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सवाई माधोपुर जिले की प्रभारी सचिव शिवांगी स्वर्णकार ने सेवा शिविरों की प्रगति की समीक्षा की है। इस दौरान उन्होंने प्री-कैंप गतिविधियों, फॉलोअप कैंप के माध्यम से जनहित के कार्यों का त्वरित निस्तारण करने और उन्हें प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। सचिव ने सफलता की कहानियों के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया।

2 hrs ago
user_Anil Kumar journalist
Anil Kumar journalist
Rajasthan TV news buro chief Gangapur, Sawai Madhopur•
2 hrs ago

सवाई माधोपुर जिले की प्रभारी सचिव शिवांगी स्वर्णकार ने सेवा शिविरों की प्रगति की समीक्षा की है। इस दौरान उन्होंने प्री-कैंप गतिविधियों, फॉलोअप कैंप के माध्यम से जनहित के कार्यों का त्वरित निस्तारण करने और उन्हें प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। सचिव ने सफलता की कहानियों के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया।

More news from Sawai Madhopur and nearby areas
  • सवाई माधोपुर जिला प्रभारी सचिव ने सूरवाल में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जाए और प्राप्त प्रकरणों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
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    सवाई माधोपुर जिला प्रभारी सचिव ने सूरवाल में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जाए और प्राप्त प्रकरणों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
    user_Anil Kumar journalist
    Anil Kumar journalist
    Rajasthan TV news buro chief Gangapur, Sawai Madhopur•
    2 hrs ago
  • किरवाड़ा के युवाओं ने नरेश मीणा के खिलाफ़ विरोध जताते हुए एक बोर्ड पर कालिख पोत दी है। युवाओं ने इस कार्य को किसान हित में एक जनसंदेश के रूप में अंजाम दिया।
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    किरवाड़ा के युवाओं ने नरेश मीणा के खिलाफ़ विरोध जताते हुए एक बोर्ड पर कालिख पोत दी है। युवाओं ने इस कार्य को किसान हित में एक जनसंदेश के रूप में अंजाम दिया।
    user_Gangapur ki Aabaj
    Gangapur ki Aabaj
    गंगापुर, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • पाँचना बाँध से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने और माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करवाने की मांग को लेकर गाँव खंडीप में चल रहा किसानों का विशाल धरना मंगलवार को 12वें दिन भी पूरे जोश के साथ जारी रहा। इस आंदोलन में युवा, बच्चे, महिलाएँ, पुरुष और बुजुर्ग बड़ी संख्या में उपस्थित होकर अपनी ताकत दिखा रहे हैं। धरनार्थियों ने सरकार और प्रशासन के प्रति अपना विरोध जताते हुए काली पट्टी बांधी और चेतावनी दी कि उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए अविलंब नहरों में पानी छोड़ा जाए। किसानों का आरोप है कि भीषण गर्मी में हजारों किसान अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन उनकी कोई सुध नहीं ले रहा। आज महस्वा गाँव के किसानों और ग्रामीणों ने धरना स्थल पर पहुँचकर आंदोलन को समर्थन दिया, वहीं कल कैमला गाँव के किसान भी खंडीप धरना स्थल पर पहुँचेंगे। आज खंडीप के राजीव गांधी सेवा केंद्र में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों