कोटा मंडल के गंगापुर सिटी जंक्शन रेलवे स्टेशन के भव्य पुनर्विकास और इसके आगामी लोकार्पण को लेकर मंडल रेल प्रबंधक श्री अनिल कालरा ने मीडिया प्रतिनिधियों के साथ एक विशेष मीडिया दौरे का आयोजन किया। माननीय प्रधानमंत्री महोदय द्वारा आगामी 17 जुलाई 2026 को अपराह्न 3:45 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देश भर के कुल 75 अमृत भारत स्टेशनों का एक साथ लोकार्पण किया जाएगा। राजस्थान के कुल 5 और पश्चिम मध्य रेलवे के 6 स्टेशनों में कोटा मंडल का यह गंगापुर सिटी जंक्शन भी शामिल है, जो कोटा मंडल के लिए एक गौरवपूर्ण उपलब्धि है। स्टेशन का पुनर्विकास अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है और इससे जुड़े सभी निर्धारित कार्य पूरे हो चुके हैं। मंडल रेल प्रबंधक श्री कालरा ने बताया कि लगभग 555 वर्गमीटर क्षेत्र में स्टेशन भवन का विस्तार व नवीनीकरण किया गया है। यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए 3 नए वातानुकूलित प्रतीक्षालय, 4 आधुनिक शौचालय ब्लॉक, लगभग 10,000 वर्गमीटर में विकसित सर्कुलेटिंग एरिया और सुव्यवस्थित यातायात प्रणाली तैयार की गई है। इसके अलावा, प्लेटफॉर्मों को जोड़ने के लिए लिफ्ट और एस्केलेटर की सुविधा के साथ 12 मीटर चौड़ा आधुनिक फुट ओवर ब्रिज बनाया गया है। स्टेशन पर लगभग 960 वर्गमीटर क्षेत्र में नए प्लेटफॉर्म शेल्टर और करीब 12,000 वर्गमीटर क्षेत्र में प्लेटफॉर्म सरफेसिंग का कार्य भी पूरा कर लिया गया है। यात्रियों की सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए इस स्टेशन को पूरी तरह से दिव्यांगजन अनुकूल बनाया गया है। इसमें रैंप, टैक्टाइल पाथ, पृथक पार्किंग, दिव्यांग अनुकूल शौचालय एवं पेयजल सुविधा, व्हीलचेयर, हेल्प बूथ और सुगम पहुंच मार्ग शामिल हैं। साथ ही, स्टेशन पर आधुनिक साइनेज, ट्रेन सूचना बोर्ड, कोच पोजीशन डिस्प्ले सिस्टम और डिजिटल प्लेटफॉर्म घड़ियां भी स्थापित की गई हैं। लोकार्पण समारोह 17 जुलाई 2026 को स्टेशन परिसर में ही आयोजित होगा, जिसमें दोपहर 2:00 बजे से सांसद, विधायक, अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, विद्यार्थी, यात्रीगण और रेलवे अधिकारी उपस्थित रहेंगे। इस कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, पुरस्कार वितरण और फिल्म प्रदर्शन का भी आयोजन होगा, जिसके बाद प्रधानमंत्री वर्चुअल माध्यम से स्टेशन का लोकार्पण करेंगे। मीडिया दौरे के उपरांत मंडल रेल प्रबंधक श्री अनिल कालरा ने तैयारियों का जायजा लिया और अधिकारियों को साज-सज्जा, बैठक व सुरक्षा प्रबंध समय पर पूरे करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह पुनर्विकसित स्टेशन यात्रियों को सुरक्षित व आधुनिक अनुभव देगा और क्षेत्रीय विकास, पर्यटन, व्यापार व स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेगा।
कोटा मंडल के गंगापुर सिटी जंक्शन रेलवे स्टेशन के भव्य पुनर्विकास और इसके आगामी लोकार्पण को लेकर मंडल रेल प्रबंधक श्री अनिल कालरा ने मीडिया प्रतिनिधियों के साथ एक विशेष मीडिया दौरे का आयोजन किया। माननीय प्रधानमंत्री महोदय द्वारा आगामी 17 जुलाई 2026 को अपराह्न 3:45 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देश भर के कुल 75 अमृत भारत स्टेशनों का एक साथ लोकार्पण किया जाएगा। राजस्थान के कुल 5 और पश्चिम मध्य रेलवे के 6 स्टेशनों में कोटा मंडल का यह गंगापुर सिटी जंक्शन भी शामिल है, जो कोटा मंडल के लिए एक गौरवपूर्ण उपलब्धि है। स्टेशन का पुनर्विकास अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है और इससे जुड़े सभी निर्धारित कार्य पूरे हो चुके हैं। मंडल