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रोहतास जिले के चेनारी प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत डेहरिया के ग्राम लेगर केकई के वार्ड नंबर 5 में नल-जल योजना पिछले लगभग दो महीने से बाधित है। इस समस्या के कारण स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वार्ड सदस्य नीरज पासवान ने बताया कि उन्होंने इस मुद्दे को लेकर पीएचडी विभाग के जेई साहब से कई बार संपर्क करने का प्रयास किया है। पासवान के अनुसार, जेई साहब ने मौके का दौरा भी किया था और स्थिति का जायजा लेकर चले गए, लेकिन इसके बाद से अभी तक उनकी तरफ से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया या कार्रवाई नहीं हुई है। वार्ड सदस्य ने यह भी शिकायत की है कि अब जेई साहब उनके फोन कॉल का जवाब भी नहीं देते हैं। यह जानकारी राष्ट्र नमन अनुमंडल प्रभारी गुड्डू शर्मा की रिपोर्ट से सामने आई है।
राष्ट्र नमन प्रेस
रोहतास जिले के चेनारी प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत डेहरिया के ग्राम लेगर केकई के वार्ड नंबर 5 में नल-जल योजना पिछले लगभग दो महीने से बाधित है। इस समस्या के कारण स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वार्ड सदस्य नीरज पासवान ने बताया कि उन्होंने इस मुद्दे को लेकर पीएचडी विभाग के जेई साहब से कई बार संपर्क करने का प्रयास किया है। पासवान के अनुसार, जेई साहब ने मौके का दौरा भी किया था और स्थिति का जायजा लेकर चले गए, लेकिन इसके बाद से अभी तक उनकी तरफ से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया या कार्रवाई नहीं हुई है। वार्ड सदस्य ने यह भी शिकायत की है कि अब जेई साहब उनके फोन कॉल का जवाब भी नहीं देते हैं। यह जानकारी राष्ट्र नमन अनुमंडल प्रभारी गुड्डू शर्मा की रिपोर्ट से सामने आई है।
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- बिहार सरकार के माननीय प्रभारी मंत्री संजय सिंह टाइगर ने शुक्रवार को कैमूर जिले में संभावित बाढ़, सुखाड़ और भीषण गर्मी (लू) से निपटने के लिए जिला प्रशासन की तैयारियों की समीक्षा की। यह बैठक समाहरणालय स्थित मां मुंडेश्वरी सभागार में आयोजित की गई, जहाँ आगामी मानसून के दौरान संभावित प्राकृतिक आपदाओं से निपटने हेतु विभिन्न विभागों की कार्ययोजना और तैयारियों पर विस्तृत चर्चा हुई। प्रभारी मंत्री ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ मुस्तैदी से कार्य करने और आम लोगों को हरसंभव राहत उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। जिला प्रशासन के अनुसार, वर्ष 2021 से 2025 तक के आंकड़ों के आधार पर कैमूर जिला बाढ़ प्रभावित जिलों की श्रेणी में नहीं आता है। हालांकि, बरसाती नदियों में जलस्तर बढ़ने और मुसाखाड़ व करमचट डैम से पानी छोड़े जाने पर दुर्गावती, रामगढ़ और नुआंव प्रखंड के कुछ क्षेत्रों में आंशिक जल-जमाव की स्थिति बनती है। आपात स्थिति से निपटने के लिए दुर्गावती में 2, रामगढ़ में 9 और नुआंव में 1 सहित कुल 12 निजी नावों के साथ एकरारनामा किया गया है। राहत सामग्री की दरें 19 मई 2026 को निर्धारित कर ली गई हैं। जिले में 325 पॉलीथीन शीट उपलब्ध हैं और अतिरिक्त 500 की मांग राज्य मुख्यालय से की गई है। इसके अतिरिक्त, 9 बाढ़ राहत शिविर और सामुदायिक रसोई केंद्र चिन्हित किए गए हैं, जहाँ पेयजल, शौचालय और बिजली की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (DEOC) को 24 घंटे सक्रिय रखा गया है और नागरिक सहायता के लिए 06189-222080 या व्हाट्सएप नंबर 8544413501 पर संपर्क कर सकते हैं। जिले में 19 प्रशिक्षित गोताखोर और 29 लाइफ जैकेट भी तैयार रखे गए हैं। लू और पेयजल संकट से निपटने के लिए लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) ने जिले के सभी 11 प्रखंडों में चापाकल मरम्मत के लिए 12 विशेष टीमों को तैनात किया है। अब तक 2191 लक्षित चापाकलों में से 1483 की मरम्मत पूरी कर ली गई है। पेयजल संबंधी शिकायतों के लिए नियंत्रण कक्ष का हेल्पलाइन नंबर 06189-223445 जारी किया गया है। अधौरा, चटनिया टोला, ओखड़गड़ा, कुदरा सहित जल संकट वाले क्षेत्रों