तथा पाँचना कमांड एरिया विकास संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों के बीच एक महत्वपूर्ण वार्ता हुई। इस बैठक में गंगापुर सिटी विधायक श्री रामकेश मीणा, संघर्ष समिति के अध्यक्ष बटुआ पटेल, 88 गाँवों के पंच-पटेल और कमांड क्षेत्र के किसानों ने भाग लिया। प्रशासनिक पक्ष से जिला कलेक्टर श्री कानाराम, पुलिस अधीक्षक सुश्री ज्येष्ठा मैत्रेयी, अतिरिक्त जिला कलेक्टर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री राकेश राजौरा और एसडीएम वजीरपुर श्रीमती सुधारानी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। किसानों ने एक स्वर में माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करवाकर पाँचना बाँध से नहरों में पानी छोड़ने की मांग की। संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया कि अब वे केवल सरकार स्तर के प्रतिनिधियों से ही वार्ता करेंगे, क्योंकि निचले स्तर पर पहले भी कई वार्ताएँ हो चुकी हैं, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला। समिति ने सरकार को 27 जून तक का समय देते हुए कड़ी चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय तक नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया, तो 28 जून से यह जन आंदोलन और अधिक व्यापक एवं उग्र रूप धारण करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी। किसानों ने बताया कि पिछले लगभग 20 वर्षों से कमांड क्षेत्र के किसान नहरों में पानी आने का इंतजार कर रहे हैं। पानी के अभाव में हजारों बीघा भूमि बंजर हो चुकी है, और किसान, पशुपालक व आमजन पानी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं, जिससे पशु-पक्षियों और जीव-जंतुओं का जीवन भी प्रभावित हो रहा है। किसानों ने आरोप लगाया कि सरकार पानी जैसे गंभीर जनहित के मुद्दे पर राजनीति कर रही है और पाँचना बाँध पर बैठे लोगों को संरक्षण प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी और तपती दोपहरी में 35 से 40 हजार महिला-पुरुष आंदोलन में भाग ले रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी पीड़ा को नजरअंदाज कर रही है। धरनार्थियों ने एक बार फिर मांग की है कि उच्च न्यायालय के आदेशों का तत्काल पालन कराकर पाँचना बाँध से नहरों में पानी छोड़ा जाए, ताकि किसानों, पशुपालकों और आमजन को राहत मिल सके।
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    पाँचना बाँध से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने और माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करवाने की मांग को लेकर गाँव खंडीप में चल रहा किसानों का विशाल धरना मंगलवार को 12वें दिन भी पूरे जोश के साथ जारी रहा। इस आंदोलन में युवा, बच्चे, महिलाएँ, पुरुष और बुजुर्ग बड़ी संख्या में उपस्थित होकर अपनी ताकत दिखा रहे हैं। धरनार्थियों ने सरकार और प्रशासन के प्रति अपना विरोध जताते हुए काली पट्टी बांधी और चेतावनी दी कि उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए अविलंब नहरों में पानी छोड़ा जाए। किसानों का आरोप है कि भीषण गर्मी में हजारों किसान अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन उनकी कोई सुध नहीं ले रहा। आज महस्वा गाँव के किसानों और ग्रामीणों ने धरना स्थल पर पहुँचकर आंदोलन को समर्थन दिया, वहीं कल कैमला गाँव के किसान भी खंडीप धरना स्थल पर पहुँचेंगे।