रेल प्रबंधक श्री कालरा ने बताया कि लगभग 555 वर्गमीटर क्षेत्र में स्टेशन भवन का विस्तार व नवीनीकरण किया गया है। यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए 3 नए वातानुकूलित प्रतीक्षालय, 4 आधुनिक शौचालय ब्लॉक, लगभग 10,000 वर्गमीटर में विकसित सर्कुलेटिंग एरिया और सुव्यवस्थित यातायात प्रणाली तैयार की गई है। इसके अलावा, प्लेटफॉर्मों को जोड़ने के लिए लिफ्ट और एस्केलेटर की सुविधा के साथ 12 मीटर चौड़ा आधुनिक फुट ओवर ब्रिज बनाया गया है। स्टेशन पर लगभग 960 वर्गमीटर क्षेत्र में नए प्लेटफॉर्म शेल्टर और करीब 12,000 वर्गमीटर क्षेत्र में प्लेटफॉर्म सरफेसिंग का कार्य भी पूरा कर लिया गया है। यात्रियों की सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए इस स्टेशन को पूरी तरह से दिव्यांगजन अनुकूल बनाया गया है। इसमें रैंप, टैक्टाइल पाथ, पृथक पार्किंग, दिव्यांग अनुकूल शौचालय एवं पेयजल सुविधा, व्हीलचेयर, हेल्प बूथ और सुगम पहुंच मार्ग शामिल हैं। साथ ही, स्टेशन पर आधुनिक साइनेज, ट्रेन सूचना बोर्ड, कोच पोजीशन डिस्प्ले सिस्टम और डिजिटल प्लेटफॉर्म घड़ियां भी स्थापित की गई हैं। लोकार्पण समारोह 17 जुलाई 2026 को स्टेशन परिसर में ही आयोजित होगा, जिसमें दोपहर 2:00 बजे से सांसद, विधायक, अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, विद्यार्थी, यात्रीगण और रेलवे अधिकारी उपस्थित रहेंगे। इस कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, पुरस्कार वितरण और फिल्म प्रदर्शन का भी आयोजन होगा, जिसके बाद प्रधानमंत्री वर्चुअल माध्यम से स्टेशन का लोकार्पण करेंगे। मीडिया दौरे के उपरांत मंडल रेल प्रबंधक श्री अनिल कालरा ने तैयारियों का जायजा लिया और अधिकारियों को साज-सज्जा, बैठक व सुरक्षा प्रबंध समय पर पूरे करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह पुनर्विकसित स्टेशन यात्रियों को सुरक्षित व आधुनिक अनुभव देगा और क्षेत्रीय विकास, पर्यटन, व्यापार व स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेगा।
- सवाई माधोपुर के गंगापुर सिटी के स्थानीय बाजार में एक दुकान के कब्जे और मालिकाना हक को लेकर चल रहा पुराना विवाद एक बार फिर गरमा गया है। विवादित स्थल पर उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया जब पीड़ित पक्ष ने भारी भीड़ और पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में दस्तावेजों को सार्वजनिक कर दिया। पीड़ित पक्ष ने विपक्षी दल और संबंधित अधिकारियों पर न्यायालय को भ्रमित करने के लिए गलत व फर्जी नक्शा पेश करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित व्यक्ति ने मीडिया और वहां मौजूद जनता के सामने दो अलग-अलग नक्शे पेश किए। उनका आरोप है कि माननीय उच्चतम न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) ने दावे के साथ पेश किए गए मूल नक्शे के आधार पर निर्देश दिए थे, लेकिन बाद में उच्च न्यायालय में एक नया नक्शा पेश किया गया जिसमें दिशाओं में ही हेराफेरी कर दी गई। नए नक्शे में जमीनी हकीकत के विपरीत जानबूझकर ऊपर की तरफ 'दक्षिण' (South) और नीचे की तरफ 'उत्तर' (North) दर्शाया गया है। पीड़ित का कहना है कि निचली अदालत ने उनका (उज्रदार/मदयुन) पक्ष सुने बिना ही इस हेरफेर वाले नक्शे को सही मानकर फैसला सुना दिया, जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बाजार में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और पुलिस अधिकारी लाउडस्पीकर के जरिए भीड़ को नियंत्रित कर कानून व्यवस्था बनाए रखने की हिदायत देते नजर आए। इस हंगामे के दौरान बाजार में भारी भीड़ जमा होने से कुछ समय के लिए आवागमन भी बाधित हुआ। पीड़ित पक्ष ने अब प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और मूल राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर ही कोई भी कार्रवाई करने की मांग की है।1
