बिहार सरकार की 'सरकार अब आपके द्वार' पहल के तहत रोहतास जिले के डेहरी प्रखंड की पकड़िया पंचायत में एक सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य जनकल्याणकारी योजनाओं को आम लोगों तक पहुँचाना और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना था। इस आयोजन में कुल 84 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 74 मामलों का निष्पादन मौके पर ही कर दिया गया। डेहरी अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) निलेश कुमार, जो कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भी थे, ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य की प्रत्येक पंचायत में ऐसे सहयोग शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों का लक्ष्य है कि लोगों को सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें और उनकी समस्याओं का समाधान उनके अपने गाँव में ही संभव हो सके। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि शेष बचे आवेदनों पर संबंधित विभागों को तत्काल आवश्यक निर्देश दिए गए हैं ताकि उनका समाधान भी शीघ्र सुनिश्चित किया जा सके। डेहरी विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजीव रंजन सिंह उर्फ सोनू सिंह ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि पहले जनता को अपनी समस्याओं के लिए विभिन्न दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे, लेकिन अब सरकार जनता के द्वार पर ही उनकी समस्याओं का निवारण कर रही है, जिससे सरकार और जनता के बीच की दूरी कम हो रही है। शिविर के दौरान ग्रामीणों ने भूमि विवाद, आवास योजना, पेंशन, राशन कार्ड और राजस्व से संबंधित अपनी शिकायतें अधिकारियों के समक्ष रखीं, जिन पर गंभीरता से कार्रवाई शुरू की गई। इस अवसर पर विधायक राजीव रंजन सिंह उर्फ सोनू सिंह, एसडीएम निलेश कुमार, एएसपी अतुलेश झा, अकोढ़ीगोला प्रखंड विकास पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
बिहार सरकार की 'सरकार अब आपके द्वार' पहल के तहत रोहतास जिले के डेहरी प्रखंड की पकड़िया पंचायत में एक सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य जनकल्याणकारी योजनाओं को आम लोगों तक पहुँचाना और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना था। इस आयोजन में कुल 84 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 74 मामलों का निष्पादन मौके पर ही कर दिया गया। डेहरी अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) निलेश कुमार, जो कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भी थे, ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य की प्रत्येक पंचायत में ऐसे सहयोग शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों का लक्ष्य है कि लोगों को सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें और उनकी समस्याओं का समाधान उनके अपने गाँव में ही संभव हो सके। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि शेष बचे आवेदनों पर संबंधित विभागों को तत्काल आवश्यक निर्देश दिए गए हैं ताकि उनका समाधान भी शीघ्र सुनिश्चित किया जा सके। डेहरी विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजीव रंजन सिंह उर्फ सोनू सिंह ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि पहले जनता को अपनी समस्याओं के लिए विभिन्न दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे, लेकिन अब सरकार जनता के द्वार पर ही उनकी समस्याओं का निवारण कर रही है, जिससे सरकार और जनता के बीच की दूरी कम हो रही है। शिविर के दौरान ग्रामीणों ने भूमि विवाद, आवास योजना, पेंशन, राशन कार्ड और राजस्व से संबंधित अपनी शिकायतें अधिकारियों के समक्ष रखीं, जिन पर गंभीरता से कार्रवाई शुरू की गई। इस अवसर पर विधायक राजीव रंजन सिंह उर्फ सोनू सिंह, एसडीएम निलेश कुमार, एएसपी अतुलेश झा, अकोढ़ीगोला प्रखंड विकास पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