आज खंडीप के राजीव गांधी सेवा केंद्र में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों तथा पाँचना कमांड एरिया विकास संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों के बीच एक महत्वपूर्ण वार्ता हुई। इस बैठक में गंगापुर सिटी विधायक श्री रामकेश मीणा, संघर्ष समिति के अध्यक्ष बटुआ पटेल, 88 गाँवों के पंच-पटेल और कमांड क्षेत्र के किसानों ने भाग लिया। प्रशासनिक पक्ष से जिला कलेक्टर श्री कानाराम, पुलिस अधीक्षक सुश्री ज्येष्ठा मैत्रेयी, अतिरिक्त जिला कलेक्टर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री राकेश राजौरा और एसडीएम वजीरपुर श्रीमती सुधारानी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। किसानों ने एक स्वर में माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करवाकर पाँचना बाँध से नहरों में पानी छोड़ने की मांग की।

संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया कि अब वे केवल सरकार स्तर के प्रतिनिधियों से ही वार्ता करेंगे, क्योंकि निचले स्तर पर पहले भी कई वार्ताएँ हो चुकी हैं, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला। समिति ने सरकार को 27 जून तक का समय देते हुए कड़ी चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय तक नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया, तो 28 जून से यह जन आंदोलन और अधिक व्यापक एवं उग्र रूप धारण करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी। किसानों ने बताया कि पिछले लगभग 20 वर्षों से कमांड क्षेत्र के किसान नहरों में पानी आने का इंतजार कर रहे हैं। पानी के अभाव में हजारों बीघा भूमि बंजर हो चुकी है, और किसान, पशुपालक व आमजन पानी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं, जिससे पशु-पक्षियों और जीव-जंतुओं का जीवन भी प्रभावित हो रहा है। किसानों ने आरोप लगाया कि सरकार पानी जैसे गंभीर जनहित के मुद्दे पर राजनीति कर रही है और पाँचना बाँध पर बैठे लोगों को संरक्षण प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी और तपती दोपहरी में 35 से 40 हजार महिला-पुरुष आंदोलन में भाग ले रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी पीड़ा को नजरअंदाज कर रही है। धरनार्थियों ने एक बार फिर मांग की है कि उच्च न्यायालय के आदेशों का तत्काल पालन कराकर पाँचना बाँध से नहरों में पानी छोड़ा जाए, ताकि किसानों, पशुपालकों और आमजन को राहत मिल सके।
    user_Bsmeena
    Bsmeena
    Local News Reporter गंगापुर, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    10 hrs ago
  • केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर बुधवार को हिंडौन शहर में रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की 83 बटालियन और कोतवाली थाना पुलिस ने मिलकर फ्लैग मार्च निकाला। इस मार्च का नेतृत्व कमांडेंट कुलदीप कुमार जैन और सहायक कमांडेंट अनिल कुमार मीणा ने किया। कमांडेंट कुलदीप कुमार जैन और सहायक कमांडेंट अनिल कुमार मीणा ने बताया कि 83 बटालियन कार्य बल द्वारा सभी क्षेत्रों का एक संक्षिप्त चित्र भी बनाया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह एक नियमित अभ्यास है, जो निश्चित अंतराल पर किया जाता है। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदाओं और सामाजिक परिवर्तनों का अध्ययन कर डेटा एकत्र किया जाता है। फ्लैग मार्च चौपड़ सर्किल से शुरू हुआ। इस अभ्यास का उद्देश्य भविष्य में सांप्रदायिक तनाव, दंगा या प्राकृतिक आपदा जैसी स्थितियों से निपटने की तैयारियों का हिस्सा था। अभ्यास के दौरान क्षेत्र की जनसंख्या, सामुदायिक रूप से संवेदनशील स्थानों, विशिष्ट व्यक्तियों की सुरक्षा और बलवाइयों की सूची तैयार की जाएगी। इस फ्लैग मार्च में हिंडौन पुलिस उपाधीक्षक मुनेश मीना, प्रशिक्षु आरपीएस श्रेष्ठ दीक्षित और कोतवाली थाना प्रभारी महेंद्र सिंह भी जाब्ते के साथ शामिल हुए।
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    केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर बुधवार को हिंडौन शहर में रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की 83 बटालियन और कोतवाली थाना पुलिस ने मिलकर फ्लैग मार्च निकाला। इस मार्च का नेतृत्व कमांडेंट कुलदीप कुमार जैन और सहायक कमांडेंट अनिल कुमार मीणा ने किया।

कमांडेंट कुलदीप कुमार जैन और सहायक कमांडेंट अनिल कुमार मीणा ने बताया कि 83 बटालियन कार्य बल द्वारा सभी क्षेत्रों का एक संक्षिप्त चित्र भी बनाया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह एक नियमित अभ्यास है, जो निश्चित अंतराल पर किया जाता है। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदाओं और सामाजिक परिवर्तनों का अध्ययन कर डेटा एकत्र किया जाता है।

