रोहतास जिले के करगहर थाना क्षेत्र के बालापुर गाँव में एक महिला ने दहेज प्रताड़ना और घरेलू हिंसा का आरोप लगाते हुए पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता दुर्गा देवी ने एक वीडियो जारी कर अपनी आपबीती सुनाई है, जिसमें उसने बताया कि शादी के बाद से ही उसे दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। दुर्गा देवी के अनुसार, उसकी सास और ननद उस पर लगातार मारपीट करती हैं और उसे मानसिक रूप से उत्पीड़ित करती हैं। हालांकि, उसने अपने पति के व्यवहार को उसके प्रति ठीक बताया है। दहेज प्रताड़ना से परेशान यह महिला इस वक्त अस्पताल में भर्ती है। महिला ने बताया कि इस मामले को सुलझाने के लिए कई बार ग्रामीणों और सामाजिक लोगों की मौजूदगी में पंचायतें भी हुईं, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं आया और प्रताड़ना जारी रही। दुर्गा देवी ने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जाँच कराने और दोषियों के विरुद्ध उचित कानूनी कार्रवाई करने की पुरज़ोर मांग की है। इस मामले में अभी तक पुलिस का पक्ष सामने नहीं आ सका है और पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जाँच के बाद ही मामले की सत्यता की पुष्टि हो पाएगी।
रोहतास जिले के करगहर थाना क्षेत्र के बालापुर गाँव में एक महिला ने दहेज प्रताड़ना और घरेलू हिंसा का आरोप लगाते हुए पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता दुर्गा देवी ने एक वीडियो जारी कर अपनी आपबीती सुनाई है, जिसमें उसने बताया कि शादी के बाद से ही उसे दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। दुर्गा देवी के अनुसार, उसकी सास और ननद उस पर लगातार मारपीट करती हैं और उसे मानसिक रूप से उत्पीड़ित करती हैं। हालांकि, उसने अपने पति के व्यवहार को उसके प्रति ठीक बताया है। दहेज प्रताड़ना से परेशान यह महिला इस वक्त अस्पताल में भर्ती है। महिला ने बताया कि इस मामले को सुलझाने के लिए कई बार ग्रामीणों और सामाजिक लोगों की मौजूदगी में पंचायतें भी हुईं, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं आया और प्रताड़ना जारी रही। दुर्गा देवी ने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जाँच कराने और दोषियों के विरुद्ध उचित कानूनी कार्रवाई करने की पुरज़ोर मांग की है। इस मामले में अभी तक पुलिस का पक्ष सामने नहीं आ सका है और पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जाँच के बाद ही मामले की सत्यता की पुष्टि हो पाएगी।
- रोहतास के करगहर थाना क्षेत्र के बालापुर गाँव की एक महिला दुर्गा देवी ने दहेज प्रताड़ना और घरेलू हिंसा का गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। दुर्गा देवी ने एक वीडियो जारी कर अपनी आपबीती साझा की है, जिसमें उसने अपनी सास और ननद पर शादी के बाद से ही लगातार मारपीट और मानसिक उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। महिला ने बताया कि उसके पति का व्यवहार उसके प्रति ठीक है, लेकिन सास और ननद की प्रताड़ना के कारण उसका जीवन मुश्किल हो गया है। पीड़िता के अनुसार, इस मामले को सुलझाने के लिए गाँव के कई ग्रामीणों और सामाजिक लोगों की मौजूदगी में पंचायतें भी आयोजित की गईं, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हो सका। अब दुर्गा देवी ने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच करने और दोषियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करने की पुरज़ोर मांग की है। हालांकि, पुलिस का पक्ष अभी तक सामने नहीं आया है और मामले की सत्यता की पुष्टि जाँच के बाद ही हो पाएगी।1
