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मंडला मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने सभा को किया संबोधित
Govardhan kushwaha
मंडला मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने सभा को किया संबोधित
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- मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने सभा को किया संबोधित1
- Post by प्रशांत पटैल1
- आज 1 अप्रैल से पूरे मध्यप्रदेश में नवीन शिक्षण सत्र 2026-27 का शुभारंभ हुआ, और इसी के तहत बुधवार को सुबह 11:30 बजे बम्हनी बंजर के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में प्रवेशोत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नगर परिषद अध्यक्षा श्रीमती मीना हरदाहा, उपाध्यक्ष बद्री नंदा, और शालेय समिति के सदस्य योगेश चौरसिया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की पूजन से हुई, जिसके उपरांत शाला में उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त करने वाली छात्राओं को तिलक वंदन और पुष्प गुच्छ से सम्मानित किया गया। इसके बाद नए सत्र की पुस्तकें वितरित की गईं। शासन की योजना के अनुसार, नगर के आसपास से आने वाली लगभग 80 छात्राओं को स्कूल आने-जाने के लिए साइकिल प्रदान की गई। साइकिल पाकर छात्राओं के चेहरे पर खुशी झलक रही थी, जो इस योजना की सफलता को दर्शाता है। नगर अध्यक्षा श्रीमती मीना हरदाहा ने छात्राओं को साइकिल प्रदान किए जाने वाली योजना के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।1
- Post by Neelesh THAKUR1
- प्राथमिक शिक्षक खेमचंद सिंगराम की सेवानिवृत्ति पर भव्य विदाई समारोह, गांव में निकाली गई रैली घुघरी। मंडला जिले के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र विकासखंड मोहगांव अंतर्गत ग्राम पंचायत सुड़गांव स्थित जनपद प्राथमिक शाला में पदस्थ प्राथमिक शिक्षक खेमचंद सिंगराम के सेवानिवृत्ति उपरांत विद्यालय परिसर में भावपूर्ण विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सर्व प्रथम मां सरस्वती के चलचित्र पर तिलक बंदन कर कार्यक्रम की शुरुआत किया गया इस दौरान जनप्रतिनिधि, शिक्षकगण, ग्रामवासी एवं विद्यार्थियों ने उपस्थित होकर उनके दीर्घकालीन सेवा कार्यों की सराहना की और उन्हें सम्मानपूर्वक विदाई दी। बताया गया कि श्री खेमचंद सिंगराम वर्ष 1998 से शासकीय सेवा में कार्यरत रहे और लगभग 28 वर्षों तक शिक्षा के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान कीं। उन्होंने दूरस्थ आदिवासी क्षेत्र में रहकर बच्चों को शिक्षा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वे डिंडोरी स्थित अपने घर से प्रतिदिन सुबह 7 बजे विद्यालय के लिए निकलते थे। बस चालक और परिचालक भी उनके समर्पण को देखते हुए उनके लिए सीट सुरक्षित रखते थे। बस से उतरने के बाद उन्हें लगभग चार किलोमीटर रास्ते पर पैदल चलकर विद्यालय पहुंचना पड़ता था। बरसात के समय रास्ता कीचड़ से भरा रहता था, लेकिन कठिन परिस्थितियों के बावजूद वे नियमित रूप से सुबह लगभग 10:30 बजे तक शाला पहुंचकर विद्यार्थियों को पढ़ाते थे। विदाई समारोह के बाद शाला परिसर से गांव के अंदर होते हुए बड़ा देव ठाना तक भव्य रैली निकाली गई। इस रैली में विद्यालय के शिक्षक, विद्यार्थी तथा गांव के अनेक नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए। पूरे