शेखपुरा जिला के अरियरी प्रखंड के बरुनी गांव में घर में आग लगाने के आरोप में युवक को ग्रामीणों ने पकड़ा, बिजली के पोल में बांधकर बनाया बंधक शेखपुरा : जिले के अरियरी प्रखंड क्षेत्र के बरुनी गांव में शुक्रवार की सुबह एक घर में आग लगाने की घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार गांव के ही एक युवक ने कथित रूप से नशे की हालत में बहादुर मांझी के घर में आग लगा दी। आग लगने के बाद देखते ही देखते उसने विकराल रूप ले लिया, जिससे घर में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। बताया जा रहा है कि इस घटना में बहादुर मांझी को लगभग 20 से 30 हजार रुपये तक का नुकसान हुआ है। घटना सुबह करीब 9 बजे की बताई जा रही है। आग लगने की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आग लगाने के आरोपी युवक को पकड़ लिया। ग्रामीणों ने आरोपी को पोल में बांधकर बनाया बंधक ग्रामीणों ने पकड़े गए युवक को बिजली के पोल में बांधकर बंधक बना लिया। बंधक बनाए गए युवक की पहचान बरुनी गांव निवासी चमरू मांझी के 30 वर्षीय पुत्र बब्लू मांझी के रूप में की गई है। पुलिस कर रही मामले की जांच घटना की सूचना मिलते ही माहुली थाना पुलिस अपने दल-बल के साथ मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू कर दी है। ग्रामीणों ने शराबबंदी पर उठाए सवाल ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी युवक शराब के नशे में था। उन्होंने बताया कि बिहार में शराब पूर्णतः प्रतिबंधित है, बावजूद इसके इस तरह की घटनाएं सामने आना चिंता का विषय है।
शेखपुरा जिला के अरियरी प्रखंड के बरुनी गांव में घर में आग लगाने के आरोप में युवक को ग्रामीणों ने पकड़ा, बिजली के पोल में बांधकर बनाया बंधक शेखपुरा : जिले के अरियरी प्रखंड क्षेत्र के बरुनी गांव में शुक्रवार की सुबह एक घर में आग लगाने की घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार गांव के ही एक युवक ने कथित रूप से नशे की हालत में बहादुर मांझी के घर में आग लगा दी। आग लगने के बाद देखते ही देखते उसने विकराल रूप ले लिया, जिससे घर में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। बताया जा रहा है कि इस घटना में बहादुर मांझी को लगभग 20 से 30 हजार रुपये तक का नुकसान हुआ है। घटना सुबह करीब 9 बजे की बताई जा रही है। आग लगने की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आग लगाने के आरोपी युवक को पकड़ लिया। ग्रामीणों ने आरोपी को पोल में बांधकर बनाया बंधक ग्रामीणों ने पकड़े गए युवक को बिजली के पोल में बांधकर बंधक बना लिया। बंधक बनाए गए युवक की पहचान बरुनी गांव निवासी चमरू मांझी के 30 वर्षीय पुत्र बब्लू मांझी के रूप में की गई है। पुलिस कर रही मामले की जांच घटना की सूचना मिलते ही माहुली थाना पुलिस अपने दल-बल के साथ मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू कर दी है। ग्रामीणों ने शराबबंदी पर उठाए सवाल ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी युवक शराब के नशे में था। उन्होंने बताया कि बिहार में शराब पूर्णतः प्रतिबंधित है, बावजूद इसके इस तरह की घटनाएं सामने आना चिंता का विषय है।
