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राजस्थान के करौली जिला अंतर्गत टोडाभीम तहसील के पहाड़ी गांव के निवासी निरंजन मीणा ने जिला कलेक्टर को एक प्रार्थना व शिकायत पत्र सौंपकर गांव की सड़क की बदहाली की ओर ध्यान आकर्षित किया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि पहाड़ी गांव को जोड़ने वाली यह सड़क पिछले 25 से अधिक सालों से कच्ची पड़ी हुई है। इस सड़क पर न तो पक्का निर्माण हुआ है और न ही जल निकासी के लिए नाली की कोई व्यवस्था की गई है। बारिश के मौसम में यह सड़क पूरी तरह से दलदल का रूप ले लेती है, जिससे यहां रहने वाले 30 से अधिक परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस मार्ग के दलदल बन जाने से किसानों को अपनी उपज मंडी तक ले जाने, बच्चों को स्कूल जाने और मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण निरंजन मीणा ने अपनी इस शिकायत में कानूनी और संवैधानिक आधारों का हवाला देते हुए कहा है कि सड़क के अभाव में संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिलने वाले 'गरिमापूर्ण जीवन जीने के अधिकार' का हनन हो रहा है। इसके साथ ही उन्होंने राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 की धारा 104 व 105 और राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 88 का उल्लेख करते हुए इसे ग्राम पंचायत और स्थानीय निकाय का प्राथमिक कर्तव्य बताया है। पीड़ित ग्रामीण ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि इस सड़क का तुरंत भौतिक सर्वेक्षण कराया जाए और इसे मनरेगा, 15वें वित्त आयोग या पीएमजीएसवाई (PMGSY) योजना के तहत पक्का किया जाए। इसके अतिरिक्त, शिकायतकर्ता ने सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम, 2005 की धारा 6(1) के तहत पिछले 3 वर्षों के बजट आवंटन, सड़क को पक्का करने के प्रस्ताव की स्थिति और इसके लिए जिम्मेदार विभाग व अधिकारी के संबंध में 30 दिनों के भीतर जानकारी मांगी है। इस शिकायत पत्र की प्रतिलिपि करौली जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और टोडाभीम पंचायत समिति के विकास अधिकारी को भी प्रेषित की गई है।

1 hr ago
user_Niranjan Meena
Niranjan Meena
Electrician टोडाभीम, करौली, राजस्थान•
1 hr ago

राजस्थान के करौली जिला अंतर्गत टोडाभीम तहसील के पहाड़ी गांव के निवासी निरंजन मीणा ने जिला कलेक्टर को एक प्रार्थना व शिकायत पत्र सौंपकर गांव की सड़क की बदहाली की ओर ध्यान आकर्षित किया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि पहाड़ी गांव को जोड़ने वाली यह सड़क पिछले 25 से अधिक सालों से कच्ची पड़ी हुई है। इस सड़क पर न तो पक्का निर्माण हुआ है और न ही जल निकासी के लिए नाली की कोई व्यवस्था की गई है। बारिश के मौसम में यह सड़क पूरी तरह से दलदल का रूप ले लेती है, जिससे यहां रहने वाले 30 से अधिक परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना

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पड़ता है। इस मार्ग के दलदल बन जाने से किसानों को अपनी उपज मंडी तक ले जाने, बच्चों को स्कूल जाने और मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण निरंजन मीणा ने अपनी इस शिकायत में कानूनी और संवैधानिक आधारों का हवाला देते हुए कहा है कि सड़क के अभाव में संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिलने वाले 'गरिमापूर्ण जीवन जीने के अधिकार' का हनन हो रहा है। इसके साथ ही उन्होंने राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 की धारा 104 व 105 और राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 88 का उल्लेख करते हुए इसे ग्राम पंचायत और स्थानीय निकाय का

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प्राथमिक कर्तव्य बताया है। पीड़ित ग्रामीण ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि इस सड़क का तुरंत भौतिक सर्वेक्षण कराया जाए और इसे मनरेगा, 15वें वित्त आयोग या पीएमजीएसवाई (PMGSY) योजना के तहत पक्का किया जाए। इसके अतिरिक्त, शिकायतकर्ता ने सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम, 2005 की धारा 6(1) के तहत पिछले 3 वर्षों के बजट आवंटन, सड़क को पक्का करने के प्रस्ताव की स्थिति और इसके लिए जिम्मेदार विभाग व अधिकारी के संबंध में 30 दिनों के भीतर जानकारी मांगी है। इस शिकायत पत्र की प्रतिलिपि करौली जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और टोडाभीम पंचायत समिति के विकास अधिकारी को भी प्रेषित की गई है।

