कैमूर जिले के कुदरा थाना क्षेत्र अंतर्गत बजरकोना गांव में अज्ञात चोरों ने देर रात एक सुनियोजित वारदात को अंजाम देते हुए घर के सामने बंधी तीन भैंसें चुरा लीं। चोरी गई इन भैंसों की अनुमानित कीमत करीब दो लाख रुपए बताई जा रही है। इस घटना के बाद से पूरे गांव में दहशत का माहौल है और स्थानीय ग्रामीणों में पुलिस प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश देखा जा रहा है। पीड़ित विजेंद्र कुमार सिंह और दिनेश कुमार सिंह (निवासी बजरकोना गांव) ने बताया कि रोजाना की तरह पशु घर के सामने बंधे हुए थे, और रात्रि करीब 1 से 2 बजे के बीच चोरों ने इस वारदात को अंजाम दिया। सुबह जब परिजनों की नींद खुली तो भैंसें गायब देखकर उनके होश उड़ गए और देखते ही देखते यह खबर पूरे गांव में फैल गई। ग्रामीणों के अनुसार, चोरों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने आसपास बंधी अन्य गाय और भैंसों को भी चुराने का प्रयास किया था, लेकिन किसी कारणवश वे बाकी मवेशियों को ले जाने में सफल नहीं हो सके। ग्रामीणों का मानना है कि चोर पूरी तैयारी और सुनियोजित तरीके से गांव में दाखिल हुए थे। इस चोरी से पीड़ित गरीब परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है, क्योंकि उनका जीवन पूरी तरह से पशुपालन पर ही निर्भर है, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों द्वारा तुरंत कुदरा थाना अध्यक्ष को दूरभाष (फोन) के माध्यम से घटना की सूचना दे दी गई है। इस घटना के बाद से पुलिस गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आक्रोशित ग्रामीणों का कहना है कि कुदरा प्रखंड क्षेत्र में आए दिन चोरी की घटनाएं सामने आ रही हैं, और पुरानी कई चोरियों का खुलासा करने में पुलिस अब तक नाकाम रही है। साथ ही, प्रशासन की ढीली कार्यशैली के कारण ही चोरों के हौसले लगातार बुलंद हो रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से कड़ी चेतावनी देते हुए मांग की है कि मामले की त्वरित जांच कर चोरी गई भैंसों को बरामद किया जाए और आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। फिलहाल, पुलिस मामले की जानकारी मिलने के बाद जांच में जुट गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आसपास के क्षेत्रों में सुराग तलाशे जा रहे हैं और जल्द ही चोरों को पकड़ लिया जाएगा।
कैमूर जिले के कुदरा थाना क्षेत्र अंतर्गत बजरकोना गांव में अज्ञात चोरों ने देर रात एक सुनियोजित वारदात को अंजाम देते हुए घर के सामने बंधी तीन भैंसें चुरा लीं। चोरी गई इन भैंसों की अनुमानित कीमत करीब दो लाख रुपए बताई जा रही है। इस घटना के बाद से पूरे गांव में दहशत का माहौल है और स्थानीय ग्रामीणों में पुलिस प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश देखा जा रहा है। पीड़ित विजेंद्र कुमार सिंह और दिनेश कुमार सिंह (निवासी बजरकोना गांव) ने बताया कि रोजाना की तरह पशु घर के सामने बंधे हुए थे, और
रात्रि करीब 1 से 2 बजे के बीच चोरों ने इस वारदात को अंजाम दिया। सुबह जब परिजनों की नींद खुली तो भैंसें गायब देखकर उनके होश उड़ गए और देखते ही देखते यह खबर पूरे गांव में फैल गई। ग्रामीणों के अनुसार, चोरों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने आसपास बंधी अन्य गाय और भैंसों को भी चुराने का प्रयास किया था, लेकिन किसी कारणवश वे बाकी मवेशियों को ले जाने में सफल नहीं हो सके। ग्रामीणों का मानना है कि चोर पूरी तैयारी और सुनियोजित तरीके से गांव में दाखिल हुए थे। इस चोरी
से पीड़ित गरीब परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है, क्योंकि उनका जीवन पूरी तरह से पशुपालन पर ही निर्भर है, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों द्वारा तुरंत कुदरा थाना अध्यक्ष को दूरभाष (फोन) के माध्यम से घटना की सूचना दे दी गई है। इस घटना के बाद से पुलिस गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आक्रोशित ग्रामीणों का कहना है कि कुदरा प्रखंड क्षेत्र में आए दिन चोरी की घटनाएं सामने आ रही हैं, और पुरानी कई चोरियों का खुलासा करने में पुलिस
अब तक नाकाम रही है। साथ ही, प्रशासन की ढीली कार्यशैली के कारण ही चोरों के हौसले लगातार बुलंद हो रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से कड़ी चेतावनी देते हुए मांग की है कि मामले की त्वरित जांच कर चोरी गई भैंसों को बरामद किया जाए और आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। फिलहाल, पुलिस मामले की जानकारी मिलने के बाद जांच में जुट गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आसपास के क्षेत्रों में सुराग तलाशे जा रहे हैं और जल्द ही चोरों को पकड़ लिया जाएगा।
