तारापुर नगर पंचायत क्षेत्र के मोहनगंज और धौनी के बीच बहने वाली चौरा नदी पर बढ़ते अतिक्रमण के कारण किसानों की सिंचाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि नदी में गाद जमा होने और जगह-जगह अस्थायी निर्माण से जल प्रवाह बाधित हो गया है, जिससे उनके खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। इसके अतिरिक्त, धौनी पुल के नीचे गाद भरने से पूरे क्षेत्र में दुर्गंध भी फैल रही है। किसानों ने बताया है कि नदी की जमीन पर झोपड़ियां बनाकर लगातार अतिक्रमण किया जा रहा है और भविष्य में भी ऐसे ही निर्माण की तैयारियां चल रही हैं। इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए, प्रभावित किसानों ने नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी और अंचल अधिकारी को एक संयुक्त आवेदन सौंपा है, जिस पर कई ग्रामीणों के हस्ताक्षर भी हैं। उन्होंने प्रशासन से नदी को तत्काल अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है, जिस पर प्रशासन ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
तारापुर नगर पंचायत क्षेत्र के मोहनगंज और धौनी के बीच बहने वाली चौरा नदी पर बढ़ते अतिक्रमण के कारण किसानों की सिंचाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि नदी में गाद जमा होने और जगह-जगह अस्थायी निर्माण से जल प्रवाह बाधित हो गया है, जिससे उनके खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। इसके अतिरिक्त, धौनी पुल के नीचे गाद भरने से पूरे क्षेत्र में दुर्गंध भी फैल रही है। किसानों ने बताया है कि नदी की जमीन पर झोपड़ियां बनाकर लगातार अतिक्रमण किया जा रहा है और भविष्य में भी ऐसे ही निर्माण की तैयारियां चल रही हैं। इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए, प्रभावित किसानों ने नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी और अंचल अधिकारी को एक संयुक्त आवेदन सौंपा है, जिस पर कई ग्रामीणों के हस्ताक्षर भी हैं। उन्होंने प्रशासन से नदी को तत्काल अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है, जिस पर प्रशासन ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
- तारापुर नगर पंचायत के वार्ड संख्या-12 स्थित गोगाचक गांव में वर्ष 2025 में लगभग 4.5 लाख रुपये की लागत से स्थापित किया गया नि:शुल्क वाटर एटीएम पिछले दस माह से तकनीकी खराबी के कारण बंद पड़ा है। इस समस्या के कारण 350 से अधिक ग्रामीणों के सामने शुद्ध पेयजल का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। पहले ग्रामीण और राहगीर इसी वाटर एटीएम से शुद्ध और शीतल पानी प्राप्त करते थे, लेकिन अब उन्हें पानी के लिए अन्य स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। वार्ड पार्षद सन्नी कुमार ने इस संबंध में बताया कि मशीन में घटिया गुणवत्ता के उपकरण लगाए जाने के कारण यह खराब हुई है, और कई बार शिकायत के बावजूद भी इसकी मरम्मत नहीं कराई गई है। भीषण गर्मी के चलते क्षेत्र के अधिकांश चापाकलों का जलस्तर भी घट गया है, जिससे ग्रामीणों की मुश्किलें और भी बढ़ गई हैं। इसके अतिरिक्त, गोगाचक गांव कांवरिया मार्ग पर स्थित होने के कारण श्रावणी मेले के दौरान कांवरियों को भी शुद्ध पानी की समस्या का सामना करना पड़ेगा। इस मामले पर कार्यपालक पदाधिकारी सोनाली पिया ने आश्वासन दिया है कि एक-दो दिनों के भीतर वाटर एटीएम की मरम्मत करवाकर उसे फिर से चालू कर दिया जाएगा। ग्रामीणों के लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक है, जहाँ 350 से अधिक लोग बूंद-बूंद पानी के लिए मोहताज हो रहे हैं।1
- गिद्धौर के दिग्विजय सिंह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक बार फिर लापरवाही का मामला सामने आया है, जहाँ सोमवार रात करीब 7:55 बजे ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक डॉ. राहुल कुमार और जीएनएम नूतन कुमारी ने सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति का इलाज करने से इनकार कर दिया। ग्रामीणों द्वारा सोनो प्रखंड के डुमरी गांव निवासी घायल तनोज कुमार को केशवपुर गांव के समीप हुई सड़क दुर्घटना के बाद अस्पताल लाया गया था। हालाँकि, अस्पताल पहुँचने पर ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों ने यह कहते हुए इलाज से मना कर दिया कि उनकी ड्यूटी खत्म हो चुकी है और आने वाला डॉक्टर ही इलाज करेगा। इस घटना के बाद घायल व्यक्ति के परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। रिपोर्ट के अनुसार, दिग्विजय सिंह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की विधि-व्यवस्था खुद "बीमार पड़ी हुई है"। डॉ. राहुल कुमार और जीएनएम नूतन कुमारी पर पहले भी मरीजों के साथ अच्छे ढंग से व्यवहार न करने के आरोप लगते रहे हैं, जिससे आम ग्रामीण और मरीज लगातार परेशान रहते हैं। इस डॉक्टर से संबंधित खबरें अखबारों में कई बार छपती रही हैं, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इस संबंध में पूछे जाने पर डॉ. राहुल कुमार ने बताया कि उनकी ड्यूटी 8:00 बजे ऑफ हो चुकी थी और उनकी ड्यूटी के दौरान कोई भी मरीज नहीं आया था। वहीं, चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. नरोत्तम कुमार ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए कहा है कि वीडियो मंगवाकर जांच की जाएगी और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। अब देखना यह है कि इस बार कोई ठोस कार्रवाई होती है या पूर्व की तरह इस मामले को भी दबा दिया जाता है।2