- सासाराम में जिला प्रशासन और नगर निगम ने शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने तथा फुटपाथी दुकानदारों को व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पुराने बस पड़ाव परिसर में एक वेंडर जोन का निर्माण कराया था। इस परियोजना पर लाखों रुपये खर्च किए गए थे और इसे शहर के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया था। हालांकि, शुरुआती दिनों में उत्साह के बावजूद, यह योजना कुछ ही समय बाद लगभग असफल साबित हो गई है। प्रशासन ने शुरुआत में शहर के विभिन्न चौक-चौराहों और सड़कों पर दुकान लगाने वाले ठेला, खोमचा और सब्जी विक्रेताओं को इस वेंडर जोन में स्थानांतरित किया था। लेकिन दुकानदारों का कहना है कि वेंडर जोन में ग्राहकों की आवाजाही बेहद कम है, क्योंकि लोगों की खरीदारी की आदतें और बाजार की गतिविधियां अभी भी शहर के मुख्य क्षेत्रों तक ही सीमित हैं। इससे उनकी बिक्री बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे उनकी रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। दुकानदारों का आरोप है कि वेंडर जोन का चयन व्यावहारिक नहीं था, क्योंकि यह शहर के मुख्य बाजार और भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर है, जिसके कारण ग्राहक वहां पहुंचने से बचते हैं। नतीजतन, अधिकांश दुकानदार धीरे-धीरे अपने पुराने स्थानों पर लौट गए और फिर से प्रमुख सड़कों एवं चौक-चौराहों पर दुकानें सजाने लगे, जिससे शहर में अतिक्रमण की समस्या एक बार फिर बढ़ गई है। वर्तमान स्थिति यह है कि पुराने बस पड़ाव स्थित वेंडर जोन लगभग खाली पड़ा हुआ है, और जिस उद्देश्य से इसका निर्माण किया गया था, वह पूरा नहीं हो सका। स्थानीय लोगों का मानना है कि योजना बनाते समय जमीनी हकीकत और दुकानदारों की जरूरतों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। अब वे प्रशासन से इस समस्या का स्थायी और व्यावहारिक समाधान निकालने की मांग कर रहे हैं, ताकि सरकारी धन का सदुपयोग हो सके और फुटपाथी दुकानदारों को भी रोजगार के लिए उपयुक्त स्थान मिल सके। इस संबंध में, सासाराम नगर निगम के नगर आयुक्त विकास कुमार ने बताया कि नगर निगम लगातार सड़क जाम की समस्या और शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने को लेकर सक्रिय है, और सासाराम नगर वासियों को जल्द ही जाम की समस्या से निजात मिलेगी।1
- कैमूर जिले के कुदरा थाना क्षेत्र अंतर्गत बजरकोना गांव में अज्ञात चोरों ने देर रात एक सुनियोजित वारदात को अंजाम देते हुए घर के सामने बंधी तीन भैंसें चुरा लीं। चोरी गई इन भैंसों की अनुमानित कीमत करीब दो लाख रुपए बताई जा रही है। इस घटना के बाद से पूरे गांव में दहशत का माहौल है और स्थानीय ग्रामीणों में पुलिस प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश देखा जा रहा है। पीड़ित विजेंद्र कुमार सिंह और दिनेश कुमार सिंह (निवासी बजरकोना गांव) ने बताया कि रोजाना की तरह पशु घर के सामने बंधे हुए थे, और रात्रि करीब 1 से 2 बजे के बीच चोरों ने इस वारदात को अंजाम दिया। सुबह जब परिजनों की नींद खुली तो भैंसें गायब देखकर उनके होश उड़ गए और देखते ही देखते यह खबर पूरे गांव में फैल गई। ग्रामीणों के अनुसार, चोरों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने आसपास बंधी अन्य गाय और भैंसों को भी चुराने का प्रयास किया था, लेकिन किसी कारणवश वे बाकी मवेशियों को ले जाने में सफल नहीं हो सके। ग्रामीणों का मानना है कि चोर पूरी तैयारी और सुनियोजित तरीके से गांव में दाखिल हुए थे। इस चोरी से पीड़ित गरीब परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है, क्योंकि उनका जीवन पूरी तरह से पशुपालन पर