प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार और जिलाधिकारी द्वारा भू-माफियाओं से सरकारी जमीन कब्जामुक्त कराने की मुहिम के बावजूद, हरदोई के बेनीगंज नगर में स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों पर इन आदेशों की अनदेखी करने का आरोप लगा है। बताया गया है कि अधिकारियों ने कब्जामुक्त कराई गई सरकारी जमीन को ही लोगों के हवाले कर दिया, जिससे उस पर दोबारा कब्जा किया जा सके। यह मामला बेनीगंज नगर के गांधी इंटर कॉलेज के पास प्रस्तावित नाले के निर्माण कार्य से जुड़ा है। आरोप है कि जेई की घोर लापरवाही के चलते नाले का निर्माण सड़क के किनारे से न करके, सड़क से चार से पांच फीट जमीन छोड़कर किया जाने लगा। इससे सड़क काफी संकरी हो गई, और इस खाली छोड़ी गई सरकारी जमीन पर स्थानीय लोगों ने मिट्टी डालकर कब्जा करना शुरू कर दिया। गांधी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य रविंद्र सिंह ने इस नाला निर्माण कार्य पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इससे कॉलेज गेट के सामने की सड़क संकरी हो जाएगी, जिससे छात्रों और भविष्य में मतदान बूथ बनने पर काफी परेशानी होगी। इस मामले में क्षेत्रीय विधायक रामपाल वर्मा ने गलत तरीके से हो रहे नाला निर्माण कार्य पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उसे तत्काल बंद करा दिया। विधायक ने स्पष्ट किया कि किसी भी हालत में सरकारी भूमि को कब्जाने के लिए नहीं छोड़ा जाएगा, और शासन द्वारा निर्धारित अनुमान के अनुसार जांच के बाद ही नाला निर्माण कार्य को सही तरीके से दोबारा शुरू कराया जाएगा। वहीं, नगर अध्यक्ष प्रतिनिधि रुपेश अंजाना ने बताया कि नाले का निर्माण पुरानी नाली के ऊपर ही किया जा रहा है, और यदि किसी को कोई समस्या है तो उसका उचित समाधान किया जाएगा। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम को देखते हुए यह सवाल उठ रहा है कि जब प्रदेश और जिले के मुखिया सरकारी जमीनों को कब्जामुक्त कराने की बात कह रहे हैं, तो बेनीगंज में सड़क किनारे जमीन छोड़कर नाला निर्माण क्यों कराया जा रहा है, जिसमें स्थानीय अधिकारियों और नगर पंचायत प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि नाला निर्माण में एक 'खेल' हो रहा है, जिसमें प्रधानाचार्य के विरोध के सभी प्रयास 'फेल' होते दिख रहे हैं।
प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार और जिलाधिकारी द्वारा भू-माफियाओं से सरकारी जमीन कब्जामुक्त कराने की मुहिम के बावजूद, हरदोई के बेनीगंज नगर में स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों पर इन आदेशों की अनदेखी करने का आरोप लगा है। बताया गया है कि अधिकारियों ने कब्जामुक्त कराई गई सरकारी जमीन को ही लोगों के हवाले कर दिया, जिससे उस पर दोबारा कब्जा किया जा सके। यह मामला बेनीगंज नगर के गांधी इंटर कॉलेज के पास प्रस्तावित नाले के निर्माण कार्य से जुड़ा है। आरोप है कि जेई की घोर लापरवाही के चलते नाले का निर्माण सड़क के किनारे से न करके, सड़क से चार से पांच फीट जमीन छोड़कर किया जाने लगा। इससे सड़क काफी संकरी हो गई, और इस खाली छोड़ी गई सरकारी जमीन पर स्थानीय लोगों ने मिट्टी डालकर कब्जा करना शुरू कर दिया। गांधी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य रविंद्र सिंह ने इस नाला निर्माण कार्य पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इससे कॉलेज गेट के सामने की सड़क संकरी हो जाएगी, जिससे छात्रों और भविष्य में मतदान बूथ बनने पर काफी परेशानी होगी। इस मामले में क्षेत्रीय विधायक रामपाल वर्मा
