logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

सासाराम में नवपदस्थापित एसडीपीओ-1 विप्लव कुमार ने पदभार संभालते ही अपनी कार्यशैली की मजबूत छाप छोड़ी है। उन्होंने तत्काल दो बड़ी घटनाओं का सफल उद्भेदन किया, जिसे वे पुलिस टीम की सामूहिक मेहनत का परिणाम मानते हैं। एसडीपीओ विप्लव कुमार ने स्पष्ट किया है कि अपराध नियंत्रण और विधि-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्रमुख प्राथमिकता है और वे इसे बड़ी उपलब्धि मानते हैं। इसके साथ ही, आगामी मोहर्रम और अन्य त्योहारों को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और उसने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस क्रम में, दोनों समुदायों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें आयोजित की जाएंगी ताकि त्योहारों के दौरान आपसी समन्वय और शांति सुनिश्चित की जा सके। मोहर्रम के जुलूसों के लिए निर्धारित रूट तय किए जाएंगे और संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर उन पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। एसडीपीओ ने यह भी बताया कि जुलूस मार्गों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की जाएगी, साथ ही सीसीटीवी निगरानी, गश्ती दल और त्वरित कार्रवाई टीमों को भी सक्रिय रखा जाएगा ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। आम लोगों से प्रशासन ने सहयोग की अपील की है और अफवाहों पर ध्यान न देने का आग्रह किया है। कुल मिलाकर, सासाराम पुलिस आगामी मोहर्रम और अन्य त्योहारों को लेकर पूरी तरह अलर्ट मोड में है और प्रशासन का दावा है कि सुरक्षा व शांति व्यवस्था के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

2 hrs ago
user_Avinash Srivastwa
Avinash Srivastwa
Photographer रोहतास, रोहतास, बिहार•
2 hrs ago

सासाराम में नवपदस्थापित एसडीपीओ-1 विप्लव कुमार ने पदभार संभालते ही अपनी कार्यशैली की मजबूत छाप छोड़ी है। उन्होंने तत्काल दो बड़ी घटनाओं का सफल उद्भेदन किया, जिसे वे पुलिस टीम की सामूहिक मेहनत का परिणाम मानते हैं। एसडीपीओ विप्लव कुमार ने स्पष्ट किया है कि अपराध नियंत्रण और विधि-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्रमुख प्राथमिकता है और वे इसे बड़ी उपलब्धि मानते हैं। इसके साथ ही, आगामी मोहर्रम और अन्य त्योहारों को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और उसने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस क्रम में, दोनों समुदायों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें आयोजित की जाएंगी ताकि त्योहारों के दौरान आपसी समन्वय और शांति सुनिश्चित की जा सके। मोहर्रम के जुलूसों के लिए निर्धारित रूट तय किए जाएंगे और संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर उन पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। एसडीपीओ ने यह भी बताया कि जुलूस मार्गों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की जाएगी, साथ ही सीसीटीवी निगरानी, गश्ती दल और त्वरित कार्रवाई टीमों को भी सक्रिय रखा जाएगा ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। आम लोगों से प्रशासन ने सहयोग की अपील की है और अफवाहों पर ध्यान न देने का आग्रह किया है। कुल मिलाकर, सासाराम पुलिस आगामी मोहर्रम और अन्य त्योहारों को लेकर पूरी तरह अलर्ट मोड में है और प्रशासन का दावा है कि सुरक्षा व शांति व्यवस्था के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