- चंदौली के चकिया नगर में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) [माकपा] के बैनर तले बिजली संकट, बढ़ती महंगाई, स्मार्ट मीटर योजना और बिजली निजीकरण के विरोध में व्यापक प्रदर्शन किया गया। इस दौरान हजारों की संख्या में कार्यकर्ता और आमजन काली जी पोखरा पर इकट्ठा हुए और वहां से नगर में एक विशाल जुलूस निकाला, जिसमें विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रदेश में बिजली दरों में वृद्धि, लगातार कटौती, लो-वोल्टेज की समस्या और जर्जर विद्युत व्यवस्था से आम जनता बेहद परेशान है। जुलूस काली जी पोखरा से शुरू होकर नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरा, जहां कार्यकर्ताओं ने "बिजली दर वृद्धि वापस लो", "स्मार्ट मीटर योजना रद्द करो", "निजीकरण बंद करो" और "किसानों को मुफ्त बिजली दो" जैसे नारे लगाए। जुलूस के बाद, कार्यकर्ता लगभग दो किलोमीटर पैदल मार्च करते हुए विद्युत उपकेंद्र पहुंचे और वहां धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी चकिया को सौंपा, जिसमें 10 प्रतिशत बिजली दर वृद्धि वापस लेने, बिजली कटौती और फाल्ट की समस्या का स्थायी समाधान करने, स्मार्ट मीटर योजना को पूरी तरह समाप्त करने और दक्षिणांचल एवं पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण की प्रक्रिया रद्द करने की प्रमुख मांगें शामिल थीं। इसके अतिरिक्त, प्रस्तावित बिजली बिल 2025 वापस लेने, सभी उपभोक्ताओं को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने, किसानों को मुफ्त बिजली का चुनावी वादा पूरा करने, बिजली विभाग के रिक्त पदों पर नियुक्तियां करने, संविदा कर्मियों को स्थायी करने, गांवों और शहरों में 24 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा जर्जर विद्युत लाइनों और फुंके ट्रांसफार्मरों को तत्काल बदलने की भी मांग की गई। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने स्मार्ट मीटर योजना को लेकर जनता में व्यापक असंतोष जताया और पूर्व की व्यवस्था बहाल करने की मांग की ताकि उपभोक्ताओं को कोई अतिरिक्त आर्थिक परेशानी न हो। पूरे कार्यक्रम का नेतृत्व माकपा नेता लालचंद एडवोकेट ने किया, जिन्होंने कहा कि बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाएं जनता का अधिकार हैं। परमानंद सिंह मौर्य, राजेंद्र यादव, रामनिवास पांडेय सहित कई अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी सभा को संबोधित किया और ग्रामीण क्षेत्रों में लो-वोल्टेज, बार-बार फाल्ट, ट्रांसफार्मरों के जलने तथा विद्युत आपूर्ति में अनियमितता जैसी समस्याओं के तत्काल प्रभावी समाधान की मांग की। प्रदर्शन के अंत में प्रशासन को चेतावनी दी गई कि यदि मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और अधिक व्यापक बनाया जाएगा।4
- सासाराम में जिला प्रशासन और नगर निगम ने शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने तथा फुटपाथी दुकानदारों को व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पुराने बस पड़ाव परिसर में एक वेंडर जोन का निर्माण कराया था। इस परियोजना पर लाखों रुपये खर्च किए गए थे और इसे शहर के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया था। हालांकि, शुरुआती दिनों में उत्साह के बावजूद, यह योजना कुछ ही समय बाद लगभग असफल साबित हो गई है। प्रशासन ने शुरुआत में शहर के विभिन्न चौक-चौराहों और सड़कों पर दुकान लगाने वाले ठेला, खोमचा और सब्जी विक्रेताओं को इस वेंडर जोन में स्थानांतरित किया था। लेकिन दुकानदारों का कहना है कि वेंडर जोन में ग्राहकों की आवाजाही बेहद कम है, क्योंकि लोगों की खरीदारी की आदतें और बाजार की गतिविधियां अभी भी शहर के मुख्य क्षेत्रों तक ही सीमित हैं। इससे उनकी बिक्री बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे उनकी रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। दुकानदारों का आरोप है कि वेंडर जोन का चयन व्यावहारिक नहीं था, क्योंकि यह शहर के मुख्य बाजार और भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर है, जिसके कारण ग्राहक वहां पहुंचने से बचते हैं। नतीजतन, अधिकांश दुकानदार धीरे-धीरे अपने पुराने स्थानों पर लौट गए और फिर से प्रमुख सड़कों एवं चौक-चौराहों पर दुकानें सजाने लगे, जिससे शहर में अतिक्रमण