ने गलत तरीके से हो रहे नाला निर्माण कार्य पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उसे तत्काल बंद करा दिया। विधायक ने स्पष्ट किया कि किसी भी हालत में सरकारी भूमि को कब्जाने के लिए नहीं छोड़ा जाएगा, और शासन द्वारा निर्धारित अनुमान के अनुसार जांच के बाद ही नाला निर्माण कार्य को सही तरीके से दोबारा शुरू कराया जाएगा। वहीं, नगर अध्यक्ष प्रतिनिधि रुपेश अंजाना ने बताया कि नाले का निर्माण पुरानी नाली के ऊपर ही किया जा रहा है, और यदि किसी को कोई समस्या है तो उसका उचित समाधान किया जाएगा। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम को देखते हुए यह सवाल उठ रहा है कि जब प्रदेश और जिले के मुखिया सरकारी जमीनों को कब्जामुक्त कराने की बात कह रहे हैं, तो बेनीगंज में सड़क किनारे जमीन छोड़कर नाला निर्माण क्यों कराया जा रहा है, जिसमें स्थानीय अधिकारियों और नगर पंचायत प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि नाला निर्माण में एक 'खेल' हो रहा है, जिसमें प्रधानाचार्य के विरोध के सभी प्रयास 'फेल' होते दिख रहे हैं।
- मूल पाठ में लुधियाना मंडी का उल्लेख किया गया है।1
- सीतापुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) खैराबाद में एक डॉक्टर पर किसान के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करने का गंभीर आरोप लगा है। बताया गया है कि डॉक्टर ने किसान से बातचीत के दौरान ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया जो एक जिम्मेदार चिकित्सक की पद और गरिमा के अनुरूप नहीं हैं। इस घटना से स्थानीय किसानों में गहरा रोष व्याप्त है। किसानों का स्पष्ट कहना है कि सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों और आम नागरिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार बेहद आवश्यक है, और यदि डॉक्टर ही अभद्र भाषा का प्रयोग करेंगे तो इससे स्वास्थ्य विभाग की छवि धूमिल होगी तथा आम जनता का भरोसा कम होगा। मामले की शिकायत संबंधित अधिकारियों से की जा चुकी है। किसानों ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि सीतापुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) द्वारा इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषी डॉक्टर के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो सीएचसी खैराबाद परिसर में एक विशाल किसान पंचायत आयोजित की जाएगी। किसानों ने सम्मान और न्याय की मांग को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने का संकल्प लिया है। फिलहाल, स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।1
- उत्तर प्रदेश के भरावन में अघोषित बिजली कटौती के विरोध में किसानों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। भारतीय किसान मजदूर यूनियन सर्व समाज के बैनर तले जखवा पावर हाउस पर चल रहा उनका धरना दूसरे दिन भी जारी रहा, जिसे फिल्म 'लगान' जैसी किसानों की एकजुट लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है। यह धरना 20 जून की रात 8 बजे से लगातार जारी है, और इसे किसानों की मूलभूत समस्याओं के बड़े जनआंदोलन में बदलने की 'पिपली लाइव' जैसी स्थिति से भी जोड़ा जा रहा है। संगठन के जिला अध्यक्ष सुनील तिवारी, कार्यवाहक जिला अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह और भरावन ब्लॉक अध्यक्ष शिवलाल मौर्य के नेतृत्व में किसान अघोषित बिजली कटौती की समस्या के समाधान की मांग पर डटे हुए हैं। इस आंदोलन को अन्य किसान संगठनों का भी समर्थन मिल रहा है, जिनमें भारतीय किसान यूनियन आदर्शवादी के प्रदेश अध्यक्ष गुलाब तिवारी और भारतीय किसान यूनियन धरतीपुत्र के पदाधिकारी वसीम अहमद ने धरना स्थल पर पहुंचकर अपना समर्थन व्यक्त किया है। रविवार को धरने में यह निर्णय लिया गया कि यदि विद्युत विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान नहीं करते और ठोस आश्वासन नहीं देते, तो 22 जून को दोपहर 2 बजे भटपुर घाट, ब्लॉक भरावन में जल सत्याग्रह किया जाएगा। पदाधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जल सत्याग्रह के दौरान किसी भी अप्रिय घटना की पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग एवं जिला प्रशासन की होगी। