आयुर्वेद विभाग में दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न, चिकित्सा सेवाओं के डिजिटल रूपांतरण पर जोर सीमलवाड़ा। जिला आयुर्वेद विभाग में चिकित्सा सेवाओं को अधिक सुगम, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण में जिलेभर के आयुर्वेद चिकित्सा से जुड़े कार्मिकों को नवीन प्रणाली के संचालन और उसके लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला आयुर्वेद विभाग के उपनिदेशक डॉ. बद्री नारायण मीणा द्वारा आयुर्वेद के प्रणेता भगवान धन्वंतरि की वंदना, दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण कर किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ चिकित्सा सेवाओं में आधुनिक तकनीक का समावेश अत्यंत आवश्यक है, जिससे मरीजों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। सहायक निदेशक डॉ. यशवंत कुमार परमार ने प्रशिक्षण को विभाग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इस व्यवस्था के माध्यम से चिकित्सा सेवाओं में पारदर्शिता आएगी तथा कार्यों की निगरानी भी अधिक सुदृढ़ होगी। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। प्रशिक्षण के मुख्य प्रशिक्षक डॉ. अभयसिंह मालीवाड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि दो दिनों में अलग-अलग समूह बनाकर जिले के सभी 63 आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष) केंद्रों पर कार्यरत कुल 106 आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी एवं नर्स-कम्पाउंडरों को प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने बताया कि इस नई प्रणाली के माध्यम से रोगियों का पंजीकरण, उपचार विवरण एवं दवा वितरण जैसी प्रक्रियाएं सुव्यवस्थित रूप से संचालित की जा सकेंगी। इस प्रशिक्षण के माध्यम से आयुर्वेद चिकित्सा सेवाओं का डिजिटल रूपांतरण भी सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे चिकित्सकों और मरीजों के बीच समन्वय बेहतर होगा तथा उपचार प्रक्रिया अधिक सरल और त्वरित बन सकेगी। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने इस पहल को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक सकारात्मक कदम बताते हुए इसे प्रभावी रूप से लागू करने का संकल्प लिया।
आयुर्वेद विभाग में दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न, चिकित्सा सेवाओं के डिजिटल रूपांतरण पर जोर सीमलवाड़ा। जिला आयुर्वेद विभाग में चिकित्सा सेवाओं को अधिक सुगम, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण में जिलेभर के आयुर्वेद चिकित्सा से जुड़े कार्मिकों को नवीन प्रणाली के संचालन और उसके लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला आयुर्वेद विभाग के उपनिदेशक डॉ. बद्री
नारायण मीणा द्वारा आयुर्वेद के प्रणेता भगवान धन्वंतरि की वंदना, दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण कर किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ चिकित्सा सेवाओं में आधुनिक तकनीक का समावेश अत्यंत आवश्यक है, जिससे मरीजों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। सहायक निदेशक डॉ. यशवंत कुमार परमार ने प्रशिक्षण को विभाग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इस व्यवस्था के माध्यम से चिकित्सा सेवाओं में पारदर्शिता आएगी
तथा कार्यों की निगरानी भी अधिक सुदृढ़ होगी। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। प्रशिक्षण के मुख्य प्रशिक्षक डॉ. अभयसिंह मालीवाड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि दो दिनों में अलग-अलग समूह बनाकर जिले के सभी 63 आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष) केंद्रों पर कार्यरत कुल 106 आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी एवं नर्स-कम्पाउंडरों को प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने बताया कि इस नई प्रणाली के माध्यम से रोगियों का पंजीकरण, उपचार
विवरण एवं दवा वितरण जैसी प्रक्रियाएं सुव्यवस्थित रूप से संचालित की जा सकेंगी। इस प्रशिक्षण के माध्यम से आयुर्वेद चिकित्सा सेवाओं का डिजिटल रूपांतरण भी सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे चिकित्सकों और मरीजों के बीच समन्वय बेहतर होगा तथा उपचार प्रक्रिया अधिक सरल और त्वरित बन सकेगी। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने इस पहल को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक सकारात्मक कदम बताते हुए इसे प्रभावी रूप से लागू करने का संकल्प लिया।
