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नौकरी दिलाने के नाम पर युवती से ठगे 11 लाख। .
नीरज पांडेय पत्रकार प्रतापगढ़
नौकरी दिलाने के नाम पर युवती से ठगे 11 लाख। .
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- नौकरी दिलाने के नाम पर युवती से ठगे 11 लाख। .1
- प्रतापगढ़ में साइंस आफ आयुर्वेद जो आयुर्वेद से इनके प्रोडक्ट हैं जो जीवन को पूरी तरह सुरक्षित करते हैं इसके बारे में जानने के लिए संपर्क कर सकते हैं मोबाइल नंबर 99362200572
- -हाईस्कूल की 16 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध मौत! परिजनों ने गांव के ही युवक दीपक गौतम पर लगाया युवक करता था छा'त्रा को परेशान, परिजनों में मचा कोहराम सोहदे से परेशान छा'त्रा ने उठाई खौ'फनाक कदम। जौनपुर जिले के बदलापुर थाना क्षेत्र के ऊदपुर घाटमपुर गांव निवासी कक्षा 10 की एक छा'त्रा ने अपने पड़ोस के सोहदे यु'वक से परेशान होकर फां'सी की फं!दे पर घर में पंखे झूल गई।जिसे देख परिजनों में रोना पिटना मच गया। आनन- फानन में स्वजनों की मदत से छात्रा को लेकर बदलापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुचे, जहाँ डाक्टर द्वारा उसे मृत्यु घोषित कर दिया गया। वही पुलिस ने मृतक छात्रा की पिता की तहरीर के आधार पर शव को कब्जे में लेकर पंचायत नामा की कार्यवाई करते हुए अग्रिम कार्यवाई में जुट गई । छात्रा के पिता का आरोप है कि छात्रा बदलापुर एन. पीएस. पब्लिक स्कूल में कक्षा दसवीं में पढ़ाई करती थी। कोचिंग सेंटर से लेकर स्कूल तक जाते समय कई दिनों से (सोहदा) युवक छात्रा पर अश्लील कमेंट व छींटाकशी छेड़छाड़ करता था। जिससे वह बहुत परेशान थी एक दिन पहले शनिवार को छात्रा के पिता ने डायल 112 पुलिस को सूचना दिया। पुलिस पहुचीं और युवक को समझा बुझाकर छोड़ दिया,सोहदे युवक पर कोई कारवाई नही हुई। जिससे रविवार की दोपहर सोहदे युवक छात्रा के घर पहुचकर बात बिवाद कर लिया। जिससे ऊबकर छात्रा अपनी इह लीला समाप्त कर ली। वही थानाध्यक्ष फूलचंद पाण्डेय ने बताया कि मामले में मृतक छात्रा अमृतलाल गौतम की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस आरोपी युवक की तलाश में जुटी है।1
- डिप्टी सीएम के सख्त निर्देश भी बेअसर? कादीपुर सीएचसी में बाहर की दवा लिखने का आरोप, वीडियो से मचा हड़कंप मरीज को सरकारी अस्पताल से दवा देने के बजाय मेडिकल स्टोर भेजने का आरोप, चिकित्सक का वीडियो सामने आने के बाद जांच और कार्यवाही की मांग अब कौन करेगा कार्यवाही डॉक्टर डिप्टी सीएम स्वास्थ्य मंत्री को बताता है खुद का रिस्तेदार कार्यवाही संभव ना होने की कहता है बात कादीपुर/सुलतानपुर। सरकारी अस्पतालों में मरीजों को निशुल्क दवाएं उपलब्ध कराने और निजी मेडिकल स्टोर से दवा लिखने पर रोक के दावों के बीच कादीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) से जुड़ा एक वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।सामने आए कथित वीडियो में चिकित्सक शशांक शुक्ला एक मरीज को सीएचसी से दवा उपलब्ध कराने के बजाय बाहर स्थित शुक्ला मेडिकल स्टोर से दवा लेने की बात कहते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद यह आरोप जोर पकड़ रहा है कि सरकारी अस्पताल में उपचार कराने पहुंचे मरीजों को बाहर से दवा खरीदने के लिए निर्देशित किया जा रहा है।मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध दवाओं के संबंध में स्पष्ट व्यवस्था है। ऐसे में यदि किसी चिकित्सक द्वारा उपलब्ध सरकारी दवा के स्थान पर किसी निजी मेडिकल स्टोर से दवा खरीदने के लिए मरीज को कहा गया है, तो इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी हो जाती है। वीडियो की सत्यता और पूरे मामले की हो जांच वीडियो में कही गई बातों की सत्यता, मरीज को लिखी गई दवा, उस समय सीएचसी के स्टॉक में संबंधित दवा की उपलब्धता, पर्चे पर लिखी दवाओं तथा संबंधित मेडिकल स्टोर से दवा खरीदने के निर्देश के बीच संबंध की जांच किए जाने की मांग उठ रही है।इसके साथ ही यह भी जांच का विषय है कि संबंधित चिकित्सक की तैनाती और ड्यूटी के दौरान इस तरह की शिकायतें पहले भी सामने आई थीं या नहीं। यदि पूर्व में शिकायतें मिली थीं तो सीएचसी स्तर पर उनका क्या संज्ञान लिया गया और क्या कार्रवाई की गई, इसका रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में लाया जाना चाहिए। सीएचसी प्रभारी और उच्चाधिकारियों की भूमिका भी जांच के घेरे में मामले में केवल संबंधित चिकित्सक की भूमिका की जांच तक सीमित रहने के बजाय सीएचसी प्रभारी की पर्यवेक्षणीय जिम्मेदारी की भी जांच किए जाने की मांग उठ रही है। यदि सरकारी अस्पताल में मरीजों को बाहर से दवा लेने के लिए भेजे जाने की पुष्टि होती है, तो यह भी देखा जाना चाहिए कि अस्पताल प्रशासन को इसकी जानकारी थी या नहीं और शिकायत मिलने के बाद क्या कदम उठाए गए।वहीं, सीएमओ स्तर पर भी पूरे प्रकरण की विभागीय जांच और पर्यवेक्षण संबंधी जिम्मेदारी तय करने की मांग की जा रही है। शिकायतों की अनदेखी, निरीक्षण में लापरवाही अथवा अधीनस्थ व्यवस्था पर प्रभावी निगरानी न होने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी भी नियमों के अनुसार तय किए जाने की मांग उठ रही है। डिप्टी सीएम के निर्देशों के बावजूद सवाल क्यों उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने पर लगातार जोर दिया जाता रहा है। ऐसे में कादीपुर सीएचसी से सामने आया कथित वीडियो स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर रहा है।मरीजों और स्थानीय लोगों की मांग है कि मामले को दबाने के बजाय वीडियो की जांच, सीसीटीवी फुटेज, संबंधित मरीज का बयान, चिकित्सकीय पर्चा, दवा स्टॉक रजिस्टर, स्टॉक वितरण रजिस्टर और संबंधित मेडिकल स्टोर से जुड़े तथ्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाए।यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित चिकित्सक के साथ-साथ जिम्मेदार पर्यवेक्षणीय अधिकारियों की भूमिका तय करते हुए नियमानुसार कठोर विभागीय कार्रवाई की जाए, ताकि सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में आने वाले गरीब मरीजों को निजी दुकानों से दवा खरीदने के लिए मजबूर न होना पड़े।अब बड़ा सवाल यह है कि स्वास्थ्य विभाग इस कथित वीडियो को महज एक शिकायत मानकर छोड़ देगा या फिर निष्पक्ष जांच कर यह तय करेगा कि सरकारी अस्पताल में मरीजों को बाहर की दवा लिखने के पीछे आखिर जिम्मेदार कौन है। उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक को अपना रिश्तेदार बताता है डॉक्टर कहता है कोई कार्यवाही नहीं होगी मेरे ऊपर कहीं ऐसा तो नहीं यह बात सच हो यही कारण हो कोई कार्यवाही सीएमओ सुल्तान को नहीं कर पा रहे हैं1