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक किसानों और आम जनता को निर्बाध विद्युत आपूर्ति नहीं मिलती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। धरने में सतीश तिवारी, रामनरेश तिवारी, पवन सिंह, विपिन तिवारी, कैलाश, शगुन, हर्ष तिवारी, मायाराम, चंद्रभाल, अटल शुक्ला, मलिक शुक्ला, लल्लन एवं जगदीश सहित कई अन्य किसान मौजूद रहे।1
- उत्तर प्रदेश के सीतापुर में जिला प्रशासन ने सोमवार तड़के सरकारी नजूल भूमि पर बने समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। सुबह करीब 4 बजे, पांच थानों की पुलिस फोर्स, पीएसी जवानों और चार बुलडोजरों के साथ प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और लगभग दो घंटे चली इस कार्रवाई में 21 वर्ष पुराने सपा कार्यालय को पूरी तरह से जमींदोज कर दिया गया, साथ ही मलबा भी हटवा दिया गया। सुरक्षा व्यवस्था के लिए 25 पुलिसकर्मी और 50 पीएसी जवान तैनात रहे। प्रशासन के अनुसार, यह कार्यालय वर्ष 2005 में लगभग 2500 वर्गफीट सरकारी नजूल भूमि पर बनाया गया था। नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी सीमा सिंह ने बताया कि 15 जनवरी 2005 को तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष राधेश्याम जायसवाल ने टाउन हॉल परिसर स्थित नजूल भूमि सपा जिला कार्यालय के लिए आवंटित की थी, जिसके लिए मात्र 100 रुपये मासिक किराया निर्धारित किया गया था। इस भूमि पर एक हॉल और दो कमरों का निर्माण कराया गया था। हालांकि, आवंटन प्रक्रिया में अनियमितताएं पाए जाने के बाद नगर पालिका परिषद ने 14 अप्रैल 2005 को ही इस आवंटन को निरस्त कर दिया था। इसके बावजूद, वर्षों तक वहां सपा का जिला कार्यालय संचालित होता रहा। प्रशासन ने बताया कि 8 जून 2025 को जिलाधिकारी न्यायालय ने सपा जिलाध्यक्ष छत्रपाल यादव को नोटिस जारी कर भूमि खाली करने का निर्देश दिया था। नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद यह अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। बताया जा रहा है कि बुलडोजर कार्रवाई से एक दिन पहले ही सपा जिलाध्यक्ष ने कार्यालय खाली करा लिया था। कार्रवाई के दौरान सदर एसडीएम डॉ. जर्नादन कुमार सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद थे। सुबह-सुबह हुई इस कार्रवाई के बाद जिले में राजनीतिक चर्चाओं का माहौल गर्म हो गया है।1
- गुंदलामा ब्लॉक के केशव मऊ बरतल गांव में सड़कों और नालियों की खराब स्थिति से ग्रामीणों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। गांव के पूरब दिशा की सड़क अच्छी नहीं बनी है, जिससे किसानों को खेत तक पहुँचने में बहुत ज़्यादा परेशानी हो रही है। इसके अलावा, गांव की नालियां भी अत्यधिक गंदी हैं, जिसके कारण बीमारियां फैल रही हैं। ग्रामीणों ने जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) से इस मामले का व्यक्तिगत निरीक्षण करने और स्थिति को अपनी आँखों से देखकर जल्द से जल्द ठीक कराने की अपील की है।1
- जिम्मेदार अधिकारियों को संबोधित करते हुए यह शिकायत की गई है कि नालियों में भारी गंदगी और कीड़े स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। यह स्थिति 'स्वच्छ भारत मिशन' के दावों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रही है। 'स्वस्थ भारत, सशक्त भारत' के नारे लगाए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इसके विपरीत है, जहाँ साफ-सफाई के दावों के बीच गंदगी खुलकर नजर आ रही है।1