- सीमलवाड़ा। जिला आयुर्वेद विभाग में चिकित्सा सेवाओं को अधिक सुगम, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण में जिलेभर के आयुर्वेद चिकित्सा से जुड़े कार्मिकों को नवीन प्रणाली के संचालन और उसके लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला आयुर्वेद विभाग के उपनिदेशक डॉ. बद्री नारायण मीणा द्वारा आयुर्वेद के प्रणेता भगवान धन्वंतरि की वंदना, दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण कर किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ चिकित्सा सेवाओं में आधुनिक तकनीक का समावेश अत्यंत आवश्यक है, जिससे मरीजों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। सहायक निदेशक डॉ. यशवंत कुमार परमार ने प्रशिक्षण को विभाग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इस व्यवस्था के माध्यम से चिकित्सा सेवाओं में पारदर्शिता आएगी तथा कार्यों की निगरानी भी अधिक सुदृढ़ होगी। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। प्रशिक्षण के मुख्य प्रशिक्षक डॉ. अभयसिंह मालीवाड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि दो दिनों में अलग-अलग समूह बनाकर जिले के सभी 63 आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष) केंद्रों पर कार्यरत कुल 106 आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी एवं नर्स-कम्पाउंडरों को प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने बताया कि इस नई प्रणाली के माध्यम से रोगियों का पंजीकरण, उपचार विवरण एवं दवा वितरण जैसी प्रक्रियाएं सुव्यवस्थित रूप से संचालित की जा सकेंगी। इस प्रशिक्षण के माध्यम से आयुर्वेद चिकित्सा सेवाओं का डिजिटल रूपांतरण भी सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे चिकित्सकों और मरीजों के बीच समन्वय बेहतर होगा तथा उपचार प्रक्रिया अधिक सरल और त्वरित बन सकेगी। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने इस पहल को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक सकारात्मक कदम बताते हुए इसे प्रभावी रूप से लागू करने का संकल्प लिया।4
- धंबोला। कस्बे की कंपा कॉलोनी में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब जमीन समतलीकरण के दौरान जेसीबी मशीन से काम करते वक्त परकोटे के पास एक अजगर दिखाई दिया। अचानक विशाल सांप को देखकर आसपास के लोग घबरा गए और डर के चलते उसे मारने की तैयारी करने लगे। इसी बीच मौके पर पहुंचे पत्रकार मुकेश आर पंड्या ने सूझबूझ का परिचय देते हुए लोगों को समझाया कि यह अजगर का बच्चा है और किसी के लिए नुकसानदायक नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाना गलत है और इसे सुरक्षित तरीके से जंगल में छोड़ा जाएगा। इसके बाद पंड्या ने साहस और समझदारी का परिचय देते हुए एक लकड़ी की मदद से अजगर को सावधानीपूर्वक काबू में किया और उसे एक थैले में सुरक्षित बंद कर लिया। बाद में उन्होंने उसे नजदीकी जंगल में छोड़ दिया। घटना के बाद कॉलोनी वासियों ने राहत की सांस ली और पंड्या के इस सराहनीय कार्य की प्रशंसा की। उनका यह कदम न सिर्फ मानवता का उदाहरण बना, बल्कि वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश भी दे गया।1
- डूंगरपुर।भाजपा नेता बंशीलाल कटारा के जन्मदिवस के अवसर पर शुक्रवार को कार्यकर्ताओं ने रक्तदान शिविर आयोजित कर सेवा और समर्पण का संदेश दिया। इस दौरान जिला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक पहुंचे तथा स्वेच्छा से रक्तदान किया। सुबह 11 बजे तक करीब 15 यूनिट रक्त एकत्र किया गया, जो जरूरतमंद मरीजों के लिए उपयोगी साबित होगा। कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ताओं ने कहा कि रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा है और इससे कई लोगों की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने समाज के अन्य लोगों से भी इस पुनीत कार्य में भाग लेने की अपील की। आयोजन के माध्यम से रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाने का भी प्रयास किया गया। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखने को मिला और सभी ने भविष्य में भी ऐसे सामाजिक कार्य करते रहने का संकल्प लिया।1
