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विद्युत विभाग ने सभी विद्युत कर्मियों को सुरक्षा के महत्व पर बल देते हुए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि विद्युत पोल और लाइन पर कोई भी कार्य शुरू करने से पहले नियमित और सुरक्षित तरीके से शटडाउन प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य है। विभाग ने इस बात पर विशेष जोर दिया है कि सभी विद्युत कर्मी, विद्युत विभाग और अपने परिवार दोनों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण अंग हैं। यह भी रेखांकित किया गया है कि सुरक्षा की भूमिका बेहद अहम है, क्योंकि जीवन बहुत अनमोल है।
@karanBhaskar
विद्युत विभाग ने सभी विद्युत कर्मियों को सुरक्षा के महत्व पर बल देते हुए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि विद्युत पोल और लाइन पर कोई भी कार्य शुरू करने से पहले नियमित और सुरक्षित तरीके से शटडाउन प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य है। विभाग ने इस बात पर विशेष जोर दिया है कि सभी विद्युत कर्मी, विद्युत विभाग और अपने परिवार दोनों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण अंग हैं। यह भी रेखांकित किया गया है कि सुरक्षा की भूमिका बेहद अहम है, क्योंकि जीवन बहुत अनमोल है।
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- विद्युत विभाग ने सभी विद्युत कर्मियों को सुरक्षा के महत्व पर बल देते हुए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि विद्युत पोल और लाइन पर कोई भी कार्य शुरू करने से पहले नियमित और सुरक्षित तरीके से शटडाउन प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य है। विभाग ने इस बात पर विशेष जोर दिया है कि सभी विद्युत कर्मी, विद्युत विभाग और अपने परिवार दोनों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण अंग हैं। यह भी रेखांकित किया गया है कि सुरक्षा की भूमिका बेहद अहम है, क्योंकि जीवन बहुत अनमोल है।1
- वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र में 20 दिनों से लापता 14 वर्षीय दलित छात्रा के बरामद होने के बाद कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है। एक तरफ छात्रा और उसकी माँ ने आरोप लगाया है कि उसे अगवा कर बंधक बनाया गया और कई दिनों तक सामूहिक दुष्कर्म किया गया, वहीं दूसरी ओर हिरासत में लिए गए एक युवक के परिजनों ने इसे जमीनी विवाद और आपसी रंजिश का मामला बताकर झूठे केस में फंसाने का दावा किया है। इस प्रकरण को लेकर क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, छात्रा 11 मई को घर से स्कूल जाने के लिए निकली थी, जिसके बाद वह अचानक लापता हो गई। सोमवार को परिजनों को सूचना मिली कि छात्रा को एक बंद पड़े मकान में रखा गया है। पुलिस और परिजनों ने मौके पर पहुँचकर छात्रा को बरामद किया। बरामदगी के बाद छात्रा ने आरोप लगाया कि तीन युवकों ने उसका अपहरण कर उसे अलग-अलग स्थानों पर बंधक बनाकर रखा और उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। पुलिस ने मामले में दो युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पीड़िता की माँ ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि बेटी के लापता होने के बाद जिन युवकों पर उन्होंने संदेह जताया था, उनके नाम पुलिस को बताए गए थे, लेकिन शुरुआती दौर में पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। उनका कहना है कि यदि समय पर कार्रवाई होती तो बेटी को इतनी पीड़ा नहीं झेलनी पड़ती। माँ ने यह भी दावा किया कि बरामदगी के बाद आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के बजाय समझौते का दबाव बनाया जा रहा है। छात्रा ने भी थाने में दबाव में एक वीडियो बनाने का आरोप लगाया, जिसमें उससे यह कहलवाया गया कि उसका अपहरण नहीं हुआ था, जबकि उसका दावा है कि वास्तविक घटनाक्रम इससे भिन्न है। उधर, पुलिस हिरासत में लिए गए शंकरपुर के एक आरोपी, जिसका नाम काजू बताया गया है, के परिजनों ने पूरे मामले को झूठा करार देते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि पुराने जमीनी विवाद के कारण उनके परिवार को निशाना बनाया जा रहा है। परिजनों ने यह भी दावा किया कि रविवार की रात पुलिस