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  • राजस्थान के करौली जिला अंतर्गत टोडाभीम तहसील के पहाड़ी गांव के निवासी निरंजन मीणा ने जिला कलेक्टर को एक प्रार्थना व शिकायत पत्र सौंपकर गांव की सड़क की बदहाली की ओर ध्यान आकर्षित किया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि पहाड़ी गांव को जोड़ने वाली यह सड़क पिछले 25 से अधिक सालों से कच्ची पड़ी हुई है। इस सड़क पर न तो पक्का निर्माण हुआ है और न ही जल निकासी के लिए नाली की कोई व्यवस्था की गई है। बारिश के मौसम में यह सड़क पूरी तरह से दलदल का रूप ले लेती है, जिससे यहां रहने वाले 30 से अधिक परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस मार्ग के दलदल बन जाने से किसानों को अपनी उपज मंडी तक ले जाने, बच्चों को स्कूल जाने और मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण निरंजन मीणा ने अपनी इस शिकायत में कानूनी और संवैधानिक आधारों का हवाला देते हुए कहा है कि सड़क के अभाव में संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिलने वाले 'गरिमापूर्ण जीवन जीने के अधिकार' का हनन हो रहा है। इसके साथ ही उन्होंने राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 की धारा 104 व 105 और राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 88 का उल्लेख करते हुए इसे ग्राम पंचायत और स्थानीय निकाय का प्राथमिक कर्तव्य बताया है। पीड़ित ग्रामीण ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि इस सड़क का तुरंत भौतिक सर्वेक्षण कराया जाए और इसे मनरेगा, 15वें वित्त आयोग या पीएमजीएसवाई (PMGSY) योजना के तहत पक्का किया जाए। इसके अतिरिक्त, शिकायतकर्ता ने सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम, 2005 की धारा 6(1) के तहत पिछले 3 वर्षों के बजट आवंटन, सड़क को पक्का करने के प्रस्ताव की स्थिति और इसके लिए जिम्मेदार विभाग व अधिकारी के संबंध में 30 दिनों के भीतर जानकारी मांगी है। इस शिकायत पत्र की प्रतिलिपि करौली जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और टोडाभीम पंचायत समिति के विकास अधिकारी को भी प्रेषित की गई है।
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    राजस्थान के करौली जिला अंतर्गत टोडाभीम तहसील के पहाड़ी गांव के निवासी निरंजन मीणा ने जिला कलेक्टर को एक प्रार्थना व शिकायत पत्र सौंपकर गांव की सड़क की बदहाली की ओर ध्यान आकर्षित किया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि पहाड़ी गांव को जोड़ने वाली यह सड़क पिछले 25 से अधिक सालों से कच्ची पड़ी हुई है। इस सड़क पर न तो पक्का निर्माण हुआ है और न ही जल निकासी के लिए नाली की कोई व्यवस्था की गई है। बारिश के मौसम में यह सड़क पूरी तरह से दलदल का रूप ले लेती है, जिससे यहां रहने वाले 30 से अधिक परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस मार्ग के दलदल बन जाने से किसानों को अपनी उपज मंडी तक ले जाने, बच्चों को स्कूल जाने और मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