- बिहार सरकार ने खगड़िया जिले को पर्यटन के क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मानसी प्रखंड स्थित कसरैया धार को इको टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने के लिए राज्य सरकार ने ₹29 करोड़ 20 लाख 73 हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस परियोजना का उद्देश्य प्राकृतिक पर्यटन को बढ़ावा देना है, जिसके तहत पार्क, पर्यटन अवसंरचना और पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सरकार का दावा है कि इस पहल से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। परबत्ता विधायक बाबूलाल शौर्य ने इस योजना के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना खगड़िया के विकास और पर्यटन को एक नई दिशा प्रदान करेगी।1
- दुर्गा स्पोर्टिंग क्लब ने मंगलवार संध्या भेड़ामोड खेल मैदान पर एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। यह सभा क्लब के सक्रिय सदस्य समरेंद्र सिंह उर्फ ललन सिंह के असामयिक निधन पर आयोजित की गई थी। ललन सिंह का इलाज पटना के मेदांता हॉस्पिटल में चल रहा था, जहां सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बाद इलाज के दौरान ही उनका निधन हो गया। समरेंद्र सिंह उर्फ ललन सिंह दुर्गा स्पोर्टिंग क्लब के एक महत्वपूर्ण सदस्य थे, जिन्होंने खेल जगत में अपनी एक अलग पहचान बनाई थी। उनके निधन से क्लब सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। श्रद्धांजलि सभा में दुर्गा स्पोर्टिंग क्लब के सभी सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इसके बाद समरेंद्र सिंह उर्फ ललन सिंह के तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर सुरेश प्रसाद यादव, ओम प्रकाश यादव, संजय सिंह, नरेंद्र सिंह, मुखिया निजाम दुर्रानी, लोहा सिंह, बबलू चौधरी, आशीष सिंह, आशुतोष सिंह, विनय कापरी, समीर सिंह और भुवन भास्कर सिंह सहित क्लब के दर्जनों सदस्य उपस्थित थे।1
- खेत में धान की नर्सरी तैयार करने के लिए मजबूत मेंढ़ों का निर्माण किया जा रहा है। इन मेंढ़ों को बनाने का मुख्य उद्देश्य पानी का सही प्रबंधन सुनिश्चित करना है, जिससे स्वस्थ पौध तैयार हो सकें। यह प्रक्रिया आगामी भरपूर फसल की नींव रखने में सहायक सिद्ध होगी।1
- मुंगेर के जमालपुर स्थित ज्योति युगल सरस्वती शिशु मंदिर, फुलका में विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति की एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।1
- तारापुर नगर पंचायत क्षेत्र के मोहनगंज और धौनी के बीच बहने वाली चौरा नदी पर बढ़ते अतिक्रमण के कारण किसानों की सिंचाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि नदी में गाद जमा होने और जगह-जगह अस्थायी निर्माण से जल प्रवाह बाधित हो गया है, जिससे उनके खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। इसके अतिरिक्त, धौनी पुल के नीचे गाद भरने से पूरे क्षेत्र में दुर्गंध भी फैल रही है। किसानों ने बताया है कि नदी की जमीन पर झोपड़ियां बनाकर लगातार अतिक्रमण किया जा रहा है और भविष्य में भी ऐसे ही निर्माण की तैयारियां चल रही हैं। इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए, प्रभावित किसानों ने नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी और अंचल अधिकारी को एक संयुक्त आवेदन सौंपा है, जिस पर कई ग्रामीणों के हस्ताक्षर भी हैं। उन्होंने प्रशासन से नदी को तत्काल अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है, जिस पर प्रशासन ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।1
- बिहार के बांका जिले के बेलहर क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ कथित तौर पर एक महिला को तीन टुकड़ों में काट दिया गया है। इस वीभत्स वारदात ने इलाके में सनसनी फैला दी है। मिली जानकारी के अनुसार, इस दिल दहला देने वाले सच को जानकर महिला का पति हैरान रह गया। मामले में सम्राट चौधरी और मनोज यादव नामक व्यक्तियों का जिक्र किया गया है, और यह घटना शबगंज इलाके से संबंधित बताई जा रही है। बैंक पुलिस के संज्ञान में आई इस घटना को हत्या के रूप में देखा जा रहा है। यह दर्दनाक वाकया महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के प्रति गंभीर जागरूकता की आवश्यकता को रेखांकित करता है, जिसके लिए सहायता और न्याय की पुरजोर अपील की जा रही है।1