अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चेतना भाटी राज्य स्तरीय सम्मान से सम्मानित जैसलमेर। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर हनुमानगढ़ में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में राजस्थान पुलिस की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती चेतना भाटी को महिलाओं और बालिकाओं के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग, राजस्थान सरकार की ओर से उन्हें राज्य स्तरीय “पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान पुरस्कार” के तहत ₹21,000 की नगद राशि, प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। वर्तमान में श्रीमती चेतना भाटी सीआईडी–एसएसबी जोन उदयपुर में अपनी सेवाएं दे रही हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान महिला सुरक्षा, बालिका संरक्षण और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उनके प्रयासों से समाज में जागरूकता बढ़ाने की दिशा में कई प्रभावी पहल की गई हैं। उल्लेखनीय है कि चेतना भाटी को पूर्व में भी उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए दो बार पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) डिस्क से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा उन्हें मुख्यमंत्री द्वारा योग्यता प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया है। उन्होंने “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान को बढ़ावा देने के लिए जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर लेखन कार्य किया है। महिला सशक्तिकरण, साइबर अपराधों से बचाव तथा सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर उन्होंने समय-समय पर स्लोगन, लेख, भाषण और कविताओं के माध्यम से जनजागरण का महत्वपूर्ण कार्य किया है। उनके इन प्रयासों के परिणामस्वरूप उन्हें कई सरकारी और गैर-सरकारी संस्थाओं द्वारा भी सम्मानित किया जा चुका है। विशेष बात यह है कि पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान पुरस्कार प्राप्त करने वाली वह राजस्थान पुलिस की पहली महिला अधिकारी हैं। जैसलमेर की मूल निवासी श्रीमती चेतना भाटी स्वर्गीय दीनदयाल देवड़ा की पुत्री हैं। बचपन से ही वे खेलकूद, एनसीसी और शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी रही हैं। कम उम्र में ही उन्होंने अपने परिश्रम, लगन और समर्पण के बल पर यह मुकाम हासिल किया है। हंसमुख स्वभाव, मिलनसार व्यक्तित्व और कर्तव्यनिष्ठा के लिए पहचानी जाने वाली चेतना भाटी ने जहां-जहां अपनी सेवाएं दी हैं, वहां अपनी अलग पहचान बनाई है। उनके इस सम्मान से न केवल राजस्थान पुलिस बल्कि जैसलमेर जिले का भी गौरव बढ़ा है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चेतना भाटी राज्य स्तरीय सम्मान से सम्मानित जैसलमेर। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर हनुमानगढ़ में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में राजस्थान पुलिस की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती चेतना भाटी को महिलाओं और बालिकाओं के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग, राजस्थान सरकार की ओर से उन्हें राज्य स्तरीय “पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान पुरस्कार” के तहत ₹21,000 की नगद राशि, प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। वर्तमान में श्रीमती चेतना भाटी सीआईडी–एसएसबी जोन उदयपुर में अपनी सेवाएं दे रही हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान महिला सुरक्षा, बालिका संरक्षण और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उनके प्रयासों से समाज में जागरूकता बढ़ाने की दिशा में कई प्रभावी पहल की गई हैं। उल्लेखनीय है कि चेतना भाटी को पूर्व में भी उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए दो बार पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) डिस्क से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा उन्हें मुख्यमंत्री द्वारा योग्यता प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया है। उन्होंने “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान को बढ़ावा देने के लिए जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर लेखन कार्य किया है। महिला सशक्तिकरण, साइबर अपराधों से बचाव तथा सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर उन्होंने समय-समय पर स्लोगन, लेख, भाषण और कविताओं के माध्यम से जनजागरण का महत्वपूर्ण कार्य किया है। उनके इन प्रयासों के परिणामस्वरूप उन्हें कई सरकारी और गैर-सरकारी संस्थाओं द्वारा भी सम्मानित किया जा चुका है। विशेष बात यह है कि पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान पुरस्कार प्राप्त करने वाली वह राजस्थान पुलिस की पहली महिला अधिकारी हैं। जैसलमेर की मूल निवासी श्रीमती चेतना भाटी स्वर्गीय दीनदयाल देवड़ा की पुत्री हैं। बचपन से ही वे खेलकूद, एनसीसी और शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी रही हैं। कम उम्र में ही उन्होंने अपने परिश्रम, लगन और समर्पण के बल पर यह मुकाम हासिल किया है। हंसमुख स्वभाव, मिलनसार व्यक्तित्व और कर्तव्यनिष्ठा के लिए पहचानी जाने वाली चेतना भाटी ने जहां-जहां अपनी सेवाएं दी हैं, वहां अपनी अलग पहचान बनाई है। उनके इस सम्मान से न केवल राजस्थान पुलिस बल्कि जैसलमेर जिले का भी गौरव बढ़ा है।
- जैसलमेर,,jaisalmer #QRT (क्विक रिस्पांस टीम) — एक उच्च प्रशिक्षित, हथियारबंद पुलिस दस्ता — तुरंत मौके पर पहुंची! 📍 प्रधान डाकघर और पासपोर्ट ऑफिस को बम से उड़ाने की मिली धमकी 😱 🔹 पुलिस और बम निरोधक दस्ता जांच में जुटे हैं। 🔹 इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।1
- सुरों की दुनिया में शोक की लहर, सूफी गायक उस्ताद सावन खान का आकस्मिक निधन। 🥀1
- Post by Sachin vyas1
- Post by TILORARAM Godara अध्यक्ष वीर तेजा सेना जिला फलोदी1
- नेशनल हाईवे-25 पर अतिक्रमण, आमजन हो रहे हैं परेशान बायतु क्षेत्र से गुजर रहे राष्ट्रीय राजमार्ग -25 पर बढ़ते अतिक्रमण के कारण आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हाईवे के किनारे और कई स्थानों पर सड़क तक ठेले, दुकानें व अन्य अस्थायी कब्जे होने से यातायात बाधित हो रहा है। राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में दिक्कतें आ रही हैं तथा दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से हाईवे पर हो रहे अतिक्रमण को हटाकर यातायात व्यवस्था सुचारू करने की मांग की है।1
- बालोतरा। बालोतरा के विभिन्न गांव में होली के बाद 7 दिन तक गैर नृत्य का आयोजन किया जाता है।1
- सिवाना में श्रद्धा के साथ महिलाओं ने की शीतला माता की कथा, क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना सिवाना कस्बे में शीतला माता के प्रति आस्था और श्रद्धा का अद्भुत नजारा देखने को मिला। कस्बे में बड़ी संख्या में महिलाओं ने एकत्रित होकर श्रद्धा भाव से शीतला माता की कथा का आयोजन किया। कथा के दौरान महिलाओं ने माता के भजन गाए और पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर परिवार व क्षेत्र की सुख-समृद्धि तथा खुशहाली की कामना की।कथा आयोजन में महिलाओं ने शीतला माता के जीवन प्रसंगों और उनके महत्व को सुनते हुए भक्ति भाव से भाग लिया। इस दौरान वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा और महिलाओं ने भजन-कीर्तन कथा के पश्चात महिलाओं ने माता को प्रसाद अर्पित कर उपस्थित श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित की। महिलाओं का कहना है कि शीतला माता की पूजा से क्षेत्र में रोग-व्याधियों से मुक्ति और घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। इसलिए हर वर्ष बड़ी श्रद्धा और परंपरा के अनुसार महिलाएं शीतला माता की कथा व पूजा करती हैं।इस अवसर पर कस्बे की अनेक महिलाएं और श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिन्होंने सामूहिक रूप से माता की आराधना कर क्षेत्र में खुशहाली और शांति की कामना की।1
- 🐪🧵 Camel का Daaga (बाल/ऊन) भी India में बहुत काम आता है। Rajasthan और आसपास के इलाकों में Camel सिर्फ एक wild/working animal ही नहीं, बल्कि लोगों की रोज़ी-रोटी का हिस्सा भी है। इसके बाल से मजबूत धागा, रस्सी, कंबल और कपड़े बनाए जाते हैं। प्रकृति ने हर जीव को किसी न किसी तरह इंसान और पर्यावरण के लिए उपयोगी बनाया है। 🌿1