गायकों ने धार्मिक एवं पौराणिक कथाओं की कन्हैया दंगल में दी प्रस्तुति,श्रोताओं का मन मोहा। गंगापुर सिटी ग्राम पंचायत नारौली डांग के श्री भैरों बाबा मंदिर देहरा वाले के प्रांगण में आम बस्ती की ओर से चल रहे तीन दिवसीय पद व कन्हैया दंगल में कई पार्टियों ने भाग लेकर धार्मिक और पौराणिक कथाओं पर आधारित गीतों की प्रस्तुति दी। मंदिर कमेटी अध्यक्ष राजकुमार मीना व कोषाध्यक्ष रामकिशन गुरूजी ने बताया कि कन्हैया दंगल समापन के दिन ख्यालीराम व हरकेश एण्ड पार्टी दुधराई, धर्मसिंह व जगराम एण्ड पार्टी गनीपुर सिकराय व कैलाश व श्यामलाल एण्ड पार्टी रानेटा की कन्हैया पार्टियों के गायक कलाकारों के द्वारा धार्मिक एवं पौराणिक कथाओं के आधार पर स्वरचित रचनाएं प्रस्तुत की। जिन्हें सुनकर श्रोता भावविभोर हो गए। दंगल शुरू होने से देर शाम तक लोगों की भीड़ जमा रही। दंगल में लोंगो की भीड़ देखते ही बन रही थी। कन्हैया दंगल के समापन पर गांव के पंच-पटेलों व कमेटी के सदस्यों ने पार्टियों के कलाकारों का माला पहनाकर व साफा बांध कर स्वागत किया।
गायकों ने धार्मिक एवं पौराणिक कथाओं की कन्हैया दंगल में दी प्रस्तुति,श्रोताओं का मन मोहा। गंगापुर सिटी ग्राम पंचायत नारौली डांग के श्री भैरों बाबा मंदिर देहरा वाले के प्रांगण में आम बस्ती की ओर से चल रहे तीन दिवसीय पद व कन्हैया दंगल में कई पार्टियों ने भाग लेकर धार्मिक और पौराणिक कथाओं पर आधारित गीतों की प्रस्तुति दी। मंदिर कमेटी अध्यक्ष राजकुमार मीना व कोषाध्यक्ष रामकिशन गुरूजी ने बताया कि कन्हैया दंगल समापन के दिन ख्यालीराम व हरकेश एण्ड पार्टी दुधराई, धर्मसिंह व जगराम एण्ड पार्टी गनीपुर सिकराय व कैलाश व श्यामलाल एण्ड पार्टी रानेटा की कन्हैया पार्टियों के गायक कलाकारों के द्वारा धार्मिक एवं पौराणिक कथाओं के आधार पर स्वरचित रचनाएं प्रस्तुत की। जिन्हें सुनकर श्रोता भावविभोर हो गए। दंगल शुरू होने से देर शाम तक लोगों की भीड़ जमा रही। दंगल में लोंगो की भीड़ देखते ही बन रही थी। कन्हैया दंगल के समापन पर गांव के पंच-पटेलों व कमेटी के सदस्यों ने पार्टियों के कलाकारों का माला पहनाकर व साफा बांध कर स्वागत किया।
- Post by Anil Kumar journalist1
- गंगापुर सिटी में मंगलवार को सैन समाज द्वारा सैन जयंती मनाई गई। इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें शाम 6 बजे बैंड बाजे के साथ शहर के प्रमुख बाजारों से शोभायात्रा निकाली गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विधायक रामकेश मीणा का समाज के लोगों ने माला-साफा पहनाकर अभिनंदन किया।विधायक रामकेश मीणा ने इस अवसर पर सैन धर्मशाला में हॉल निर्माण के लिए 5 लाख रुपए देने की घोषणा की। सैन जयंती महोत्सव की शुरुआत सैन धर्मशाला नेहरू पार्क में विनायक स्थापना और हवन पूजन के साथ हुई। शाम 5 बजे सैन महाराज की घोड़ी, माला और चंवर आदि की बोली लगाई गई। प्रथम घोड़ी की बोली विनोद चंदौली ने, द्वितीय घोड़ी की बोली कैलाश जरा ने ली। इसी प्रकार, द्वितीय चंवर की बोली धर्मेंद्र शहर ने, प्रथम चंवर की बोली बजरंग केशियर ने लगाई। सैन महाराज की माला की बोली सत्यनारायण हरसोता ने और रथ के सारथी की बोली पवन अध्यापक ने ली। शाम 6 बजे सैन महाराज की शोभायात्रा बैंडबाजों के साथ शहर के प्रमुख मार्गों से निकाली गई। यह शोभायात्रा सैन धर्मशाला से शुरू होकर विभिन्न मार्गों से होते हुए वापस धर्मशाला पहुंची। शोभायात्रा में रथ, घोड़े और सजीव झांकियां शामिल थीं। इनमें शिव परिवार, राधा-कृष्ण और श्री सैन महाराज की आकर्षक झांकियां सजाई गई थीं। रथ में सैन महाराज विराजमान थे।