- थाना चांदा पुलिस द्वारा वांछित अभियुक्त गिरफ्तार, कब्जे से चाकू, स्टील के नाजिल व नकदी बरामद *दिनांक 13.09.2026* *जनपद सुलतानपुर* *थाना चांदा पुलिस द्वारा वांछित अभियुक्त गिरफ्तार, कब्जे से चाकू, स्टील के नाजिल व नकदी बरामद* पुलिस अधीक्षक सुलतानपुर श्री विनीत जायसवाल के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक एवं क्षेत्राधिकारी लम्भुआ के पर्यवेक्षण में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के क्रम में थाना चांदा पुलिस टीम द्वारा थाना स्थानीय पर पंजीकृत मु0अ0सं0 281/2026, धारा 303(2) बीएनएस से संबंधित वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी का विवरण-------दिनांक 13.09.2026 को थाना चांदा पुलिस टीम द्वारा संदिग्ध व्यक्ति/वाहन चेकिंग एवं वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के दौरान गड़मा कोइरीपुर मोड़ के पास से अभियुक्त रिशु यादव पुत्र कदन यादव, उम्र करीब 28 वर्ष, निवासी ग्राम रजवाड़े रामपुर, थाना चांदा, जनपद सुलतानपुर को हिरासत पुलिस में लिया गया। *बरामदगी------------------* 01 अदद चाकू 02 अदद नाजिल, गोल आकार के स्टील धातु के ₹350/- नकद उक्त प्रकरण में धारा 4/25 आर्म्स एक्ट व 317(2) बीएनएस की बढ़ोत्तरी की गई। गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध आवश्यक अग्रिम विधिक कार्यवाही कर मा0 न्यायालय भेजा गया । *अभियुक्त का आपराधिक इतिहास-----* अभियुक्त रिशु यादव के विरुद्ध थाना चांदा पर पूर्व में मु0अ0सं0 256/2025, धारा 115(2)/352/351(3)/324(2) बीएनएस व 3(1)(द,ध) एससी/एसटी एक्ट पंजीकृत है। *गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम* प्र0नि0 श्री राजकुमार वर्मा, थाना चांदा, सुलतानपुर उ0नि0 श्री शंकरबक्श सिंह, थाना चांदा, सुलतानपुर का0 प्रदीप यादव, थाना चांदा, सुलतानपुर का0 विजय गौड़, थाना चांदा, सुलतानपुर1
- ब्रेकिंग न्यूज़ सुपरफास्ट एक्सप्रेस। .1
- सड़क दुर्घटना में महिला हुई गंभीर रूप से घायल रिश्तेदारी से लौटकर घर आ रही थी कुत्ते को बचाने के चक्कर में बाइक लेकर सड़क पर गिर पड़े महिला गंभीर रूप से घायल पट्टी कोतवाली क्षेत्र के असुढी गांव निवासिनी सुनीता पाल पत्नी चंद्रभूषण पाल रिश्तेदारी बीरापुर गए हुए थे शनिवार की दोपहर करीब 3:30 बजे बाइक से घर लौट रहे थे घर पहुंचने से पहले ही बाइक के सामने एक कुत्ता आ गया उसको बचाने के चक्कर में बाइक लेकर सड़क पर गिर पड़े गिरने से महिला की सर में गंभीर चोटें आई उन्हें तत्काल सीएचसी पट्टी ले आया गया जहां इलाज चल रहा है गंभीर हालत देखते हुए डॉक्टर में मेडिकल कॉलेज प्रतापगढ़ रेफर कर दिया गया। सीएचसी पट्टी के डॉक्टर नीरज सिंह ने बताया दुर्घटना में घायल महिला के सर में गंभीर चोट आई है प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर उपचार के लिए जिला मेडिकल कॉलेज प्रतापगढ़ रेफर किया गया।1
- *बड़ी खबर*💥 *5G नेटवर्क नहीं मिला तो कर्मचारी को टावर से बांधा* उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के हरदौली गांव में दो साल से 5G नेटवर्क का इंतजार कर रहे ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। खराब नेटवर्क के कारण ऑनलाइन पढ़ाई और डिजिटल भुगतान जैसी जरूरी सेवाएं ठप थीं। बार-बार शिकायत के बाद भी जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तो निरीक्षण के लिए आए जियो कर्मचारी को लोगों ने मोबाइल टावर से ही बांध दिया। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल होने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने कर्मचारी को सुरक्षित मुक्त कराया।1