हनीट्रैप गिरोह के तीन आरोपी गिरफ्तार, डीआईजी बस्ती ने किया सनसनीखेज खुलासा बस्ती। वाल्टरगंज के तत्कालीन थानाध्यक्ष स्वर्गीय सूर्य प्रकाश सिंह की आत्महत्या प्रकरण में बस्ती पुलिस ने हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग के आरोप में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। रविवार को पुलिस लाइन सभागार में डीआईजी बस्ती परिक्षेत्र संजय त्यागी ने एसपी यशवीर सिंह के साथ प्रेस वार्ता कर मामले का खुलासा किया। डीआईजी ने बताया कि 29 अगस्त 2026 को सूर्य प्रकाश सिंह ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित सरकारी आवास में आत्महत्या कर ली थी। मृतक के पुत्र संदीप सिंह की तहरीर पर कोतवाली बस्ती में प्रियंका चौधरी, उसके पिता रामनयन चौधरी और अधिवक्ता विजय प्रकाश के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 व 3(5) के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। जांच के दौरान तीनों आरोपियों को 6 सितंबर की सुबह 7:55 बजे सदर अस्पताल चौराहे के पास से बोलेरो और तीन मोबाइल फोन सहित गिरफ्तार किया गया। दो साल से चला रहे थे हनीट्रैप का नेटवर्क पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी प्रियंका चौधरी मुंबई में ब्यूटी पार्लर व स्पा सेंटर में कार्य कर चुकी है। वह संपन्न लोगों को प्रेमजाल में फंसाकर वीडियो कॉल, चैटिंग और आपत्तिजनक ऑडियो-वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करती थी। कई बार वह वीडियो कॉल पर अपने हाथ की नस काटने का नाटक कर पीड़ितों को भावनात्मक दबाव में लेकर मोटी रकम वसूलती थी। डीआईजी ने बताया कि इस गिरोह में प्रियंका का पिता रामनयन चौधरी और अधिवक्ता विजय प्रकाश भी सक्रिय भूमिका निभाते थे। दोनों कानूनी कार्रवाई और समझौते के नाम पर वसूली में सहयोग करते थे तथा रकम में हिस्सा लेते थे। अब तक चार पीड़ितों से लाखों की उगाही पुलिस जांच में अब तक चार लोगों को हनीट्रैप का शिकार बनाकर भारी धनराशि वसूलने की पुष्टि हुई है, जिनमें डॉ. उमेश से 4 लाख, अहमद रजा से 5 लाख, मध्य प्रदेश निवासी आर्यन दीक्षित उर्फ जितेंद्र दीक्षित से 15 लाख तथा स्वर्गीय सूर्य प्रकाश सिंह का नाम शामिल है। पुलिस का दावा है कि दर्जनों अन्य संभावित पीड़ितों के संबंध में भी जांच जारी है। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से मजबूत हुई कड़ी डीआईजी ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और कॉल डिटेल के विश्लेषण से सूर्य प्रकाश सिंह का संपर्क प्रियंका और विजय प्रकाश से स्थापित हुआ है। घटना वाले दिन दोपहर 1:41 बजे विजय प्रकाश द्वारा की गई अंतिम कॉल को भी जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य माना गया है। पुलिस का आरोप है कि लगातार मानसिक प्रताड़ना और ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर थानाध्यक्ष ने आत्महत्या की। बरामदगी व गिरफ्तारी टीम पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक बोलेरो (UP51BN5805) और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। गिरफ्तारी कोतवाली प्रभारी निरीक्षक बृजानंद सिंह, सर्विलांस टीम तथा जेलगेट व रोडवेज चौकी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में की गई।
हनीट्रैप गिरोह के तीन आरोपी गिरफ्तार, डीआईजी बस्ती ने किया सनसनीखेज खुलासा बस्ती। वाल्टरगंज के तत्कालीन थानाध्यक्ष स्वर्गीय सूर्य प्रकाश सिंह की आत्महत्या प्रकरण में बस्ती पुलिस ने हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग के आरोप में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। रविवार को पुलिस लाइन सभागार में डीआईजी बस्ती परिक्षेत्र संजय त्यागी ने एसपी यशवीर सिंह के साथ प्रेस वार्ता कर मामले का खुलासा किया। डीआईजी ने बताया कि 29 अगस्त 2026 को सूर्य प्रकाश सिंह ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित सरकारी आवास में आत्महत्या कर ली थी। मृतक के पुत्र संदीप सिंह की तहरीर पर कोतवाली बस्ती में प्रियंका चौधरी, उसके पिता रामनयन चौधरी और अधिवक्ता विजय प्रकाश के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 व 3(5) के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। जांच