सैन जयंती के अवसर पर सैन समाज ने शहर भर में अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। समाज के बड़ी संख्या में महिला, पुरुष, युवा और बच्चे शोभायात्रा में शामिल हुए। शोभायात्रा का मार्ग में जगह-जगह पुष्प वर्षा और अल्पाहार कराकर स्वागत किया गया। शोभायात्रा में शामिल महिला-पुरुष भजनों पर नाचते-गाते हुए सैन महाराज और नारायणी माता के जयकारे लगा रहे थे। शोभायात्रा के समापन पर सभी को प्रसादी वितरित की गई। इस आयोजन में कमेटी सदस्य-पदाधिकारी सहित समाज के सैकड़ों लोग उपस्थित थे। शोभायात्रा में कलुआराम सैन, राहुल सिरोहिया, गोपाल सैन, विष्णु सैन, लल्लू लिवाली, जगदीश सैन, प्रवीण सैन, रमेश सैन, सुनील सैन, गणेश सिरोहिया, पप्पू सैन, रामचरण सैन, शिब्बा सैन टोकसी, घनश्याम दलपुरा, जगदीश रीडर, बबलू सिसोदिया और गोविंद सहित समाज के कई प्रमुख सदस्य शामिल थे।1
- अंबेडकर जयंती पर निकाली शोभायात्रा रैली जगह-जगह हुए कई कार्यक्रम धूमधाम से मनाई अंबेडकर जयंती गंगापुर सिटी। संविधान निर्माता डॉ भीमराव अंबेडकर की जयंती मंगलवार को हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी धूमधाम से मनाई गई। यहां डॉ. बीआर अंबेडकर महासभा की ओर से शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गो से होकर निकल गई। गंगापुर सिटी में डॉ बी आर अंबेडकर महासभा की ओर से अंबेडकर शोभा यात्रा का आयोजन किया गया। शोभा यात्रा मिर्जापुर से अंबेडकर धर्मशाला, ईदगाह, ट्रक यूनियन, कैलाश टॉकीज, बालाजी चौक, खारी बाजार, देवी स्टोर चौराहा से व्यापार मंडल, पुरानी अनाज मंडी, कोर्ट सर्किल, कोतवाली थाना सनी बाबा चौराहा से बजरिया, रैगर मोहल्ला पहुंची। कार्यकर्ता हाथों में झंडा लिए और डॉक्टर अंबेडकर के जयकारे लगाते हुए रैली में शामिल हुए। शोभा यात्रा में डॉ बी आर अंबेडकर , संविधान, बौद्ध आदि की झांकी लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। शोभा यात्रा का मार्ग में जगह जगह पुष्प वर्षा कर, जलपान, अल्पाहार से स्वागत किया गया। उत्साही युवक भजनों और नारों पर नाचते गाते हुए चल रहे थे। कोतवाली थाना अधिकारी करण सिंह सहित पुलिस जवान शोभायात्रा में साथ चल रहे थे। इस दौरान डॉक्टर बीआर अंबेडकर महासभा के अध्यक्ष सतीश धामोनिया, उपाध्यक्ष प्रकाशचंद ठेकेदार, संगठन मंत्री हरिलाल पेंटर, रामजीलाल अधिकारी, गिर्राज प्रसाद बेरवा, मुरारी लाल बेरवा, भारत लाल बेरवा, बाबूलाल जाटव, गोपाल धामोनिया, शिवचरण जाट, नवल किशोर, चोखे लाल कोली, रवि गेचंद, रवि वर्मा, दिनेश मारुति, हेमराज महावर, हरीश महावर, सुरेश रेगर सहित हजारों लोग शामिल थे।1