ग्रामीण निरंजन मीणा ने अपनी इस शिकायत में कानूनी और संवैधानिक आधारों का हवाला देते हुए कहा है कि सड़क के अभाव में संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिलने वाले 'गरिमापूर्ण जीवन जीने के अधिकार' का हनन हो रहा है। इसके साथ ही उन्होंने राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 की धारा 104 व 105 और राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 88 का उल्लेख करते हुए इसे ग्राम पंचायत और स्थानीय निकाय का प्राथमिक कर्तव्य बताया है। पीड़ित ग्रामीण ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि इस सड़क का तुरंत भौतिक सर्वेक्षण कराया जाए और इसे मनरेगा, 15वें वित्त आयोग या पीएमजीएसवाई (PMGSY) योजना के तहत पक्का किया जाए। इसके अतिरिक्त, शिकायतकर्ता ने सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम, 2005 की धारा 6(1) के तहत पिछले 3 वर्षों के बजट आवंटन, सड़क को पक्का करने के प्रस्ताव की स्थिति और इसके लिए जिम्मेदार विभाग व अधिकारी के संबंध में 30 दिनों के भीतर जानकारी मांगी है। इस शिकायत पत्र की प्रतिलिपि करौली जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और टोडाभीम पंचायत समिति के विकास अधिकारी को भी प्रेषित की गई है।
    user_Niranjan Meena
    Niranjan Meena
    Electrician टोडाभीम, करौली, राजस्थान•
    1 hr ago
  • करौली के श्रीमहावीरजी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तत्वावधान में सुरौठ खंड के श्रीमहावीरजी मंडल द्वारा स्थानीय खेल मैदान पर 'भगवान महावीर खेल संगम' का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण युवाओं में खेल भावना विकसित करना, अनुशासन की भावना जागृत करना और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। खेल संगम के दौरान रस्साकशी, रूमाल झपट्टा, दौड़ और हैंडबॉल सहित विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इनमें विशेष रूप से रूमाल झपट्टा और रस्साकशी के मुकाबले दर्शकों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र रहे, जिनका लोगों ने भरपूर आनंद लिया। इस खेल आयोजन में जिला कार्यवाह रामकेश, धर्म जागरण जिला संयोजक रमेश गुर्जर, खंड कार्यवाह तेजप्रकाश, खंड व्यवस्था प्रमुख अवध बिहारी जांगिड़, ग्राम विकास संयोजक बजरंग सिंह, कपलेश शर्मा और तुलसीराम गोदारा सहित संघ के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। प्रतियोगिताओं का संचालन शारीरिक शिक्षक समय सिंह गुर्जर, जयराम स्वामी और शिक्षक मनोज द्वारा किया गया, जबकि दिनेश गुर्जर ने रेफरी के रूप में निष्पक्ष ढंग से सभी मुकाबले संपन्न कराए। समापन समारोह में जिला कार्यवाह रामकेश ने खेलों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए युवाओं से नियमित खेल गतिविधियों में भाग लेने का आह्वान किया, जिसके बाद उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कार और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
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    करौली के श्रीमहावीरजी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तत्वावधान में सुरौठ खंड के श्रीमहावीरजी मंडल द्वारा स्थानीय खेल मैदान पर 'भगवान महावीर खेल संगम' का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण युवाओं में खेल भावना विकसित करना, अनुशासन की भावना जागृत करना और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। खेल संगम के दौरान रस्साकशी, रूमाल झपट्टा, दौड़ और हैंडबॉल सहित विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इनमें विशेष रूप से रूमाल झपट्टा और रस्साकशी के मुकाबले दर्शकों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र रहे, जिनका लोगों ने भरपूर आनंद लिया।

