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श्योपुर में आज भगत सिंह,सुखदेव, राजगुरु,शहीद भगत सिंह जयंती मनाई गई
Noshad ahmad qureshi
श्योपुर में आज भगत सिंह,सुखदेव, राजगुरु,शहीद भगत सिंह जयंती मनाई गई
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- Post by Noshad ahmad qureshi1
- एक्शनएड एसोसिएशन द्वारा संचालित कामगार महिला अधिकार अभियान के अंतर्गत बुनकर बस्ती एवं माचेड़ा क्षेत्र में महिला श्रमिकों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य क्रियान्वयक दिनेश कुमार बैरवा ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिला श्रमिकों को उनके अधिकारों, कार्यस्थल पर सुरक्षा तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान करना रहा।कार्यक्रम के दौरान रामराज बैरवा एवं हेमराज भील द्वारा कामगार महिलाओं को कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न (रोकथाम, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों के बारे में विस्तार से बताया गया। प्रतिभागियों को यह भी समझाया गया कि कार्यस्थल पर किसी भी प्रकार के उत्पीड़न की स्थिति में वे कैसे शिकायत दर्ज कर सकती हैं और उन्हें कानूनी रूप से क्या संरक्षण प्राप्त है। इसके अलावा, महिलाओं को उनके श्रम अधिकारों, न्यूनतम मजदूरी, सामाजिक सुरक्षा तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं—जैसे श्रमिक पंजीकरण, मातृत्व लाभ, पेंशन एवं स्वास्थ्य योजनाओं—की जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए और अपने सामने आने वाली चुनौतियों पर चर्चा की। एक्शनएड के प्रतिनिधियों ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से महिला श्रमिकों को जागरूक बनाना और उन्हें उनके अधिकारों के प्रति सशक्त करना बेहद आवश्यक है, ताकि वे सम्मानजनक और सुरक्षित कार्य वातावरण प्राप्त कर सकें। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला श्रमिकों ने भाग लिया।1
- फलोदी। अमर शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहीद दिवस के अवसर पर हेल्पिंग हैंड्स टीम फलोदी के तत्वावधान में जिला मुख्यालय फलोदी में भव्य रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। जिला अस्पताल फलोदी स्थित ब्लड बैंक में आयोजित इस शिविर में सुबह से ही युवाओं और समाजसेवियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान कर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। आयोजकों ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य शहीदों की याद में समाज में सेवा और जागरूकता का संदेश फैलाना है। हेल्पिंग हैंड्स टीम ने आमजन से अपील की है कि अधिक से अधिक लोग आगे आएं और रक्तदान कर जरूरतमंद मरीजों की जिंदगी बचाने में योगदान दें। 📞 संपर्क: 9799817729 शहीदों की याद में सेवा का जज्बा—फलोदी बना मिसाल!1
- पचाला (टोंक)। उपखंड क्षेत्र के ग्राम पचाला में आज उस वक्त मातम छा गया जब दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हुए एक भीषण सड़क हादसे में पचाला गांव के एक ही परिवार के दो सदस्यों की जान चली गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पचाला निवासी धारा सिंह मीणा का परिवार लाखेरी के पास डडवाडा गांव में अपनी बुआ के घर विवाह समारोह से वापस घर लौट रहा था। हादसे का कारण: बताया जा रहा है कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का एक हिस्सा कोटा की तरफ से चालू है, जबकि दूसरी दिशा का मार्ग अभी पूर्ण रूप से शुरू नहीं हुआ है। रात के अंधेरे में एक्सप्रेसवे पर रास्ता बंद करने के लिए लगाए गए मिट्टी के ऊंचे ढेर और बैरिकेडिंग का समय पर आभास नहीं हो पाने के कारण गाड़ी अनियंत्रित होकर सीधे मिट्टी के ढेर पर चढ़ गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए। हताहतों का विवरण: इस हृदयविदारक हादसे में धारा सिंह के पिता रामफूल मीणा (उम्र 60 वर्ष) और उनके पुत्र आकाश (उम्र 16 वर्ष) की मौके पर ही मृत्यु हो गई। वहीं, धारा सिंह की पत्नी कमलेश और एक अन्य बुजुर्ग परिजन रामफूल (उम्र 70 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। दोनों घायलों की नाजुक स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें तुरंत जयपुर रेफर कर दिया गया है, जहाँ वे उपचाराधीन हैं। गांव में शोक की लहर: एक ही परिवार के दादा और पोते की एक साथ मृत्यु की खबर जैसे ही पचाला गांव पहुंची, पूरे क्षेत्र में सन्नाटा पसर गया। शादी की खुशियां कुछ ही घंटों में मातम में बदल गईं। ग्रामीणों ने इस घटना पर गहरा दुख प्रकट किया है और निर्माणाधीन रास्तों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने पर रोष व्यक्त किया है।1