में सात टैंकरों के माध्यम से नियमित पेयजल आपूर्ति की जा रही है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों और सदर अस्पताल भभुआ में ओआरएस, आईवी फ्लूइड्स तथा अन्य जीवन रक्षक दवाओं का पर्याप्त भंडारण किया गया है, और सभी एम्बुलेंस सेवाओं को भी अलर्ट मोड में रखा गया है। संभावित सुखाड़ की स्थिति से निपटने के लिए मनरेगा के तहत तालाब, आहर और पइन निर्माण तथा जीर्णोद्धार कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है। मजदूरों को गर्मी से बचाने के लिए कार्य अवधि सुबह 6 बजे से 11 बजे और शाम 3:30 बजे से 6:30 बजे तक निर्धारित की गई है। कृषि विभाग ने मानसून में देरी की स्थिति में उड़द, मूंग, तिल, मक्का, ज्वार, बाजरा और तोरिया जैसी अल्प अवधि वाली वैकल्पिक फसलों के वितरण की तैयारी पूरी कर ली है। वहीं, जल संसाधन विभाग द्वारा कर्मनाशा मुख्य नहर सहित विभिन्न नहरों और लघु नहरों की सफाई तथा जीर्णोद्धार का कार्य तेज गति से कराया जा रहा है ताकि सिंचाई का पानी अंतिम छोर तक पहुंच सके। बैठक के अंत में जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसानों, आम नागरिकों और पशुधन की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी विभाग पूरी तरह तैयार हैं।1
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- रोहतास जिले के संझौली प्रखंड अंतर्गत चांदी इंग्लिश गांव के ग्रामीण नाली और गली की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं, जिससे उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गांव की कई गलियों में जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण गंदा पानी जमा रहता है, जिससे स्थानीय लोगों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के दिनों में यह स्थिति और भी भयावह हो जाती है। जलजमाव के चलते सड़कों पर चारों ओर कीचड़ फैल जाता है, जिसके कारण पैदल चलना भी बेहद मुश्किल हो जाता है। गंदगी और रुके हुए पानी से मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की आशंका बनी रहती है, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ जाता है। इस गंभीर समस्या के समाधान हेतु ग्रामीणों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग से गांव में नाली और गली का निर्माण कराने की पुरजोर मांग की है। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि यदि इस समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले बरसात के मौसम में उनकी मुश्किलें और भी बढ़ सकती हैं। उन्हें उम्मीद है कि प्रशासन उनकी इस परेशानी पर तुरंत संज्ञान लेगा और गांववासियों को राहत पहुँचाने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।1
- अभिषेक कुमार ई-मीडिया ने एक महत्वपूर्ण सवाल उठाया है कि चीन में टेक्नोलॉजी का स्तर इतना उन्नत क्यों है।1
- चंदौली के चकिया स्थित बरांव गांव के समीप, किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने तपती गर्मी और सिंचाई संकट के बीच धनरियां माइनर की बदहाल स्थिति को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने आरोप लगाया कि माइनर की वर्षों से समुचित सफाई नहीं कराई गई है, जिससे क्षेत्र के दर्जनों गांवों की सिंचाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। किसान विकास मंच के संगठन मंत्री राम अवध सिंह और सुरेश मौर्य ने मौके पर पहुंचकर माइनर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान किसानों ने बताया कि मेन राइट कैनाल से निकली धनरियां माइनर की हालत बेहद खराब है। जहां बरांव गांव के दक्षिण दिशा में कभी-कभार सफाई हो जाती है, वहीं गांव के पुल के उत्तर दिशा में दशकों से सफाई नहीं की गई है। किसानों ने जानकारी दी कि माइनर बांस, बबूल, कनेर, बकाइन जैसे पेड़ों और खरपतवारों से पूरी तरह पट गई है, जिससे पानी का प्रवाह रुक गया है। परिणामस्वरूप, आवश्यकता पड़ने पर किसानों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता, जबकि बरसात या अधिक जल प्रवाह के समय पानी माइनर की पटरी तोड़कर खेतों में फैल जाता है। इस जलभराव से रबी सीजन की मसूर, चना, मटर, सरसों