संतकबीरनगर के तहसील खलीलाबाद अंतर्गत ग्राम बकहा के ग्रामीणों ने सरकारी जमीन पर हुए अवैध कब्जे को लेकर जिलाधिकारी आलोक कुमार को ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के गाटा संख्या 55 और 56 पर स्थित सरकारी खलिहान व गढ़ही पर गांव के ही कुछ लोगों ने कब्जा कर पक्का निर्माण करा लिया है। इससे बरसात में गांव में जलभराव की समस्या बढ़ गई है। ग्रामीणों ने बताया कि उक्त गाटा सरकारी खलिहान और गढ़ही के रूप में दर्ज है। लेकिन भू-माफिया अरुण कुमार, सुनील कुमार आदि ने इस जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करके निर्माण कर लिया है। आरोप है कि निर्माण के कारण गढ़ही में होकर गांव का पानी निकलना बंद हो गया है। बरसात के दिनों में पानी घरों में घुस जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों ने मांग की है कि तत्काल प्रभाव से गढ़ही से अतिक्रमण हटवाकर खलिहान और गढ़ी की खुदाई कराई जाए, ताकि पानी की निकासी सुचारू हो सके और लोगों को राहत मिल सके। ज्ञापन देने वालों में ग्राम के शिक्षक सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष शामिल रहे। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप कर गाटा संख्या 55, 56 को अतिक्रमण मुक्त कराने की अपील की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो बरसात में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
संतकबीरनगर के तहसील खलीलाबाद अंतर्गत ग्राम बकहा के ग्रामीणों ने सरकारी जमीन पर हुए अवैध कब्जे को लेकर जिलाधिकारी आलोक कुमार को ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के गाटा संख्या 55 और 56 पर स्थित सरकारी खलिहान व गढ़ही पर गांव के ही कुछ लोगों ने कब्जा कर पक्का निर्माण करा लिया है। इससे बरसात में गांव में जलभराव की समस्या बढ़ गई है। ग्रामीणों ने बताया कि उक्त गाटा सरकारी खलिहान और गढ़ही के रूप में दर्ज है। लेकिन भू-माफिया अरुण कुमार, सुनील कुमार आदि ने इस जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करके निर्माण कर लिया है। आरोप है कि निर्माण के कारण गढ़ही में होकर गांव का पानी निकलना बंद हो गया है। बरसात के दिनों में पानी घरों में घुस जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों ने मांग की है कि तत्काल प्रभाव से गढ़ही से अतिक्रमण हटवाकर खलिहान और गढ़ी की खुदाई कराई जाए, ताकि पानी की निकासी सुचारू हो सके और लोगों को राहत मिल सके। ज्ञापन देने वालों में ग्राम के शिक्षक सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष शामिल रहे। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप कर गाटा संख्या 55, 56 को अतिक्रमण मुक्त कराने की अपील की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो बरसात में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
- टेंडर निरस्त होने पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, पथरा-डिडई मार्ग जाम कर किया प्रदर्शन सिद्धार्थनगर जिले के डुमरियागंज विधानसभा क्षेत्र में पथरा-डिडई मार्ग की बदहाल स्थिति को लेकर सोमवार को ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। धर्मार्थ योजना के अंतर्गत प्रस्तावित सड़क निर्माण का टेंडर निरस्त होने की सूचना से नाराज ग्रामीणों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। इससे मार्ग पर यातायात प्रभावित हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सड़क जाम की सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार महबूब आलम और पथरा थानाध्यक्ष ओम प्रकाश मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया और उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपकर सड़क की बदहाल