- राजस्थान के करौली जिला अंतर्गत हिण्डौन सिटी में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर उपखंड कार्यालय पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने एसडीएम और सीडीपीओ को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इनकी सबसे प्रमुख मांग मानदेय प्रथा को समाप्त कर फिक्स वेतन व्यवस्था लागू करने की है। सौपे गए ज्ञापन में कार्यकर्ताओं के लिए ₹21,000 और सहायिकाओं के लिए ₹12,000 मासिक वेतन देने की मांग की गई है। इसके साथ ही इन्हें संविदा नियम-2022 में शामिल करने, राज्य कर्मचारी का दर्जा देने और सभी सरकारी सुविधाएं मुहैया कराने की मांग उठाई गई है। अन्य मांगों में सेवानिवृत्ति पर कार्यकर्ताओं को ₹10 लाख व सहायिकाओं को ₹6 लाख की एकमुश्त राशि देने, मासिक पेंशन, प्रमोशन और पदोन्नति में 30% आरक्षण देने की बात कही गई है। कार्यकर्ताओं ने विभागीय कार्यों के अलावा उनसे अन्य कोई भी कार्य नहीं कराने की मांग भी पुरजोर ढंग से उठाई है।1
- महवा निवासी डॉ अजहरुद्दीन ने पहले ही प्रयास में फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट्स एग्जामिनेशन (विदेशी चिकित्सा स्नातक परीक्षा) में बड़ी सफलता हासिल की है। इस शानदार उपलब्धि पर शहर में कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के जिलाध्यक्ष एडवोकेट अब्दुल मुगनी खान के नेतृत्व में उनका स्वागत किया गया। जिलाध्यक्ष ने बुधवार सुबह 10 बजे इस कामयाबी की जानकारी देते हुए कहा कि डॉक्टर अजहरुद्दीन को प्रथम प्रयास में मिली यह सफलता पूरे समाज के लिए बड़े गर्व की बात है। इस दौरान गुशन कालोनी में डॉक्टर निजामुद्दीन का साफा और माला पहनाकर अभिनंदन किया गया। इस गौरवमयी मौके पर रफीक खान, कैप्टन मोहम्मद यासीन, मौजम अली, जब्बार खान, मुस्तकीम, अकील खान, इमरान पठान और अखलाक समेत कई अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।1
- राजस्थान के करौली जिले में हिंडौन सिटी के क्यारदा कला स्थित अपना घर आश्रम के निरंतर प्रयासों और मानवीय संवेदनाओं के चलते एक बार फिर आठ महीने से बिछड़ा एक परिवार आपस में मिल गया है। आश्रम में पिछले आठ महीनों से रह रहे एक 'प्रभु जी' को कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद बुधवार को उनके परिजनों को सौंप दिया गया। लगभग आठ महीने पहले मानसिक रूप से अस्वस्थ और लावारिस हालत में घूम रहे इन 'प्रभु जी' को समाजसेवियों और आश्रम की रेस्क्यू टीम की मदद से लाया गया था। आगमन के समय वह अपना नाम, पता या परिजनों के बारे में कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं थे, लेकिन संस्था के चिकित्सकों और सेवादारों की देखरेख, नियमित दवाओं, उचित पोषण और स्नेहपूर्ण व्यवहार के चलते उनकी मानसिक स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हुआ और याददाश्त वापस आने पर उन्होंने अपने परिवार के बारे में कुछ धुंधली यादें साझा कीं। याददाश्त वापस आने के बाद आश्रम के सोशल विंग और प्रशासन ने करौली जिले के मंडरायल में संपर्क साधा, जहां स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों की मदद से उनके वास्तविक परिजनों की पहचान हुई। परिजनों को जैसे ही सूचना मिली, वे तुरंत अपना घर आश्रम पहुंचे। आठ महीने से लापता अपने परिजन सुरेश सैन को बिल्कुल सुरक्षित देखकर उनके बेटे लक्ष्मी नारायण सैन और अन्य परिजनों की आंखें छलक आईं। विदाई के समय आश्रम की ओर से सुरेश सैन को नए वस्त्र और जरूरी दवाइयां दी गईं। इस भावुक पल में बेटे लक्ष्मी नारायण सैन ने हाथ जोड़कर सेवादारों का आभार जताया और कहा कि आश्रम की निस्वार्थ सेवा के बिना उनके परिवार के सदस्य का वापस मिलना असंभव था। इस दौरान आश्रम के सेवादार योगेश कुमार, रिशु गुर्जर और चेतन दत्ता भी मौजूद रहे।1