- डूंगरपुर। साले की शादी मे भाग लेने जा रहे बाइक सवार दंपत्ति को एक अन्य बाइक की टक्कर लग्न से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल दंपती को 108 की सहायता से जिल अस्पताल लाया गया। जहा दोनों का उपचार चल रहा है। पर जानकारी अनुसार जिल के मांडवा ख़ापरडा निवासी शशिकांत पिता ककुआ कटारा अपनी पत्नी संगीता के साथ शुक्रवार सुबह बाइक से भिलुड़ा अपने साले की शादी में भाग लेने के लिए जा रहे थे तभी करौली के निकट बिछीवाड़ा की ओर से आ रहे बाइक सवार ने दंपति की बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। जिससे बाइक सवार दो दंपत्ति नीचे गिर कर गंभीर घायल हो गए।1
- राजस्थान ब्रेकिंग न्यूज़ चैनल हेड रमेश गांधी को कोटा विकास प्राधिकरण के आयुक्त साहब ने दिया विशेष साक्षात्कार और की वैवाक बातचीत।1
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- गनोडा में सर्व समाज के सहयोग से एक करोड रुपए में बनेगा भव्य मंदिर, तैयारी शुरू गनोड़ा। गनोड़ा कस्बे के ललोरा तालाब के किनारे प्राचीन मुक्तेश्वर महादेव मंदिर का जीर्णोद्धार होना है। 24 तारीख को मंदिर के जीर्णोद्धार का खाद मुहूर्त है लेकिन इससे पहले बुधवार को मंदिर परिसर पर शिखर उत्थापना एवं माता पार्वती की मूर्ति की उत्थापना की गई। बुधवार सुबह मंदिर परिसर पर गांव के सर्व समाज जन उपस्थित रहे तथा विधि विधान के साथ मंदिर के ऊपर से शिखर को मंत्रोच्चार के साथ उतारा गया तथा मुहूर्त के तौर पर पांच ईंट भी गुंबद से निकाली गई। इसके अलावा मंदिर परिसर पर स्थित माता पार्वती की प्रतिमा को भी उत्थापित कर सुरक्षित जगह पर स्थापित किया गया। गांव के मुक्तेश्वर महादेव मंदिर कमेटी के अध्यक्ष भगवती शंकर व्यास ने बताया कि गांव के सर्व समाज के सहयोग से भव्य मंदिर गांव के ललोरा तालाब के किनारे बनाया जाएगा। इस कार्य हेतु गांव का प्रत्येक समाज सहयोग कर रहा है तथा तन मन धन से सभी लोग इसमें लगे हुए हैं। लगभग 1 करोड़ की लागत से मंदिर को भव्यता प्रदान की जाएगी। इस काम में गांव में जितने भी समाज निवासरत है उन सभी समाजों के प्रतिनिधियों मने मंदिर निर्माण से लेकर मंदिर प्रतिष्ठा तक में सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया है। गांव के पंडित हरिश्चंद्र पंड्या, जलज पंड्या, शशांक पंड्या आदि के द्वारा विधि विधान के साथ मंत्रोच्चार सहित शुभ कार्य की शुरुआत की गई। बुधवार को मंदिर परिसर पर भगवती शंकर व्यास, महेशपाल सिंह, रमेश चंद्र व्यास, नारायण सिंह, नरेश निनामा, अजीत कटारा, पन्नालाल दर्जी, हितेश सुथार, देवशंकर मेहता, मगनलाल इटावल, रणछोड़ भोई, उमेश जोशी, पंकज गामोट, भरत व्यास, गोविंद व्यास, जयदीप गोस्वामी, विनोद गोस्वामी सहित सर्व समाज के लोग उपस्थित रहे।2
- सीमलवाड़ा। रामेष्ट सुंदरकांड समिति किशनपुरा के तत्वावधान में कस्बे में कांति लाल (स्व. धनजी भाई कलाल के सुपुत्र) के निवास पर भव्य सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और पूरा वातावरण भक्ति रस में सराबोर हो गया। कार्यक्रम की शुरुआत सर्व देवी-देवताओं के आह्वान एवं गणेश वंदना के साथ हुई। आचार्य के मार्गदर्शन में यजमान परिवार द्वारा सिद्धि प्राप्त हनुमान जी एवं राम दरबार की प्रतिमाओं का विधि-विधान से पूजन किया गया। इसके बाद सुंदरकांड पाठ का शुभारंभ हुआ। सुंदरकांड के प्रारंभ में समिति सदस्यों द्वारा भजनों की प्रस्तुतियां दी गईं, जिसमें गेहरीलाल ने “मेरे मन में भी राम” एवं “कीर्तन की है रात बाबा” जैसे भजनों की प्रस्तुति दी, वहीं संदीप ने “दुनिया में देव हजारों हैं” भजन गाकर माहौल को भक्तिमय बना दिया। भजनों पर उपस्थित श्रद्धालु झूम उठे और पूरे आयोजन स्थल पर भक्ति की गूंज सुनाई दी। सुंदरकांड की चौपाइयों का सामूहिक गान आश्विन पाठक की तर्ज पर लोकेश त्रिवेदी, मोहन सुथार, राजेंद्र, सुनील, गौतम और मनीष द्वारा किया गया। संगीत में ताराचंद एवं गेहरीलाल पाटीदार ने ऑक्टोपैड और हारमोनियम पर संगत देकर प्रस्तुति को और भी आकर्षक बना दिया। कार्यक्रम के अंत में यजमान परिवार द्वारा प्रभु श्रीराम एवं हनुमान जी की आरती उतारी गई तथा उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया। इसी दौरान यजमान परिवार की अदिति (पुत्री सुनील कलाल) के जन्मदिवस के अवसर पर सभी भक्त मंडल के सदस्यों ने उन्हें शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद प्रदान किया। आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया और सभी ने इस तरह के धार्मिक आयोजनों को समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने वाला बताया।2