और गेहूं जैसी फसलें बर्बाद हो जाती हैं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। संगठन मंत्री राम अवध सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार बड़े-बड़े सड़क और एक्सप्रेसवे परियोजनाओं पर तो भारी धनराशि खर्च कर रही है, लेकिन किसानों की सिंचाई व्यवस्था पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2017 के बाद नहर सफाई का रोस्टर नवंबर-दिसंबर में कर दिया गया है, जो किसानों की जरूरतों के अनुकूल नहीं है। उन्होंने मांग की कि नहरों की सफाई पूर्व की भांति अप्रैल-मई में ही कराई जानी चाहिए, ताकि धान की रोपाई से पहले सिंचाई व्यवस्था सुचारू हो सके। किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया है कि यदि धान की रोपाई शुरू होने से पहले धनरियां माइनर की सफाई और अतिक्रमण हटाने का कार्य नहीं किया गया, तो किसान अनिश्चितकालीन धरना, अनशन और भूख हड़ताल करने को मजबूर होंगे। संगठन मंत्री ने बताया कि इस गंभीर मामले से सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता हरेंद्र कुमार, सहायक अभियंता राकेश तिवारी और संबंधित अवर अभियंता को अवगत करा दिया गया है। इस प्रदर्शन में सुरेश मौर्य, श्रीप्रकाश सिंह, कैलाश नाथ, मनोज कुमार गुप्ता, सत्यम कुमार, दिलीप शर्मा, बसंतू, अर्जुन विश्वकर्मा, शुभम मदेशिया, गुड्डू खरवार, रमेश गुप्ता, शंभू चौहान सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता दूखंतू मौर्य ने की, जबकि संचालन राम अवध सिंह ने किया।3
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पावन देवढ़ी धाम बाबा सिद्धेश्वर नाथ जी के मंदिर परिसर में हरि ॐ सत्संग समिति और देवढ़ी धाम विकास सहयोग समिति द्वारा पौधारोपण किया गया। इस दौरान पीपल, श्रीफल, आम, कदम्ब और चांदनी के पौधे लगाए गए। इस महत्वपूर्ण आयोजन में गांव के व्योवृद्ध श्री रामजी पाण्डेय और सुदर्शन महतो सहित युवा बल मोहन पाण्डेय, अजय पाण्डेय, बिजयी पाण्डेय, बिजयशंकर पाण्डेय, बनारसी पाण्डेय, बिद्या शर्मा, पतरू शर्मा, द्वारिका पांडेय, अभिनेश पाण्डेय, दीनानाथ पाण्डेय और पूजारी रामावातार मिश्रा समेत कई ग्रामीण उपस्थित रहे। उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए मंदिर सेवक धनेन्द्र पाण्डेय ने पर्यावरण दिवस पर पौधारोपण की महत्ता को शास्त्रीय बताया। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि देवढ़ी धाम में पुरुषोत्तम मास के प्रारंभ से ही प्रतिदिन एक वृक्षारोपण का महत्वपूर्ण कार्य निरंतर हो रहा है। धनेन्द्र पाण्डेय ने जोर देकर कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन काल में कम से कम एक पौधा लगाकर और उसका संरक्षण करके अमरत्व प्राप्त करना चाहिए। इसी सभा के दौरान, सरकार और राजनीतिक जन प्रतिनिधियों के रवैये पर गहरी नाराजगी व्यक्त की गई। ग्रामीणों ने बताया कि शिव मंदिर के सामने स्थित तालाब को अमृत सरोवर योजना के तहत खुदाई, घाट निर्माण और सौंदर्यीकरण के लिए सुखाया गया था, लेकिन आज तक उसकी स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है। इसके अतिरिक्त, सार्वजनिक शौचालय, विवाह मंडप और छठी घाट के निर्माण के लिए भी कई बार जगह की जांच और नापजोख की गई है, परंतु मामला जांच के बाद शांत पड़ जाता है और कोई कार्य आगे नहीं बढ़ता। ग्रामीणों ने एक स्वर में अपनी आग्रह सांसद, विधायक, एमएलसी सहित सभी पंचायत प्रतिनिधियों तक पहुंचाते हुए मांग की कि यह अति प्राचीन और ऐतिहासिक शिव मंदिर न केवल एक दर्शनीय स्थल है, बल्कि यहां नव निर्माण कार्य करके इसे पर्यटन स्थल के रूप में देवढ़ी धाम का दर्जा दिलाना चाहिए। इस पहल से सार्वजनिक लाभ प्राप्त होगा और लोगों का जीवन धन्य हो जाएगा।1
