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चंदौली के चकिया नगर में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) [माकपा] के बैनर तले बिजली संकट, बढ़ती महंगाई, स्मार्ट मीटर योजना और बिजली निजीकरण के विरोध में व्यापक प्रदर्शन किया गया। इस दौरान हजारों की संख्या में कार्यकर्ता और आमजन काली जी पोखरा पर इकट्ठा हुए और वहां से नगर में एक विशाल जुलूस निकाला, जिसमें विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रदेश में बिजली दरों में वृद्धि, लगातार कटौती, लो-वोल्टेज की समस्या और जर्जर विद्युत व्यवस्था से आम जनता बेहद परेशान है। जुलूस काली जी पोखरा से शुरू होकर नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरा, जहां कार्यकर्ताओं ने "बिजली दर वृद्धि वापस लो", "स्मार्ट मीटर योजना रद्द करो", "निजीकरण बंद करो" और "किसानों को मुफ्त बिजली दो" जैसे नारे लगाए। जुलूस के बाद, कार्यकर्ता लगभग दो किलोमीटर पैदल मार्च करते हुए विद्युत उपकेंद्र पहुंचे और वहां धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी चकिया को सौंपा, जिसमें 10 प्रतिशत बिजली दर वृद्धि वापस लेने, बिजली कटौती और फाल्ट की समस्या का स्थायी समाधान करने, स्मार्ट मीटर योजना को पूरी तरह समाप्त करने और दक्षिणांचल एवं पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण की प्रक्रिया रद्द करने की प्रमुख मांगें शामिल थीं। इसके अतिरिक्त, प्रस्तावित बिजली बिल 2025 वापस लेने, सभी उपभोक्ताओं को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने, किसानों को मुफ्त बिजली का चुनावी वादा पूरा करने, बिजली विभाग के रिक्त पदों पर नियुक्तियां करने, संविदा कर्मियों को स्थायी करने, गांवों और शहरों में 24 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा जर्जर विद्युत लाइनों और फुंके ट्रांसफार्मरों को तत्काल बदलने की भी मांग की गई। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने स्मार्ट मीटर योजना को लेकर जनता में व्यापक असंतोष जताया और पूर्व की व्यवस्था बहाल करने की मांग की ताकि उपभोक्ताओं को कोई अतिरिक्त आर्थिक परेशानी न हो। पूरे कार्यक्रम का नेतृत्व माकपा नेता लालचंद एडवोकेट ने किया, जिन्होंने कहा कि बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाएं जनता का अधिकार हैं। परमानंद सिंह मौर्य, राजेंद्र यादव, रामनिवास पांडेय सहित कई अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी सभा को संबोधित किया और ग्रामीण क्षेत्रों में लो-वोल्टेज, बार-बार फाल्ट, ट्रांसफार्मरों के जलने तथा विद्युत आपूर्ति में अनियमितता जैसी समस्याओं के तत्काल प्रभावी समाधान की मांग की। प्रदर्शन के अंत में प्रशासन को चेतावनी दी गई कि यदि मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और अधिक व्यापक बनाया जाएगा।

8 hrs ago
user_राज कुमार सोनकर पत्रकार
राज कुमार सोनकर पत्रकार
Court reporter चकिया, चंदौली, उत्तर प्रदेश•
8 hrs ago
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चंदौली के चकिया नगर में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) [माकपा] के बैनर तले बिजली संकट, बढ़ती महंगाई, स्मार्ट मीटर योजना और बिजली निजीकरण के विरोध में व्यापक प्रदर्शन किया गया। इस दौरान हजारों की संख्या में कार्यकर्ता और आमजन काली जी पोखरा पर इकट्ठा हुए और वहां से नगर में एक विशाल जुलूस निकाला, जिसमें विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रदेश में बिजली दरों में वृद्धि, लगातार कटौती, लो-वोल्टेज की समस्या और जर्जर विद्युत व्यवस्था से आम जनता बेहद परेशान है। जुलूस काली जी पोखरा से शुरू होकर नगर के