काजू को अपने साथ ले गई थी और अब उसे गलत तरीके से फंसाया जा रहा है। काजू के मामा चंदन ने जांच पूरी हुए बिना किसी को दोषी ठहराने को अन्यायपूर्ण बताते हुए प्रशासन से दोनों पक्षों की बात सुनकर निष्पक्ष कार्रवाई करने की अपील की है। मामले को लेकर हिरासत में लिए गए युवक के परिजन मंगलवार सुबह से ही चौबेपुर थाने पर डटे रहे और पुलिस अधिकारियों से मिलकर निष्पक्ष व पारदर्शी जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि जब तक उन्हें निष्पक्ष जांच का भरोसा नहीं मिलता, तब तक वे न्याय की मांग करते रहेंगे। इस बीच, एसीपी सारनाथ विदुष सक्सेना ने बताया कि पीड़िता का बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष धारा 183 बीएनएसएस एवं धारा 164 सीआरपीसी (पूर्व प्रावधान) के तहत दर्ज कराया गया है। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि मामले में तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और छात्रा के बयान, मेडिकल रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है, जिसके अनुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे प्रकरण को लेकर गांव और आसपास के क्षेत्रों में अलग-अलग तरह की चर्चाएं चल रही हैं, जहाँ एक पक्ष आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग कर रहा है, वहीं दूसरा पक्ष निर्दोष लोगों को फंसाने का आरोप लगा रहा है।1
- सरकार ने सोलर सिस्टम स्थापित करने के संबंध में एक नया नियम लागू किया है।1
- वाराणसी में मंगलवार को कचहरी परिसर में पूर्व एमएलसी बृजेश कुमार सिंह (अरुण) के खिलाफ हिंदू संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय की ओर मार्च किया और "त्राहिमाम, माफिया से धर्म बचाओ" जैसे नारे लगाए। विरोध करने वालों का आरोप है कि धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं के संचालन में पारदर्शिता और जनभावनाओं का सम्मान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपकर अपनी माँगें भी रखीं। गौरतलब है कि वाराणसी के प्रसिद्ध रथयात्रा मेले और अस्सी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी (अध्यक्ष) पूर्व एमएलसी बृजेश कुमार सिंह (अरुण) ही हैं। इसी को लेकर पिछले कुछ समय से विभिन्न संगठनों द्वारा सवाल उठाए जा रहे हैं। बृजेश सिंह की बाहुबली छवि को लेकर समय-समय पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चाएं होती रही हैं, और अब श्री जगन्नाथ मंदिर ट्रस्ट तथा रथयात्रा मेले के प्रबंधन को लेकर उनके खिलाफ विरोध के स्वर और तेज होते दिख रहे हैं। इसी बीच, वाराणसी के अस्सी स्थित जगन्नाथ मंदिर के पुजारी भी नए ट्रस्ट और ट्रस्टियों से नाराज होकर शिकायत लेकर जिला मुख्यालय पहुँचे हैं। फिलहाल, इस पूरे मामले पर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।1
- जनगणना के संबंध में सकलडीहा तहसील में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में SDM कुंदन राज कपूर और तहसीलदार अनुराग सिंह प्रमुख रूप से मौजूद रहे। उनके साथ अन्य अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।1
- चंदौली जिले के खड़ान गांव में पिछले दो से तीन साल से एक नाली का निर्माण हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार, इस नाली पर अभी तक ढक्कन नहीं रखा गया है, जिसके कारण यह अधूरी पड़ी है।1
- वाराणसी के चौबेपुर रेप केस में एक नया मोड़ सामने आया है। इस मामले में आरोपित पक्ष ने आरोप लगाया है कि उन्हें जमीनी विवाद के चलते झूठा फंसाया जा रहा है। आरोपित पक्ष ने अब इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है।1
- वाराणसी के चौबेपुर थाना क्षेत्र में एक ज़मीनी विवाद का मामला सुर्खियों में है, जहाँ एक परिवार ने अपने पड़ोसियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि उनके बच्चों को ज़मीनी विवाद के चलते एक रेप केस के मुक़दमे में फँसाने की कोशिश की जा रही है। इस मामले में मंगलवार को परिवार के सदस्यों ने चौबेपुर थाने का घेराव किया। थाना प्रभारी वीरेंद्र सोनकर ने परिवार को आश्वस्त किया कि मामले में 'सिडियार' निकालकर पूरी जाँच की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह हाजी हफीजुल्ला वारसी की एक खास रिपोर्ट है।2