- करौली के हिंडौन सिटी में बुधवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने उपखंड कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी (एसडीएम) और सीडीपीओ को ज्ञापन सौंपा। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने सरकार से अपनी इन मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की है।1
- राजस्थान के करौली जिला अंतर्गत टोडाभीम तहसील के पहाड़ी गांव के निवासी निरंजन मीणा ने जिला कलेक्टर को एक प्रार्थना व शिकायत पत्र सौंपकर गांव की सड़क की बदहाली की ओर ध्यान आकर्षित किया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि पहाड़ी गांव को जोड़ने वाली यह सड़क पिछले 25 से अधिक सालों से कच्ची पड़ी हुई है। इस सड़क पर न तो पक्का निर्माण हुआ है और न ही जल निकासी के लिए नाली की कोई व्यवस्था की गई है। बारिश के मौसम में यह सड़क पूरी तरह से दलदल का रूप ले लेती है, जिससे यहां रहने वाले 30 से अधिक परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस मार्ग के दलदल बन जाने से किसानों को अपनी उपज मंडी तक ले जाने, बच्चों को स्कूल जाने और मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण निरंजन मीणा ने अपनी इस शिकायत में कानूनी और संवैधानिक आधारों का हवाला देते हुए कहा है कि सड़क के अभाव में संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिलने वाले 'गरिमापूर्ण जीवन जीने के अधिकार' का हनन हो रहा है। इसके साथ ही उन्होंने राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 की धारा 104 व 105 और राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 88 का उल्लेख करते हुए इसे ग्राम पंचायत और स्थानीय निकाय का प्राथमिक कर्तव्य बताया है। पीड़ित ग्रामीण ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि इस सड़क का तुरंत भौतिक सर्वेक्षण कराया जाए और इसे मनरेगा, 15वें वित्त आयोग या पीएमजीएसवाई (PMGSY) योजना के तहत पक्का किया जाए। इसके अतिरिक्त, शिकायतकर्ता ने सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम, 2005 की धारा 6(1) के तहत पिछले 3 वर्षों के बजट आवंटन, सड़क को पक्का करने के प्रस्ताव की स्थिति और इसके लिए जिम्मेदार विभाग व अधिकारी के संबंध में 30 दिनों के भीतर जानकारी मांगी है। इस शिकायत पत्र की प्रतिलिपि करौली जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और टोडाभीम पंचायत समिति के विकास अधिकारी को भी प्रेषित की गई है।3
- सवाई माधोपुर के गंगापुर सिटी में स्थित गोपाल गौशाला में अमावस्या के अवसर पर एक विशेष धार्मिक आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान गौ माता को छप्पन भोग लगाया गया और विधि-विधान से हवन यज्ञ व पूजन संपन्न हुआ। इस पूजन के साथ ही कन्या पूजन का भी आयोजन किया गया। गोपाल गौशाला में गौ माता के निमित्त यह छप्पन भोग और धार्मिक अनुष्ठान प्रत्येक अमावस्या को आयोजित किया जाता है।1
