मध्य प्रदेश सरकार ने भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन (BMR) के गठन की आधिकारिक अधिसूचना 18 अप्रैल 2026 को जारी कर दी है। इस नए महानगरीय क्षेत्र में भोपाल के साथ नर्मदापुरम (होशंगाबाद) सहित कुल 6 जिलों को शामिल किया गया है। भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन (BMR) की मुख्य बातें: शामिल जिले: इस रीजन में भोपाल के अलावा नर्मदापुरम, सीहोर, रायसेन, विदिशा और राजगढ़ जिलों के हिस्सों को जोड़ा गया है। नर्मदापुरम का हिस्सा: नर्मदापुरम जिले की नर्मदापुरम (होशंगाबाद), इटारसी और माखन नगर जैसी तहसीलों को इस मेट्रोपॉलिटन एरिया में शामिल किया गया है। हालांकि, क्षेत्रफल के हिसाब से नर्मदापुरम का सबसे कम (लगभग 7%) हिस्सा इसमें शामिल है। विशाल दायरा: इसका कुल क्षेत्रफल लगभग 12,098 वर्ग किलोमीटर होगा, जिसमें 6 जिलों के 2,510 गांव और 12 नगरीय क्षेत्र शामिल होंगे। प्रशासनिक ढांचा: इसके विकास के लिए महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MRDA) का गठन किया जाएगा, जिसके अध्यक्ष स्वयं मुख्यमंत्री होंगे। Bhaskar Bhaskar +6 इससे क्या बदलाव आएगा? नियोजित विकास: दिल्ली-NCR की तर्ज पर अब पूरे क्षेत्र के लिए एक 'यूनिफाइड मास्टर प्लान' तैयार होगा, जिससे अनियंत्रित विकास पर रोक लगेगी। आधुनिक सुविधाएं: नर्मदापुरम और अन्य जुड़ने वाले क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे, शिक्षा, और सड़क जैसी आधुनिक सुविधाओं में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा。
मध्य प्रदेश सरकार ने भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन (BMR) के गठन की आधिकारिक अधिसूचना 18 अप्रैल 2026 को जारी कर दी है। इस नए महानगरीय क्षेत्र में भोपाल के साथ नर्मदापुरम (होशंगाबाद) सहित कुल 6 जिलों को शामिल किया गया है। भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन (BMR) की मुख्य बातें: शामिल जिले: इस रीजन में भोपाल के अलावा नर्मदापुरम, सीहोर, रायसेन, विदिशा और राजगढ़ जिलों के हिस्सों को जोड़ा गया है। नर्मदापुरम का हिस्सा: नर्मदापुरम जिले की नर्मदापुरम (होशंगाबाद), इटारसी और माखन नगर जैसी तहसीलों को इस मेट्रोपॉलिटन एरिया में शामिल किया गया है। हालांकि, क्षेत्रफल के हिसाब से नर्मदापुरम का सबसे कम (लगभग 7%) हिस्सा इसमें शामिल है। विशाल दायरा: इसका कुल क्षेत्रफल लगभग 12,098 वर्ग किलोमीटर होगा, जिसमें 6 जिलों के 2,510 गांव और 12 नगरीय क्षेत्र शामिल होंगे। प्रशासनिक ढांचा: इसके विकास के लिए महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MRDA) का गठन किया जाएगा, जिसके अध्यक्ष स्वयं मुख्यमंत्री होंगे। Bhaskar Bhaskar +6 इससे क्या बदलाव आएगा? नियोजित विकास: दिल्ली-NCR की तर्ज पर अब पूरे क्षेत्र के लिए एक 'यूनिफाइड मास्टर प्लान' तैयार होगा, जिससे अनियंत्रित विकास पर रोक लगेगी। आधुनिक सुविधाएं: नर्मदापुरम और अन्य जुड़ने वाले क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे, शिक्षा, और सड़क जैसी आधुनिक सुविधाओं में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा。
- Post by Sanjay yaduwanshi1
- भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन (BMR) की मुख्य बातें: शामिल जिले: इस रीजन में भोपाल के अलावा नर्मदापुरम, सीहोर, रायसेन, विदिशा और राजगढ़ जिलों के हिस्सों को जोड़ा गया है। नर्मदापुरम का हिस्सा: नर्मदापुरम जिले की नर्मदापुरम (होशंगाबाद), इटारसी और माखन नगर जैसी तहसीलों को इस मेट्रोपॉलिटन एरिया में शामिल किया गया है। हालांकि, क्षेत्रफल के हिसाब से नर्मदापुरम का सबसे कम (लगभग 7%) हिस्सा इसमें शामिल है। विशाल दायरा: इसका कुल क्षेत्रफल लगभग 12,098 वर्ग किलोमीटर होगा, जिसमें 6 जिलों के 2,510 गांव और 12 नगरीय क्षेत्र शामिल होंगे। प्रशासनिक ढांचा: इसके विकास के लिए महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MRDA) का गठन किया जाएगा, जिसके अध्यक्ष स्वयं मुख्यमंत्री होंगे। Bhaskar Bhaskar +6 इससे क्या बदलाव आएगा? नियोजित विकास: दिल्ली-NCR की तर्ज पर अब पूरे क्षेत्र के लिए एक 'यूनिफाइड मास्टर प्लान' तैयार होगा, जिससे अनियंत्रित विकास पर रोक लगेगी। आधुनिक सुविधाएं: नर्मदापुरम और अन्य जुड़ने वाले क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे, शिक्षा, और सड़क जैसी आधुनिक सुविधाओं में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा。1
- बनखेड़ी। विकासखंड बनखेड़ी क्षेत्र में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की रफ्तार सुस्त रहने से किसानों में नाराजगी दिनों दिन बढ़ती जा रही है। बनखेड़ी क्षेत्र के 16 खरीदी केंद्रों पर खरीदी शुरू होने के बाद से ही काम धीमी गति से चल रहा है। स्थिति तब और बिगड़ गई जब केंद्रों से परिवहन के लिए भेजे जा रहे गेहूं को चमक विहीन “डिस्कलर” बताकर गाड़ियां वापस लौटा दी गईं, जिससे खरीदी व्यवस्था प्रभावित हो गई। मंगलवार को बनखेड़ी केंद्र पर खरीदी में देरी और समय पर उठाव न होने से परेशान किसानों ने विरोध जताते हुए जल्द खरीदी तेज करने की मांग की। किसान देवेंद्र अहिरवार ने बताया कि हमें मंडी में गेंहू लाए एक सप्ताह हो रहा है, लिकिन आज हमारी गेहूं नहीं तुल पाई। अन्य काम छोड़ कर रात दिन से रखवाड़ी कर रहे हैं। वहीं किसानों की नाराजगी की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। नायब तहसीलदार राम सिपाही मरावी, नोडल अधिकारी सहित स्थानीय प्रशासनिक अमला बनखेड़ी और दहलवाड़ा मौके पर पहुंचा और स्थिति को संभालते हुए खरीदी प्रक्रिया को पुनः शुरू कराया। जानकारी के अनुसार, परिवहन के दौरान गेहूं को डिस्कलर बताकर एफसीआई द्वारा पिछले तीन दिनों में बनखेड़ी, दहलवाड़ा, चांदोन, उमरधा और डंगरहाई सहित पांच केंद्रों के लगभग 22 ट्रकों को वापस लौटा दिया गया, जिससे केंद्रों पर खरीदी और उठाव दोनों प्रभावित हुए। वहीं खाद्य अधिकारी पिपरिया मनोज शुक्ला (जेएसओ) ने बताया कि मंगलवार सुबह तक बनखेड़ी ब्लॉक में कुल 54,311 क्विंटल गेहूं की खरीदी की जा चुकी है, जबकि 4,315 क्विंटल गेहूं रिजेक्ट हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि डिस्कलर या अन्य कारण से रिजेक्ट गेहूं को दोबारा साफ कराकर पुनः खरीदी में लिया जाएगा। प्रशासन ने किसानों को भरोसा दिलाया है कि खरीदी व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।1
- Post by laxjamk1
- सेमरी हरचंद कृषि उपज मंडी में मंगलवार को केवल गेहूं और चने की हुई आवक, जारी किए गए फसल बिकवाली के भाव सोहागपुर ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली सेमरी हरचंद कृषि उपज मंडी समिति ने मंगलवार शाम 7:00 बजे दिन भर के फसल बिकवाली के भाव जारी करते हुए बताया कि मंगलवार को मंडी में केवल गेहूं और चने की आवा कोई इसके अलावा किसी फसल की आवक नहीं हुई। मंगलवार को सेमरी हरचंद मंडी में गेहूं 1801 रुपए प्रति कुंतल से 2418 रुपए प्रति कुंतल के भाव से बिका तो वहीं चना ₹5000 प्रति कुंतल से 5225 प्रति कुंतल के भाव से बिका।1