More news from बिहार and nearby areas
  • रोहतास जिले के करगहर थाना क्षेत्र के बालापुर गाँव में एक महिला ने दहेज प्रताड़ना और घरेलू हिंसा का आरोप लगाते हुए पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता दुर्गा देवी ने एक वीडियो जारी कर अपनी आपबीती सुनाई है, जिसमें उसने बताया कि शादी के बाद से ही उसे दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। दुर्गा देवी के अनुसार, उसकी सास और ननद उस पर लगातार मारपीट करती हैं और उसे मानसिक रूप से उत्पीड़ित करती हैं। हालांकि, उसने अपने पति के व्यवहार को उसके प्रति ठीक बताया है। दहेज प्रताड़ना से परेशान यह महिला इस वक्त अस्पताल में भर्ती है। महिला ने बताया कि इस मामले को सुलझाने के लिए कई बार ग्रामीणों और सामाजिक लोगों की मौजूदगी में पंचायतें भी हुईं, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं आया और प्रताड़ना जारी रही। दुर्गा देवी ने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जाँच कराने और दोषियों के विरुद्ध उचित कानूनी कार्रवाई करने की पुरज़ोर मांग की है। इस मामले में अभी तक पुलिस का पक्ष सामने नहीं आ सका है और पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जाँच के बाद ही मामले की सत्यता की पुष्टि हो पाएगी।
    1
    रोहतास जिले के करगहर थाना क्षेत्र के बालापुर गाँव में एक महिला ने दहेज प्रताड़ना और घरेलू हिंसा का आरोप लगाते हुए पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता दुर्गा देवी ने एक वीडियो जारी कर अपनी आपबीती सुनाई है, जिसमें उसने बताया कि शादी के बाद से ही उसे दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। दुर्गा देवी के अनुसार, उसकी सास और ननद उस पर लगातार मारपीट करती हैं और उसे मानसिक रूप से उत्पीड़ित करती हैं। हालांकि, उसने अपने पति के व्यवहार को उसके प्रति ठीक बताया है। दहेज प्रताड़ना से परेशान यह महिला इस वक्त अस्पताल में भर्ती है।

महिला ने बताया कि इस मामले को सुलझाने के लिए कई बार ग्रामीणों और सामाजिक लोगों की मौजूदगी में पंचायतें भी हुईं, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं आया और प्रताड़ना जारी रही। दुर्गा देवी ने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जाँच कराने और दोषियों के विरुद्ध उचित कानूनी कार्रवाई करने की पुरज़ोर मांग की है।

इस मामले में अभी तक पुलिस का पक्ष सामने नहीं आ सका है और पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जाँच के बाद ही मामले की सत्यता की पुष्टि हो पाएगी।
    user_Md shamshad Alam
    Md shamshad Alam
    सोशल मीडिया करगहर, रोहतास, बिहार•
    4 hrs ago
  • महिला से मारपीट का एक वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। यह जानकारी अभिषेक कुमार, ई-मीडिया द्वारा दी गई है।
    1
    महिला से मारपीट का एक वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। यह जानकारी अभिषेक कुमार, ई-मीडिया द्वारा दी गई है।
    user_Abhishek Kumar eMedia
    Abhishek Kumar eMedia
    Content Creator (YouTuber) डेहरी, रोहतास, बिहार•
    3 hrs ago
  • बक्सर जिले के केशठ ब्लॉक के शिवपुर गांव में एक नाइट टूर्नामेंट का आयोजन किया गया है। यह प्रतियोगिता आज, दिनांक 02-06-2026 को आयोजित की जा रही है।
    1
    बक्सर जिले के केशठ ब्लॉक के शिवपुर गांव में एक नाइट टूर्नामेंट का आयोजन किया गया है। यह प्रतियोगिता आज, दिनांक 02-06-2026 को आयोजित की जा रही है।
    user_गांव ज्वार
    गांव ज्वार
    Local News Reporter नवाँनगर, बक्सर, बिहार•
    2 hrs ago
  • Post by Sharda Singh
    1
    Post by Sharda Singh
    user_Sharda Singh
    Sharda Singh
    Business Networking Company Nawanagar, Buxar•
    9 hrs ago
  • औरंगाबाद जिले के हसपुरा प्रखंड मुख्यालय स्थित बीआरसी सभागार में टोला सेवक और तालीमी मरकज के लिए एक दिवसीय समर कैंप के सफल संचालन को लेकर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला हसपुरा बीआरसी में समर कैंप के सुचारु संचालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी।
    1
    औरंगाबाद जिले के हसपुरा प्रखंड मुख्यालय स्थित बीआरसी सभागार में टोला सेवक और तालीमी मरकज के लिए एक दिवसीय समर कैंप के सफल संचालन को लेकर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला हसपुरा बीआरसी में समर कैंप के सुचारु संचालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी।
    user_Prem Singh
    Prem Singh
    पत्रकारीता का कार्य बिगत 18 वर्षो से हासपुरा, औरंगाबाद, बिहार•
    2 hrs ago
  • न्याय व्यवस्था पर गहरा असंतोष व्यक्त करते हुए एक तीखी टिप्पणी की गई है, जिसमें मौजूदा 'सिस्टम' पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। बताया गया है कि एक बेगुनाह व्यक्ति ने 20 साल तक जेल में रहकर अपनी जवानी, परिवार और पूरा जीवन गँवा दिया, जिसे अंततः अदालत ने निर्दोष करार दिया और कहा कि उसका कोई गुनाह नहीं था। वहीं, दूसरी तरफ एक ऐसा शख्स है जिसका गुनाह साबित हो चुका है और जिसे बलात्कार के एक मामले में सजा भी मिली है। इसके बावजूद, वह जेल से बाहर आकर शान से काफिला निकालता है, दरबार लगाता है और अपने समर्थकों से जयकारे लगवाता है। इस विरोधाभासी स्थिति पर तीखी टिप्पणी करते हुए पूछा गया है कि क्या कानून गरीब के लिए लोहे की जंजीर है और रसूखदार के लिए रबर की तरह काम करता है। इस पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है कि यदि यही न्याय है, तो आम आदमी अदालत पर कैसे भरोसा कर पाएगा। देश भर से यह सवाल पूछा जा रहा है कि क्या इंसाफ सिर्फ ताकतवरों की जागीर बन गया है, जो न्याय प्रणाली में व्याप्त विसंगतियों और असमानता को उजागर करता है। यह टिप्पणी न्याय की सच्ची भावना और सार्वजनिक विश्वास की बहाली की मांग करती है।
    1
    न्याय व्यवस्था पर गहरा असंतोष व्यक्त करते हुए एक तीखी टिप्पणी की गई है, जिसमें मौजूदा 'सिस्टम' पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। बताया गया है कि एक बेगुनाह व्यक्ति ने 20 साल तक जेल में रहकर अपनी जवानी, परिवार और पूरा जीवन गँवा दिया, जिसे अंततः अदालत ने निर्दोष करार दिया और कहा कि उसका कोई गुनाह नहीं था।