ही निर्भर है, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों द्वारा तुरंत कुदरा थाना अध्यक्ष को दूरभाष (फोन) के माध्यम से घटना की सूचना दे दी गई है। इस घटना के बाद से पुलिस गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आक्रोशित ग्रामीणों का कहना है कि कुदरा प्रखंड क्षेत्र में आए दिन चोरी की घटनाएं सामने आ रही हैं, और पुरानी कई चोरियों का खुलासा करने में पुलिस अब तक नाकाम रही है। साथ ही, प्रशासन की ढीली कार्यशैली के कारण ही चोरों के हौसले लगातार बुलंद हो रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से कड़ी चेतावनी देते हुए मांग की है कि मामले की त्वरित जांच कर चोरी गई भैंसों को बरामद किया जाए और आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। फिलहाल, पुलिस मामले की जानकारी मिलने के बाद जांच में जुट गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आसपास के क्षेत्रों में सुराग तलाशे जा रहे हैं और जल्द ही चोरों को पकड़ लिया जाएगा।4
- अभिषेक कुमार eMedia ने दो महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं। उनका पहला प्रश्न 'गुड मॉर्निंग' अभिवादन की शुरुआत से संबंधित है, जिसमें यह जानकारी माँगी गई है कि इस प्रथा का आरंभ कब हुआ। वहीं, दूसरा प्रश्न इस बात पर केंद्रित है कि क्या 'गुड मॉर्निंग' के स्थान पर 'जय श्री राम' कहना उचित या स्वीकार्य है।1
- हाउडीह में स्थित रौशनी टेंट हाऊस अपने ग्राहकों से आग्रह कर रहा है कि वे उसे एक बार सेवा का मौका ज़रूर दें। टेंट हाऊस लोगों से निवेदन कर रहा है कि वे उसकी सेवाओं को आज़माएँ।1
- एक गांव में हैंडपंप लंबे समय से खराब पड़ा है, जिसे जल्द से जल्द ठीक करवाने की अपील की गई है।1
- कैमूर जिले के कुदरा में एक बड़ा हादसा टल गया, जब एक चलती हुई ट्रक का टायर अचानक फट गया। टायर फटने के कारण ट्रक अनियंत्रित हो गई और फ्लाईओवर के किनारे खतरनाक ढंग से लटक गई। इस घटना के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग मदद के लिए तेजी से वहां पहुंच गए। बताया गया है कि ट्रक चालक और खलासी इस हादसे में बाल-बाल बच गए। स्थानीय लोगों और पुलिस की तत्काल मदद से स्थिति को नियंत्रित किया गया। इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा की महत्वपूर्ण आवश्यकता और वाहनों की नियमित जांच के महत्व को रेखांकित किया है।1
- रोहतास जिले के करगहर थाना क्षेत्र के बालापुर गाँव में एक महिला ने दहेज प्रताड़ना और घरेलू हिंसा का आरोप लगाते हुए पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता दुर्गा देवी ने एक वीडियो जारी कर अपनी आपबीती सुनाई है, जिसमें उसने बताया कि शादी के बाद से ही उसे दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। दुर्गा देवी के अनुसार, उसकी सास और ननद उस पर लगातार मारपीट करती हैं और उसे मानसिक रूप से उत्पीड़ित करती हैं। हालांकि, उसने अपने पति के व्यवहार को उसके प्रति ठीक बताया है। दहेज प्रताड़ना से परेशान यह महिला इस वक्त अस्पताल में भर्ती है। महिला ने बताया कि इस मामले को सुलझाने के लिए कई बार ग्रामीणों और सामाजिक लोगों की मौजूदगी में पंचायतें भी हुईं, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं आया और प्रताड़ना जारी रही। दुर्गा देवी ने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जाँच कराने और दोषियों के विरुद्ध उचित कानूनी कार्रवाई करने की पुरज़ोर मांग की है। इस मामले में अभी तक पुलिस का पक्ष सामने नहीं आ सका है और पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जाँच के बाद ही मामले की सत्यता की पुष्टि हो पाएगी।1