इस खेल आयोजन में जिला कार्यवाह रामकेश, धर्म जागरण जिला संयोजक रमेश गुर्जर, खंड कार्यवाह तेजप्रकाश, खंड व्यवस्था प्रमुख अवध बिहारी जांगिड़, ग्राम विकास संयोजक बजरंग सिंह, कपलेश शर्मा और तुलसीराम गोदारा सहित संघ के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। प्रतियोगिताओं का संचालन शारीरिक शिक्षक समय सिंह गुर्जर, जयराम स्वामी और शिक्षक मनोज द्वारा किया गया, जबकि दिनेश गुर्जर ने रेफरी के रूप में निष्पक्ष ढंग से सभी मुकाबले संपन्न कराए। समापन समारोह में जिला कार्यवाह रामकेश ने खेलों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए युवाओं से नियमित खेल गतिविधियों में भाग लेने का आह्वान किया, जिसके बाद उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कार और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
    user_Bajrang singh Rajasthan patrika
    Bajrang singh Rajasthan patrika
    श्रीमहावीर जी, करौली, राजस्थान•
    23 min ago
  • करौली के हिंडौन सिटी में बुधवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने उपखंड कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी (एसडीएम) और सीडीपीओ को ज्ञापन सौंपा। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने सरकार से अपनी इन मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की है।
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    करौली के हिंडौन सिटी में बुधवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने उपखंड कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी (एसडीएम) और सीडीपीओ को ज्ञापन सौंपा। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने सरकार से अपनी इन मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की है।
    user_Hanis Sheikh
    Hanis Sheikh
    हिंडौन, करौली, राजस्थान•
    33 min ago
  • राजस्थान के हिंडौन सिटी में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने बुधवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर उपखंड कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की और मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम व सीडीपीओ को ज्ञापन सौंपा। इस प्रदर्शन के माध्यम से कार्यकर्ताओं ने खुद को संविदा नियम 2022 में शामिल करने और मानदेय की जगह मासिक फिक्स वेतन देने की मांग उठाई है, जिसमें कार्यकर्ता के लिए ₹21,000 और सहायिका के लिए ₹12,000 प्रति माह वेतन तय करने की मांग की गई है। इसके अलावा, मोबाइल व बिजली बिल और सीबीसी जैसे कार्यों का भुगतान प्रति माह करने, सेवानिवृत्ति पर कार्यकर्ता को ₹10 लाख व सहायिका को ₹6 लाख रुपये एकमुश्त देने तथा सेवानिवृत्ति के बाद क्रमशः ₹3,000 और ₹2,000 प्रति माह पेंशन देने की मांग की गई है। कार्यकर्ताओं ने राज्य कर्मचारी की सभी सुविधाएं देने, महिला एवं बाल विकास विभाग के अतिरिक्त कोई अन्य कार्य न करवाने, उपस्थिति को उन्हीं के हस्ताक्षर से प्रमाणित मानने, योग्यता व अनुभव के आधार पर पदोन्नति में 30% आरक्षण देने और आकस्मिक मृत्यु पर परिवार के सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति देने की भी पुरजोर मांग की है। इस दौरान रेनू शर्मा, सुनीता देवी, गीता देवी, चंचल धाकड़, भगवती जांगिड़, सुनीता शर्मा, मोहनी देवी, निशा और सुनीता गोयल सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और सहायिकाएं मौजूद रहीं।
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    राजस्थान के हिंडौन सिटी में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने बुधवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर उपखंड कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की और मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम व सीडीपीओ को ज्ञापन सौंपा।