- बामनवास l उपखण्ड क्षेत्र के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय कोयला में विद्यालयी शिक्षा विभाग के आदेश की अनुपलना में नवीन शिक्षण सत्र में शुभारम्भ ऋषभ पखवाड़े के तहत परम पूज्य आचार्य श्री 108 सन्मति महाराज और परम पूज्य बुंदेलखण्ड केसरी आचार्य श्री 108 सिद्धान्त सागर जी महाराज की परम शिष्या परम पूज्य गणिनी आर्यिकारत्न णमोकार जिनशासन प्रभाविक गुरु मां 105 श्री संगममति माताजी ने विद्यार्थियों को प्रवचन के माध्यम से देवाधिदेव भगवान ऋषभदेव के जीवन के बारे में बताते हुए उनके सिद्धांतों को जीवन में उतरने की सीख दी l कार्यक्रम का शुभारम्भ राजकीय विद्यालय की प्रधानाचार्य अनिता मीणा ने देवाधिदेव ऋषभदेव भगवान और मां सरस्वती चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन करने के साथ हुआ l इसके बाद विद्यार्थियों ने ऋषभ देव की स्तुति की जिससे सम्पूर्ण वातावरण आध्यात्मिक उर्जा एवं सकारात्मकता से ओत प्रोत हो गया l इस अवसर पर वर्धमान कोचिंग की निदेशक एकता जैन ने प्रधानाचार्य अनिता मीणा का दुपट्टा पहनाते हुए जय जिनेन्द्र का बैज लगाकर उनका स्वागत सम्मान किया l विद्यालय के शिक्षक बाबूलाल जैन ने देवाधिदेव ऋषभदेव भगवान के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी प्रदान की l प्रधानाचार्य अनिता मीणा ने बताया कि शिक्षा विभाग अभिनव पहल पर आयोजित किया जा रहा ऋषभदेव पखवाड़ा विद्यार्थियों के अन्दर छुपी हुई प्रतिभा को सामने ला रहा है l विधार्थी की आयु के अनुसार प्रतियोगिताओं का आयोजन करने से बालक सहज रूप से अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे है l वर्तमान परिपेक्ष्य में भगवान ऋषभदेव भगवान के संदेश जियो और जीने दो,शान्ति से रहने दो के सिद्धान्त ही विश्व को शान्ति की ओर ले जा सकते हैं l *विधार्थियों को आर्यिकाओं का विशेष प्रवचन* आर्यिकारत्न गुरु मां 105 श्री संगममति माताजी ने विद्यार्थियों को प्रवचन देते हुए बताया कि भगवान ऋषभदेव युग के शुरुआत जब हुई जब योगभूमि समाप्त हो रही थी तब अयोध्या की पावन धरा पर ऋषभदेव का जन्म हुआ वे बचपन से ही अत्यन्त शांत, तेजस्वी और मानवीय गुणों से भरपूर था l उन्होंने संसार को जीवन जीने की कला सिखाई l समाज को व्यवस्थित करने के लिए वर्णों की स्थापना कि जिससे मनुष्य अनुशासन के साथ रह सके l आर्यिका 105 संयोमती माताजी ने बताया कि ऋषभदेव के 100 पुत्र थे,जिनमें चक्रवर्ती सम्राट भरत के नाम से अपने देश का नाम भारत पड़ा l उनकी पुत्रीयों ब्राह्मी और सुन्दरी ने लिपि और अंक विद्या का ज्ञान दिया l जिसके कारण आज हम लिख पढ़ पा रहे है l क्षुल्लिका 105 सम्पर्कमति माताजी,सानिध्यमति माताजी और समर्पितमति माताजी ने बताया कि भगवान ऋषभदेव भगवान के बताए सिद्धांतों को अपने जीवन उतारते हुए सभी बच्चे उन्नति के पथ पर अग्रसर हो और अपने माता -पिता और गुरुओं का सदा सम्मान करे l इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक मनोज कुमार मीणा,राधेश्याम मीणा,धर्मसिंह मीणा,निलमणि मीणा,पूनम सैनी, नेमीचन्द मीणा,नेतराम मीणा मीणा,गंगाराम मीणा,घनश्याम मीणा,बाबूलाल जैन,अमित कुमार,कमरुद्दीन खांन,मीरा गुप्ता, मोहसिन खांन,बनवारी लाल जांगिड़,नीलम सैनी,समयराज गुर्जर और वर्धमान दिगम्बर जैन विकास समिति के सदस्य सुनील कुमार जैन,सुमनलता जैन एवं संयोमति माताजी के संघ के साथ पैदल विहार में सहयोग प्रदान करने वाले विजय जैन,प्रदीप जैन,ममता जैन,मोनिका जैन,अरविन्द कुमार, शुभम कुमार,अनिकेत कुमार, लक्ष्मण कुमार आदि उपस्थित थे l3