फ्लैग मार्च चौपड़ सर्किल से शुरू हुआ। इस अभ्यास का उद्देश्य भविष्य में सांप्रदायिक तनाव, दंगा या प्राकृतिक आपदा जैसी स्थितियों से निपटने की तैयारियों का हिस्सा था। अभ्यास के दौरान क्षेत्र की जनसंख्या, सामुदायिक रूप से संवेदनशील स्थानों, विशिष्ट व्यक्तियों की सुरक्षा और बलवाइयों की सूची तैयार की जाएगी। इस फ्लैग मार्च में हिंडौन पुलिस उपाधीक्षक मुनेश मीना, प्रशिक्षु आरपीएस श्रेष्ठ दीक्षित और कोतवाली थाना प्रभारी महेंद्र सिंह भी जाब्ते के साथ शामिल हुए।
    user_RK LIVE KARAULI
    RK LIVE KARAULI
    Court reporter करौली, करौली, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर जयपुर में तैनात रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की 83वीं बटालियन ने बुधवार को हिंडौन सिटी में फ्लैग मार्च निकाला और संवेदनशील क्षेत्रों का सर्वेक्षण किया। बटालियन के कमांडेंट कुलदीप कुमार जैन और सहायक कमांडेंट अनिल कुमार मीना ने मार्च का नेतृत्व किया। इस दौरान डीएसपी मुनेश कुमार मीना, प्रशिक्षु डीएसपी श्रेष्ठ दीक्षित और कोतवाली थाना प्रभारी महेंद्र सिंह भी पुलिस जाप्ते के साथ मार्च में शामिल हुए। मार्च के दौरान, RAF और स्थानीय पुलिस टीम ने क्षेत्र का भ्रमण कर संवेदनशील स्थानों, जनसंख्या संरचना, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों और विशिष्ट व्यक्तियों की सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित जानकारी जुटाई। साथ ही, संभावित उपद्रवियों की सूची तैयार की गई और क्षेत्र के सामाजिक स्वरूप का अध्ययन भी किया गया। सहायक कमांडेंट मीना ने बताया कि इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य भविष्य में किसी भी सांप्रदायिक तनाव, दंगे या प्राकृतिक आपदा जैसी विषम परिस्थितियों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है। इसके लिए राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय प्रभावशाली व्यक्तियों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। आरएएफ बटालियन कार्य बल ने कई क्षेत्रों के संक्षिप्त मानचित्र और डेटा भी तैयार किए, जिससे किसी अप्रिय स्थिति में बल को घटनास्थल तक शीघ्र पहुँचने और प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में सहायता मिल सके। अधिकारियों के अनुसार, यह अभ्यास नियमित अंतराल पर किया जाता है।
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    केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर जयपुर में तैनात रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की 83वीं बटालियन ने बुधवार को हिंडौन सिटी में फ्लैग मार्च निकाला और संवेदनशील क्षेत्रों का सर्वेक्षण किया। बटालियन के कमांडेंट कुलदीप कुमार जैन और सहायक कमांडेंट अनिल कुमार मीना ने मार्च का नेतृत्व किया। इस दौरान डीएसपी मुनेश कुमार मीना, प्रशिक्षु डीएसपी श्रेष्ठ दीक्षित और कोतवाली थाना प्रभारी महेंद्र सिंह भी पुलिस जाप्ते के साथ मार्च में शामिल हुए।

मार्च के दौरान, RAF और स्थानीय पुलिस टीम ने क्षेत्र का भ्रमण कर संवेदनशील स्थानों, जनसंख्या संरचना, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों और विशिष्ट व्यक्तियों की सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित जानकारी जुटाई। साथ ही, संभावित उपद्रवियों की सूची तैयार की गई और क्षेत्र के सामाजिक स्वरूप का अध्ययन भी किया गया। सहायक कमांडेंट मीना ने बताया कि इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य भविष्य में किसी भी सांप्रदायिक तनाव, दंगे या प्राकृतिक आपदा जैसी विषम परिस्थितियों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है। इसके लिए राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय प्रभावशाली व्यक्तियों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।

आरएएफ बटालियन कार्य बल ने कई क्षेत्रों के संक्षिप्त मानचित्र और डेटा भी तैयार किए, जिससे किसी अप्रिय स्थिति में बल को घटनास्थल तक शीघ्र पहुँचने और प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में सहायता मिल सके। अधिकारियों के अनुसार, यह अभ्यास नियमित अंतराल पर किया जाता है।
    user_Krishan murari rajora
    Krishan murari rajora
    हिंडौन, करौली, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • लालसोट के खंदक गणगौरी बाजार में दुकानदार प्रतिदिन अपनी दुकानों के सामने जमा होने वाले कचरे के ढेर से बेहद परेशान हैं। व्यापारियों का आरोप है कि सफाई कर्मचारी निर्धारित स्थलों की बजाय जानबूझकर दुकानों के सामने ही कचरा जमा कर देते हैं। इस गंदगी के कारण पूरे बाजार में भीषण दुर्गंध फैलती है, जिससे न केवल उनका व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है बल्कि ग्राहकों पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है। व्यापारियों ने बताया कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार शिकायतें की हैं, लेकिन इसके बावजूद आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है। उन्होंने नगर परिषद से यह सुनिश्चित करने की मांग की है कि कचरा समय पर उठाया जाए और उसे केवल निर्धारित स्थानों पर ही एकत्र किया जाए। व्यापारी अब इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि उनकी शिकायतों पर नगर परिषद क्या कार्रवाई करती है और इस गंभीर समस्या से उन्हें कब निजात मिलती है। लोगों में यह सवाल उठ रहा है कि लालसोट की यह संस्था 'नगर परिषद' है या 'नरक परिषद'।
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    लालसोट के खंदक गणगौरी बाजार में दुकानदार प्रतिदिन अपनी दुकानों के सामने जमा होने वाले कचरे के ढेर से बेहद परेशान हैं। व्यापारियों का आरोप है कि सफाई कर्मचारी निर्धारित स्थलों की बजाय जानबूझकर दुकानों के सामने ही कचरा जमा कर देते हैं।