इस प्रदर्शन के माध्यम से कार्यकर्ताओं ने खुद को संविदा नियम 2022 में शामिल करने और मानदेय की जगह मासिक फिक्स वेतन देने की मांग उठाई है, जिसमें कार्यकर्ता के लिए ₹21,000 और सहायिका के लिए ₹12,000 प्रति माह वेतन तय करने की मांग की गई है। इसके अलावा, मोबाइल व बिजली बिल और सीबीसी जैसे कार्यों का भुगतान प्रति माह करने, सेवानिवृत्ति पर कार्यकर्ता को ₹10 लाख व सहायिका को ₹6 लाख रुपये एकमुश्त देने तथा सेवानिवृत्ति के बाद क्रमशः ₹3,000 और ₹2,000 प्रति माह पेंशन देने की मांग की गई है। कार्यकर्ताओं ने राज्य कर्मचारी की सभी सुविधाएं देने, महिला एवं बाल विकास विभाग के अतिरिक्त कोई अन्य कार्य न करवाने, उपस्थिति को उन्हीं के हस्ताक्षर से प्रमाणित मानने, योग्यता व अनुभव के आधार पर पदोन्नति में 30% आरक्षण देने और आकस्मिक मृत्यु पर परिवार के सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति देने की भी पुरजोर मांग की है। इस दौरान रेनू शर्मा, सुनीता देवी, गीता देवी, चंचल धाकड़, भगवती जांगिड़, सुनीता शर्मा, मोहनी देवी, निशा और सुनीता गोयल सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और सहायिकाएं मौजूद रहीं।
    user_Krishan murari rajora
    Krishan murari rajora
    हिंडौन, करौली, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • करौली में अमावस्या के अवसर पर मदन मोहन जी मंदिर में श्रद्धालुओं का भारी जन सैलाब उमड़ पड़ा। इस खास मौके पर मंदिर में दर्शन के लिए लोगों की भारी भीड़ एकत्रित हुई।
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    करौली में अमावस्या के अवसर पर मदन मोहन जी मंदिर में श्रद्धालुओं का भारी जन सैलाब उमड़ पड़ा। इस खास मौके पर मंदिर में दर्शन के लिए लोगों की भारी भीड़ एकत्रित हुई।
    user_मनोज तिवाड़ी
    मनोज तिवाड़ी
    Court reporter Hindaun, Karauli•
    22 hrs ago
  • करौली जिले की सूरौठ तहसील के कई गांवों में झमाझम बारिश होने से किसानों के चेहरे पर खुशी की लहर लौट आई है। इस तेज बारिश के बाद क्षेत्र के किसानों में भारी उत्साह और प्रसन्नता देखी जा रही है।
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    करौली जिले की सूरौठ तहसील के कई गांवों में झमाझम बारिश होने से किसानों के चेहरे पर खुशी की लहर लौट आई है। इस तेज बारिश के बाद क्षेत्र के किसानों में भारी उत्साह और प्रसन्नता देखी जा रही है।
    user_Nahar Singh Jat
    Nahar Singh Jat
    Farmer सुरोठ, करौली, राजस्थान•
    23 hrs ago
  • कोटा मंडल के गंगापुर सिटी जंक्शन रेलवे स्टेशन के भव्य पुनर्विकास और इसके आगामी लोकार्पण को लेकर मंडल रेल प्रबंधक श्री अनिल कालरा ने मीडिया प्रतिनिधियों के साथ एक विशेष मीडिया दौरे का आयोजन किया। माननीय प्रधानमंत्री महोदय द्वारा आगामी 17 जुलाई 2026 को अपराह्न 3:45 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देश भर के कुल 75 अमृत भारत स्टेशनों का एक साथ लोकार्पण किया जाएगा। राजस्थान के कुल 5 और पश्चिम मध्य रेलवे के 6 स्टेशनों में कोटा मंडल का यह गंगापुर सिटी जंक्शन भी शामिल है, जो कोटा मंडल के लिए एक गौरवपूर्ण उपलब्धि है। स्टेशन का पुनर्विकास अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है और इससे जुड़े सभी निर्धारित कार्य पूरे हो चुके हैं। मंडल रेल प्रबंधक श्री कालरा ने बताया कि लगभग 555 वर्गमीटर क्षेत्र में स्टेशन भवन का विस्तार व नवीनीकरण किया गया है। यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए 3 नए वातानुकूलित प्रतीक्षालय, 4 आधुनिक शौचालय ब्लॉक, लगभग 10,000 वर्गमीटर में विकसित सर्कुलेटिंग एरिया और सुव्यवस्थित यातायात प्रणाली तैयार की गई है। इसके अलावा, प्लेटफॉर्मों को जोड़ने के लिए लिफ्ट और एस्केलेटर की सुविधा के साथ 12 मीटर चौड़ा आधुनिक फुट ओवर ब्रिज बनाया गया है। स्टेशन पर लगभग 960 वर्गमीटर क्षेत्र में नए प्लेटफॉर्म शेल्टर और करीब 12,000 वर्गमीटर क्षेत्र में प्लेटफॉर्म सरफेसिंग का कार्य भी पूरा कर लिया गया है। यात्रियों की सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए इस स्टेशन को पूरी तरह से दिव्यांगजन अनुकूल बनाया गया है। इसमें रैंप, टैक्टाइल पाथ, पृथक पार्किंग, दिव्यांग अनुकूल शौचालय एवं पेयजल सुविधा, व्हीलचेयर, हेल्प बूथ और सुगम पहुंच मार्ग शामिल हैं। साथ ही, स्टेशन पर आधुनिक साइनेज, ट्रेन सूचना बोर्ड, कोच पोजीशन डिस्प्ले सिस्टम और डिजिटल प्लेटफॉर्म घड़ियां भी स्थापित की गई हैं। लोकार्पण समारोह 17 जुलाई 2026 को स्टेशन परिसर में ही आयोजित होगा, जिसमें दोपहर 2:00 बजे से सांसद, विधायक, अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, विद्यार्थी, यात्रीगण और रेलवे अधिकारी उपस्थित रहेंगे। इस कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, पुरस्कार वितरण और फिल्म प्रदर्शन का भी आयोजन होगा, जिसके बाद प्रधानमंत्री वर्चुअल माध्यम से स्टेशन का लोकार्पण करेंगे। मीडिया दौरे के उपरांत मंडल रेल प्रबंधक श्री अनिल कालरा ने तैयारियों का जायजा लिया और अधिकारियों को साज-सज्जा, बैठक व सुरक्षा प्रबंध समय पर पूरे करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह पुनर्विकसित स्टेशन यात्रियों को सुरक्षित व आधुनिक अनुभव देगा और क्षेत्रीय विकास, पर्यटन, व्यापार व स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेगा।
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    कोटा मंडल के गंगापुर सिटी जंक्शन रेलवे स्टेशन के भव्य पुनर्विकास और इसके आगामी लोकार्पण को लेकर मंडल रेल प्रबंधक श्री अनिल कालरा ने मीडिया प्रतिनिधियों के साथ एक विशेष मीडिया दौरे का आयोजन किया। माननीय प्रधानमंत्री महोदय द्वारा आगामी 17 जुलाई 2026 को अपराह्न 3:45 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देश भर के कुल 75 अमृत भारत स्टेशनों का एक साथ लोकार्पण किया जाएगा। राजस्थान के कुल 5 और पश्चिम मध्य रेलवे के 6 स्टेशनों में कोटा मंडल का यह गंगापुर सिटी जंक्शन भी शामिल है, जो कोटा मंडल के लिए एक गौरवपूर्ण उपलब्धि है।