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प्रमुख मार्गों से गुजरा, जहां कार्यकर्ताओं ने "बिजली दर वृद्धि वापस लो", "स्मार्ट मीटर योजना रद्द करो", "निजीकरण बंद करो" और "किसानों को मुफ्त बिजली दो" जैसे नारे लगाए। जुलूस के बाद, कार्यकर्ता लगभग दो किलोमीटर पैदल मार्च करते हुए विद्युत उपकेंद्र पहुंचे और वहां धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी चकिया को सौंपा, जिसमें 10 प्रतिशत बिजली दर वृद्धि वापस लेने, बिजली कटौती और फाल्ट की समस्या का स्थायी समाधान करने, स्मार्ट मीटर योजना को पूरी तरह समाप्त करने और दक्षिणांचल एवं पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण की प्रक्रिया रद्द करने की

प्रमुख मांगें शामिल थीं। इसके अतिरिक्त, प्रस्तावित बिजली बिल 2025 वापस लेने, सभी उपभोक्ताओं को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने, किसानों को मुफ्त बिजली का चुनावी वादा पूरा करने, बिजली विभाग के रिक्त पदों पर नियुक्तियां करने, संविदा कर्मियों को स्थायी करने, गांवों और शहरों में 24 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा जर्जर विद्युत लाइनों और फुंके ट्रांसफार्मरों को तत्काल बदलने की भी मांग की गई। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने स्मार्ट मीटर योजना को लेकर जनता में व्यापक असंतोष जताया और पूर्व की व्यवस्था बहाल करने की मांग की ताकि उपभोक्ताओं को कोई

अतिरिक्त आर्थिक परेशानी न हो। पूरे कार्यक्रम का नेतृत्व माकपा नेता लालचंद एडवोकेट ने किया, जिन्होंने कहा कि बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाएं जनता का अधिकार हैं। परमानंद सिंह मौर्य, राजेंद्र यादव, रामनिवास पांडेय सहित कई अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी सभा को संबोधित किया और ग्रामीण क्षेत्रों में लो-वोल्टेज, बार-बार फाल्ट, ट्रांसफार्मरों के जलने तथा विद्युत आपूर्ति में अनियमितता जैसी समस्याओं के तत्काल प्रभावी समाधान की मांग की। प्रदर्शन के अंत में प्रशासन को चेतावनी दी गई कि यदि मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और अधिक व्यापक बनाया जाएगा।

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  • चंदौली जिले के चकिया नगर में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (माकपा) ने बिजली संकट, बढ़ती महंगाई, स्मार्ट मीटर योजना और बिजली के निजीकरण के विरोध में एक जोरदार प्रदर्शन किया। काली जी पोखरा पर एकत्रित होकर हजारों कार्यकर्ताओं और आमजन ने नगर में एक विशाल जुलूस निकाला, जिसके बाद वे विद्युत उपकेंद्र तक लगभग दो किलोमीटर पैदल मार्च करते हुए पहुंचे और धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी चकिया को भी सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रदेश में बिजली दरों में वृद्धि, लगातार कटौती, लो-वोल्टेज और जर्जर विद्युत व्यवस्था के कारण आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से बिजली दरों में की गई 10 प्रतिशत वृद्धि को तत्काल वापस लेने, बढ़ती बिजली कटौती और फाल्ट की समस्या का स्थायी समाधान करने, स्मार्ट मीटर योजना को पूरी तरह समाप्त करने और दक्षिणांचल तथा पूर्वांचल विद्युत वितरण निगमों के निजीकरण की प्रक्रिया को रद्द करने की मांग की। इसके साथ ही प्रस्तावित बिजली बिल 2025 को वापस लेने, सभी उपभोक्ताओं को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने तथा किसानों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने के चुनावी वादे को पूरा करने पर भी जोर दिया गया। माकपा नेताओं ने बिजली विभाग में रिक्त पदों पर नियुक्तियों और संविदा कर्मियों को स्थायी करने की भी मांग की। उन्होंने गांवों और शहरों में 24 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने, जर्जर विद्युत लाइनों तथा फुंके ट्रांसफार्मरों को तुरंत बदलने पर जोर दिया। पूरे कार्यक्रम का नेतृत्व माकपा नेता लालचंद एडवोकेट ने किया, जिन्होंने