इस गंदगी के कारण पूरे बाजार में भीषण दुर्गंध फैलती है, जिससे न केवल उनका व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है बल्कि ग्राहकों पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है। व्यापारियों ने बताया कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार शिकायतें की हैं, लेकिन इसके बावजूद आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है।

उन्होंने नगर परिषद से यह सुनिश्चित करने की मांग की है कि कचरा समय पर उठाया जाए और उसे केवल निर्धारित स्थानों पर ही एकत्र किया जाए। व्यापारी अब इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि उनकी शिकायतों पर नगर परिषद क्या कार्रवाई करती है और इस गंभीर समस्या से उन्हें कब निजात मिलती है। लोगों में यह सवाल उठ रहा है कि लालसोट की यह संस्था 'नगर परिषद' है या 'नरक परिषद'।
    user_Girdhari lal Sahu
    Girdhari lal Sahu
    लालसोट, दौसा, राजस्थान•
    11 hrs ago
  • राजस्थान सरकार के ग्रामीण सेवा शिविर-2026 के माध्यम से सवाई माधोपुर जिले की सूरवाल पंचायत समिति में एक लगभग 50 वर्षों से चला आ रहा भूमि विवाद सफलतापूर्वक सुलझाया गया है। बुधवार को आयोजित इस शिविर में जिला प्रभारी सचिव शिवांगी स्वर्णकार और कलक्टर काना राम की उपस्थिति में यह मामला सहमति से निपटाया गया, जिससे 20 परिवारों को बड़ी राहत मिली है। ग्राम सूरवाल के खाता संख्या-32 की लगभग 3.18 हेक्टेयर खातेदारी भूमि के 13 खसरों में सह-खातेदारों के बीच हिस्सेदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं थी। पीढ़ियों से चले आ रहे इस विवाद के कारण भूमि का विधिवत विभाजन नहीं हो पा रहा था, जिससे खातेदारों को राजस्व संबंधी कार्यों, कृषि योजनाओं और अन्य सरकारी लाभों को प्राप्त करने में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। शिविर से पहले, राजस्व विभाग की टीम ने लगातार समझाइश, संवाद और अभिलेखों के परीक्षण का काम किया। शिविर के दौरान पटवारी आबिद अली खान और गिरदावर हेतराज मीणा द्वारा तैयार किए गए सहमति विभाजन प्रस्ताव पर सभी सह-खातेदारों की रजामंदी ली गई। इसके बाद, उपखण्ड अधिकारी गौरव कुमार मित्तल और तहसीलदार बृजेश सिंह ने मौके पर ही विभाजन प्रस्ताव को मंजूरी दी और संबंधित खातेदारों को हिस्सेदारी अधिकारों का तकसीम पत्र सौंपा। इस ऐतिहासिक समाधान से जुबैर अहमद, दाऊद खां, अब्दुल रजाक, रफीक, अंसार अहमद, इमरान अहमद, जमील अहमद, नसरीन बानो, माउन बानो, रहीसन बानो, रियाना बानो, सलमा बानो और साबरा बानो सहित कुल 20 परिवारों को सीधा लाभ मिला है। वर्षों से चली आ रही अनिश्चितता खत्म होने से इन परिवारों में खुशी का माहौल है। लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा, राज्य सरकार और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ग्रामीण सेवा शिविर ने न केवल भूमि का बंटवारा कराया है, बल्कि परिवारों के बीच विश्वास, सौहार्द और विकास की नई राह भी खोली है। इस शिविर को “विवाद से विश्वास” और “समस्या से समाधान” की भावना को साकार करने वाला एक अनुकरणीय उदाहरण बताया गया है।
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    राजस्थान सरकार के ग्रामीण सेवा शिविर-2026 के माध्यम से सवाई माधोपुर जिले की सूरवाल पंचायत समिति में एक लगभग 50 वर्षों से चला आ रहा भूमि विवाद सफलतापूर्वक सुलझाया गया है। बुधवार को आयोजित इस शिविर में जिला प्रभारी सचिव शिवांगी स्वर्णकार और कलक्टर काना राम की उपस्थिति में यह मामला सहमति से निपटाया गया, जिससे 20 परिवारों को बड़ी राहत मिली है।

