केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर जयपुर में तैनात रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की 83वीं बटालियन ने बुधवार को हिंडौन सिटी में फ्लैग मार्च निकाला और संवेदनशील क्षेत्रों का सर्वेक्षण किया। बटालियन के कमांडेंट कुलदीप कुमार जैन और सहायक कमांडेंट अनिल कुमार मीना ने मार्च का नेतृत्व किया। इस दौरान डीएसपी मुनेश कुमार मीना, प्रशिक्षु डीएसपी श्रेष्ठ दीक्षित और कोतवाली थाना प्रभारी महेंद्र सिंह भी पुलिस जाप्ते के साथ मार्च में शामिल हुए। मार्च के दौरान, RAF और स्थानीय पुलिस टीम ने क्षेत्र का भ्रमण कर संवेदनशील स्थानों, जनसंख्या संरचना, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों और विशिष्ट व्यक्तियों की सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित जानकारी जुटाई। साथ ही, संभावित उपद्रवियों की सूची तैयार की गई और क्षेत्र के सामाजिक स्वरूप का अध्ययन भी किया गया। सहायक कमांडेंट मीना ने बताया कि इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य भविष्य में किसी भी सांप्रदायिक तनाव, दंगे या प्राकृतिक आपदा जैसी विषम परिस्थितियों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है। इसके लिए राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय प्रभावशाली व्यक्तियों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। आरएएफ बटालियन कार्य बल ने कई क्षेत्रों के संक्षिप्त मानचित्र और डेटा भी तैयार किए, जिससे किसी अप्रिय स्थिति में बल को घटनास्थल तक शीघ्र पहुँचने और प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में सहायता मिल सके। अधिकारियों के अनुसार, यह अभ्यास नियमित अंतराल पर किया जाता है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर जयपुर में तैनात रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की 83वीं बटालियन ने बुधवार को हिंडौन सिटी में फ्लैग मार्च निकाला और संवेदनशील क्षेत्रों का सर्वेक्षण किया। बटालियन के कमांडेंट कुलदीप कुमार जैन और सहायक कमांडेंट अनिल कुमार मीना ने मार्च का नेतृत्व किया। इस दौरान डीएसपी मुनेश कुमार मीना,
प्रशिक्षु डीएसपी श्रेष्ठ दीक्षित और कोतवाली थाना प्रभारी महेंद्र सिंह भी पुलिस जाप्ते के साथ मार्च में शामिल हुए। मार्च के दौरान, RAF और स्थानीय पुलिस टीम ने क्षेत्र का भ्रमण कर संवेदनशील स्थानों, जनसंख्या संरचना, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों और विशिष्ट व्यक्तियों की सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित जानकारी जुटाई। साथ ही, संभावित उपद्रवियों की सूची तैयार
की गई और क्षेत्र के सामाजिक स्वरूप का अध्ययन भी किया गया। सहायक कमांडेंट मीना ने बताया कि इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य भविष्य में किसी भी सांप्रदायिक तनाव, दंगे या प्राकृतिक आपदा जैसी विषम परिस्थितियों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है। इसके लिए राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय प्रभावशाली व्यक्तियों
की जानकारी भी जुटाई जा रही है। आरएएफ बटालियन कार्य बल ने कई क्षेत्रों के संक्षिप्त मानचित्र और डेटा भी तैयार किए, जिससे किसी अप्रिय स्थिति में बल को घटनास्थल तक शीघ्र पहुँचने और प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में सहायता मिल सके। अधिकारियों के अनुसार, यह अभ्यास नियमित अंतराल पर किया जाता है।
