मासूमों के भविष्य पर 'मदिरा' का प्रहार: स्कूल जाने वाले रास्ते पर शराबियों का जमावड़ा, कब जागेगा प्रशासन? अजीत मिश्रा (खोजी) 🍾बस्ती: नियमों को गटक रही मधुशाला, सूर्योदय के साथ ही शुरू होता है 'मौत का तांडव'🍾 खाकी का खौफ खत्म: भगतपुरा में सूर्योदय के साथ शुरू होता है 'मौत का तांडव', प्रशासन मौन। सरकारी दुकान या गुंडागर्दी का अड्डा? आखिर किस सफेदपोश के संरक्षण में चल रहा अवैध खेल? मासूमों के भविष्य पर 'मदिरा' का प्रहार: स्कूल जाने वाले रास्ते पर शराबियों का जमावड़ा, कब जागेगा प्रशासन? साहब! क्या अब भी लाइसेंस रद्द नहीं होगा या रसूख के आगे घुटने टेकेगा तंत्र? ब्यूरो रिपोर्ट: बस्ती मंडल, उत्तर प्रदेश दिनांक: 15 अप्रैल, 2026 बस्ती। जनपद के कलवारी थाना क्षेत्र अंतर्गत भगतपुरा से मानवता और कानून को शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई है। यहाँ सरकारी देशी शराब की दुकान 'मधुशाला' नहीं, बल्कि अराजकता का वह केंद्र बन चुकी है जहाँ आबकारी विभाग के नियम और खाकी का इकबाल, दोनों को सरेआम सूली पर चढ़ाया जा रहा है। सुबह के 6 भी नहीं बजते कि यहाँ पियक्कड़ों का जमावड़ा और गालियों का शोर सूरज की पहली किरण को भी कलंकित कर देता है। 🥃नियम ताक पर: प्रशासन की चुप्पी या 'साठगांठ' का खेल? सरकारी आदेशों के अनुसार शराब की दुकानें खुलने का समय निर्धारित है, लेकिन भगतपुरा की इस दुकान पर कानून का पहरा नहीं, बल्कि शराब माफियाओं की दबंगई चलती है। सुबह-सुबह जब बच्चों को स्कूल और श्रद्धालुओं को मंदिर जाना चाहिए, तब यहाँ शराबियों का 'रेला' लगा होता है। सवाल यह उठता है कि क्या कलवारी पुलिस और आबकारी विभाग को इसकी भनक नहीं है? या फिर 'सफेदपोशों' के रसूख और रुपयों की चमक ने अफसरों की आँखों पर पट्टी बांध दी है? 🍻कैमरे ने खोली 'काली करतूत' की पोल कैमरे में साफ दिख रहा है कि कैसे नियमों को ठेंगा दिखाकर सुबह-सुबह शराब की बिक्री धड़ल्ले से जारी है। वीडियो वायरल होने के बाद इलाके में हड़कंप तो मचा है, लेकिन धरातल पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होना प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। 🔥दहशत में जनता: स्कूल जाते नौनिहालों पर आफत भगतपुरा की यह दुकान स्थानीय लोगों के लिए नासूर बन चुकी है। शराबियों के हुड़दंग, अभद्र भाषा और मारपीट से मोहल्ले का माहौल पूरी तरह दूषित हो चुका है। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि यही रास्ता स्कूली बच्चों के आवागमन का है। शराबियों के मजमे के बीच से गुजरने वाले नौनिहालों के भविष्य और सुरक्षा पर गहरा खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कोई विरोध करता है, तो उसे रसूखदार गुर्गों द्वारा जान से मारने की धमकी दी जाती है। ✍️बड़ा सवाल: कब जागेगा आबकारी विभाग? क्या जिले के आला अधिकारी किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहे हैं? कलवारी पुलिस की नाक के नीचे चल रहा यह अवैध खेल पुलिस की साख को बट्टा लगा रहा है। क्या इस दुकान का लाइसेंस रद्द होगा? * क्या नियम तोड़ने वाले सेल्समैन और संचालक पर FIR होगी? * या फिर रसूख के रसातल में इस मामले को भी दबा दिया जाएगा? बस्ती की जनता अब जवाब चाहती है। मुख्यमंत्री के 'जीरो टॉलरेंस' नीति को ठेंगा दिखाने वाले इन शराब माफियाओं पर बुलडोजर कब चलेगा, यह देखने वाली बात होगी। बस्ती की साख पर धब्बा लगाता यह 'भगतपुरा कांड' अब कार्रवाई की बाट जोह रहा है।