- सपोटरा उपखंड की ग्राम पंचायत नारौली डांग में कोकला–कोकली चबूतरा निर्माण के साथ बुधवार को पं.बाबूलाल शर्मा ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पंच पटेलों के सानिध्य में विधि-विधान से प्रतिमा पुनः स्थापित करवाई गई। शिक्षाविद् रामकिशन मीना अध्यापक व राजकुमार मीना के अनुसार सदियों पुरानी एक लोककथा आज भी सामाजिक परंपरा के रूप में जीवित है। लगभग 500 वर्ष पूर्व कोकला नामक वीर और उनकी पत्नी कोकली यहां निवास करते थे। कोकला की दुश्मनी के चलते एक बड़ा युद्ध हुआ। लोककथा के अनुसार युद्ध के दौरान कोकला का शीश कट जाने के बाद भी उनका धड़ काफी दूर तक लड़ता रहा और अंततः एक स्थान पर गिर गया। उधर, अपने पति के पीछे चल रही उनकी पत्नी कोकली ने सती होने से पूर्व महिलाओं को आंट (आदेश) दिया कि “परिवार की आने वाली महिलाएं ससुराल का चूड़ा नहीं पहनेंगी।” समाज में यह परंपरा आज भी उसी रूप में निभाई जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार दुबड़ी मोहल्ला, कोड़य्या व झोपड़ा मोहल्ला में कोकला कुनबे के करीब 150 परिवार निवास करते हैं। इन परिवारों की महिलाएं आज भी हर वर्ष बैशाख अमावस्या को कोकला का सिर रामकिशन मीना (अध्यापक) के घर के पास,कोकला का धड़ बजरंगा नापित के घर के पास कोकली माता का सती स्थल बावड़ी के समीप इन तीनों स्थानों पर विशेष पूजा की जाती है, जहां महिलाएं कोकला–कोकली की स्मृति और परंपरा को नमन करती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह परंपरा पीढ़ी दर पीढ़ी चले आ रहे विश्वास, आस्था और सम्मान का प्रतीक है।2
- करौली सदर थाना पुलिस ने 4 साल से फरार चल रहे स्थाई वारंटी को गिरफ्तार कर लिया। थाना अधिकारी यदुवीर सिंह ने बुधवार सुबह 9:00 बजे बताया कि एसपी लोकेश सोनवाल के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत सरकार बनाम आशाराम मीना कोर्ट केस में न्यायालय अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट करौली से जारी स्थाई गिरफ्तारी वारण्ट पर स्थाई वारटी आशाराम मीना पुत्र वासुदेव मीना निवासी कोटे थाना रारमथुरा जिला धौलपुर को तकनीकी साक्ष्य के आधार पर कोटे से गिरफ्तार किया गया।1
- हिन्डौन सिटी शहर से एक चौंकाने वाली तस्वीरें सामने आ रही है, जहां नगर परिषद की लापरवाही के चलते शहर कचरे के ढेर में तब्दील होता जा रहा है। रोज़ाना कचरा उठाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। शहर के मुख्य बाजार डैम्प रोड़ सहित कई इलाकों में, कालोनियों में कचरे के ढेर लगे हुए हैं। बदबू और गंदगी के कारण स्थानीय लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई दिनों तक कचरा नहीं उठाया जाता, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है।” आमजन का कहना है कि 3-4 दिन तक कोई सफाई नहीं होती, बदबू और गंदगी से बहुत परेशानी हो रही है। हिन्डौन सिटी में सफाई व्यवस्था की ये हालत नगर परिषद के दावों की पोल खोल रही है। सवाल ये है कि आखिर कब तक जनता इस गंदगी के बीच रहने को मजबूर रहेगी?” नगर परिषद प्रशासन इस ओर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहा है जिसके चलते कचरे के ढेर शहर की पहचान बनते रहेंगे।1
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