- बीते 6 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर Cockroach Janta Party (CJP) द्वारा एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन आयोजित किया गया, जिसमें देशभर से हजारों छात्र, युवा और प्रतियोगी परीक्षा के अभ्यर्थी शामिल हुए। इस महत्वपूर्ण आंदोलन का नेतृत्व CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने किया, और प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी इस प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया। यह प्रदर्शन देशभर में परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ी, पेपर लीक की घटनाओं, भर्ती प्रक्रिया में देरी और युवाओं के भविष्य को लेकर उठ रहे गंभीर सवालों के बीच चर्चा का एक बड़ा विषय बन गया है। इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य देश की शिक्षा और भर्ती व्यवस्था में व्यापक बदलाव लाना है, जिस पर सवाल उठाया जा रहा है कि क्या यह आंदोलन वास्तव में इस बदलाव को लाने में सफल हो पाएगा। इस महत्वपूर्ण आयोजन से जुड़ी विस्तृत जानकारी के लिए वीडियो देखने का आग्रह किया गया है, साथ ही दर्शकों से अपनी राय कमेंट बॉक्स में साझा करने, वीडियो को पसंद करने, चैनल को सब्सक्राइब करने और इसे अधिक से अधिक शेयर करने की अपील भी की गई है।1
- eMedia के अभिषेक कुमार ने भारत और चीन के बीच संभावित मुकाबले पर एक महत्वपूर्ण सवाल उठाया है। उन्होंने पूछा है कि क्या भारत अगले 20 सालों में चीन का सफलतापूर्वक मुकाबला कर पाएगा।1
- चन्दौली के चकिया क्षेत्र में किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने धनरियां माइनर की बदहाल स्थिति के विरोध में बरांव गांव के पास जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने आरोप लगाया कि वर्षों से माइनर की समुचित सफाई नहीं हुई है, जिसके कारण भीषण गर्मी और सिंचाई संकट के बीच क्षेत्र के दर्जनों गांवों की सिंचाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। किसान विकास मंच के संगठन मंत्री राम अवध सिंह और सुरेश मौर्य ने मौके पर पहुंचकर माइनर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान किसानों ने बताया कि मेन राइट कैनाल से निकली धनरियां माइनर की हालत अत्यंत खराब है। बरांव गांव के दक्षिण दिशा में तो कभी-कभार सफाई करा दी जाती है, लेकिन गांव के पुल के उत्तर दिशा में दशकों से कोई सफाई कार्य नहीं हुआ है। जागरूक किसान मनोज कुमार गुप्ता और दिलीप शर्मा ने बताया कि माइनर में बांस, बबूल, कनेर, बकाइन सहित अन्य पेड़-पौधे और खरपतवार उग आए हैं, जिससे जल प्रवाह पूरी तरह बाधित है। इसके परिणामस्वरूप, आवश्यकता पड़ने पर किसानों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता, जबकि बरसात या अधिक जल प्रवाह के समय पानी माइनर की पटरी तोड़कर खेतों में फैल जाता है। किसानों का कहना है कि जलभराव से रबी सीजन की मसूर, चना, मटर, सरसों और गेहूं जैसी फसलें प्रभावित होती हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। संगठन मंत्री राम अवध सिंह ने सरकार पर किसानों की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार बड़े-बड़े सड़क और एक्सप्रेसवे परियोजनाओं पर भारी धनराशि खर्च कर रही है, लेकिन किसानों की सिंचाई व्यवस्था की ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2017 के बाद नहर सफाई का रोस्टर नवंबर-दिसंबर में कर दिया गया है, जो किसानों की आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं है। किसानों की मांग है कि नहरों की सफाई पूर्व की भांति अप्रैल-मई में ही कराई जाए, ताकि धान की रोपाई से पहले सिंचाई व्यवस्था सुचारु हो सके। किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया है कि यदि धान की रोपाई शुरू होने से पहले धनरियां माइनर की सफाई और अतिक्रमण हटाने का कार्य नहीं किया गया, तो किसान अनिश्चितकालीन धरना, अनशन और भूख हड़ताल करने को मजबूर होंगे। संगठन मंत्री ने बताया कि मामले की गंभीरता से सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता हरेंद्र कुमार, सहायक अभियंता राकेश तिवारी और संबंधित अवर अभियंता को अवगत करा दिया गया है। इस प्रदर्शन में सुरेश मौर्य, श्रीप्रकाश सिंह, कैलाश नाथ, मनोज कुमार गुप्ता, सत्यम कुमार, दिलीप शर्मा, बसंतू, अर्जुन विश्वकर्मा, शुभम मदेशिया, गुड्डू खरवार, रमेश गुप्ता, शंभू चौहान सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता दूखंतू मौर्य ने की, जबकि संचालन राम अवध सिंह ने किया।4