- उत्तर प्रदेश सरकार में दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री एवं उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम लिमिटेड के उपाध्यक्ष, माननीय विश्वनाथ जी ने 21 जून 2026 को लखनऊ के मलिहाबाद स्थित गोशा लालपुर का दौरा किया, जहाँ पहुँचने पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस दौरे का मुख्य आकर्षण मलिहाबाद के विश्व प्रसिद्ध आमों की एक भव्य दावत रही, जिसका मंत्री जी ने बागों के बीच बैठकर भरपूर आनंद लिया। आमों का स्वाद लेने के बाद मंत्री विश्वनाथ जी काफी प्रफुल्लित दिखे। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि, "मलिहाबाद के आमों की मिठास पूरी दुनिया में मशहूर है, लेकिन इस बाग की पावन मिट्टी में बैठकर इन आमों को खाने का अनुभव ही अलग है। यहाँ के आमों की मिठास में हमारे मेहनती किसानों का पसीना और मलिहाबाद की असली संस्कृति रची-बसी है।" इस आयोजन में भारतीय संविधान सम्मान समिति की राष्ट्रीय अध्यक्ष बौद्धमती विमला देवी भी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थीं, जिन्होंने मलिहाबाद के आमों की गुणवत्ता की सराहना की और क्षेत्र की प्रगति के लिए निरंतर प्रयासों पर जोर दिया। गोशा लालपुर में आयोजित इस शानदार आम पार्टी की मेजबानी विधायक प्रतिनिधि मेवालाल द्वारा की गई। कार्यक्रम को सुव्यवस्थित रूप देने और अतिथियों की सेवा में सतीश कुमार सिंह ने विशेष सक्रियता दिखाई। उनकी देखरेख में संपन्न हुए इस मिलन समारोह ने न केवल उपस्थित अतिथियों को मंत्रमुग्ध किया, बल्कि क्षेत्रवासियों के बीच आपसी प्रेम और भाईचारे की मिठास को भी और गहरा कर दिया। इस अवसर पर सौरभ कांत यादव (कोटेदार) समेत क्षेत्र के अनेक सम्मानित प्रबुद्ध जन और बड़ी संख्या में ग्रामवासी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए मलिहाबाद पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह भाटी और चौकी इंचार्ज प्रमोद कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल ने कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा का कड़ा पहरा रखा, जिससे पूरा आयोजन शांतिपूर्ण और गरिमामयी ढंग से संपन्न हुआ। मलिहाबाद के गोशा लालपुर में हुआ यह आयोजन क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक एकता के प्रति एक शानदार मिसाल बनकर सामने आया है।1
- लखनऊ जिले के माल थाना क्षेत्र अंतर्गत पतौना चौराहे पर रविवार को एक घर के पास लगे बिजली ट्रांसफार्मर में अचानक आग लग गई। आग की तेज लपटों ने पास खड़ी एक मोटरसाइकिल को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे वह पूरी तरह जलकर नष्ट हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगते ही इलाके में अफरातफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने बाल्टी तथा पानी की मदद से आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर दमकल विभाग और बिजली विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। बिजली विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आग लगने का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन शॉर्ट सर्किट या ओवरलोड की वजह से यह हादसा होने की आशंका जताई जा रही है। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह बिजली सप्लाई गोपारामऊ पावर हाउस द्वारा की जाती है, और उनकी टीम ने भी मौके पर जाकर जांच पड़ताल की है। फिलहाल ट्रांसफार्मर की बिजली सप्लाई बंद कर दी गई थी, जिससे क्षेत्र में कुछ समय के लिए बिजली बाधित रही। हालांकि, जांच के बाद सप्लाई पूरी तरह से सामान्य बताई जा रही है और मौके पर शांति व्यवस्था बनी हुई है।1