- राजस्थान सरकार के ग्रामीण सेवा शिविर-2026 के माध्यम से सवाई माधोपुर जिले की सूरवाल पंचायत समिति में एक लगभग 50 वर्षों से चला आ रहा भूमि विवाद सफलतापूर्वक सुलझाया गया है। बुधवार को आयोजित इस शिविर में जिला प्रभारी सचिव शिवांगी स्वर्णकार और कलक्टर काना राम की उपस्थिति में यह मामला सहमति से निपटाया गया, जिससे 20 परिवारों को बड़ी राहत मिली है। ग्राम सूरवाल के खाता संख्या-32 की लगभग 3.18 हेक्टेयर खातेदारी भूमि के 13 खसरों में सह-खातेदारों के बीच हिस्सेदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं थी। पीढ़ियों से चले आ रहे इस विवाद के कारण भूमि का विधिवत विभाजन नहीं हो पा रहा था, जिससे खातेदारों को राजस्व संबंधी कार्यों, कृषि योजनाओं और अन्य सरकारी लाभों को प्राप्त करने में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। शिविर से पहले, राजस्व विभाग की टीम ने लगातार समझाइश, संवाद और अभिलेखों के परीक्षण का काम किया। शिविर के दौरान पटवारी आबिद अली खान और गिरदावर हेतराज मीणा द्वारा तैयार किए गए सहमति विभाजन प्रस्ताव पर सभी सह-खातेदारों की रजामंदी ली गई। इसके बाद, उपखण्ड अधिकारी गौरव कुमार मित्तल और तहसीलदार बृजेश सिंह ने मौके पर ही विभाजन प्रस्ताव को मंजूरी दी और संबंधित खातेदारों को हिस्सेदारी अधिकारों का तकसीम पत्र सौंपा। इस ऐतिहासिक समाधान से जुबैर अहमद, दाऊद खां, अब्दुल रजाक, रफीक, अंसार अहमद, इमरान अहमद, जमील अहमद, नसरीन बानो, माउन बानो, रहीसन बानो, रियाना बानो, सलमा बानो और साबरा बानो सहित कुल 20 परिवारों को सीधा लाभ मिला है। वर्षों से चली आ रही अनिश्चितता खत्म होने से इन परिवारों में खुशी का माहौल है। लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा, राज्य सरकार और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ग्रामीण सेवा शिविर ने न केवल भूमि का बंटवारा कराया है, बल्कि परिवारों के बीच विश्वास, सौहार्द और विकास की नई राह भी खोली है। इस शिविर को “विवाद से विश्वास” और “समस्या से समाधान” की भावना को साकार करने वाला एक अनुकरणीय उदाहरण बताया गया है।1
- धौलपुर जिले के सरमथुरा क्षेत्र में बुधवार शाम को अचानक हुई तेज बारिश से भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत मिली। शाम करीब 5:18 बजे मौसम ने करवट ली और तेज बारिश के साथ ठंडी हवाएं चलने लगीं, जिससे तापमान में गिरावट आई और लोगों ने सुकून महसूस किया। दिनभर की तेज धूप और उमस के बाद हुई इस बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया, जिसका आनंद बाजारों और सड़कों पर मौजूद लोगों के साथ-साथ बच्चों ने भी लिया। इस आकस्मिक बारिश से किसानों के चेहरों पर भी खुशी लौट आई है। किसानों का मानना है कि इस बारिश से खेतों में नमी बढ़ेगी, जिससे खरीफ फसलों की बुवाई की तैयारियों को गति मिलेगी। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों को इससे काफी उम्मीदें जगी हैं। मौसम में आए इस बदलाव से क्षेत्रवासियों को गर्मी से राहत मिली है, और आने वाले दिनों में भी मौसम के इसी तरह अनुकूल बने रहने की संभावना है।1
- किरवाड़ा के युवाओं ने नरेश मीणा के खिलाफ़ विरोध जताते हुए एक बोर्ड पर कालिख पोत दी है। युवाओं ने इस कार्य को किसान हित में एक जनसंदेश के रूप में अंजाम दिया।1
- पाँचना बाँध से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने और माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करवाने की मांग को लेकर गाँव खंडीप में चल रहा किसानों का विशाल धरना मंगलवार को 12वें दिन भी पूरे जोश के साथ जारी रहा। इस आंदोलन में युवा, बच्चे, महिलाएँ, पुरुष और बुजुर्ग बड़ी संख्या में उपस्थित होकर अपनी ताकत दिखा रहे हैं। धरनार्थियों ने सरकार और प्रशासन के प्रति अपना विरोध जताते हुए काली पट्टी बांधी और चेतावनी दी कि उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए अविलंब नहरों में पानी छोड़ा जाए। किसानों का आरोप है कि भीषण गर्मी में हजारों किसान अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन उनकी कोई सुध नहीं ले रहा। आज महस्वा गाँव के किसानों और ग्रामीणों ने धरना स्थल पर पहुँचकर आंदोलन को समर्थन दिया, वहीं कल कैमला गाँव के किसान भी खंडीप धरना स्थल पर पहुँचेंगे। आज खंडीप के राजीव गांधी सेवा केंद्र में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों तथा पाँचना कमांड एरिया विकास संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों के बीच एक महत्वपूर्ण वार्ता हुई। इस बैठक में गंगापुर सिटी