गांव के युवाओं द्वारा किया गया एक सराहनीय कार्य किंदरई//विकासखंड मंदसौर के अंतर्गत ग्राम पंचायत किंदरई में भीषण गर्मी के इस दौर में जहां इंसानों के साथ-साथ पशु-पक्षियों का जीवन भी कठिन हो जाता है, वहीं गांव के युवाओं द्वारा किया गया एक सराहनीय कार्य मानवता और संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है। गांव में स्थित हेडपंप के पास एक टका (जल संचयन गड्ढा) था, जिसमें हेडपंप से निकलने वाला अतिरिक्त पानी एकत्रित होता था। समय के साथ यह टका गंदगी, कचरे और कीचड़ से भर गया था, जिससे उसमें जमा पानी मवेशियों के पीने योग्य नहीं रह गया था। भीषण गर्मी के कारण जब जल स्रोत सीमित होने लगे, तब मवेशियों को स्वच्छ पानी मिलना और भी कठिन हो गया। ऐसी स्थिति में गांव के जागरूक और जिम्मेदार युवाओं ने इस समस्या को समझा और स्वयं आगे आकर समाधान करने का निर्णय लिया। बिना किसी स्वार्थ के उन्होंने सामूहिक रूप से टका की सफाई का कार्य शुरू किया। सबसे पहले टका में जमा गंदे पानी को बाहर निकाला गया, फिर उसमें पड़ी प्लास्टिक, कचरा और अन्य गंदगी को हटाया गया। इसके बाद टका की दीवारों और तल को अच्छी तरह साफ किया गया ताकि उसमें फिर से स्वच्छ पानी जमा हो सके। युवाओं के इस प्रयास से न केवल टका साफ हुआ, बल्कि हेडपंप से निकलने वाला पानी अब सीधे साफ टका में जमा होने लगा। इससे गांव के मवेशियों को स्वच्छ और ठंडा पानी पीने के लिए उपलब्ध हो गया। गर्मी के इस कठिन समय में यह कार्य मवेशियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। गांव के बुजुर्गों और अन्य लोगों ने भी युवाओं के इस कार्य की सराहना की और इसे एक प्रेरणादायक पहल बताया। यह कार्य न केवल पशु सेवा का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि यदि समाज के युवा जागरूक और जिम्मेदार बनें, तो वे किसी भी समस्या का समाधान स्वयं कर सकते हैं। इस पहल ने गांव में एक सकारात्मक संदेश भी दिया है कि हमें अपने आसपास के प्राकृतिक संसाधनों की देखभाल करनी चाहिए और जरूरतमंद जीवों के प्रति दया और करुणा रखनी चाहिए। आने वाले समय में यदि ऐसे ही प्रयास जारी रहे, तो न केवल मवेशियों बल्कि पूरे गांव के लिए जल संरक्षण और स्वच्छता की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इस प्रकार, भीषण गर्मी में गांव के युवाओं द्वारा किया गया यह कार्य निस्वार्थ सेवा, जागरूकता और सामूहिक प्रयास का एक सुंदर उदाहरण है, जो अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है।
गांव के युवाओं द्वारा किया गया एक सराहनीय कार्य किंदरई//विकासखंड मंदसौर के अंतर्गत ग्राम पंचायत किंदरई में भीषण गर्मी के इस दौर में जहां इंसानों के साथ-साथ पशु-पक्षियों का जीवन भी कठिन हो जाता है, वहीं गांव के युवाओं द्वारा किया गया एक सराहनीय कार्य मानवता और संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है। गांव में स्थित हेडपंप के पास एक टका (जल संचयन गड्ढा) था, जिसमें हेडपंप से निकलने वाला अतिरिक्त पानी एकत्रित होता था। समय के साथ यह टका गंदगी, कचरे और कीचड़ से भर गया था, जिससे उसमें जमा पानी मवेशियों के पीने योग्य नहीं रह गया था। भीषण गर्मी के कारण जब जल स्रोत सीमित होने लगे, तब मवेशियों को स्वच्छ पानी मिलना और भी कठिन हो गया। ऐसी स्थिति में गांव के जागरूक और जिम्मेदार युवाओं ने इस समस्या को समझा और स्वयं आगे आकर समाधान करने का निर्णय लिया। बिना किसी स्वार्थ के उन्होंने सामूहिक रूप से टका की सफाई का कार्य शुरू किया। सबसे पहले टका में जमा