- बिहार सरकार की 'सरकार अब आपके द्वार' पहल के तहत रोहतास जिले के डेहरी प्रखंड की पकड़िया पंचायत में एक सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य जनकल्याणकारी योजनाओं को आम लोगों तक पहुँचाना और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना था। इस आयोजन में कुल 84 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 74 मामलों का निष्पादन मौके पर ही कर दिया गया। डेहरी अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) निलेश कुमार, जो कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भी थे, ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य की प्रत्येक पंचायत में ऐसे सहयोग शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों का लक्ष्य है कि लोगों को सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें और उनकी समस्याओं का समाधान उनके अपने गाँव में ही संभव हो सके। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि शेष बचे आवेदनों पर संबंधित विभागों को तत्काल आवश्यक निर्देश दिए गए हैं ताकि उनका समाधान भी शीघ्र सुनिश्चित किया जा सके। डेहरी विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजीव रंजन सिंह उर्फ सोनू सिंह ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि पहले जनता को अपनी समस्याओं के लिए विभिन्न दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे, लेकिन अब सरकार जनता के द्वार पर ही उनकी समस्याओं का निवारण कर रही है, जिससे सरकार और जनता के बीच की दूरी कम हो रही है। शिविर के दौरान ग्रामीणों ने भूमि विवाद, आवास योजना, पेंशन, राशन कार्ड और राजस्व से संबंधित अपनी शिकायतें अधिकारियों के समक्ष रखीं, जिन पर गंभीरता से कार्रवाई शुरू की गई। इस अवसर पर विधायक राजीव रंजन सिंह उर्फ सोनू सिंह, एसडीएम निलेश कुमार, एएसपी अतुलेश झा, अकोढ़ीगोला प्रखंड विकास पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- रोहतास के करगहर थाना क्षेत्र के बालापुर गाँव की एक महिला दुर्गा देवी ने दहेज प्रताड़ना और घरेलू हिंसा का गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। दुर्गा देवी ने एक वीडियो जारी कर अपनी आपबीती साझा की है, जिसमें उसने अपनी सास और ननद पर शादी के बाद से ही लगातार मारपीट और मानसिक उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। महिला ने बताया कि उसके पति का व्यवहार उसके प्रति ठीक है, लेकिन सास और ननद की प्रताड़ना के कारण उसका जीवन मुश्किल हो गया है। पीड़िता के अनुसार, इस मामले को सुलझाने के लिए गाँव के कई ग्रामीणों और सामाजिक लोगों की मौजूदगी में पंचायतें भी आयोजित की गईं, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हो सका। अब दुर्गा देवी ने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच करने और दोषियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करने की पुरज़ोर मांग की है। हालांकि, पुलिस का पक्ष अभी तक सामने नहीं आया है और मामले की सत्यता की पुष्टि जाँच के बाद ही हो पाएगी।1
- ई-मीडिया के अभिषेक कुमार ने यह टिप्पणी की है कि जब महंगाई और रोजगार जैसे बड़े मुद्दे गायब हो जाते हैं, तब मछली और चालू मुड़ी जैसी छोटी चीजें भी अहम मुद्दा बन जाती हैं।1
- हाउडीह में स्थित रौशनी टेंट हाऊस अपने ग्राहकों से आग्रह कर रहा है कि वे उसे एक बार सेवा का मौका ज़रूर दें। टेंट हाऊस लोगों से निवेदन कर रहा है कि वे उसकी सेवाओं को आज़माएँ।1
- एक गांव में हैंडपंप लंबे समय से खराब पड़ा है, जिसे जल्द से जल्द ठीक करवाने की अपील की गई है।1
- बक्सर जिले के नवानगर ब्लॉक में नोखपुर और पिलापुर के बीच एक नाइट टूर्नामेंट मैच का आयोजन किया जा रहा है। इस मुकाबले में नोखपुर के खिलाड़ियों ने टॉस जीता है। इस टूर्नामेंट के आयोजक समस्त शिवपुर ग्राम वासी हैं, और इस आयोजन से पूर्व विधायक पप्पू यादव जी भी संबंधित हैं।1
