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रायगढ़ वन विभाग ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत एक अनोखी पहल की शुरुआत की है। इस पहल के माध्यम से लोग टोल फ्री नंबर पर कॉल करके मुफ्त पौधे प्राप्त कर सकते हैं। टोल फ्री नंबर पर कॉल करते ही वन विभाग द्वारा पौधे सीधे लोगों के घर तक पहुँचाए जाएँगे।
Raigarh Chhattisgarh
रायगढ़ वन विभाग ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत एक अनोखी पहल की शुरुआत की है। इस पहल के माध्यम से लोग टोल फ्री नंबर पर कॉल करके मुफ्त पौधे प्राप्त कर सकते हैं। टोल फ्री नंबर पर कॉल करते ही वन विभाग द्वारा पौधे सीधे लोगों के घर तक पहुँचाए जाएँगे।
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- संत रामपाल जी महाराज के 'किसान मजदूर बचाओ अभियान' के तीसरे चरण के तहत सोनीपत के गांव बनवासा में किसानों के घर-घर तक निशुल्क खाद और कीटनाशक दवाइयां पहुंचाई गईं। छोटे और जरूरतमंद किसानों को सीधी आर्थिक राहत प्रदान करने के उद्देश्य से यह सेवा अभियान चलाया गया। इस अभियान के अंतर्गत गांव बनवासा के 27 जरूरतमंद किसानों को 168 बैग यूरिया, 47 बैग डीएपी और कीटनाशक दवाइयां पूरी तरह मुफ्त प्रदान की गईं। इसके अलावा, किसानों पर किसी तरह का आर्थिक बोझ न पड़े, इसलिए सामग्री के परिवहन का पूरा खर्च भी संत रामपाल जी महाराज द्वारा ही वहन किया गया।1
- छत्तीसगढ़ के सक्ती जिला अस्पताल में पदस्थ प्रभारी सिविल सर्जन श्री संतोष कुमार पटेल को एसीबी बिलासपुर की टीम ने अपने ही अधीनस्थ कर्मचारी से 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। जिला अस्पताल सक्ती में फार्मासिस्ट ग्रेड 2 के पद पर कार्यरत गंगा प्रसाद रत्नाकर ने एसीबी यूनिट बिलासपुर में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी मूल पदस्थापना सी एम एच ओ कार्यालय पोरथा में है और वे फरवरी 2026 से जिला अस्पताल सक्ती में अटैचमेंट पर कार्यरत हैं। आरोप के अनुसार, प्रभारी सिविल सर्जन श्री संतोष कुमार पटेल द्वारा मई से जून 2026 तक का पे डेटा सी एम एच ओ कार्यालय नहीं भेजा जा रहा था। डेटा भेजने के बदले उन्होंने फरवरी से जून तक प्रति माह 20,000 रुपये के हिसाब से 1 लाख रुपये रिश्वत की मांग की थी। शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी बिलासपुर की टीम ने ट्रैप की योजना बनाई। आरोपी सिविल सर्जन ने प्रार्थी को रिश्वत की राशि लेकर अपने अस्थायी निवास डभरा बुलाया था। प्रार्थी द्वारा डभरा कॉलेज मोड़ के पास बुलाए जाने पर आरोपी श्री संतोष कुमार पटेल रात करीब 9 बजे पहुंचे। जैसे ही वे प्रार्थी के स्कार्पियो वाहन में बैठकर 1 लाख रुपये की रिश्वती रकम ले रहे थे, आसपास मौजूद एसीबी टीम ने उन्हें पकड़ लिया। टीम ने रिश्वत की 1 लाख रुपये की रकम बरामद कर ली है और आरोपी के खिलाफ धारा 7 पीसी एक्ट 1988 के तहत कार्रवाई की जा रही है।1
- कोरबा जिले के नोनविर्रा पंचायत में रोजगार सहायक की कार्यशैली को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। पंचायत में पदस्थ रोजगार सहायक जिस तरह से अपने दायित्वों और कामकाज का संचालन कर रहे हैं, उस कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं।1
- छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में पाली विकासखंड के तहत हरदीबाजार से नेवसा के बीच बहने वाली लीलागर नदी पर नया पुल तो बनकर तैयार हो गया है, लेकिन दोनों ओर एप्रोच रोड का निर्माण अधूरा रहने से स्थानीय लोगों की उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि "हाथी निकल गया, लेकिन पूंछ अटक गई" वाली कहावत इस पुल पर पूरी तरह चरितार्थ हो रही है। यह मार्ग हरदीबाजार-नेवसा से उतरदा, सिरली, कसियाडीह, झांझ, बोईदा, नीरतू, कुली होते हुए सीपत और बिलासपुर तक हजारों लोगों के रोजाना आवागमन का मुख्य जरिया है। पुराना पुल काफी नीचा होने के कारण हर साल बारिश के दौरान नदी का पानी सड़क से 3 से 4 फीट ऊपर बहने लगता था, जिससे दोनों ओर का आवागमन पूरी तरह ठप हो जाता था। सुरक्षित आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए लोक निर्माण विभाग (सेतु) द्वारा वर्ष 2024 में लगभग ₹1.75 करोड़ की लागत से नए पुल का निर्माण कार्य शुरू कराया गया था। उम्मीद थी कि यह कार्य वर्ष 2025 की