- सिवनी मालवा में किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन, तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन सिवनी मालवा तहसील कार्यालय में ब्लाक कांग्रेस कमेटी ने किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर एसडीएम के नाम ज्ञापन तहसीलदार नितिन झोड़ को सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि क्षेत्र के किसानों को वर्तमान में गेहूं उपार्जन (खरीदी) को लेकर गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस पदाधिकारियों ने कहा कि स्लॉट बुकिंग व्यवस्था ठीक से संचालित नहीं हो रही है, जिसके कारण किसानों को खरीदी के लिए समय नहीं मिल पा रहा। इससे किसानों की उपज मंडियों और घरों में पड़ी-पड़ी खराब होने की स्थिति में पहुंच रही है। इसके अलावा, पांच एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों का गेहूं खरीदी में प्रतिबंध या अस्वीकार किया जाना भी एक बड़ी समस्या बताया गया, जिससे बड़े किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं जिन किसानों के घरों में विवाह जैसे सामाजिक कार्यक्रम हैं, उन्हें समय पर भुगतान नहीं मिलने से भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि सेटेलाइट सर्वे के कारण कई किसानों के पंजीयन अस्वीकार हो रहे हैं, जिससे वे स्लॉट बुक नहीं कर पा रहे हैं। कांग्रेस ने इस त्रुटि को जल्द सुधारने की मांग की है। साथ ही प्रति एकड़ उपार्जन सीमा कम होने से किसानों को अपनी उपज कम दाम पर बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है। कांग्रेस नेताओं ने मांग की है कि गेहूं खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी, सरल और सुचारू बनाया जाए। पांच एकड़ से अधिक किसानों की उपज भी बिना भेदभाव खरीदी जाए और खरीदी के बाद तुरंत भुगतान सुनिश्चित किया जाए। जिन किसानों के घर विवाह हैं, उनके लिए विशेष प्राथमिकता व्यवस्था की जाए। साथ ही प्रति एकड़ उपार्जन सीमा बढ़ाकर 20 क्विंटल करने की मांग भी की गई। कांग्रेस पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सोमवार तक समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो पार्टी उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।1
- Post by Pramod patel1
- नगर के संदीपनी स्कूल में प्रवेश प्रक्रिया को लेकर अभिभावकों और विद्यार्थियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। कई दिनों से प्रयास करने के बावजूद बच्चों को प्रवेश नहीं मिल पा रहा, जिससे परिवार परेशान और चिंतित हैं। अभिभावकों का आरोप है कि विद्यालय प्रबंधन स्पष्ट जानकारी और संतोषजनक जवाब देने में असफल रहा है, जिससे स्थिति और जटिल हो गई है। उनका कहना है कि बच्चों का भविष्य दांव पर लगा है, फिर भी संबंधित विभाग इस समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहा। बनखेड़ी कांग्रेस परिवार ने चेतावनी दी है कि यदि प्रवेश प्रक्रिया को शीघ्र पारदर्शी और व्यवस्थित नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर प्रदर्शन और चक्का जाम भी किया जाएगा। कांग्रेस ने मांग की है कि पात्र विद्यार्थियों को प्राथमिकता से प्रवेश दिया जाए और अभिभावकों को समयबद्ध समाधान उपलब्ध कराया जाए।1