वहीं, दूसरी तरफ एक ऐसा शख्स है जिसका गुनाह साबित हो चुका है और जिसे बलात्कार के एक मामले में सजा भी मिली है। इसके बावजूद, वह जेल से बाहर आकर शान से काफिला निकालता है, दरबार लगाता है और अपने समर्थकों से जयकारे लगवाता है। इस विरोधाभासी स्थिति पर तीखी टिप्पणी करते हुए पूछा गया है कि क्या कानून गरीब के लिए लोहे की जंजीर है और रसूखदार के लिए रबर की तरह काम करता है। इस पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है कि यदि यही न्याय है, तो आम आदमी अदालत पर कैसे भरोसा कर पाएगा।

देश भर से यह सवाल पूछा जा रहा है कि क्या इंसाफ सिर्फ ताकतवरों की जागीर बन गया है, जो न्याय प्रणाली में व्याप्त विसंगतियों और असमानता को उजागर करता है। यह टिप्पणी न्याय की सच्ची भावना और सार्वजनिक विश्वास की बहाली की मांग करती है।
    user_RRP न्यूज़
    RRP न्यूज़
    Local News Reporter Haspura, Aurangabad•
    3 hrs ago
  • सासाराम में जिला प्रशासन और नगर निगम ने शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने तथा फुटपाथी दुकानदारों को व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पुराने बस पड़ाव परिसर में एक वेंडर जोन का निर्माण कराया था। इस परियोजना पर लाखों रुपये खर्च किए गए थे और इसे शहर के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया था। हालांकि, शुरुआती दिनों में उत्साह के बावजूद, यह योजना कुछ ही समय बाद लगभग असफल साबित हो गई है। प्रशासन ने शुरुआत में शहर के विभिन्न चौक-चौराहों और सड़कों पर दुकान लगाने वाले ठेला, खोमचा और सब्जी विक्रेताओं को इस वेंडर जोन में स्थानांतरित किया था। लेकिन दुकानदारों का कहना है कि वेंडर जोन में ग्राहकों की आवाजाही बेहद कम है, क्योंकि लोगों की खरीदारी की आदतें और बाजार की गतिविधियां अभी भी शहर के मुख्य क्षेत्रों तक ही सीमित हैं। इससे उनकी बिक्री बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे उनकी रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। दुकानदारों का आरोप है कि वेंडर जोन का चयन व्यावहारिक नहीं था, क्योंकि यह शहर के मुख्य बाजार और भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर है, जिसके कारण ग्राहक वहां पहुंचने से बचते हैं। नतीजतन, अधिकांश दुकानदार धीरे-धीरे अपने पुराने स्थानों पर लौट गए और फिर से प्रमुख सड़कों एवं चौक-चौराहों पर दुकानें सजाने लगे, जिससे शहर में अतिक्रमण की समस्या एक बार फिर बढ़ गई है। वर्तमान स्थिति यह है कि पुराने बस पड़ाव स्थित वेंडर जोन लगभग खाली पड़ा हुआ है, और जिस उद्देश्य से इसका निर्माण किया गया था, वह पूरा नहीं हो सका। स्थानीय लोगों का मानना है कि योजना बनाते समय जमीनी हकीकत और दुकानदारों की जरूरतों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। अब वे प्रशासन से इस समस्या का स्थायी और व्यावहारिक समाधान निकालने की मांग कर रहे हैं, ताकि सरकारी धन का सदुपयोग हो सके और फुटपाथी दुकानदारों को भी रोजगार के लिए उपयुक्त स्थान मिल सके। इस संबंध में, सासाराम नगर निगम के नगर आयुक्त विकास कुमार ने बताया कि नगर निगम लगातार सड़क जाम की समस्या और शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने को लेकर सक्रिय है, और सासाराम नगर वासियों को जल्द ही जाम की समस्या से निजात मिलेगी।
    1
    सासाराम में जिला प्रशासन और नगर निगम ने शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने तथा फुटपाथी दुकानदारों को व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पुराने बस पड़ाव परिसर में एक वेंडर जोन का निर्माण कराया था। इस परियोजना पर लाखों रुपये खर्च किए गए थे और इसे शहर के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया था। हालांकि, शुरुआती दिनों में उत्साह के बावजूद, यह योजना कुछ ही समय बाद लगभग असफल साबित हो गई है।