- बाऊघाट थाना क्षेत्र में पुलिस ने शराब के नशे में एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया। इस संबंध में जानकारी देते हुए बाऊघाट थानाध्यक्ष शंकर कुमार ने बताया कि पुलिस द्वारा कार्रवाई करते हुए एक शराबी को पकड़ लिया गया। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार व्यक्ति घाट कुसुंभा गांव का रहने वाला है। पुलिस ने उसे नशे की हालत में पकड़ा, जिसके बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। थानाध्यक्ष ने बताया कि गिरफ्तार किए गए शराबी को शुक्रवार की शाम करीब 5:00 बजे न्यायालय में पेश करने के लिए भेज दिया गया। पुलिस ने कहा कि क्षेत्र में शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू किया जा रहा है और इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे शराबबंदी कानून का पालन करें, अन्यथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- शेखपुरा : जिले के अरियरी प्रखंड क्षेत्र के बरुनी गांव में शुक्रवार की सुबह एक घर में आग लगाने की घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार गांव के ही एक युवक ने कथित रूप से नशे की हालत में बहादुर मांझी के घर में आग लगा दी। आग लगने के बाद देखते ही देखते उसने विकराल रूप ले लिया, जिससे घर में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। बताया जा रहा है कि इस घटना में बहादुर मांझी को लगभग 20 से 30 हजार रुपये तक का नुकसान हुआ है। घटना सुबह करीब 9 बजे की बताई जा रही है। आग लगने की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आग लगाने के आरोपी युवक को पकड़ लिया। ग्रामीणों ने आरोपी को पोल में बांधकर बनाया बंधक ग्रामीणों ने पकड़े गए युवक को बिजली के पोल में बांधकर बंधक बना लिया। बंधक बनाए गए युवक की पहचान बरुनी गांव निवासी चमरू मांझी के 30 वर्षीय पुत्र बब्लू मांझी के रूप में की गई है। पुलिस कर रही मामले की जांच घटना की सूचना मिलते ही माहुली थाना पुलिस अपने दल-बल के साथ मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू कर दी है। ग्रामीणों ने शराबबंदी पर उठाए सवाल ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी युवक शराब के नशे में था। उन्होंने बताया कि बिहार में शराब पूर्णतः प्रतिबंधित है, बावजूद इसके इस तरह की घटनाएं सामने आना चिंता का विषय है।1
- सोने कि चिड़िया प्रांत, यानि बिहार राज्य के, सरकारी खजाने, में पैसा ख़त्म,, अब घंटा,,बजा कर जीवन , व्यतित करो,, BLCP ITS ASHOK SAMRAT1
- मोकामा के तत्कालीन CO मनीष कुमार पर FIR दर्ज, फर्जी वंशावली और जमीन कागजात में हेरफेर का आरोप मोकामा/बाढ़: मोकामा के पूर्व अंचलाधिकारी (CO) मनीष कुमार की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सरकारी पद का दुरुपयोग करते हुए फर्जी वंशावली तैयार करने और सरकारी दस्तावेजों के साथ धोखाधड़ी करने के आरोप में उनके खिलाफ मोकामा थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश के बाद की गई है। क्या है पूरा मामला? मोकामा के सकरवार टोला निवासी शैलेश कुमार ने बाढ़ न्यायालय (ACJM) में शिकायत वाद संख्या 691(c)/2025 दर्ज कराई थी। परिवादी शैलेश कुमार के अनुसार, तत्कालीन अंचलाधिकारी मनीष कुमार ने बिना किसी आवेदन या जाँच के एक फर्जी वंशावली और जमीन का विवरण तैयार कर उसे नगर परिषद मोकामा को उपलब्ध करा दिया। खतियान और वंशावली में गंभीर गड़बड़ी दस्तावेजों के अनुसार, मुख्य विवाद 'आरोग्य भारत अस्पताल' की जमीन और परिवार की वंशावली से जुड़ा है: असंभव खतियानी नाम: परिवादी का आरोप है कि CO द्वारा जारी रिपोर्ट में 1911 के खतियान में शैलेश कुमार और उनके भाई निलेश कुमार (वर्तमान सभापति, नगर परिषद मोकामा) का नाम रयत के रूप में दर्शाया गया है। जबकि तकनीकी रूप से यह असंभव है क्योंकि 1911 में उनका जन्म भी नहीं हुआ था। वंशावली से छेड़छाड़: आरोप है कि