मासूमों के भविष्य पर 'मदिरा' का प्रहार: स्कूल जाने वाले रास्ते पर शराबियों का जमावड़ा, कब जागेगा प्रशासन? अजीत मिश्रा (खोजी) 🍾बस्ती: नियमों को गटक रही मधुशाला, सूर्योदय के साथ ही शुरू होता है 'मौत का तांडव'🍾 खाकी का खौफ खत्म: भगतपुरा में सूर्योदय के साथ शुरू होता है 'मौत का तांडव', प्रशासन मौन। सरकारी दुकान या गुंडागर्दी का अड्डा? आखिर किस सफेदपोश के संरक्षण में चल रहा अवैध खेल? मासूमों के भविष्य पर 'मदिरा' का प्रहार: स्कूल जाने वाले रास्ते पर शराबियों का जमावड़ा, कब जागेगा प्रशासन? साहब! क्या अब भी लाइसेंस रद्द नहीं होगा या रसूख के आगे घुटने टेकेगा तंत्र? ब्यूरो रिपोर्ट: बस्ती मंडल, उत्तर प्रदेश दिनांक: 15 अप्रैल, 2026 बस्ती। जनपद के कलवारी थाना क्षेत्र अंतर्गत भगतपुरा से मानवता और कानून को शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई है। यहाँ सरकारी देशी शराब की दुकान 'मधुशाला' नहीं, बल्कि अराजकता का वह केंद्र बन चुकी है जहाँ आबकारी विभाग के नियम और खाकी का इकबाल, दोनों को सरेआम सूली पर चढ़ाया जा रहा है। सुबह के 6 भी नहीं बजते कि यहाँ पियक्कड़ों का जमावड़ा और गालियों का शोर सूरज की पहली किरण को भी कलंकित कर देता है। 🥃नियम ताक पर: प्रशासन की चुप्पी या 'साठगांठ' का खेल? सरकारी आदेशों के अनुसार शराब की दुकानें खुलने का समय निर्धारित है, लेकिन भगतपुरा की इस दुकान पर कानून का पहरा नहीं, बल्कि शराब माफियाओं की दबंगई चलती है। सुबह-सुबह जब बच्चों को स्कूल और श्रद्धालुओं को मंदिर जाना चाहिए, तब यहाँ शराबियों का 'रेला' लगा होता है। सवाल यह उठता है कि क्या कलवारी पुलिस और आबकारी विभाग को इसकी भनक नहीं है? या फिर 'सफेदपोशों' के रसूख और रुपयों की चमक ने अफसरों की आँखों पर पट्टी बांध दी है? 🍻कैमरे ने खोली 'काली करतूत' की पोल कैमरे में साफ दिख रहा है कि कैसे नियमों को ठेंगा दिखाकर सुबह-सुबह शराब की बिक्री धड़ल्ले से जारी है। वीडियो वायरल होने के बाद इलाके में हड़कंप तो मचा है, लेकिन धरातल पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होना प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। 🔥दहशत में जनता: स्कूल जाते नौनिहालों पर आफत भगतपुरा की यह दुकान स्थानीय लोगों के लिए नासूर बन चुकी है। शराबियों के हुड़दंग, अभद्र भाषा और मारपीट से मोहल्ले का माहौल पूरी तरह दूषित हो चुका है। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि यही रास्ता स्कूली बच्चों के आवागमन का है। शराबियों के मजमे के बीच से गुजरने वाले नौनिहालों के भविष्य और सुरक्षा पर गहरा खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कोई विरोध करता है, तो उसे रसूखदार गुर्गों द्वारा जान से मारने की धमकी दी जाती है। ✍️बड़ा सवाल: कब जागेगा आबकारी विभाग? क्या जिले के आला अधिकारी किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहे हैं? कलवारी पुलिस की नाक के नीचे चल रहा यह अवैध खेल पुलिस की साख को बट्टा लगा रहा है। क्या इस दुकान का लाइसेंस रद्द होगा? * क्या नियम तोड़ने वाले सेल्समैन और संचालक पर FIR होगी? * या फिर रसूख के रसातल में इस मामले को भी दबा दिया जाएगा? बस्ती की जनता अब जवाब चाहती है। मुख्यमंत्री के 'जीरो टॉलरेंस' नीति को ठेंगा दिखाने वाले इन शराब माफियाओं पर बुलडोजर कब चलेगा, यह देखने वाली बात होगी। बस्ती की साख पर धब्बा लगाता यह 'भगतपुरा कांड' अब कार्रवाई की बाट जोह रहा है।
- अजीत मिश्रा (खोजी) 🎯बस्ती: PM आवास योजना बनी 'भ्रष्टाचार' की भेंट, मुण्डेरवा में खुलेआम 'लूट' का खेल!🎯 भ्रष्टाचार का अड्डा बना मुण्डेरवा: संत कबीर नगर से जुड़ रहे अवैध वसूली के तार! योगी सरकार की साख पर बट्टा: मुण्डेरवा में अधिकारी बेखौफ, लाभार्थी बेहाल! दागी कर्मचारी पर मेहरबानी क्यों? बस्ती प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे गंभीर सवाल! जीरो टॉलरेंस का खुला मजाक: आखिर किसके संरक्षण में फल-फूल रहा है मुण्डेरवा का आवास घोटाला? ब्यूरो रिपोर्ट: बस्ती मंडल, उत्तर प्रदेश | 15 अप्रैल 2026 मुण्डेरवा: गरीब के सिर पर छत देने वाली प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 अब भ्रष्टाचार के दीमकों की भेंट चढ़ती नज़र आ रही है। जनपद बस्ती के मुण्डेरवा नगर पंचायत से अवैध वसूली का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने सरकारी दावों की पोल खोल कर रख दी है। यहाँ गरीबों के हक पर 'खाकी और कलम' नहीं, बल्कि विभागीय 'सिंडिकेट' डाका डाल रहा है। 🧭किस्त के लिए 20 हजार की 'रिश्वत': गरीब जाए तो कहाँ जाए? योजना के लाभार्थियों ने वीडियो जारी कर अपना दर्द बयां किया है। आरोप है कि CLTC ऋषभ सोनकर द्वारा जियो टैगिंग और फोटो अपलोड करने के नाम पर 15 से 20 हजार रुपये की अवैध वसूली की जा रही है। जो गरीब यह "सुविधा शुल्क" देने में असमर्थ है, उसकी फाइलें धूल फांक रही हैं। लाभार्थियों का कहना है कि एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी उनकी फोटो नहीं खींची गई, जिससे अगली किस्त रुकी हुई है। 🧭संत कबीर नगर से चल रहा 'वसूली का रिमोट कंट्रोल' सूत्रों की मानें तो इस पूरे खेल की डोर संत कबीर नगर से जुडी हुई है। चर्चा आम है कि भ्रष्टाचार का यह पैसा केवल निचले स्तर तक नहीं सीमित है, बल्कि इसमें "ऊपर तक" बंदरबांट हो रही है। मुण्डेरवा नगर पंचायत में "पैसे दो, आवास लो" का खेल खुलेआम चल रहा है, लेकिन प्रशासन मौन साधे बैठा है। 🧭दागी कर्मचारी पर फिर मेहरबानी क्यों? हैरानी की बात यह है कि संबंधित कर्मचारी पर पूर्व में भी अनियमितताओं के गंभीर आरोप लग चुके हैं। बावजूद इसके, उसे दोबारा इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़े सवालिया निशान खड़े करता है। क्या अधिकारियों का संरक्षण ही इन भ्रष्टाचारियों के हौसले बुलंद कर रहा है? 