले कर दिया। इसके बाद उसने खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आत्मदाह करने का प्रयास भी किया, लेकिन मौके पर मौजूद लोगों और सुरक्षाकर्मियों की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया। युवक बहादुर चढ़ार का आरोप है कि गांव का मुन्ना बुंदेला लंबे समय से उसके साथ दुर्व्यवहार कर रहा था और उसे अपने घर ले जाकर खाने में पेशाब मिलाकर जबरन खिलाया गया। इस गंभीर मामले को लेकर वह लंबे समय से पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत कर कार्रवाई की मांग कर रहा था, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई। इसी से नाराज होकर उसने विरोध स्वरूप कलेक्ट्रेट परिसर में यह कदम उठाया। घटना के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। वहां मौजूद लोगों ने तत्काल युवक को पकड़कर बचाया और स्थिति को नियंत्रित किया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। बताया गया है कि एसडीएम अमन मिश्रा ने युवक की शिकायत सुनी और मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।1
- मध्य प्रदेश के सागर जिले से एक युवक पिछले तीन दिनों से लापता है और अपने घर नहीं लौटा है। युवक के घर न आने से उसकी माँ बेहद परेशान हैं और उन्होंने इस संबंध में रिपोर्ट भी लिखवाई है। सभी प्रयास करने के बावजूद, युवक अभी तक नहीं मिला है। जहाँ कहीं भी यह लड़का मिले, लोगों से अनुरोध किया गया है कि वे दिए गए मोबाइल नंबर 5548653179 पर संपर्क करें।1
- सागर में चल रहे सागर महोत्सव मेला के दौरान कविता शर्मा ने अपनी शानदार और रंगारंग प्रस्तुति दी। इस कार्यक्रम में उन्होंने अपनी कला का प्रदर्शन किया, जिसने दर्शकों का मन मोह लिया।1
- एक युवक हाई टेनिस टावर पर चढ़ गया, जिससे मौके पर हड़कंप मच गया। इस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची।1
- मध्य प्रदेश के सागर स्थित कलेक्टर कार्यालय परिसर में मंगलवार दोपहर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक युवक ने अचानक खुद पर पेट्रोल डाल लिया। आत्मदाह का प्रयास करने से पहले युवक ने एक थैले में आग लगाई, जिसमें धार्मिक ग्रंथ रामचरित मानस और कुछ पटाखे रखे थे। पटाखों (सुतली बम) की आवाज़ सुनकर एसडीएम समेत अन्य अधिकारी बाहर आए, जबकि मौके पर मौजूद लोगों ने युवक को खुद को आग लगाने से रोक दिया। इस दौरान करीब पाँच से दस मिनट तक हड़कंप की स्थिति बनी रही, और पुलिस देर से पहुँची। गोपालगंज पुलिस मौके पर पहुँची और युवक को हिरासत में लेकर थाने ले गई। युवक की पहचान जैसीनगर थाना क्षेत्र के घोघरी गाँव निवासी बहादुर चढ़ार के रूप में हुई। बहादुर ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2015 में मोतीनगर निवासी बुंदेल सिंह उर्फ मुन्ना बुंदेला और उसके साथियों ने उसका रास्ता रोककर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की और अमानवीय व्यवहार किया। आरोप है कि आरोपियों ने पहले भोजन में यूरिन मिलाया और फिर उसे वही खाना खिलाया। बहादुर के अनुसार, उसने इस मामले की शिकायत मोतीनगर थाने से लेकर एसपी कार्यालय तक की है, लेकिन कोई कार्रवाई या रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। उसका दावा है कि आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत भी हैं, फिर भी पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। घटना के दौरान युवक ने जोर-जोर से चिल्लाकर सिस्टम पर अपना आक्रोश व्यक्त किया और कहा कि 'जब पिछले 10 साल से मेरी कोई सुनवाई नहीं हो रही है और व्यवस्था में सत्य ही नहीं बचा है, तो ऐसी स्थिति में जीने का क्या मतलब? या तो मुझे इंसाफ दिलाओ या फिर मुझे गोली मार दो।' इसी मानसिक तनाव के चलते उसने खुद को और धार्मिक ग्रंथ को आग लगाने की कोशिश की। कलेक्टर कार्यालय परिसर में धार्मिक ग्रंथ को आग लगाए जाने की इस घटना को लेकर वहाँ मौजूद हिंदू संगठन के पदाधिकारियों ने कड़ा विरोध और नाराजगी जताई। गोपालगंज थाना पुलिस ने युवक का आवेदन स्वीकार करते हुए उसे हिरासत में लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि युवक के आरोपों और पूरी घटना की बारीकी से जांच की जा रही है, और जांच के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।1