गंदे पानी को बाहर निकाला गया, फिर उसमें पड़ी प्लास्टिक, कचरा और अन्य गंदगी को हटाया गया। इसके बाद टका की दीवारों और तल को अच्छी तरह साफ किया गया ताकि उसमें फिर से स्वच्छ पानी जमा हो सके। युवाओं के इस प्रयास से न केवल टका साफ हुआ, बल्कि हेडपंप से निकलने वाला पानी अब सीधे साफ टका में जमा होने लगा। इससे गांव के मवेशियों को स्वच्छ और ठंडा पानी पीने के लिए उपलब्ध हो गया। गर्मी के इस कठिन समय में यह कार्य मवेशियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। गांव के बुजुर्गों और अन्य लोगों ने भी युवाओं के इस कार्य की सराहना की और इसे एक प्रेरणादायक पहल बताया। यह कार्य न केवल पशु सेवा का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि यदि समाज के युवा जागरूक और जिम्मेदार बनें, तो वे किसी भी समस्या का समाधान स्वयं कर सकते हैं। इस पहल ने गांव में एक सकारात्मक संदेश भी दिया है कि हमें अपने आसपास के प्राकृतिक संसाधनों की देखभाल करनी चाहिए और जरूरतमंद जीवों के प्रति दया और करुणा रखनी चाहिए। आने वाले समय में यदि ऐसे ही प्रयास जारी रहे, तो न केवल मवेशियों बल्कि पूरे गांव के लिए जल संरक्षण और स्वच्छता की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इस प्रकार, भीषण गर्मी में गांव के युवाओं द्वारा किया गया यह कार्य निस्वार्थ सेवा, जागरूकता और सामूहिक प्रयास का एक सुंदर उदाहरण है, जो अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है।
- कायर सरकार इतना डर गई1
- किंदरई//विकासखंड मंदसौर के अंतर्गत ग्राम पंचायत किंदरई में भीषण गर्मी के इस दौर में जहां इंसानों के साथ-साथ पशु-पक्षियों का जीवन भी कठिन हो जाता है, वहीं गांव के युवाओं द्वारा किया गया एक सराहनीय कार्य मानवता और संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है। गांव में स्थित हेडपंप के पास एक टका (जल संचयन गड्ढा) था, जिसमें हेडपंप से निकलने वाला अतिरिक्त पानी एकत्रित होता था। समय के साथ यह टका गंदगी, कचरे और कीचड़ से भर गया था, जिससे उसमें जमा पानी मवेशियों के पीने योग्य नहीं रह गया था। भीषण गर्मी के कारण जब जल स्रोत सीमित होने लगे, तब मवेशियों को स्वच्छ पानी मिलना और भी कठिन हो गया। ऐसी स्थिति में गांव के जागरूक और जिम्मेदार युवाओं ने इस समस्या को समझा और स्वयं आगे आकर समाधान करने का निर्णय लिया। बिना किसी स्वार्थ के उन्होंने सामूहिक रूप से टका की सफाई का कार्य शुरू किया। सबसे पहले टका में जमा गंदे पानी को बाहर निकाला गया, फिर उसमें पड़ी प्लास्टिक, कचरा और अन्य गंदगी को हटाया गया। इसके बाद टका की दीवारों और तल को अच्छी तरह साफ किया गया ताकि उसमें फिर से स्वच्छ पानी जमा हो सके। युवाओं के इस प्रयास से न केवल टका साफ हुआ, बल्कि हेडपंप से निकलने वाला पानी अब सीधे साफ टका में जमा होने लगा। इससे गांव के मवेशियों को स्वच्छ और ठंडा पानी पीने के लिए उपलब्ध हो गया। गर्मी के इस कठिन समय में यह कार्य मवेशियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। गांव के बुजुर्गों और अन्य लोगों ने भी युवाओं के इस कार्य की सराहना की और इसे एक प्रेरणादायक पहल बताया। यह कार्य न केवल पशु सेवा का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि यदि समाज के युवा जागरूक और जिम्मेदार बनें, तो वे किसी भी समस्या का समाधान स्वयं कर सकते हैं। इस पहल ने गांव में एक सकारात्मक संदेश भी दिया है कि हमें अपने आसपास के प्राकृतिक संसाधनों की देखभाल करनी चाहिए और जरूरतमंद जीवों के प्रति दया और करुणा रखनी चाहिए। आने वाले समय में यदि ऐसे ही प्रयास जारी रहे, तो न केवल मवेशियों बल्कि पूरे गांव के लिए जल संरक्षण और स्वच्छता की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इस प्रकार, भीषण गर्मी में गांव के युवाओं द्वारा किया गया यह कार्य निस्वार्थ सेवा, जागरूकता और सामूहिक प्रयास का एक सुंदर उदाहरण है, जो अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है।1