स्टेशन का पुनर्विकास अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है और इससे जुड़े सभी निर्धारित कार्य पूरे हो चुके हैं। मंडल रेल प्रबंधक श्री कालरा ने बताया कि लगभग 555 वर्गमीटर क्षेत्र में स्टेशन भवन का विस्तार व नवीनीकरण किया गया है। यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए 3 नए वातानुकूलित प्रतीक्षालय, 4 आधुनिक शौचालय ब्लॉक, लगभग 10,000 वर्गमीटर में विकसित सर्कुलेटिंग एरिया और सुव्यवस्थित यातायात प्रणाली तैयार की गई है। इसके अलावा, प्लेटफॉर्मों को जोड़ने के लिए लिफ्ट और एस्केलेटर की सुविधा के साथ 12 मीटर चौड़ा आधुनिक फुट ओवर ब्रिज बनाया गया है। स्टेशन पर लगभग 960 वर्गमीटर क्षेत्र में नए प्लेटफॉर्म शेल्टर और करीब 12,000 वर्गमीटर क्षेत्र में प्लेटफॉर्म सरफेसिंग का कार्य भी पूरा कर लिया गया है।

यात्रियों की सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए इस स्टेशन को पूरी तरह से दिव्यांगजन अनुकूल बनाया गया है। इसमें रैंप, टैक्टाइल पाथ, पृथक पार्किंग, दिव्यांग अनुकूल शौचालय एवं पेयजल सुविधा, व्हीलचेयर, हेल्प बूथ और सुगम पहुंच मार्ग शामिल हैं। साथ ही, स्टेशन पर आधुनिक साइनेज, ट्रेन सूचना बोर्ड, कोच पोजीशन डिस्प्ले सिस्टम और डिजिटल प्लेटफॉर्म घड़ियां भी स्थापित की गई हैं।

