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प्रभारी मंत्री मो. ज़मा खान ने आगामी संभावित बाढ़ और सुखाड़-2026 की तैयारियों की समीक्षा के लिए आयोजित एक बैठक की अध्यक्षता की।
आजाद जमावादी
प्रभारी मंत्री मो. ज़मा खान ने आगामी संभावित बाढ़ और सुखाड़-2026 की तैयारियों की समीक्षा के लिए आयोजित एक बैठक की अध्यक्षता की।
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- चंदौली के चकिया नगर में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) [माकपा] के बैनर तले बिजली संकट, बढ़ती महंगाई, स्मार्ट मीटर योजना और बिजली निजीकरण के विरोध में व्यापक प्रदर्शन किया गया। इस दौरान हजारों की संख्या में कार्यकर्ता और आमजन काली जी पोखरा पर इकट्ठा हुए और वहां से नगर में एक विशाल जुलूस निकाला, जिसमें विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रदेश में बिजली दरों में वृद्धि, लगातार कटौती, लो-वोल्टेज की समस्या और जर्जर विद्युत व्यवस्था से आम जनता बेहद परेशान है। जुलूस काली जी पोखरा से शुरू होकर नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरा, जहां कार्यकर्ताओं ने "बिजली दर वृद्धि वापस लो", "स्मार्ट मीटर योजना रद्द करो", "निजीकरण बंद करो" और "किसानों को मुफ्त बिजली दो" जैसे नारे लगाए। जुलूस के बाद, कार्यकर्ता लगभग दो किलोमीटर पैदल मार्च करते हुए विद्युत उपकेंद्र पहुंचे और वहां धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी चकिया को सौंपा, जिसमें 10 प्रतिशत बिजली दर वृद्धि वापस लेने, बिजली कटौती और फाल्ट की समस्या का स्थायी समाधान करने, स्मार्ट मीटर योजना को पूरी तरह समाप्त करने और दक्षिणांचल एवं पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण की प्रक्रिया रद्द करने की प्रमुख मांगें शामिल थीं। इसके अतिरिक्त, प्रस्तावित बिजली बिल 2025 वापस लेने, सभी उपभोक्ताओं को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने, किसानों को मुफ्त बिजली का चुनावी वादा पूरा करने, बिजली विभाग के रिक्त पदों पर नियुक्तियां करने, संविदा कर्मियों को स्थायी करने, गांवों और शहरों में 24 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा जर्जर विद्युत लाइनों और फुंके ट्रांसफार्मरों को तत्काल बदलने की भी मांग की गई। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने स्मार्ट मीटर योजना को लेकर जनता में व्यापक असंतोष जताया और पूर्व की व्यवस्था बहाल करने की मांग की ताकि उपभोक्ताओं को कोई अतिरिक्त आर्थिक परेशानी न हो। पूरे कार्यक्रम का नेतृत्व माकपा नेता लालचंद एडवोकेट ने किया, जिन्होंने कहा कि बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाएं जनता का अधिकार हैं। परमानंद सिंह मौर्य, राजेंद्र यादव, रामनिवास पांडेय सहित कई अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी सभा को संबोधित किया और ग्रामीण क्षेत्रों में लो-वोल्टेज, बार-बार फाल्ट, ट्रांसफार्मरों के जलने तथा विद्युत आपूर्ति में अनियमितता जैसी समस्याओं के तत्काल प्रभावी समाधान की मांग की। प्रदर्शन के अंत में प्रशासन को चेतावनी दी गई कि यदि मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और अधिक व्यापक बनाया जाएगा।4