की समस्या एक बार फिर बढ़ गई है। वर्तमान स्थिति यह है कि पुराने बस पड़ाव स्थित वेंडर जोन लगभग खाली पड़ा हुआ है, और जिस उद्देश्य से इसका निर्माण किया गया था, वह पूरा नहीं हो सका। स्थानीय लोगों का मानना है कि योजना बनाते समय जमीनी हकीकत और दुकानदारों की जरूरतों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। अब वे प्रशासन से इस समस्या का स्थायी और व्यावहारिक समाधान निकालने की मांग कर रहे हैं, ताकि सरकारी धन का सदुपयोग हो सके और फुटपाथी दुकानदारों को भी रोजगार के लिए उपयुक्त स्थान मिल सके। इस संबंध में, सासाराम नगर निगम के नगर आयुक्त विकास कुमार ने बताया कि नगर निगम लगातार सड़क जाम की समस्या और शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने को लेकर सक्रिय है, और सासाराम नगर वासियों को जल्द ही जाम की समस्या से निजात मिलेगी।1
- चंदौली किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने घोड़सारी गांव में एक किसान गोष्ठी का आयोजन किया। इस गोष्ठी की अध्यक्षता राधेश्याम पांडेय ने की, जबकि राम अवध सिंह संगठन मंत्री के रूप में उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में राजकुमार सिंह सहित कई किसान भी शामिल थे।1
- चंदौली जिले के खड़ान गांव में पिछले दो से तीन साल से एक नाली का निर्माण हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार, इस नाली पर अभी तक ढक्कन नहीं रखा गया है, जिसके कारण यह अधूरी पड़ी है।1
- उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में धानापुर सकलडीहा से युवा नेता राजकुमार सनातनी हैं।1
- विद्युत विभाग ने सभी विद्युत कर्मियों को सुरक्षा के महत्व पर बल देते हुए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि विद्युत पोल और लाइन पर कोई भी कार्य शुरू करने से पहले नियमित और सुरक्षित तरीके से शटडाउन प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य है। विभाग ने इस बात पर विशेष जोर दिया है कि सभी विद्युत कर्मी, विद्युत विभाग और अपने परिवार दोनों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण अंग हैं। यह भी रेखांकित किया गया है कि सुरक्षा की भूमिका बेहद अहम है, क्योंकि जीवन बहुत अनमोल है।1
- किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने घोड़सारी गांव में एक किसान गोष्ठी का आयोजन किया। इस गोष्ठी में राजकुमार सिंह और संगठन मंत्री राम अवध सिंह भी उपस्थित थे।1
- हाउडीह में स्थित रौशनी टेंट हाऊस अपने ग्राहकों से आग्रह कर रहा है कि वे उसे एक बार सेवा का मौका ज़रूर दें। टेंट हाऊस लोगों से निवेदन कर रहा है कि वे उसकी सेवाओं को आज़माएँ।1
- रोहतास जिले के डेहरी से एक दुखद खबर सामने आई है, जहाँ पटना जिले के नौबतपुर थाना क्षेत्र के अमरपुर गाँव निवासी सूरज कुमार नामक युवक की लू लगने से तबीयत बिगड़ने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। सूरज कुमार किसी निजी कार्य से डेहरी आए हुए थे, जब डेहरी पहुँचने के दौरान उन्हें भीषण गर्मी और उमस के कारण चक्कर आने लगे और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियाँ शुरू हो गईं। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत डेहरी अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उनका उपचार शुरू किया। हालांकि, इलाज के बावजूद उनकी स्थिति लगातार गंभीर होती चली गई और अंततः उन्होंने दम तोड़ दिया। अस्पताल प्रशासन ने घटना की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुँची और मामले की जाँच शुरू की। आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएँ पूरी करने के बाद, शव को पोस्टमार्टम के लिए सासाराम सदर अस्पताल भेज दिया गया है, जहाँ से पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। प्रारंभिक तौर पर लू लगने को ही मौत का कारण बताया जा रहा है, जिसकी पुष्टि डेहरी नगर थानाध्यक्ष राहुल कुमार ने भी की कि मृतक की मौत हीट वेव की चपेट में आने से हुई है। पुलिस इस मामले में आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है। जिले में लगातार बढ़ती गर्मी और उमस से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसी के मद्देनजर, स्वास्थ्य विभाग लोगों को दोपहर के समय घरों से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और धूप से बचाव के अन्य उपाय अपनाने की सलाह दे रहा है। इस दुखद घटना के बाद मृतक सूरज कुमार के परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई है।1