लोकार्पण समारोह 17 जुलाई 2026 को स्टेशन परिसर में ही आयोजित होगा, जिसमें दोपहर 2:00 बजे से सांसद, विधायक, अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, विद्यार्थी, यात्रीगण और रेलवे अधिकारी उपस्थित रहेंगे। इस कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, पुरस्कार वितरण और फिल्म प्रदर्शन का भी आयोजन होगा, जिसके बाद प्रधानमंत्री वर्चुअल माध्यम से स्टेशन का लोकार्पण करेंगे। मीडिया दौरे के उपरांत मंडल रेल प्रबंधक श्री अनिल कालरा ने तैयारियों का जायजा लिया और अधिकारियों को साज-सज्जा, बैठक व सुरक्षा प्रबंध समय पर पूरे करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह पुनर्विकसित स्टेशन यात्रियों को सुरक्षित व आधुनिक अनुभव देगा और क्षेत्रीय विकास, पर्यटन, व्यापार व स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेगा।
    user_Uttam Kumar Meena
    Uttam Kumar Meena
    Media and information sciences faculty गंगापुर, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    41 min ago
  • करौली जिले के टोडाभीम तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम पहाड़ी में पिछले 25 से अधिक वर्षों से सड़क कच्ची होने के कारण ग्रामीण भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। गांव के निवासी निरंजन मीणा ने करौली के जिलाधिकारी को एक प्रार्थना पत्र सौंपकर सड़क की इस दुर्दशा की ओर उनका ध्यान आकर्षित किया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि यह कच्ची सड़क लगभग 30 से अधिक परिवारों और क्षेत्रों के लिए एकमात्र संपर्क मार्ग है, जिस पर न तो पक्का निर्माण हुआ है और न ही नाली की कोई व्यवस्था है। बारिश के मौसम में यह सड़क पूरी तरह से दलदल में तब्दील हो जाती है, जिससे किसानों को अपनी उपज मंडी तक ले जाने, बच्चों को स्कूल जाने और मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। निरंजन मीणा ने अपने पत्र में कानूनी और संवैधानिक आधारों का हवाला देते हुए लिखा है कि राजस्थान नगर पालिका अधिनियम, 2009 की धारा 104 व 105 और राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 88 के तहत सार्वजनिक मार्गों का निर्माण और रखरखाव करना ग्राम पंचायत व स्थानीय प्रशासन का कर्तव्य है। इसके अलावा, सड़क न होने से संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिलने वाले गरिमापूर्ण जीवन जीने के अधिकार का भी हनन हो रहा है। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की है कि इस सड़क का तुरंत भौतिक सर्वेक्षण कराया जाए और इसे मनरेगा, 15वें वित्त आयोग या पीएमजीएसवाई योजना के तहत पक्का किया जाए। इसके साथ ही, शिकायतकर्ता ने सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 6(1) के तहत जिलाधिकारी से 30 दिनों के भीतर तीन प्रमुख जानकारियां मांगी हैं। इनमें पिछले 3 वर्षों में सड़क के लिए आवंटित और खर्च हुए बजट का विवरण, इसे पक्का करने के प्रस्ताव की वर्तमान स्थिति, और इसके रखरखाव के लिए जिम्मेदार विभाग व अधिकारी का नाम तथा पद शामिल हैं। इस पत्र की प्रतिलिपियां जिला परिषद करौली के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और पंचायत समिति टोडाभीम के विकास अधिकारी को भी प्रेषित की गई हैं।
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    करौली जिले के टोडाभीम तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम पहाड़ी में पिछले 25 से अधिक वर्षों से सड़क कच्ची होने के कारण ग्रामीण भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। गांव के निवासी निरंजन मीणा ने करौली के जिलाधिकारी को एक प्रार्थना पत्र सौंपकर सड़क की इस दुर्दशा की ओर उनका ध्यान आकर्षित किया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि यह कच्ची सड़क लगभग 30 से अधिक परिवारों और क्षेत्रों के लिए एकमात्र संपर्क मार्ग है, जिस पर न तो पक्का निर्माण हुआ है और न ही नाली की कोई व्यवस्था है। बारिश के मौसम में यह सड़क पूरी तरह से दलदल में तब्दील हो जाती है, जिससे किसानों को अपनी उपज मंडी तक ले जाने, बच्चों को स्कूल जाने और मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

निरंजन मीणा ने अपने पत्र में कानूनी और संवैधानिक आधारों का हवाला देते हुए लिखा है कि राजस्थान नगर पालिका अधिनियम, 2009 की धारा 104 व 105 और राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 88 के तहत सार्वजनिक मार्गों का निर्माण और रखरखाव करना ग्राम पंचायत व स्थानीय प्रशासन का कर्तव्य है। इसके अलावा, सड़क न होने से संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिलने वाले गरिमापूर्ण जीवन जीने के अधिकार का भी हनन हो रहा है। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की है कि इस सड़क का तुरंत भौतिक सर्वेक्षण कराया जाए और इसे मनरेगा, 15वें वित्त आयोग या पीएमजीएसवाई योजना के तहत पक्का किया जाए।

इसके साथ ही, शिकायतकर्ता ने सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 6(1) के तहत जिलाधिकारी से 30 दिनों के भीतर तीन प्रमुख जानकारियां मांगी हैं। इनमें पिछले 3 वर्षों में सड़क के लिए आवंटित और खर्च हुए बजट का विवरण, इसे पक्का करने के प्रस्ताव की वर्तमान स्थिति, और इसके रखरखाव के लिए जिम्मेदार विभाग व अधिकारी का नाम तथा पद शामिल हैं। इस पत्र की प्रतिलिपियां जिला परिषद करौली के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और पंचायत समिति टोडाभीम के विकास अधिकारी को भी प्रेषित की गई हैं।
    user_Niranjan Meena
    Niranjan Meena
    Electrician टोडाभीम, करौली, राजस्थान•
    22 hrs ago
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