ग्राम सूरवाल के खाता संख्या-32 की लगभग 3.18 हेक्टेयर खातेदारी भूमि के 13 खसरों में सह-खातेदारों के बीच हिस्सेदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं थी। पीढ़ियों से चले आ रहे इस विवाद के कारण भूमि का विधिवत विभाजन नहीं हो पा रहा था, जिससे खातेदारों को राजस्व संबंधी कार्यों, कृषि योजनाओं और अन्य सरकारी लाभों को प्राप्त करने में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।

शिविर से पहले, राजस्व विभाग की टीम ने लगातार समझाइश, संवाद और अभिलेखों के परीक्षण का काम किया। शिविर के दौरान पटवारी आबिद अली खान और गिरदावर हेतराज मीणा द्वारा तैयार किए गए सहमति विभाजन प्रस्ताव पर सभी सह-खातेदारों की रजामंदी ली गई। इसके बाद, उपखण्ड अधिकारी गौरव कुमार मित्तल और तहसीलदार बृजेश सिंह ने मौके पर ही विभाजन प्रस्ताव को मंजूरी दी और संबंधित खातेदारों को हिस्सेदारी अधिकारों का तकसीम पत्र सौंपा।

इस ऐतिहासिक समाधान से जुबैर अहमद, दाऊद खां, अब्दुल रजाक, रफीक, अंसार अहमद, इमरान अहमद, जमील अहमद, नसरीन बानो, माउन बानो, रहीसन बानो, रियाना बानो, सलमा बानो और साबरा बानो सहित कुल 20 परिवारों को सीधा लाभ मिला है। वर्षों से चली आ रही अनिश्चितता खत्म होने से इन परिवारों में खुशी का माहौल है। लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा, राज्य सरकार और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ग्रामीण सेवा शिविर ने न केवल भूमि का बंटवारा कराया है, बल्कि परिवारों के बीच विश्वास, सौहार्द और विकास की नई राह भी खोली है। इस शिविर को “विवाद से विश्वास” और “समस्या से समाधान” की भावना को साकार करने वाला एक अनुकरणीय उदाहरण बताया गया है।
    user_Anil Kumar journalist
    Anil Kumar journalist
    Rajasthan TV news buro chief Gangapur, Sawai Madhopur•
    2 hrs ago
  • राजस्थान के लालसोट में बुधवार को एक पाँच साल पुराने वैवाहिक विवाद ने सनसनीखेज मोड़ ले लिया। ग्राम पंचायत खटवा में पंचायत समिति कार्यालय के पास स्थित एक ऊँची पानी की टंकी पर आरती मीणा नाम की एक महिला चढ़ गई, जिससे क्षेत्र में हाई वोल्टेज ड्रामा मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। आरती मीणा और उनके पति राजूलाल मीणा, जो पिछले पाँच साल से बाड़मेर जिले में तृतीय श्रेणी शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं, के बीच लंबे समय से आपसी विवाद चल रहा था, जिसके कारण उनकी गृहस्थी सुचारू रूप से नहीं चल पा रही थी। आरती मीणा का पीहर ग्राम कोड्याई में है, जबकि उनका विवाह खटवा में हुआ था। महिला ने आरोप लगाया कि उनका पति उन्हें ठीक से नहीं रखता और उनसे बातचीत भी नहीं करता। आरती का कहना था कि वह अपने पति के साथ खटवा में रहकर ही जीवन बिताना चाहती हैं और अपने वैवाहिक अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह पति के खिलाफ कार्रवाई का दबाव बनाने के लिए ही पानी की टंकी पर चढ़ी थीं। ससुराल पक्ष में पति, सास और आरती मीणा सहित केवल तीन सदस्य बताए गए हैं। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस जाप्ता और राजस्व विभाग के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुँचे। घंटों चली समझाइश के बाद महिला को सुरक्षित टंकी से नीचे उतार लिया गया और उसे लालसोट थाने ले जाया गया। थाने में उसके पीहर पक्ष, पति और अधिकारियों की मौजूदगी में समझाइश और बातचीत का दौर चला। प्रशिक्षु आरपीएस कैलाश मीणा ने बताया कि महिला आपसी विवाद के कारण टंकी पर चढ़ी थी और समझाइश के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतारा गया है। उन्होंने यह भी बताया कि दोनों पक्षों से पूछताछ कर मामले की जाँच की जा रही है। वहीं, एएसपी विनोद सीपा ने जानकारी दी कि महिला द्वारा अभी तक थाने में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है और पुलिस फिलहाल दोनों पक्षों से बातचीत कर विवाद का समाधान निकालने का प्रयास कर रही है। प्रशासन की तत्परता, पुलिस की सूझबूझ और समय रहते की गई समझाइश से एक बड़ा हादसा टल गया।
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    राजस्थान के लालसोट में बुधवार को एक पाँच साल पुराने वैवाहिक विवाद ने सनसनीखेज मोड़ ले लिया। ग्राम पंचायत खटवा में पंचायत समिति कार्यालय के पास स्थित एक ऊँची पानी की टंकी पर आरती मीणा नाम की एक महिला चढ़ गई, जिससे क्षेत्र में हाई वोल्टेज ड्रामा मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। आरती मीणा और उनके पति राजूलाल मीणा, जो पिछले पाँच साल से बाड़मेर जिले में तृतीय श्रेणी शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं, के बीच लंबे समय से आपसी विवाद चल रहा था, जिसके कारण उनकी गृहस्थी सुचारू रूप से नहीं चल पा रही थी।

आरती मीणा का पीहर ग्राम कोड्याई में है, जबकि उनका विवाह खटवा में हुआ था। महिला ने आरोप लगाया कि उनका पति उन्हें ठीक से नहीं रखता और उनसे बातचीत भी नहीं करता। आरती का कहना था कि वह अपने पति के साथ खटवा में रहकर ही जीवन बिताना चाहती हैं और अपने वैवाहिक अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह पति के खिलाफ कार्रवाई का दबाव बनाने के लिए ही पानी की टंकी पर चढ़ी थीं। ससुराल पक्ष में पति, सास और आरती मीणा सहित केवल तीन सदस्य बताए गए हैं।

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस जाप्ता और राजस्व विभाग के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुँचे। घंटों चली समझाइश के बाद महिला को सुरक्षित टंकी से नीचे उतार लिया गया और उसे लालसोट थाने ले जाया गया। थाने में उसके पीहर पक्ष, पति और अधिकारियों की मौजूदगी में समझाइश और बातचीत का दौर चला। प्रशिक्षु आरपीएस कैलाश मीणा ने बताया कि महिला आपसी विवाद के कारण टंकी पर चढ़ी थी और समझाइश के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतारा गया है। उन्होंने यह भी बताया कि दोनों पक्षों से पूछताछ कर मामले की जाँच की जा रही है। वहीं, एएसपी विनोद सीपा ने जानकारी दी कि महिला द्वारा अभी तक थाने में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है और पुलिस फिलहाल दोनों पक्षों से बातचीत कर विवाद का समाधान निकालने का प्रयास कर रही है। प्रशासन की तत्परता, पुलिस की सूझबूझ और समय रहते की गई समझाइश से एक बड़ा हादसा टल गया।
    user_Rakesh sharma
    Rakesh sharma
    Software Developer लालसोट, दौसा, राजस्थान•
    9 hrs ago
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