कहा कि बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं जनता का अधिकार हैं और सरकार को जनहित में निर्णय लेने चाहिए। सभा को परमानंद सिंह मौर्य, राजेंद्र यादव, रामनिवास पांडेय, बलराम कुरिल, नंदलाल, बड़ेलाल, चौथी पासवान, महानंद राजभर, लालमणि विश्वकर्मा, जयनाथ, भुगुनाथ विश्वकर्मा सहित कई अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने स्मार्ट मीटर योजना को लेकर जनता में व्यापक असंतोष जताया और कहा कि पूर्व की व्यवस्था को बहाल किया जाए ताकि उपभोक्ताओं को कोई अतिरिक्त आर्थिक परेशानी न झेलनी पड़े। प्रदर्शन के अंत में प्रशासन को चेतावनी दी गई कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और भी व्यापक रूप दिया जाएगा।
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    चंदौली जिले के चकिया नगर में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (माकपा) ने बिजली संकट, बढ़ती महंगाई, स्मार्ट मीटर योजना और बिजली के निजीकरण के विरोध में एक जोरदार प्रदर्शन किया। काली जी पोखरा पर एकत्रित होकर हजारों कार्यकर्ताओं और आमजन ने नगर में एक विशाल जुलूस निकाला, जिसके बाद वे विद्युत उपकेंद्र तक लगभग दो किलोमीटर पैदल मार्च करते हुए पहुंचे और धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी चकिया को भी सौंपा।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रदेश में बिजली दरों में वृद्धि, लगातार कटौती, लो-वोल्टेज और जर्जर विद्युत व्यवस्था के कारण आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से बिजली दरों में की गई 10 प्रतिशत वृद्धि को तत्काल वापस लेने, बढ़ती बिजली कटौती और फाल्ट की समस्या का स्थायी समाधान करने, स्मार्ट मीटर योजना को पूरी तरह समाप्त करने और दक्षिणांचल तथा पूर्वांचल विद्युत वितरण निगमों के निजीकरण की प्रक्रिया को रद्द करने की मांग की। इसके साथ ही प्रस्तावित बिजली बिल 2025 को वापस लेने, सभी उपभोक्ताओं को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने तथा किसानों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने के चुनावी वादे को पूरा करने पर भी जोर दिया गया।

माकपा नेताओं ने बिजली विभाग में रिक्त पदों पर नियुक्तियों और संविदा कर्मियों को स्थायी करने की भी मांग की। उन्होंने गांवों और शहरों में 24 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने, जर्जर विद्युत लाइनों तथा फुंके ट्रांसफार्मरों को तुरंत बदलने पर जोर दिया। पूरे कार्यक्रम का नेतृत्व माकपा नेता लालचंद एडवोकेट ने किया, जिन्होंने कहा कि बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं जनता का अधिकार हैं और सरकार को जनहित में निर्णय लेने चाहिए। सभा को परमानंद सिंह मौर्य, राजेंद्र यादव, रामनिवास पांडेय, बलराम कुरिल, नंदलाल, बड़ेलाल, चौथी पासवान, महानंद राजभर, लालमणि विश्वकर्मा, जयनाथ, भुगुनाथ विश्वकर्मा सहित कई अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी संबोधित किया।

वक्ताओं ने स्मार्ट मीटर योजना को लेकर जनता में व्यापक असंतोष जताया और कहा कि पूर्व की व्यवस्था को बहाल किया जाए ताकि उपभोक्ताओं को कोई अतिरिक्त आर्थिक परेशानी न झेलनी पड़े। प्रदर्शन के अंत में प्रशासन को चेतावनी दी गई कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और भी व्यापक रूप दिया जाएगा।
    user_राज कुमार सोनकर पत्रकार
    राज कुमार सोनकर पत्रकार
    Court reporter चकिया, चंदौली, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • प्रभारी मंत्री मो. ज़मा खान ने आगामी संभावित बाढ़ और सुखाड़-2026 की तैयारियों की समीक्षा के लिए आयोजित एक बैठक की अध्यक्षता की।
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    प्रभारी मंत्री मो. ज़मा खान ने आगामी संभावित बाढ़ और सुखाड़-2026 की तैयारियों की समीक्षा के लिए आयोजित एक बैठक की अध्यक्षता की।
