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मध्य प्रदेश में देशभर से अच्छी कनेक्टिविटी वाले तीन प्रमुख रेलवे स्टेशन हैं, जहाँ से आप लगभग हर जगह के लिए ट्रेन पकड़ सकते हैं: जबलपुर जंक्शन (JBP): यह पश्चिम मध्य रेलवे का मुख्यालय है और देश के लगभग हर कोने के लिए यहां से ट्रेनें उपलब्ध हैं। इटारसी जंक्शन (ET): यह मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा जंक्शन है, जो उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम के लिए मुख्य केंद्र है। भोपाल जंक्शन (BPL): यह राजधानी स्टेशन है, जो दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे प्रमुख महानगरों से सीधे जुड़ा हुआ है।
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मध्य प्रदेश में देशभर से अच्छी कनेक्टिविटी वाले तीन प्रमुख रेलवे स्टेशन हैं, जहाँ से आप लगभग हर जगह के लिए ट्रेन पकड़ सकते हैं: जबलपुर जंक्शन (JBP): यह पश्चिम मध्य रेलवे का मुख्यालय है और देश के लगभग हर कोने के लिए यहां से ट्रेनें उपलब्ध हैं। इटारसी जंक्शन (ET): यह मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा जंक्शन है, जो उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम के लिए मुख्य केंद्र है। भोपाल जंक्शन (BPL): यह राजधानी स्टेशन है, जो दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे प्रमुख महानगरों से सीधे जुड़ा हुआ है।
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- बनखेड़ी नगर की सेंट मैरी कॉन्वेंट हायर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा आस्था भार्गव ने कक्षा दसवीं की सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में 94.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। उनकी इस सफलता से परिवार के साथ-साथ पूरे नगर में हर्ष का माहौल है। आस्था ने अपनी उपलब्धि का श्रेय स्कूल के प्राचार्य फादर स्टैंड जेरी एंटो, समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं और अपने परिवार को दिया है। उन्होंने बताया कि शिक्षकों के मार्गदर्शन और नियमित अध्ययन से ही यह सफलता संभव हो सकी। आस्था, बनखेड़ी निवासी श्री नरेश भार्गव की पुत्री हैं, जो लंबे समय से शैक्षणिक गतिविधियों से जुड़े हैं। आस्था की इस उपलब्धि पर स्कूल स्टाफ, मित्रों और नगरवासियों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।1
- Post by ABDUL1
- दीवारों को नया लुक देने बाले वॉलपेपर तेरे लिए संपर्क करें आपके अपने जिले में फोन के माध्यम से ही ऑर्डर दे कैटलॉग के द्वारा डिजाइन पसंद करें खिड़की के लिए ब्लाइंड पर्दे साथ में छोटा साउंडसिस्टम शादी पार्टी के लिए उपलब्ध है साथ में मेंइलेक्ट्रीशियन का काम भी2
- कम मोहन यादव भूले विधायक का नाम1
- सीएम के दौरे से पहले आशा-उषा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने थाने में किया बंद, गेट पर लगाया ताला मुख्यमंत्री मोहन यादव के सिवनी मालवा आगमन की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन द्वारा आशा और उषा कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, दर्जनों आशा-उषा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लेकर थाना परिसर में बंद कर दिया, यहां तक कि थाने के गेट पर ताला भी लगा दिया गया। इस कार्रवाई से नाराज कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनका आरोप है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपना चाहते थे, लेकिन उन्हें ऐसा करने से पहले ही रोक दिया गया। कार्यकर्ताओं ने बताया कि उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बुलाया गया था और कहा गया कि एसडीएम उनसे चर्चा करना चाहते हैं। लेकिन वहां से उन्हें सीधे थाने ले जाकर बंद कर दिया गया। आशा-उषा कार्यकर्ताओं की जिला अध्यक्ष बबीता चौबे ने आरोप लगाते हुए कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना चाहती थीं। उन्होंने विधायक और अधिकारियों के माध्यम से भी अपनी बात पहुंचाई थी, लेकिन इसके बावजूद उन्हें गुमराह कर थाने लाया गया। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस उनके घर तक पहुंची और बाद में अस्पताल से उन्हें थाने लाकर गेट बंद कर दिया गया। इस घटना के बाद क्षेत्र में प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं।1
- सोहागपुर (होशंगाबाद)-प्रतिदिन की भांति आज भी राम रहीम रोटी बैंक (समिति) में आकर रामप्रसाद वार्ड (मारूपुरा) निवासी श्रीमती वंदना कपरिया ने अपने पुत्र प्रथम कपरिया एवं पुत्री कुमारी कणिंका कपरिया के संग आकर अपने पति स्वर्गीय श्री वीरेंद्र कपरिया जी की पांचवीं पुण्यतिथि के अवसर पर उनकी पुण्य स्मृति में बेघर, बेसहारा, वृद्ध, बच्चों एवं महिलाओं को फलफ्रूट, मिष्ठान, नमकीन के साथ स्वादिष्ट भोजन कराकर पुण्य व सराहनीय कार्य किया गया।1
- गांव में गाली देने पर बैन, अनोखा फैसला बना चर्चा का विषय मध्य प्रदेश के एक गांव ने समाज में बढ़ती अभद्र भाषा पर रोक लगाने के लिए अनोखा कदम उठाया है। गांव पंचायत ने फैसला किया है कि कोई भी व्यक्ति अगर गाली देते हुए पकड़ा जाता है, तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा और सजा के तौर पर पूरे गांव में झाड़ू लगानी होगी। इस फैसले के पीछे मकसद गांव का माहौल सुधारना और नई पीढ़ी को बेहतर संस्कार देना बताया जा रहा है। सोशल मीडिया पर भी इस पहल की खूब सराहना हो रही है, जहां लोग इसे एक सकारात्मक बदलाव की शुरुआत मान रहे हैं। हालांकि, कुछ लोग इसे सख्त नियम भी बता रहे हैं, लेकिन ज्यादातर का मानना है कि ऐसी पहल से समाज में शालीनता और आपसी सम्मान बढ़ेगा।1
- बनखेड़ी। गोविंद नगर के कृषि विशेषज्ञ देवीसिंह ने किसानों को मूंग फसल में खरपतवार नियंत्रण के प्रभावी उपाय बताए। उन्होंने कहा कि समय पर निदाई-गुड़ाई, अनुशंसित खरपतवारनाशी दवाओं का संतुलित उपयोग तथा शुरुआती 20–30 दिनों में विशेष निगरानी से फसल की बढ़वार बेहतर होती है और उत्पादन में वृद्धि मिलती है। किसानों को सलाह दी गई कि वैज्ञानिक तरीके अपनाकर लागत कम और उपज अधिक प्राप्त करें।1