स्थिति से अवगत कराया तथा शीघ्र निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि पथरा से डिडई मार्ग पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो चुका है। बरसात के दौरान सड़क पर जलभराव होने से राहगीरों, स्कूली बच्चों और मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आए दिन छोटे-बड़े हादसे होने का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ समय पहले सड़क का निर्माण कराया गया था, लेकिन गुणवत्ता में कमी के कारण वह जल्द ही क्षतिग्रस्त हो गई। अब धर्मार्थ योजना के तहत सड़क निर्माण की उम्मीद जगी थी, लेकिन टेंडर निरस्त होने से लोगों में भारी नाराजगी है। बताया गया कि इस मार्ग से दर्जनों गांवों के लोग प्रतिदिन आवागमन करते हैं। यह क्षेत्र डुमरियागंज के पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह की राजनीतिक कर्मभूमि भी माना जाता है, जबकि वर्तमान में यह क्षेत्र विधायक सैयदा खातून के विधानसभा क्षेत्र में आता है। इसी मार्ग पर जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि उपेंद्र प्रताप सिंह का भी आवास स्थित है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि टेंडर प्रक्रिया शीघ्र पूरी कराकर सड़क का गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराया जाए, ताकि वर्षों से चली आ रही समस्या का स्थायी समाधान हो सके। अधिकारियों ने ग्रामीणों को उनकी मांग उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।1
- *कांवड़ यात्रा को लेकर संतकबीरनगर पुलिस अलर्ट मोड पर, सुरक्षा व्यवस्था के किए गए पुख्ता इंतजाम* संतकबीरनगर। श्रावण मास की पावन *कांवड़ यात्रा* को सकुशल एवं शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए *संतकबीरनगर पुलिस* पूरी तरह *अलर्ट मोड* पर है। पुलिस अधीक्षक *संदीप कुमार मीणा* ने कांवड़ यात्रा को लेकर जनपद में की गई सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। *जनपद के* प्रमुख मार्गों, शिव मंदिरों एवं संवेदनशील स्थलों पर पुलिस बल की विशेष तैनाती की गई है। लगातार गश्त, निगरानी एवं यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सोशल मीडिया पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। *पुलिस अधीक्षक ने श्रद्धालुओं से अपील की* है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, यातायात नियमों का सम्मान करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। संतकबीरनगर पुलिस कांवड़ यात्रियों की सुरक्षित, सुगम एवं मंगलमय यात्रा के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। *हर-हर महादेव! बोल बम!!* *"SP संदीप कुमार मीणा ने कांवड़ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था पर क्या कहा, देखें पूरी वीडियो......*1
- अमृत सरोवर बना ग्राम मुंडा कोडरा की पहचान, शहीद पंडित राम प्रसाद बिस्मिल पोखर बना आकर्षण का केंद्र अमृत सरोवर बना ग्राम मुंडा कोडरा की पहचान, शहीद पंडित राम प्रसाद बिस्मिल पोखर बना आकर्षण का केंद्र सहजनवा, गोरखपुर। सहजनवा विकासखंड के ग्राम सभा मुंडा कोडरा में आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत विकसित किया गया शहीद पंडित राम प्रसाद बिस्मिल अमृत सरोवर आज ग्रामीण विकास, जल संरक्षण और सौंदर्यीकरण का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा है। वर्ष 2022 में सहजनवा विधायक प्रदीप शुक्ला द्वारा इसका शुभारंभ किया गया था। यह परियोजना केंद्रीय भू-जल बोर्ड, जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार (लखनऊ) की राष्ट्रीय जल अमृत प्रबंधन योजना के अंतर्गत विकसित की गई है। इस परियोजना के तहत लगभग 300 मीटर गहराई तक अन्वेषणात्मक वी-निक्षेपण (बोरिंग) का निर्माण