गांव में उत्साह और सम्मान का वातावरण देखने को मिला। कार्यक्रम में उपस्थित तिलक मरावी प्रभारी शिक्षक, चेतराम वरकडे़, तरूण भवेदी, कृष्ण कुमार , दशरथ वरकडे़,आशा झारिया, चन्दरा मरावी, संगीता भारतीया , भावना,कविता झारिया , हनुमान आर्मो, चौधरी सैयाम, बलसिंह सैयाम,बीर सिंह धुर्वे, पोहोप सिंह उईके,महेश कुमार परते, सामाजसेवी इन्द्रमेन मार्को एवं स्कूल छात्र छात्राओं गांव के समस्त लोगों ने श्री खेमचंद सिंगराम की कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और शिक्षा के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए उनके सुखद, स्वस्थ एवं उज्ज्वल पारिवारिक जीवन की कामना की। कार्यक्रम के अंत में उन्हें सम्मानित कर नई जीवन यात्रा के लिए शुभकामनाएं दी गईं।1
- कायर सरकार इतना डर गई1
- किंदरई//विकासखंड मंदसौर के अंतर्गत ग्राम पंचायत किंदरई में भीषण गर्मी के इस दौर में जहां इंसानों के साथ-साथ पशु-पक्षियों का जीवन भी कठिन हो जाता है, वहीं गांव के युवाओं द्वारा किया गया एक सराहनीय कार्य मानवता और संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है। गांव में स्थित हेडपंप के पास एक टका (जल संचयन गड्ढा) था, जिसमें हेडपंप से निकलने वाला अतिरिक्त पानी एकत्रित होता था। समय के साथ यह टका गंदगी, कचरे और कीचड़ से भर गया था, जिससे उसमें जमा पानी मवेशियों के पीने योग्य नहीं रह गया था। भीषण गर्मी के कारण जब जल स्रोत सीमित होने लगे, तब मवेशियों को स्वच्छ पानी मिलना और भी कठिन हो गया। ऐसी स्थिति में गांव के जागरूक और जिम्मेदार युवाओं ने इस समस्या को समझा और स्वयं आगे आकर समाधान करने का निर्णय लिया। बिना किसी स्वार्थ के उन्होंने सामूहिक रूप से टका की सफाई का कार्य शुरू किया। सबसे पहले टका में जमा गंदे पानी को बाहर निकाला गया, फिर उसमें पड़ी प्लास्टिक, कचरा और अन्य गंदगी को हटाया गया। इसके बाद टका की दीवारों और तल को अच्छी तरह साफ किया गया ताकि उसमें फिर से स्वच्छ पानी जमा हो सके। युवाओं के इस प्रयास से न केवल टका साफ हुआ, बल्कि हेडपंप से निकलने वाला पानी अब सीधे साफ टका में जमा होने लगा। इससे गांव के मवेशियों को स्वच्छ और ठंडा पानी पीने के लिए उपलब्ध हो गया। गर्मी के इस कठिन समय में यह कार्य मवेशियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। गांव के बुजुर्गों और अन्य लोगों ने भी युवाओं के इस कार्य की सराहना की और इसे एक प्रेरणादायक पहल बताया। यह कार्य न केवल पशु सेवा का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि यदि समाज के युवा जागरूक और जिम्मेदार बनें, तो वे किसी भी समस्या का समाधान स्वयं कर सकते हैं। इस पहल ने गांव में एक सकारात्मक संदेश भी दिया है कि हमें अपने आसपास के प्राकृतिक संसाधनों की देखभाल करनी चाहिए और जरूरतमंद जीवों के प्रति दया और करुणा रखनी चाहिए। आने वाले समय में यदि ऐसे ही प्रयास जारी रहे, तो न केवल मवेशियों बल्कि पूरे गांव के लिए जल संरक्षण और स्वच्छता की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इस प्रकार, भीषण गर्मी में गांव के युवाओं द्वारा किया गया यह कार्य निस्वार्थ सेवा, जागरूकता और सामूहिक प्रयास का एक सुंदर उदाहरण है, जो अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है।1
- मंडला - हनुमान जन्मोत्सव पर निकलेगी आज भव्य शोभायात्रा स्थान उदय चौक समय 4 बजे..1