🧭शिकायतें ठंडे बस्ते में, कार्रवाई का इंतज़ार मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिशाषी अधिकारी, परियोजना अधिकारी (डूडा), एडीएम और जिलाधिकारी तक लिखित शिकायतें पहुँच चुकी हैं। लेकिन हफ़्तों बीत जाने के बाद भी स्थिति "जस की तस" बनी हुई है। दोषियों पर कार्रवाई न होना इस आशंका को पुख्ता करता है कि भ्रष्टाचार की जड़ें बहुत गहरी हैं। ✍️बड़ा सवाल: क्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'जीरो टॉलरेंस' नीति को मुण्डेरवा के अधिकारी ठेंगा दिखा रहे हैं? क्या बस्ती का जिला प्रशासन इन गरीबों को न्याय दिला पाएगा या भ्रष्टाचार का यह काला खेल ऐसे ही जारी रहेगा? जनता की आवाज़: "साहब, हम गरीब आदमी हैं। पेट काट-काट कर घर बना रहे हैं। अब फोटो खींचने के लिए भी 20 हजार कहाँ से लाएं? हमारी सुनने वाला कोई नहीं है।" - एक पीड़ित लाभार्थी1
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- थाना कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र के बड़गो स्थित जिला अस्पताल के पास दो पक्षों के बीच मारपीट की घटना सामने आई। मामले में पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए आवश्यक कानूनी कार्रवाई प्रारंभ कर दी है। क्षेत्राधिकारी प्रियम राजशेखर पाण्डेय खलीलाबाद ने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है तथा प्रकरण में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। #खलीलाबाद #संतकबीरनगर #मारपीट #पुलिसकार्रवाई #उत्तरप्रदेश #LawAndOrder #BreakingNews #LocalNews #UPPolice #liveuponenews1
- संतकबीरनगर, खलीलाबाद। विधानसभा क्षेत्र खलीलाबाद के ग्राम पंचायत थवईपार में मंगलवार को भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं शिलापट्ट के अनावरण का कार्यक्रम बड़े ही श्रद्धा और उत्साह के साथ आयोजित किया गया। इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि खलीलाबाद नित्यानंद ने मुख्य रूप से भाग लेते हुए बाबा साहब को नमन किया और कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। कार्यक्रम की शुरुआत माल्यार्पण एवं शिलापट्ट के अनावरण से हुई, जिसके बाद पूरे गांव में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और बाबा साहब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया। इस मौके पर कार्यक्रम के संयोजक बड़े भाई खेदन प्रसाद जी, अमृत चंद्र जी, पूर्व ब्लॉक प्रमुख सेमरियावा धर्मेंद्र कुमार जी, पूर्व प्रधान रत्नेश जी, डॉ. सुदामा प्रसाद जी, पूर्व प्रधान पूर्णमासी प्रसाद जी, क्षेत्र पंचायत सदस्य अजय कुमार जी, ओम प्रकाश जी, गुड्डू राणा, जगजीवन प्रसाद सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने बाबा साहब के जीवन और उनके योगदान को याद करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। पूरे आयोजन में उत्साह, श्रद्धा और सामाजिक एकता का अद्भुत संगम देखने को मिला।1
- हकीमपुर में धूमधाम से मनाई गई भीमराव अंबेडकर जयंती रिपोर्ट -दुर्गेश मिश्र धनघटा, संतकबीरनगर। विकासखंड हैसर बाजार के ग्राम पंचायत हकीमपुर में भारत रत्न एवं संविधान निर्माता भीमराव अंबेडकर की जयंती बड़े ही हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ बाबा साहेब के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस दौरान उपस्थित वक्ताओं ने उनके जीवन संघर्ष, शिक्षा के महत्व एवं समाज में समानता स्थापित करने के उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। ग्राम प्रधान राणा प्रताप सिंह, महेंद्र प्रताप , अजय रंजन, आदर्श कुमार, राजेंद्र प्रसाद, कपिल कुमार, सुरेश प्रसाद, कमलेश राजभर, नार्मल प्रसाद, अवधेश यादव, घनश्याम यादव, चन्द्रभान राजभर, देवीदिन राजभर, अम्बिका राजभर, रामदास, कैलाश कुमार, राजू कुमार, महेश कुमार, हीरालाल, राजेश कुमार, संदीप कुमार समेत सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण कार्यक्रम में मौजूद रहे। इस अवसर पर युवाओं एवं बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया और पूरे गांव में उत्साह का माहौल बना रहा। कार्यक्रम के अंत में सभी ने बाबा साहेब के बताए मार्ग पर चलने और समाज में समरसता बनाए रखने का संकल्प लिया। जय भीम के नारों से गूंजा पूरा हकीमपुर गांव।4
- आज अंबेडकर जयंती के अवसर पर जनपद में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीणा के निर्देशन में थाना क्षेत्र में तैनात सभी पीआरबी वाहनों के कर्मचारियों को विशेष रूप से ब्रीफ किया गया। ब्रीफिंग के दौरान कर्मचारियों को निर्देशित किया गया कि— सभी पीआरबी वाहन अपने-अपने निर्धारित संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण स्थानों पर सतर्कतापूर्वक उपस्थित रहें। क्षेत्र में होने वाली हर छोटी-बड़ी घटना पर तत्काल संज्ञान लेते हुए त्वरित कार्रवाई करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत उच्चाधिकारियों एवं थाना कंट्रोल रूम को दें। भीड़भाड़ वाले स्थानों, जुलूस मार्ग एवं सार्वजनिक स्थलों पर विशेष सतर्कता बरतें। आमजन के साथ शालीन व्यवहार रखते हुए सुरक्षा की भावना को मजबूत करें। सभी पीआरबी कर्मचारियों को निर्देशित किया गया कि वे पूरी जिम्मेदारी, सतर्कता एवं अनुशासन के साथ ड्यूटी का निर्वहन करें, जिससे अंबेडकर जयंती का कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न हो सके।4
- पैतृक जमीन के लिए दर-दर भटक रहा फौजी, रिश्तों में ही न्याय का संकट1
- मुजफ्फरनगर से एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसे देखकर आप अपनी हंसी नहीं रोक पाएंगे, लेकिन यह खाकी की गरिमा पर एक गंभीर सवाल भी खड़ा करता है। कल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में तैनात दरोगा चौबे सिंह जी ने कुछ ज्यादा ही 'सुरापान' कर लिया। आलम यह था कि दरोगा जी को यह भी नहीं पता था कि वह जमीन पर लेटे हैं या आसमान में उड़ रहे हैं। वायरल बातचीत का एक अंश: दरोगा जी: "मुझे ये बताओ, मैं कहां पे खड़ा हूं?" साथी सिपाही: "तुम खड़े कहां हो, तुम तो पड़े हो भाई साहब!" दरोगा जी बार-बार अपनी लोकेशन पूछते रहे और सिपाही उन्हें याद दिलाते रहे कि वह मुजफ्फरनगर की 'तहसील' में पड़े हैं। वर्दी का एक हिस्सा (शर्ट) गायब था और वह केवल बनियान और पैंट में धूल फांक रहे थे। तत्काल कार्रवाई जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और पुलिस के उच्च अधिकारियों के संज्ञान में आया, विभाग ने बिना देरी किए दरोगा चौबे सिंह को सस्पेंड (निलंबित) कर दिया है। सीख: "नशा चाहे वर्दी का हो या शराब का, अगर हद से बढ़ जाए तो इंसान 'खड़ा' नहीं सीधा 'पड़ा' मिलता है।" 1