कराया गया, जिससे क्षेत्र में भू-जल संरक्षण और जल प्रबंधन को मजबूती मिली। अमृत सरोवर का निर्माण अत्यंत सुव्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण ढंग से किया गया है। पूरे सरोवर के चारों ओर मजबूत पक्की सीढ़ियों का निर्माण कराया गया है, जिससे लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलती है। सरोवर के चारों ओर कराए गए वृक्षारोपण ने इसकी प्राकृतिक सुंदरता को और भी आकर्षक बना दिया है। नियमित साफ-सफाई और बेहतर रखरखाव के कारण यह स्थल आज ग्रामीणों के लिए सुबह-शाम टहलने, समय बिताने और प्रकृति का आनंद लेने का पसंदीदा स्थान बन चुका है। इस अमृत सरोवर की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कुछ माह पूर्व यहां एक भोजपुरी फिल्म की शूटिंग भी की गई थी, जिससे यह क्षेत्र और अधिक चर्चाओं में आया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह अमृत सरोवर केवल जल संरक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि गांव की नई पहचान बन चुका है। ग्रामीणों ने इसके बेहतर रखरखाव और सौंदर्यीकरण के लिए शासन-प्रशासन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे विकास कार्य अन्य ग्राम पंचायतों के लिए भी प्रेरणास्रोत हैं।4
- एक सप्ताह बाद झमाझम बारिश से किसानों के खिले चेहरे, धान की फसल को मिला नया जीवन एक सप्ताह बाद झमाझम बारिश से किसानों के खिले चेहरे, धान की फसल को मिला नया जीवन सहजनवा, गोरखपुर। सहजनवा ब्लॉक क्षेत्र में सोमवार को करीब एक सप्ताह बाद हुई झमाझम बारिश किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं रही। लगभग डेढ़ घंटे तक लगातार हुई तेज बारिश से खेतों में पर्याप्त पानी भर गया, जिससे धान की फसल को नया जीवन मिल गया। बारिश के बाद किसानों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। पिछले कई दिनों से बारिश न होने के कारण किसान सिंचाई को लेकर चिंतित थे। खेतों में नमी की कमी से धान की फसल प्रभावित होने लगी थी। सोमवार की तेज बारिश ने किसानों की चिंता दूर कर दी और खेतों में पर्याप्त जलभराव हो गया। सहजनवा ब्लॉक के महुआपार गांव के किसान बबलू शुक्ला, राजू शुक्ला, अरुणेश शुक्ला, आनंद और हरिराम ने बताया कि यह बारिश धान की खेती के लिए बेहद लाभदायक साबित हुई है। उनका कहना है कि खेतों में पानी की सख्त जरूरत थी, जो अब पूरी हो गई है। इससे फसल की बढ़वार बेहतर होगी और फिलहाल सिंचाई पर होने वाला अतिरिक्त खर्च भी बचेगा। किसानों ने उम्मीद जताई कि यदि मौसम इसी तरह अनुकूल बना रहा तो इस वर्ष धान की अच्छी पैदावार होगी। बारिश से पूरे क्षेत्र में किसानों के बीच उत्साह का माहौल है और वे बेहतर उत्पादन की उम्मीद लगाए हुए हैं।4
- सूर्यास्त न्यूज़ 24 हर खबर पर नजर आप अपना लोकप्रिय चैनल के माध्यम से हेपेटाइटिस बी के प्रति जागरूकता अभियान1
- मेंहदावल क्षेत्र मे धड़ल्ले से बिक रहा प्रतिबंधित चायनीज मांझा, जिम्मेदार बेपरवाह प्रदेश सरकार का चायनीज मांझे पर है सख्त निर्देश मेंहदावल,संत कबीर नगर। मेंहदावल कस्बे में इस समय प्रतिबंधित चायनीज माँझे की बिक्री खूब धड़ल्ले से चल रही हैं। जिसपर प्रशाशन पूर्ण रूप से मौन हैं पिछले दो दिन पूर्व मेंहदावल कस्बे के निवासी एक तेरह वर्षीय बालक आयुष शनिवार शाम लगभग 4 बजे ठाकुर द्वारा स्थित अपने घर से अंजहिया बाजार की तरफ जा रहा था इंडियन बैंक के पास चायनीज माँझे की चपेट में आ गया जिससे उक्त बच्चे को गंभीर चोट आयी, उक्त बच्चे को स्थानीय लोगो द्वारा तत्काल प्राइवेट चिकित्सक के वहा ले जाकर उपचार कराया गया। थाना प्रभारी राकेश सिंह ने कहा कि चायनीज मांझा पूर्ण रूप से प्रतिबंधित हैं चायनीज मंझा बेचने वालो पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1