- धीना के नदहा-गुरैनी लघु डाल क्षेत्र में गंगा कटान को लेकर किसानों का धरना लगातार छठवें दिन भी जारी रहा। किसानों को समर्थन देने के लिए पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू भी धरना स्थल पर पहुंचे और उनकी समस्याओं को सुना। किसानों ने बताया कि सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने दो दिन के भीतर कटानरोधी कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी काम शुरू नहीं हो सका, जिससे उनमें भारी नाराजगी है। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य दीनानाथ श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि अधिकारी और सरकार केवल आश्वासन देते हैं, लेकिन अपने वादों को पूरा नहीं करते। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि गंगा कटान से हर वर्ष सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि नदी में समा रही है, फिर भी समस्या के स्थायी समाधान के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया जा रहा है। किसानों ने यह भी बताया कि गंगा कटान के कारण लघु डाल पंप कैनाल पर भी खतरा मंडरा रहा है। पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू ने मौके से सिंचाई विभाग के बंधी प्रखंड के अधिशासी अभियंता सुरेश चंद्र आजाद और लघु डाल खंड के अधिशासी अभियंता बृजेश कुमार से फोन पर बात कर स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि किसानों की सुध लेने वाला न तो कोई अधिकारी है और न ही सत्ता पक्ष का कोई प्रतिनिधि, जिसके चलते किसान स्वयं को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। किसानों ने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये की लागत से कराए गए बोल्डर पिचिंग कार्य का बड़ा हिस्सा बाढ़ में बह गया। धरना स्थल पर कटानरोधी कार्यों में हुए खर्च को लेकर भी गंभीर सवाल उठे। किसानों ने दावा किया कि पिचिंग कार्य पर करीब दो करोड़ रुपये खर्च हुए थे, जबकि बंधी प्रखंड की ओर से भी लगभग तीन करोड़ रुपये कटानरोधी कार्यों पर लगाए गए थे। हालांकि, पूर्व विधायक द्वारा अधिशासी अभियंता बृजेश कुमार से बातचीत के दौरान बताया गया कि संबंधित कार्य लगभग 65 लाख रुपये की लागत से कराया गया था। खर्च की राशि को लेकर सामने आए इन अलग-अलग दावों ने पूरे मामले को संदेह के घेरे में ला दिया है। किसानों ने मांग की है कि कटानरोधी कार्यों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, दोषी कार्यदायी संस्था के खिलाफ कार्रवाई हो तथा प्रभावित क्षेत्र में तत्काल प्रभाव से कटान रोकने के लिए आवश्यक कार्य शुरू कराया जाए।2
- जनगणना के संबंध में सकलडीहा तहसील में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में SDM कुंदन राज कपूर और तहसीलदार अनुराग सिंह प्रमुख रूप से मौजूद रहे। उनके साथ अन्य अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।1
- चंदौली जिले के खड़ान गांव में पिछले दो से तीन साल से एक नाली का निर्माण हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार, इस नाली पर अभी तक ढक्कन नहीं रखा गया है, जिसके कारण यह अधूरी पड़ी है।1
- उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में धानापुर सकलडीहा से युवा नेता राजकुमार सनातनी हैं।1
- पुलिस से भागते वक्त कुछ लोगों ने नासा पुलिस पर फायरिंग की। इस दौरान उन्होंने हवा में 58 लाख रुपये के नोटों की गड्डियाँ उड़ाईं और एक गाड़ी भी चराई गई।1
- चंदौली किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने घोड़सारी गांव में एक किसान गोष्ठी का आयोजन किया। इस गोष्ठी की अध्यक्षता राधेश्याम पांडेय ने की, जबकि राम अवध सिंह संगठन मंत्री के रूप में उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में राजकुमार सिंह सहित कई किसान भी शामिल थे।1
- यह दृश्य रावटसगंज ओवरब्रिज के नीचे का है, जहाँ बाजार में लोगों को बिना हेलमेट के देखा गया।1
- घर बदलने की व्यापक सेवाएँ उपलब्ध हैं, जिनमें सामान की सुरक्षित पैकिंग, लोडिंग, अनलोडिंग और परिवहन जैसी सभी सुविधाएँ शामिल हैं। इन सेवाओं का लाभ उठाने के लिए इच्छुक व्यक्ति 78000-49-301 पर संपर्क कर सकते हैं।1