- सवाई माधोपुर के बाटोदा थाना क्षेत्र के जीवद गांव में कुछ नामजद युवकों द्वारा ग्रामीणों को धमकाने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का गंभीर मामला सामने आया है। असामाजिक तत्वों के बढ़ते हौसलों और लगातार मिल रही धमकियों से परेशान होकर मंगलवार को जीवद सहित चार अन्य गांवों के बड़ी संख्या में ग्रामीण बाटोदा पुलिस थाने पहुंचे। ग्रामीणों ने थाना परिसर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया और थानाध्यक्ष को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच, कानूनी कार्रवाई तथा आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग की। ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के अनुसार, क्षेत्र का माहौल खराब करने वाले मुख्य आरोपियों में जीवद निवासी गिरराज पुत्र बीरबल बैरवा, कृष्ण कुमार पुत्र गिरराज बैरवा और राहुल पुत्र धनराज बैरवा शामिल हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि ये युवक आए दिन लोगों को परेशान करते हैं और विरोध करने पर छुआछूत व छेड़छाड़ के झूठे मुकदमे दर्ज कराने की धमकी देते हैं। आक्रोश तब और बढ़ गया जब 9 जुलाई को इन युवकों ने रामनिवास पुत्र लक्ष्मण मीणा के घर के सामने बेहद तेज रफ्तार में मोटरसाइकिल निकाली, जिसकी टक्कर से उनका नाती नाली में गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। विरोध करने पर आरोपियों ने कथित तौर पर अभद्र भाषा का प्रयोग कर जान से मारने की धमकी दी। इसके अगले ही दिन कुछ लोग दोबारा रामनिवास के घर पहुंचे, वीडियो बनाया और शिकायत करने पर बच्चों व वाहन को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी, जिससे गांव में भय का माहौल है। थाने के बाहर प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इन आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई कर इन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया, तो ग्रामीण एक बड़ा आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे। इस प्रदर्शन के दौरान पूर्व सरपंच रामनिवास मीणा, बाबू श्याम शर्मा, रामजीलाल, गिरराज, श्यामलाल, मुन्नालाल, हेमराज, रूपलाल, मिंटू और सूरजमल सहित भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। पुलिस ने ग्रामीणों का ज्ञापन स्वीकार करते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।1
- राजस्थान के हिंडौन सिटी में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने बुधवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर उपखंड कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की और मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम व सीडीपीओ को ज्ञापन सौंपा। इस प्रदर्शन के माध्यम से कार्यकर्ताओं ने खुद को संविदा नियम 2022 में शामिल करने और मानदेय की जगह मासिक फिक्स वेतन देने की मांग उठाई है, जिसमें कार्यकर्ता के लिए ₹21,000 और सहायिका के लिए ₹12,000 प्रति माह वेतन तय करने की मांग की गई है। इसके अलावा, मोबाइल व बिजली बिल और सीबीसी जैसे कार्यों का भुगतान प्रति माह करने, सेवानिवृत्ति पर कार्यकर्ता को ₹10 लाख व सहायिका को ₹6 लाख रुपये एकमुश्त देने तथा सेवानिवृत्ति के बाद क्रमशः ₹3,000 और ₹2,000 प्रति माह पेंशन देने की मांग की गई है। कार्यकर्ताओं ने राज्य कर्मचारी की सभी सुविधाएं देने, महिला एवं बाल विकास विभाग के अतिरिक्त कोई अन्य कार्य न करवाने, उपस्थिति को उन्हीं के हस्ताक्षर से प्रमाणित मानने, योग्यता व अनुभव के आधार पर पदोन्नति में 30% आरक्षण देने और आकस्मिक मृत्यु पर परिवार के सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति देने की भी पुरजोर मांग की है। इस दौरान रेनू शर्मा, सुनीता देवी, गीता देवी, चंचल धाकड़, भगवती जांगिड़, सुनीता शर्मा, मोहनी देवी, निशा और सुनीता गोयल सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और सहायिकाएं मौजूद रहीं।4