के दौरान तीनों आरोपियों को 6 सितंबर की सुबह 7:55 बजे सदर अस्पताल चौराहे के पास से बोलेरो और तीन मोबाइल फोन सहित गिरफ्तार किया गया। दो साल से चला रहे थे हनीट्रैप का नेटवर्क पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी प्रियंका चौधरी मुंबई में ब्यूटी पार्लर व स्पा सेंटर में कार्य कर चुकी है। वह संपन्न लोगों को प्रेमजाल में फंसाकर वीडियो कॉल, चैटिंग और आपत्तिजनक ऑडियो-वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करती थी। कई बार वह वीडियो कॉल पर अपने हाथ की नस काटने का नाटक कर पीड़ितों को भावनात्मक दबाव में लेकर मोटी रकम वसूलती थी। डीआईजी
ने बताया कि इस गिरोह में प्रियंका का पिता रामनयन चौधरी और अधिवक्ता विजय प्रकाश भी सक्रिय भूमिका निभाते थे। दोनों कानूनी कार्रवाई और समझौते के नाम पर वसूली में सहयोग करते थे तथा रकम में हिस्सा लेते थे। अब तक चार पीड़ितों से लाखों की उगाही पुलिस जांच में अब तक चार लोगों को हनीट्रैप का शिकार बनाकर भारी धनराशि वसूलने की पुष्टि हुई है, जिनमें डॉ. उमेश से 4 लाख, अहमद रजा से 5 लाख, मध्य प्रदेश निवासी आर्यन दीक्षित उर्फ जितेंद्र दीक्षित से 15 लाख तथा स्वर्गीय सूर्य प्रकाश सिंह का नाम शामिल है। पुलिस का दावा है कि दर्जनों अन्य संभावित पीड़ितों के संबंध में भी जांच जारी है। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से मजबूत हुई कड़ी डीआईजी ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और कॉल डिटेल के विश्लेषण से सूर्य प्रकाश सिंह का संपर्क प्रियंका और विजय प्रकाश से स्थापित हुआ है। घटना वाले दिन दोपहर 1:41 बजे विजय प्रकाश द्वारा की गई अंतिम कॉल को भी जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य माना गया है। पुलिस का आरोप है कि लगातार मानसिक प्रताड़ना और ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर थानाध्यक्ष ने आत्महत्या की। बरामदगी व गिरफ्तारी टीम पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक बोलेरो (UP51BN5805) और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। गिरफ्तारी कोतवाली प्रभारी निरीक्षक बृजानंद सिंह, सर्विलांस टीम तथा जेलगेट व रोडवेज चौकी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में की गई।
- राष्ट्रवादी पार्टी जिंदाबाद माननीय अखिलेश सिंह जिंदाबाद जिंदाबाद1
- गोरखपुर में गुरु गोरखनाथ घाट पर हादसा,गुंबदनुमा छज्जा भरभराकर नीचे गिरा,मलबे में दबे 2 अधिवक्ताओं की मौत एंबुलेंस देरी और अस्पताल पर भी सवाल.... #गोरखपुर #गुरुगोरखनाथघाट #घाटहादसा #अधिवक्ता #आलोकअस्थाना #संजयसिंह #राप्तीनदी #गोरखपुरन्यूज़ #एंबुलेंस #जिलाअस्पताल #उत्तरप्रदेश #ABCहिंदुस्तान1
- राजघाट हादसे की जांच के लिए 3 सदस्यीय समिति गठित, 7 दिन में आएगी रिपोर्ट | Gorakhpur News1
- देश में एक बार फिर से बयानों की सियासत ,पीएम मोदी के बयान से जुड़ी बहस,कांग्रेस का पलटवार देश में एक बार फिर से बयानों की सियासत ,पीएम मोदी के बयान से जुड़ी बहस,कांग्रेस का पलटवार1
- पीडीए बूथ सम्मेलन में भावी प्रत्याशियो ने कार्यकर्ताओं में भरा जोश कार्यकर्ता संग पदाधिकारियों ने बनाई चुनावी रणनीति मेंहदावल, संतकबीरनगर। आगामी विधानसभा चुनाव 2027 अब चंद महीनों बाद ही होने वाली है। जिसको लेकर सभी पार्टियां अपने अपने बूथ कार्यकर्ता सहित सभी पदाधिकारियों को सहेजने का कार्य किया जा रहा है। चुनाव को लेकर बूथ स्तर तक कार्यकर्ता से सम्मेलन के माध्यम से संवाद कर रणनीति तैयार कर रही है। इसी को लेकर मेंहदावल विधानसभा के सांडे कला स्थित एम एस मैरिज हाल पर पीडीए बूथ सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें लगभग दर्जन भर से अधिक भावी प्रत्याशी भी उपस्थित रहे और अपने बूथ कार्यकर्ताओ से संवाद कर उनके जोश को बढ़ाया। इस दौरान पदाधिकारियो ने पूरे उत्साह के साथ अपने बूथ कार्यकर्ताओं से अपील किया कि अब चंद महीनों में उत्तर प्रदेश का चुनाव होने वाला है। जिसमे सभी बूथ पदाधिकारी एक बार फिर से सपा सरकार को लाकर प्रदेश का चौमुखी विकास का संकल्प को भी दिलवाया गया। मुख्य अतिथि के रूप में आये सांसद लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद ने कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि सभी बूथ पदाधिकारी अपने अपने बूथों को मजबूत करने में जुट जाएं। जिससे प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बन सके। सांसद ने भाजपा सरकार की नीतियों से परेशान आम आदमी, किसान , युवा, महिलाओं की समस्या को इंगित किया। इसके साथ महंगाई, बेरोजगारी, चन्दा चोरी जैसे ज्वलंत मुद्दों पर वर्तमान भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि सरकार केवल जुमले बाजी में व्यस्त हैं। धरातल पर कोई कार्य नही दिख रहा है। जिससे समाज का दलित, पिछड़ा सहित हर वर्ग पीड़ित है। इसके साथ ही मेंहदावल विधानसभा से संभावित भावी प्रत्याशी प्रिया पाठक, जयराम पांडेय, श्यामजी यादव, इसहाक अंसारी, चन्द्रशेखर सिंह, अब्दुल कलाम, स्वामीनाथ साहनी, अनवारुल हक, रमेश निषाद, फूलचंद्र यादव, विजय बहादुर यादव, सुनील सिंह, मोनू पांडेय ने भी कार्यकर्ताओं से संवाद कर आगामी विधानसभा 2027 के चुनाव में समाजवादी पार्टी की सरकार बनवाने की अपील किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सपा जिलाध्यक्ष अब्दुल कलाम व संचालन विधानसभा अध्यक्ष ओमकार यादव द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में सांसद लक्ष्मीकांत पप्पू निषाद, एखलाख अहमद, मो0अहमद, प्रदेश सचिव प्रिया पाठक, विनोद यादव, श्याम विश्वकर्मा, राधेश्याम यादव, करुणानिधि यादव, अशोक चौधरी, रामनयन निषाद आदि सैकड़ों लोगों सपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।4
- गोरखपुर के बैकुंठ धाम में वज्रपात से ढहा गुंबद, एक अधिवक्ता की मौत... दूसरा गंभीर रविवार सुबह राजघाट के गुरु श्री गोरक्षनाथ घाट पर अंतिम संस्कार में शामिल होने गए लोगों पर उस समय हड़कंप मच गया जब घाट पर बने गुंबद पर वज्रपात हो गया। वज्रपात के बाद गुंबद भरभराकर ढह गया इसके नीचे बैठे दो अधिवक्ता गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को जिला अस्पताल ले जाया गया,जहां एक की मौत हो गई। घटना की जानकारी पर बड़ी संख्या में अधिवक्ता अस्पताल पहुंच गए और घायलों के उपचार को लेकर हंगामा करने लगे। जिलाधिकारी दीपक मीणा व एसपी सिटी निमिष पाटील ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना। गंभीर रुप से घायल दूसरे अधिवक्ता काे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के मुताबिक अधिवक्ता विनोद की माता के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए उनके परिचित और अन्य लोग पहुंचे थे। रविवार सुबह करीब 11:30 बजे अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए अंतिम संस्कार में शामिल लोग गुंबद के नीचे चले गए। इसी दौरान वज्रपात हुआ और गुंबद भरभराकर नीचे आ गया। गुंबद गिरते ही घाट पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल मलबा हटाकर घायलों को बाहर निकाला। राप्तीनगर निवासी अधिवक्ता आलोक अस्थाना और शक्तिनगर निवासी संजय सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया जहां आलोक अस्थाना की मौत हो गई। गंभीर रुप से घायल संजय सिंह को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे की जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में अधिवक्ता जिला अस्पताल पहुंच गए। अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। कुछ देर बाद डीएम और एसपी सिटी अस्पताल पहुंचे और घायलों का हाल जाना। हंगामा को देखते हुए जिला अस्पताल और बीआरडी मेडिकल कालेज में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। सीओ कोतवाली ओंकार दत्त ने बताया कि पुलिस ने घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। मौके पर शांति व्यवस्था कायम है।1
- सूर्यांश न्यूज़ 24 हर खबर पर नजर के तरफ से सभी देशवासियों को अंतर्राष्ट्रीय स्वच्छ हवा दिवस कि हार्दिक शुभकामनाएं1
- गोरखपुर में आकाशीय बिजली का कहर! गुंबद गिरने से अधिवक्ता आलोक अस्थाना की मौत, वकीलों का हंगामा1
- कैम्पियरगंज में सपा प्रत्याशी साधु यादव के काफिले को रोका टोल प्लाजा पर पुलिस-समर्थकों के बीच धक्कामुक्की पुलिस पर समर्थकों को पीटने का आरोप पुलिस ने कई ट्रैक्टरों को पकड़ा #समाजवादी #gorakhpurpost #Gorakhpur #uppolice #gorakhpurvoice #sspgorakhpur #GorakhpurNews #uttarpradesh1