    user_आजाद जमावादी
    आजाद जमावादी
    Local News Reporter चैनपुर, कैमूर (भभुआ), बिहार•
    6 hrs ago
  • बिहार के कैमूर जिले में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के समर्थकों ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया। यह विरोध मुख्यमंत्री के 'हरा गमछा' से जुड़े बयान को लेकर किया गया।
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    बिहार के कैमूर जिले में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के समर्थकों ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया। यह विरोध मुख्यमंत्री के 'हरा गमछा' से जुड़े बयान को लेकर किया गया।
    user_गांव से शहर न्यूज( krishna kumar keshari)
    गांव से शहर न्यूज( krishna kumar keshari)
    Chainpur, Kaimur (Bhabua)•
    11 hrs ago
  • धीना के नदहा-गुरैनी लघु डाल क्षेत्र में गंगा कटान को लेकर किसानों का धरना लगातार सातवें दिन भी जारी रहा। इस दौरान पूर्व विधायक मनोज कुमार सिंह डब्लू धरना स्थल पर पहुंचे, जहां उन्होंने किसानों की समस्याओं को सुना और उनके आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन दिया। पूर्व विधायक ने जोर देकर कहा कि गंगा कटान के कारण न केवल किसानों की खेती, बल्कि गांवों का अस्तित्व भी खतरे में है। उन्होंने प्रशासन और सिंचाई विभाग से तत्काल प्रभावी कदम उठाने का आग्रह किया। मनोज कुमार सिंह डब्लू ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि समय रहते कटान रोकने का कार्य शुरू नहीं हुआ, तो वे किसानों के साथ मिलकर एक बड़े आंदोलन की रणनीति बनाएंगे। धरना स्थल पर मौजूद किसानों ने भी एक बार फिर अपनी मांगों को दोहराते हुए इस समस्या के शीघ्र स्थायी समाधान की मांग की।
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    धीना के नदहा-गुरैनी लघु डाल क्षेत्र में गंगा कटान को लेकर किसानों का धरना लगातार सातवें दिन भी जारी रहा। इस दौरान पूर्व विधायक मनोज कुमार सिंह डब्लू धरना स्थल पर पहुंचे, जहां उन्होंने किसानों की समस्याओं को सुना और उनके आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन दिया।

पूर्व विधायक ने जोर देकर कहा कि गंगा कटान के कारण न केवल किसानों की खेती, बल्कि गांवों का अस्तित्व भी खतरे में है। उन्होंने प्रशासन और सिंचाई विभाग से तत्काल प्रभावी कदम उठाने का आग्रह किया। मनोज कुमार सिंह डब्लू ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि समय रहते कटान रोकने का कार्य शुरू नहीं हुआ, तो वे किसानों के साथ मिलकर एक बड़े आंदोलन की रणनीति बनाएंगे। धरना स्थल पर मौजूद किसानों ने भी एक बार फिर अपनी मांगों को दोहराते हुए इस समस्या के शीघ्र स्थायी समाधान की मांग की।
    user_Faridu ddin
    Faridu ddin
    चंदौली, चंदौली, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • सोलर की अर्थिंग में केमिकल भरने की एक विशिष्ट प्रक्रिया होती है, जिसकी शुरुआत 4 इंच के ड्रिल से की जाती है। यह ड्रिल अर्थिंग रॉड की लंबाई के बराबर, यानी जितने फिट की अर्थिंग है, उतना गहरा किया जाता है। ड्रिल पूरा हो जाने के बाद, अर्थिंग रॉड को उसमें डाला जाता है और फिर पूरे छेद को अर्थिंग के विशेष केमिकल या सामग्री से भर दिया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अर्थिंग की कंडक्टिविटी लंबे समय तक उच्च गुणवत्ता वाली बनी रहे।
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    सोलर की अर्थिंग में केमिकल भरने की एक विशिष्ट प्रक्रिया होती है, जिसकी शुरुआत 4 इंच के ड्रिल से की जाती है। यह ड्रिल अर्थिंग रॉड की लंबाई के बराबर, यानी जितने फिट की अर्थिंग है, उतना गहरा किया जाता है। ड्रिल पूरा हो जाने के बाद, अर्थिंग रॉड को उसमें डाला जाता है और फिर पूरे छेद को अर्थिंग के विशेष केमिकल या सामग्री से भर दिया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अर्थिंग की कंडक्टिविटी लंबे समय तक उच्च गुणवत्ता वाली बनी रहे।