CO ने जानबूझकर परिवार के असली सदस्यों के नाम हटाकर फर्जी नाम जोड़े और एक त्रुटिपूर्ण वंशावली बनाई ताकि परिवार की निजता और सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाया जा सके। न्यायालय के हस्तक्षेप पर दर्ज हुई FIR शैलेश कुमार ने बताया कि उन्होंने इस मामले की शिकायत पहले थाना प्रभारी, SSP पटना और जिलाधिकारी से की थी, लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर उन्हें न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। अब न्यायालय के निर्देश पर मोकामा थाना में कांड संख्या 112/26 दर्ज की गई है। पुलिसिया कार्रवाई और जाँच मोकामा थाना में दर्ज इस मामले की जाँच सहायक अवर निरीक्षक आशुतोष को सौंपी गई है। पुलिस अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि तत्कालीन अंचलाधिकारी ने किसके निर्देश पर और किस मंशा से सरकारी दस्तावेजों में हेरफेर किया। इस घटना के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।1
- अगर बिहार में भ्रष्टाचार है तो चुनाव में आपने 10 हज़ार रुपए लेकर क्या किया? 30 साल की गलती कब रुकेगी?1
- लखीसराय पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जन संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शुक्रवार को सोशल मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस अधीक्षक अवधेश दीक्षित ने अपने कार्यालय कक्ष में जनसुनवाई की। इस दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने अपनी-अपनी समस्याएं रखीं। पुलिस अधीक्षक ने सभी मामलों को गंभीरता से सुनते हुए उनके त्वरित समाधान के लिए संबंधित थानाध्यक्षों को आवश्यक निर्देश दिए। जन संवाद कार्यक्रम के माध्यम से आम लोगों को सीधे पुलिस प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाने का अवसर मिला। वहीं पुलिस अधीक्षक ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि प्राप्त शिकायतों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को जल्द राहत मिल सके1
- पकरीबरावां में सौहार्द के रंगों में डूबा जनमानस: शांति और उल्लास के साथ संपन्न हुआ होली का महापर्व#Holi2026 #Pakribarawan #NawadaNews #BiharHoli #AVNews #HoliCelebration #LocalNews #SocialHarmony #HoliMilan #HoliVibes #NawadaDistrict #BiharTourism #HoliColors #HoliSpecial #PakribarawanMarket1
- चेवाड़ा प्रखंड के दो गांवों में 50% अनुदान पर किसानों को दी गई गाय व बकरियां चेवाड़ा प्रखंड क्षेत्र के दो गांवों में शुक्रवार को पशुपालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किसानों के बीच 50 प्रतिशत अनुदान पर गाय एवं बकरियों का वितरण किया गया। यह कार्यक्रम प्रखंड कृषि पदाधिकारी एवं जिला कृषि पदाधिकारी के नेतृत्व में आयोजित किया गया। इस संबंध में जानकारी देते हुए प्रखंड कृषि पदाधिकारी विजय कुमार दास ने बताया कि गडुआ गांव में कुल 11 किसानों के बीच बकरियों का वितरण किया गया, जबकि तीन किसानों को गाय दी गई। वहीं घारी गांव में तीन किसानों को बकरियां तथा चार किसानों को गाय उपलब्ध कराई गई। उन्होंने बताया कि इस योजना का उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि करना तथा पशुपालन को बढ़ावा देना है, ताकि किसान खेती के साथ-साथ पशुपालन से भी अतिरिक्त आमदनी प्राप्त कर सकें। कार्यक्रम के दौरान कृषि विभाग के कर्मी तथा ग्रामीण भी मौजूद रहे। किसानों को पशुपालन से संबंधित आवश्यक जानकारी भी दी गई। यह वितरण कार्य शुक्रवार को शाम लगभग 5:00 बजे तक चलता रहा।1