- Post by Salim khan1
- नैनपुर तहसील के अंतर्गत ग्राम पंचायत अलीपुर ,धतूरा और चीजगांव का दौरा कर हाल ही में हुई ओलावृष्टि से किसानों की गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचा । इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों की स्थिति का निरीक्षण करने के लिए कैबिनेट मंत्री संपतिया उईके पूरे राजस्व अमले और प्रशासनिक अमले के साथ गांव पहुंची। जहां मंत्री ने खुद खेतों में प्रभावित हुई फसल के बीच जाकर का फसल की क्षति का जायजा लिया और किसानों से सीधे संवाद किया। किसानों ने बताया कि ओलावृष्टि के कारण उनकी गेहूं की फसल लगभग पूरी तरह बर्बाद हो गई है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। कैबिनेट मंत्री ने किसानों को आश्वासन दिया कि शासन द्वारा नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाया जाएगा। उन्होंने मौके पर उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिए कि तत्काल में प्राकृतिक आपदा से किसानों की फसल को नुकसान हुआ है उसकी जल्द से जल्द रिपोर्ट तैयार कर प्रभावित किसानों को राहत राशी दी जाए। वहीं लोगों ने किसानों ने नेशनल हाईवे के बाई पास पर उनकी जमीन आने पर प्रशासन के द्वारा कम मुआवजा देने की बात कही। हाईवे जो की अतरिया, ईटका, धतूरा, जामगांव होते हुए निकल रहा है। जिस पर मंत्री संपतिया उईके ने जिला प्रशासन को किसानों की समस्या को हल करने के निर्देश दिए।इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि के साथ अपर कलेक्टर राजेंद्र सिंह मंडला,एस डी एम आशुतोष महादेव ठाकुर नैनपुर, तहसीलदार हरि सिंह धुर्वे, थाना प्रभारी बलदेव सिंह मुजाल्दा, आर आई, पटवारी, और पूरा प्रशासनिक अमला भी मौजूद रहा1
- मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने सभा को किया संबोधित1
- Post by प्रशांत पटैल1
- आज 1 अप्रैल से पूरे मध्यप्रदेश में नवीन शिक्षण सत्र 2026-27 का शुभारंभ हुआ, और इसी के तहत बुधवार को सुबह 11:30 बजे बम्हनी बंजर के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में प्रवेशोत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नगर परिषद अध्यक्षा श्रीमती मीना हरदाहा, उपाध्यक्ष बद्री नंदा, और शालेय समिति के सदस्य योगेश चौरसिया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की पूजन से हुई, जिसके उपरांत शाला में उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त करने वाली छात्राओं को तिलक वंदन और पुष्प गुच्छ से सम्मानित किया गया। इसके बाद नए सत्र की पुस्तकें वितरित की गईं। शासन की योजना के अनुसार, नगर के आसपास से आने वाली लगभग 80 छात्राओं को स्कूल आने-जाने के लिए साइकिल प्रदान की गई। साइकिल पाकर छात्राओं के चेहरे पर खुशी झलक रही थी, जो इस योजना की सफलता को दर्शाता है। नगर अध्यक्षा श्रीमती मीना हरदाहा ने छात्राओं को साइकिल प्रदान किए जाने वाली योजना के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।1
- मंडला - हनुमान जन्मोत्सव पर निकलेगी आज भव्य शोभायात्रा स्थान उदय चौक समय 4 बजे..1