विधायक श्री रामकेश मीणा, संघर्ष समिति के अध्यक्ष बटुआ पटेल, 88 गाँवों के पंच-पटेल और कमांड क्षेत्र के किसानों ने भाग लिया। प्रशासनिक पक्ष से जिला कलेक्टर श्री कानाराम, पुलिस अधीक्षक सुश्री ज्येष्ठा मैत्रेयी, अतिरिक्त जिला कलेक्टर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री राकेश राजौरा और एसडीएम वजीरपुर श्रीमती सुधारानी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। किसानों ने एक स्वर में माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करवाकर पाँचना बाँध से नहरों में पानी छोड़ने की मांग की। संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया कि अब वे केवल सरकार स्तर के प्रतिनिधियों से ही वार्ता करेंगे, क्योंकि निचले स्तर पर पहले भी कई वार्ताएँ हो चुकी हैं, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला। समिति ने सरकार को 27 जून तक का समय देते हुए कड़ी चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय तक नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया, तो 28 जून से यह जन आंदोलन और अधिक व्यापक एवं उग्र रूप धारण करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी। किसानों ने बताया कि पिछले लगभग 20 वर्षों से कमांड क्षेत्र के किसान नहरों में पानी आने का इंतजार कर रहे हैं। पानी के अभाव में हजारों बीघा भूमि बंजर हो चुकी है, और किसान, पशुपालक व आमजन पानी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं, जिससे पशु-पक्षियों और जीव-जंतुओं का जीवन भी प्रभावित हो रहा है। किसानों ने आरोप लगाया कि सरकार पानी जैसे गंभीर जनहित के मुद्दे पर राजनीति कर रही है और पाँचना बाँध पर बैठे लोगों को संरक्षण प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी और तपती दोपहरी में 35 से 40 हजार महिला-पुरुष आंदोलन में भाग ले रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी पीड़ा को नजरअंदाज कर रही है। धरनार्थियों ने एक बार फिर मांग की है कि उच्च न्यायालय के आदेशों का तत्काल पालन कराकर पाँचना बाँध से नहरों में पानी छोड़ा जाए, ताकि किसानों, पशुपालकों और आमजन को राहत मिल सके।1
- दौसा जिले के बांदीकुई क्षेत्र में हत्या के एक आरोपी के पिता पर जानलेवा हमला किया गया है। हमलावरों ने उन पर लाठी-डंडों और पत्थरों से वार किए, जिससे उनकी हालत गंभीर हो गई। उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज जारी है।1
- राजस्थान के महवा स्थित ग्राम ऊकरूंद में गुरुवार को धार्मिक आस्था, सनातन संस्कृति और सामाजिक एकता का अनूठा संगम देखने को मिला। हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में भव्य कलश यात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ, जिससे पूरा गांव भक्ति और श्रद्धा के रंग में रंग गया। सुबह से ही गांव में उत्सव का माहौल था और भगवान के जयकारों, भजन-कीर्तन व शंखध्वनि से वातावरण भक्तिमय हो उठा। आयोजक काडूराम मीना ने बताया कि कथा महोत्सव के शुभारंभ से पहले उनके निज निवास पर वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना, हवन और कलश पूजन किया गया। विद्वान आचार्यों के मंत्रोच्चार के बीच धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होने के बाद संत-महात्माओं और श्रद्धालुओं की उपस्थिति में कलश यात्रा विधिवत शुरू हुई। इस यात्रा में महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों सहित हजारों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। पारंपरिक परिधानों में सिर पर कलश धारण किए महिलाओं की लंबी कतारें और उनके द्वारा गाए जा रहे मंगल गीत विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। यात्रा में शामिल श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण और सनातन धर्म के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। यह भव्य कलश यात्रा गांव के प्रमुख मार्गों, चौक-चौराहों और धार्मिक स्थलों से होकर गुजरी। यात्रा के दौरान ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं का फूल-मालाओं, पुष्प वर्षा, फल और शीतल जलपान से भव्य स्वागत किया। जगह-जगह स्वागत द्वार बनाए गए थे और श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं, जिससे ग्रामीणों का उत्साह और सहयोग आयोजन को यादगार बना गया। इस आयोजन में सामाजिक समरसता और भाईचारे की मिसाल भी दिखी, जहां गांव के सभी वर्गों और समाजों के लोग एक साथ सहभागी बने। श्रद्धालुओं ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने और संस्कारों को मजबूत करने का कार्य करते हैं, तथा धर्म के माध्यम से प्रेम, सद्भाव और आपसी सहयोग की भावना को बढ़ावा मिलता है। आयोजक काडूराम मीना ने श्रीमद्भागवत कथा को मानव जीवन को सही दिशा देने वाली दिव्य ज्ञान गंगा बताया। उन्होंने कहा कि कथा के श्रवण से व्यक्ति के जीवन में आध्यात्मिक जागृति आती है और उसे धर्म, सत्य, सेवा व सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से कथा में नियमित रूप से उपस्थित होकर धर्म लाभ लेने का आग्रह किया। कलश यात्रा के कथा स्थल पहुंचने पर विधिवत पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ कथा महोत्सव का औपचारिक शुभारंभ किया गया। आगामी दिनों में कथा व्यास द्वारा श्रीमद्भागवत महापुराण के विभिन्न प्रसंगों का रसपान कराया जाएगा, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं, भक्तों के प्रति उनकी करुणा, धर्म स्थापना, भक्ति की महिमा और मानव जीवन के कल्याणकारी संदेशों का विस्तार से वर्णन किया जाएगा। ग्रामीणों का मानना है कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़ने का अवसर मिलता है। आधुनिकता के इस दौर में ये आयोजन समाज में नैतिकता, संस्कार और भारतीय संस्कृति को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों, युवाओं और महिलाओं सहित हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, बैठने और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। कथा महोत्सव को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। भक्ति, श्रद्धा, संस्कृति और सामाजिक एकता का यह अद्भुत संगम ऊकरूंद गांव के लिए एक ऐतिहासिक और यादगार अवसर बन गया है।4
- सवाई माधोपुर जिले की प्रभारी सचिव शिवांगी स्वर्णकार ने सेवा शिविरों की प्रगति की समीक्षा की है। इस दौरान उन्होंने प्री-कैंप गतिविधियों, फॉलोअप कैंप के माध्यम से जनहित के कार्यों का त्वरित निस्तारण करने और उन्हें प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। सचिव ने सफलता की कहानियों के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया।1
- राजस्थान के धौलपुर जिले की सरमथुरा तहसील के आँगई गाँव में पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिता का शुभारंभ किया गया है। यह प्रतियोगिता आँगई में आयोजित हो रही है।1
- मंगलवार दोपहर बाड़ी-बसेड़ी मार्ग पर हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक किशोरी समेत दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। यह हादसा दोपहर करीब 12 बजे नहर कोठी के पास ऋषिका पेट्रोल पंप के सामने हुआ, जहाँ एक तेज रफ्तार टेम्पो और बाइक की आमने-सामने की टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर बसेड़ी थाना पुलिस मौके पर पहुँची और 112 चालक विवेक शर्मा की सहायता से घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बसेड़ी पहुँचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने बरौली का पुरा बाड़ी निवासी रामबरन की 10 वर्षीय पुत्री शिवन्या को मृत घोषित कर दिया। वहीं, उपचार के दौरान सलेमपुर, बसेड़ी निवासी फतेह सिंह की 70 वर्षीय पत्नी भगवती देवी उर्फ बत्तो ने भी दम तोड़ दिया। हादसे में घायल एक अन्य महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है। पुलिस ने परिजनों की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। दोनों मृतकों का पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। मामले की जाँच अभी जारी है।1