बारिश से पहले पूरा हो जाएगा, लेकिन पुल बनने के बाद संबंधित विभाग और ठेकेदार की लापरवाही से एप्रोच रोड पर केवल गिट्टी बिछाकर काम रोक दिया गया है। कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल के गृह क्षेत्र की ओर जाने वाले इस प्रमुख मार्ग से यात्री बसों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों की आवाजाही होती है। निर्माण कार्य अधूरा रहने से स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। लोगों को आशंका है कि यदि आने वाले दिनों में तेज बारिश हुई, तो नए पुल के ऊपर भी पानी आने का खतरा बना रहेगा और लोगों को एक बार फिर आवागमन की गंभीर समस्या से जूझना पड़ेगा।4
- रायगढ़ में महाप्रभु अपने भाई और बहन के साथ वापस श्री मंदिर लौट आए हैं। मौसी घर से उनकी विदाई से ठीक पहले भंडारे का आयोजन भी किया गया।1
- छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के चंद्रपुर स्थित चन्द्रहासिनी विद्यापीठ परिसर में वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने माँ चन्द्रहासिनी आरोग्य धाम का विधिवत भूमिपूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह बहुउद्देशीय चिकित्सालय क्षेत्रवासियों को आधुनिक, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो आने वाले समय में जनसेवा का सशक्त केंद्र बनेगा। वित्त मंत्री ने गोपाल जी महाप्रभु एवं माँ चन्द्रहासिनी देवी मंदिर सार्वजनिक न्यास के शिक्षा और सेवा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट द्वारा संचालित सीबीएसई विद्यालय के बाद अब आरोग्य धाम की स्थापना समाजसेवा के इस अभियान को नई ऊँचाई देगी। चंद्रपुर माँ चन्द्रहासिनी शक्तिपीठ के कारण छत्तीसगढ़ और पड़ोसी राज्यों के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। प्रशासनिक सेवा के दौरान से अपने वर्षों पुराने आत्मीय संबंध का जिक्र करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पताल, विद्यालय और ट्रस्ट से जुड़े विकास कार्यों में किसी भी प्रशासनिक बाधा पर राज्य सरकार हरसंभव सहयोग सुनिश्चित करेगी।1
- छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के सलीहा थाना अंतर्गत ग्राम झरनीडीह में दामाद द्वारा अपने ही साले की कुल्हाड़ी से वार कर हत्या करने का मामला सामने आया है। आरोपी सोहन धनुहार (20 वर्ष) ने अपने दोस्त राकेश धनुहार (22 वर्ष, निवासी ग्राम मलूहा) के साथ मिलकर अपने साले तुलसीराम धनुहार (30 वर्ष) पर सोते समय टांगिया (कुल्हाड़ी) से ताबड़तोड़ वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया। वारदात की मुख्य वजह पुरानी रंजिश और तानेबाजी बताई जा रही है। आरोपी सोहन कुछ साल पहले मृतक की नाबालिग छोटी बहन को भगाकर ले गया था। कुछ महीने बाहर रहने के बाद दोनों वापस लौट आए थे और सोहन अपने ससुराल में ही रहने लगा था। शराब के नशे में धुत सोहन आए दिन ससुराल वालों से झगड़ा करता था, वहीं मृतक तुलसीराम उसे 'मेरी बहन को भगाकर ले गए हो' कहकर ताना मारता था और उसके साथ मारपीट भी करता था। मृतक ने आरोपी के दोस्त राकेश के साथ भी मारपीट की थी, जिससे तंग आकर आरोपियों ने उसकी हत्या का प्लान बनाया। घटना वाले दिन 22 तारीख को भी दोनों के बीच कहासुनी हुई थी, जिसके बाद सोहन ने जान से मारने की धमकी दी थी। रात करीब 1 बजे सोहन अपने दोस्त के साथ कुल्हाड़ी लेकर ससुराल पहुंचा और पहले अपनी पत्नी के कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया। इसके बाद दोस्त को दरवाजे पर निगरानी के लिए छोड़ खुद कमरे में घुसा और सो रहे तुलसीराम की गर्दन पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। वारदात के बाद आरोपी कुल्हाड़ी को नाले में फेंककर भाग निकले। देर रात जब परिजन उठे और दरवाजा बाहर से बंद पाया, तो पड़ोसी की मदद से बाहर निकले। कमरे में जाकर देखने पर मां ने बेटे तुलसीराम को खून से लथपथ हालत में पाया। ग्रामीणों की सूचना पर सलीहा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने आरोपी सोहन धनुहार और उसके दोस्त राकेश धनुहार को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की निशानदेही पर नाले में फेंकी गई कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली गई है। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर दिया है।1