- कैमूर जिले के कुदरा थाना क्षेत्र अंतर्गत बजरकोना गांव में अज्ञात चोरों ने देर रात एक सुनियोजित वारदात को अंजाम देते हुए घर के सामने बंधी तीन भैंसें चुरा लीं। चोरी गई इन भैंसों की अनुमानित कीमत करीब दो लाख रुपए बताई जा रही है। इस घटना के बाद से पूरे गांव में दहशत का माहौल है और स्थानीय ग्रामीणों में पुलिस प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश देखा जा रहा है। पीड़ित विजेंद्र कुमार सिंह और दिनेश कुमार सिंह (निवासी बजरकोना गांव) ने बताया कि रोजाना की तरह पशु घर के सामने बंधे हुए थे, और रात्रि करीब 1 से 2 बजे के बीच चोरों ने इस वारदात को अंजाम दिया। सुबह जब परिजनों की नींद खुली तो भैंसें गायब देखकर उनके होश उड़ गए और देखते ही देखते यह खबर पूरे गांव में फैल गई। ग्रामीणों के अनुसार, चोरों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने आसपास बंधी अन्य गाय और भैंसों को भी चुराने का प्रयास किया था, लेकिन किसी कारणवश वे बाकी मवेशियों को ले जाने में सफल नहीं हो सके। ग्रामीणों का मानना है कि चोर पूरी तैयारी और सुनियोजित तरीके से गांव में दाखिल हुए थे। इस चोरी से पीड़ित गरीब परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है, क्योंकि उनका जीवन पूरी तरह से पशुपालन पर ही निर्भर है, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों द्वारा तुरंत कुदरा थाना अध्यक्ष को दूरभाष (फोन) के माध्यम से घटना की सूचना दे दी गई है। इस घटना के बाद से पुलिस गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आक्रोशित ग्रामीणों का कहना है कि कुदरा प्रखंड क्षेत्र में आए दिन चोरी की घटनाएं सामने आ रही हैं, और पुरानी कई चोरियों का खुलासा करने में पुलिस अब तक नाकाम रही है। साथ ही, प्रशासन की ढीली कार्यशैली के कारण ही चोरों के हौसले लगातार बुलंद हो रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से कड़ी चेतावनी देते हुए मांग की है कि मामले की त्वरित जांच कर चोरी गई भैंसों को बरामद किया जाए और आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। फिलहाल, पुलिस मामले की जानकारी मिलने के बाद जांच में जुट गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आसपास के क्षेत्रों में सुराग तलाशे जा रहे हैं और जल्द ही चोरों को पकड़ लिया जाएगा।4
- सासाराम में नवपदस्थापित एसडीपीओ-1 विप्लव कुमार ने पदभार संभालते ही अपनी कार्यशैली की मजबूत छाप छोड़ी है। उन्होंने तत्काल दो बड़ी घटनाओं का सफल उद्भेदन किया, जिसे वे पुलिस टीम की सामूहिक मेहनत का परिणाम मानते हैं। एसडीपीओ विप्लव कुमार ने स्पष्ट किया है कि अपराध नियंत्रण और विधि-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्रमुख प्राथमिकता है और वे इसे बड़ी उपलब्धि मानते हैं। इसके साथ ही, आगामी मोहर्रम और अन्य त्योहारों को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और उसने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस क्रम में, दोनों समुदायों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें आयोजित की जाएंगी ताकि त्योहारों के दौरान आपसी समन्वय और शांति सुनिश्चित की जा सके। मोहर्रम के जुलूसों के लिए निर्धारित रूट तय किए जाएंगे और संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर उन पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। एसडीपीओ ने यह भी बताया कि जुलूस मार्गों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की जाएगी, साथ ही सीसीटीवी निगरानी, गश्ती दल और त्वरित कार्रवाई टीमों को भी सक्रिय रखा जाएगा ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। आम लोगों से प्रशासन ने सहयोग की अपील की है और अफवाहों पर ध्यान न देने का आग्रह किया है। कुल मिलाकर, सासाराम पुलिस आगामी मोहर्रम और अन्य त्योहारों को लेकर पूरी तरह अलर्ट मोड में है और प्रशासन का दावा है कि सुरक्षा व शांति व्यवस्था के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।1