    user_Er. Saurabh Chandra Kushwaha
    Er. Saurabh Chandra Kushwaha
    Lighting manufacturer Varanasi, Uttar Pradesh•
    1 hr ago
  • जनगणना के संबंध में सकलडीहा तहसील में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में SDM कुंदन राज कपूर और तहसीलदार अनुराग सिंह प्रमुख रूप से मौजूद रहे। उनके साथ अन्य अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
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    जनगणना के संबंध में सकलडीहा तहसील में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में SDM कुंदन राज कपूर और तहसीलदार अनुराग सिंह प्रमुख रूप से मौजूद रहे। उनके साथ अन्य अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
    user_Ajay Singh
    Ajay Singh
    Local News Reporter सकलडीहा, चंदौली, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • चंदौली जिले के खड़ान गांव में पिछले दो से तीन साल से एक नाली का निर्माण हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार, इस नाली पर अभी तक ढक्कन नहीं रखा गया है, जिसके कारण यह अधूरी पड़ी है।
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    चंदौली जिले के खड़ान गांव में पिछले दो से तीन साल से एक नाली का निर्माण हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार, इस नाली पर अभी तक ढक्कन नहीं रखा गया है, जिसके कारण यह अधूरी पड़ी है।
    user_Rajkumar
    Rajkumar
    सकलडीहा, चंदौली, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • चंदौली के चकिया नगर में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) [माकपा] के बैनर तले बिजली संकट, बढ़ती महंगाई, स्मार्ट मीटर योजना और बिजली निजीकरण के विरोध में व्यापक प्रदर्शन किया गया। इस दौरान हजारों की संख्या में कार्यकर्ता और आमजन काली जी पोखरा पर इकट्ठा हुए और वहां से नगर में एक विशाल जुलूस निकाला, जिसमें विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रदेश में बिजली दरों में वृद्धि, लगातार कटौती, लो-वोल्टेज की समस्या और जर्जर विद्युत व्यवस्था से आम जनता बेहद परेशान है। जुलूस काली जी पोखरा से शुरू होकर नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरा, जहां कार्यकर्ताओं ने "बिजली दर वृद्धि वापस लो", "स्मार्ट मीटर योजना रद्द करो", "निजीकरण बंद करो" और "किसानों को मुफ्त बिजली दो" जैसे नारे लगाए। जुलूस के बाद, कार्यकर्ता लगभग दो किलोमीटर पैदल मार्च करते हुए विद्युत उपकेंद्र पहुंचे और वहां धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी चकिया को सौंपा, जिसमें 10 प्रतिशत बिजली दर वृद्धि वापस लेने, बिजली कटौती और फाल्ट की समस्या का स्थायी समाधान करने, स्मार्ट मीटर योजना को पूरी तरह समाप्त करने और दक्षिणांचल एवं पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण की प्रक्रिया रद्द करने की प्रमुख मांगें शामिल थीं। इसके अतिरिक्त, प्रस्तावित बिजली बिल 2025 वापस लेने, सभी उपभोक्ताओं को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने, किसानों को मुफ्त बिजली का चुनावी वादा पूरा करने, बिजली विभाग के रिक्त पदों पर नियुक्तियां करने, संविदा कर्मियों को स्थायी करने, गांवों और शहरों में 24 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा जर्जर विद्युत लाइनों और फुंके ट्रांसफार्मरों को तत्काल बदलने की भी मांग की गई। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने स्मार्ट मीटर योजना को लेकर जनता में व्यापक असंतोष जताया और पूर्व की व्यवस्था बहाल करने की मांग की ताकि उपभोक्ताओं को कोई अतिरिक्त आर्थिक परेशानी न हो। पूरे कार्यक्रम का नेतृत्व माकपा नेता लालचंद एडवोकेट ने किया, जिन्होंने कहा कि बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाएं जनता का अधिकार हैं। परमानंद सिंह मौर्य, राजेंद्र यादव, रामनिवास पांडेय सहित कई अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी सभा को संबोधित किया और ग्रामीण क्षेत्रों में लो-वोल्टेज, बार-बार फाल्ट, ट्रांसफार्मरों के जलने तथा विद्युत आपूर्ति में अनियमितता जैसी समस्याओं के तत्काल प्रभावी समाधान की मांग की। प्रदर्शन के अंत में प्रशासन को चेतावनी दी गई कि यदि मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और अधिक व्यापक बनाया जाएगा।
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    चंदौली के चकिया नगर में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) [माकपा] के बैनर तले बिजली संकट, बढ़ती महंगाई, स्मार्ट मीटर योजना और बिजली निजीकरण के विरोध में व्यापक प्रदर्शन किया गया। इस दौरान हजारों की संख्या में कार्यकर्ता और आमजन काली जी पोखरा पर इकट्ठा हुए और वहां से नगर में एक विशाल जुलूस निकाला, जिसमें विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रदेश में बिजली दरों में वृद्धि, लगातार कटौती, लो-वोल्टेज की समस्या और जर्जर विद्युत व्यवस्था से आम जनता बेहद परेशान है।

जुलूस काली जी पोखरा से शुरू होकर नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरा, जहां कार्यकर्ताओं ने "बिजली दर वृद्धि वापस लो", "स्मार्ट मीटर योजना रद्द करो", "निजीकरण बंद करो" और "किसानों को मुफ्त बिजली दो" जैसे नारे लगाए। जुलूस के बाद, कार्यकर्ता लगभग दो किलोमीटर पैदल मार्च करते हुए विद्युत उपकेंद्र पहुंचे और वहां धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी चकिया को सौंपा, जिसमें 10 प्रतिशत बिजली दर वृद्धि वापस लेने, बिजली कटौती और फाल्ट की समस्या का स्थायी समाधान करने, स्मार्ट मीटर योजना को पूरी तरह समाप्त करने और दक्षिणांचल एवं पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण की प्रक्रिया रद्द करने की प्रमुख मांगें शामिल थीं। इसके अतिरिक्त, प्रस्तावित बिजली बिल 2025 वापस लेने, सभी उपभोक्ताओं को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने, किसानों को मुफ्त बिजली का चुनावी वादा पूरा करने, बिजली विभाग के रिक्त पदों पर नियुक्तियां करने, संविदा कर्मियों को स्थायी करने, गांवों और शहरों में 24 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा जर्जर विद्युत लाइनों और फुंके ट्रांसफार्मरों को तत्काल बदलने की भी मांग की गई।

सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने स्मार्ट मीटर योजना को लेकर जनता में व्यापक असंतोष जताया और पूर्व की व्यवस्था बहाल करने की मांग की ताकि उपभोक्ताओं को कोई अतिरिक्त आर्थिक परेशानी न हो। पूरे कार्यक्रम का नेतृत्व माकपा नेता लालचंद एडवोकेट ने किया, जिन्होंने कहा कि बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाएं जनता का अधिकार हैं। परमानंद सिंह मौर्य, राजेंद्र यादव, रामनिवास पांडेय सहित कई अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी सभा को संबोधित किया और ग्रामीण क्षेत्रों में लो-वोल्टेज, बार-बार फाल्ट, ट्रांसफार्मरों के जलने तथा विद्युत आपूर्ति में अनियमितता जैसी समस्याओं के तत्काल प्रभावी समाधान की मांग की। प्रदर्शन के अंत में प्रशासन को चेतावनी दी गई कि यदि मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और अधिक व्यापक बनाया जाएगा।
    user_राज कुमार सोनकर पत्रकार
    राज कुमार सोनकर पत्रकार
    Court reporter चकिया, चंदौली, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
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