- Post by राजन सवाई माधोपुर1
- Post by बंटी कुमार सहरिया1
- शाहाबाद। शाहबाद घाटी संरक्षण संघर्ष समिति के प्रशान्त पाटनी एडवोकेट सहित अन्य लोगों ने महामहिम राष्ट्रपति, द्रौपदी मुर्मू जी के नाम का ज्ञापन शाहाबाद अतिरिक्त जिला कलेक्टर को सौंपा जिसमें शाहबाद, जिला बारां के कंजर्वेशन रिजर्व फॉरेस्ट के घने जंगल में ग्रीनको एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के प्रस्तावित बिजली परियोजना (पंप्ड स्टोरेज प्लांट) के लिए लाखों पेड़ों की कटाई रोकने एवं बिजली परियोजना को अन्यत्र स्थापित करने की मांग कीगई। ज्ञापन के अनुसार शाहबाद घाटी संरक्षण संघर्ष समिति, देशभर के विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि और क्षेत्र के निवासी राजस्थान के बारां जिले में स्थित 'शाहबाद कंजर्वेशन रिजर्व फॉरेस्ट' के अस्तित्व पर मंडरा रहे गंभीर संकट की ओर ध्यान आकृष्ट कर। इस जंगल में 'ग्रीनको एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड' द्वारा एक पंप्ड स्टोरेज हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट प्रस्तावित है, जो इस पूरे वन क्षेत्र की पारिस्थितिकी को नष्ट कर देगा। इस विनाशकारी परियोजना से होने वाले नुकसान और इसके विरोध के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं: 1. लाखों पेड़ों की कटाई और जैव विविधता का विनाशः इस परियोजना के लिए 408 हेक्टेयर वन भूमि तथा अतिरिक्त 200 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। इसके निर्माण में लगभग 5 लाख हरे पेड़ों की कटाई होगी। इसके कारण होने वाली औद्योगिक गतिविधियों से लगभग 1000 वर्ग किलोमीटर का जंगल क्षेत्र सीधे तौर पर खतरे में आ जाएगा। देश में पाए जाने वाले 450 औषधीय पौधों में से 332 प्रजातियों, दुर्लभ सिलेजिनेला पौधे, और IUCN की रेड लिस्ट में शामिल अनेक पादप एवं जीव जन्तुओं की कई संकटग्रस्त प्रजातियों केवल इसी जंगल में पाई जाती हैं। यहाँ गिद्ध जैसे लुप्तप्राय पक्षी आज भी नेस्टिंग करते हैं। माननीय सुप्रीम कोर्ट के जलवायु परिवर्तन से होने वाले दुष्प्रभाव अनुच्छेद 21 (जीवन का अधिकार) और अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) का सीधा उल्लंघन हैं। वन (संरक्षण) अधिनियम 1980 के तहत आरक्षित वन क्षेत्र का उपयोग गैर-वन प्रयोजनों के लिए अवैध है। शाहबाद जंगल केवल राजस्थान की ही नहीं बल्कि पूरे देश की पर्यावरणीय धरोहर है। बिजली परियोजनाएं किसी वैकल्पिक स्थान पर लगाई जा सकती हैं, लेकिन सदियों में विकसित हुए प्राकृतिक जंगल का कोई विकल्प नहीं है ज्ञापन के माध्यम से मांग की है कि राष्ट्रीय हित, जैव विविधता, वन्यजीव (विशेषकर चीता प्रोजेक्ट), भूमिगत वर्षा जल संरक्षण और सहरिया जनजाति के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इसके अलावा भी महत्वपूर्ण यह है कि राजस्थान में देश में सर्वाधिक कम 9.6 प्रतिशत भूभाग पर ही जंगल हैं इन्हें अब और अधिक क्षति नहीं पहुंचाई जा सकती। ग्रीनको एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड की इस प्रस्तावित परियोजना को तुरंत निरस्त करने या इसे किसी अन्य गैर-वन क्षेत्र में स्थानांतरित करने के निर्देश प्रदान करने की कृपा करें, ताकि देश को ग्लोबल वार्मिंग एवं क्लाइमेट चेंज के खतरों से बचाया जा सके। ज्ञापन देने वाले बालों में रोबिन सिंह, प्रशांत पाटनी, गब्बर सहित, शशांक, धनराज मीणा, परमानंद सहित दर्जनों पर्यावरण प्रेमी मौजूद रहे।4
- Post by Noshad ahmad qureshi1