प्रशासन ने शुरुआत में शहर के विभिन्न चौक-चौराहों और सड़कों पर दुकान लगाने वाले ठेला, खोमचा और सब्जी विक्रेताओं को इस वेंडर जोन में स्थानांतरित किया था। लेकिन दुकानदारों का कहना है कि वेंडर जोन में ग्राहकों की आवाजाही बेहद कम है, क्योंकि लोगों की खरीदारी की आदतें और बाजार की गतिविधियां अभी भी शहर के मुख्य क्षेत्रों तक ही सीमित हैं। इससे उनकी बिक्री बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे उनकी रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। दुकानदारों का आरोप है कि वेंडर जोन का चयन व्यावहारिक नहीं था, क्योंकि यह शहर के मुख्य बाजार और भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर है, जिसके कारण ग्राहक वहां पहुंचने से बचते हैं। नतीजतन, अधिकांश दुकानदार धीरे-धीरे अपने पुराने स्थानों पर लौट गए और फिर से प्रमुख सड़कों एवं चौक-चौराहों पर दुकानें सजाने लगे, जिससे शहर में अतिक्रमण की समस्या एक बार फिर बढ़ गई है।

वर्तमान स्थिति यह है कि पुराने बस पड़ाव स्थित वेंडर जोन लगभग खाली पड़ा हुआ है, और जिस उद्देश्य से इसका निर्माण किया गया था, वह पूरा नहीं हो सका। स्थानीय लोगों का मानना है कि योजना बनाते समय जमीनी हकीकत और दुकानदारों की जरूरतों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। अब वे प्रशासन से इस समस्या का स्थायी और व्यावहारिक समाधान निकालने की मांग कर रहे हैं, ताकि सरकारी धन का सदुपयोग हो सके और फुटपाथी दुकानदारों को भी रोजगार के लिए उपयुक्त स्थान मिल सके। इस संबंध में, सासाराम नगर निगम के नगर आयुक्त विकास कुमार ने बताया कि नगर निगम लगातार सड़क जाम की समस्या और शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने को लेकर सक्रिय है, और सासाराम नगर वासियों को जल्द ही जाम की समस्या से निजात मिलेगी।
    user_Avinash Srivastwa
    Avinash Srivastwa
    Photographer रोहतास, रोहतास, बिहार•
    4 hrs ago
  • अभिषेक कुमार eMedia ने दो महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं। उनका पहला प्रश्न 'गुड मॉर्निंग' अभिवादन की शुरुआत से संबंधित है, जिसमें यह जानकारी माँगी गई है कि इस प्रथा का आरंभ कब हुआ। वहीं, दूसरा प्रश्न इस बात पर केंद्रित है कि क्या 'गुड मॉर्निंग' के स्थान पर 'जय श्री राम' कहना उचित या स्वीकार्य है।
    1
    अभिषेक कुमार eMedia ने दो महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं। उनका पहला प्रश्न 'गुड मॉर्निंग' अभिवादन की शुरुआत से संबंधित है, जिसमें यह जानकारी माँगी गई है कि इस प्रथा का आरंभ कब हुआ। वहीं, दूसरा प्रश्न इस बात पर केंद्रित है कि क्या 'गुड मॉर्निंग' के स्थान पर 'जय श्री राम' कहना उचित या स्वीकार्य है।
    user_Abhishek Kumar eMedia
    Abhishek Kumar eMedia
    Content Creator (YouTuber) डेहरी, रोहतास, बिहार•
    6 hrs ago
  • भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने एक बार फिर प्लास्टिक करेंसी या पॉलीमर नोट्स को प्रचलन में लाने के विचार पर काम शुरू कर दिया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया जा रहा है जब डिजिटल भुगतान और UPI के तेजी से विस्तार के बावजूद देश में नकदी की मांग लगातार बढ़ रही है। भारत में सर्कुलेशन में मौजूद करेंसी ₹42.86 ट्रिलियन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच चुकी है। वर्तमान में, कागजी करेंसी को छापने और पुराने नोटों को बदलने पर हर साल हजारों करोड़ रुपये खर्च होते हैं। पॉलीमर नोट्स इस समस्या का समाधान प्रदान कर सकते हैं क्योंकि वे गंदगी, नमी और फटने के प्रति अधिक प्रतिरोधी होते हैं। इनकी उम्र लंबी होती है और इनमें बेहतर सुरक्षा सुविधाएँ जोड़ी जा सकती हैं, जिससे जाली करेंसी बनाना कठिन हो जाता है। भारत ने 2012 में ₹10 के पॉलीमर नोट्स का परीक्षण भी किया था, लेकिन तब तकनीकी और ATM से संबंधित चुनौतियों के कारण इसे रोक दिया गया था। अब नई तकनीक के आगमन के साथ यह विचार एक बार फिर चर्चा में है। ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और सिंगापुर सहित लगभग 60 देश पहले से ही पॉलीमर करेंसी का उपयोग कर रहे हैं। यह विषय RBI, करेंसी मैनेजमेंट, मॉनेटरी सिस्टम, फाइनेंशियल इंक्लूजन और इकोनॉमी से जुड़ा एक महत्वपूर्ण टॉपिक है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या भारत को कागजी नोटों से पॉलीमर नोट्स की ओर बढ़ना चाहिए, जिस पर लोगों से अपनी राय साझा करने का आग्रह किया गया है।
    1
    भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने एक बार फिर प्लास्टिक करेंसी या पॉलीमर नोट्स को प्रचलन में लाने के विचार पर काम शुरू कर दिया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया जा रहा है जब डिजिटल भुगतान और UPI के तेजी से विस्तार के बावजूद देश में नकदी की मांग लगातार बढ़ रही है। भारत में सर्कुलेशन में मौजूद करेंसी ₹42.86 ट्रिलियन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच चुकी है।

वर्तमान में, कागजी करेंसी को छापने और पुराने नोटों को बदलने पर हर साल हजारों करोड़ रुपये खर्च होते हैं। पॉलीमर नोट्स इस समस्या का समाधान प्रदान कर सकते हैं क्योंकि वे गंदगी, नमी और फटने के प्रति अधिक प्रतिरोधी होते हैं। इनकी उम्र लंबी होती है और इनमें बेहतर सुरक्षा सुविधाएँ जोड़ी जा सकती हैं, जिससे जाली करेंसी बनाना कठिन हो जाता है। भारत ने 2012 में ₹10 के पॉलीमर नोट्स का परीक्षण भी किया था, लेकिन तब तकनीकी और ATM से संबंधित चुनौतियों के कारण इसे रोक दिया गया था। अब नई तकनीक के आगमन के साथ यह विचार एक बार फिर चर्चा में है।

ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और सिंगापुर सहित लगभग 60 देश पहले से ही पॉलीमर करेंसी का उपयोग कर रहे हैं। यह विषय RBI, करेंसी मैनेजमेंट, मॉनेटरी सिस्टम, फाइनेंशियल इंक्लूजन और इकोनॉमी से जुड़ा एक महत्वपूर्ण टॉपिक है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या भारत को कागजी नोटों से पॉलीमर नोट्स की ओर बढ़ना चाहिए, जिस पर लोगों से अपनी राय साझा करने का आग्रह किया गया है।
    user_गांव ज्वार
    गांव ज्वार
    Local News Reporter नवाँनगर, बक्सर, बिहार•
    5 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.