किसानों के राजभवन मार्च को पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोका, धक्का-मुक्की के बाद किसानों ने तोड़ी बैरिकेडिंग; राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन लखनऊ, 10 अगस्त 2026। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर आज दिनांक 10 अगस्त 2026 को भारतीय किसान यूनियन श्रमिक जनशक्ती के बैनर तले किसानों ने भारत-अमेरिका फ्री ट्रेड डील, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP), बिजली-पानी तथा किसानों से जुड़े विभिन्न जनहित के मुद्दों को लेकर लखनऊ में धरना-प्रदर्शन एवं राजभवन मार्च किया। भारतीय किसान यूनियन श्रमिक जनशक्ती के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान परिवर्तन चौक मेट्रो स्टेशन से राजभवन लखनऊ की ओर आगे बढ़ रहे थे। किसानों का शांतिपूर्ण मार्च रोकने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा रास्ते में जबरन बैरिकेडिंग कर दी गई। किसानों ने जब आगे बढ़ने का प्रयास किया तो पुलिस एवं किसानों के बीच जबरदस्त धक्का-मुक्की हुई। इस दौरान किसानों ने बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़ना जारी रखा। इसके बाद पुलिस प्रशासन द्वारा किसानों को रोकने के लिए तीसरे स्थान पर पुनः बैरिकेडिंग की गई। तीसरी बैरिकेडिंग पर किसानों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए सरकार एवं प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। प्रदर्शन के दौरान किसान नेताओं ने कहा कि किसानों की MSP की गारंटी, भारत-अमेरिका फ्री ट्रेड डील से किसानों के हितों की रक्षा, बिजली-पानी की समस्याओं का समाधान तथा किसानों की अन्य मूलभूत समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाना आवश्यक है। काफी देर तक चले प्रदर्शन के बाद किसान नेताओं एवं पुलिस प्रशासन के बीच वार्ता हुई। वार्ता के उपरांत सहमति बनी कि किसानों का एक 5 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल राजभवन जाकर किसानों की मांगों से संबंधित ज्ञापन माननीय राज्यपाल महोदय को सौंपेगा। इसके बाद 5 सदस्यीय किसान प्रतिनिधिमंडल ने राजभवन पहुंचकर माननीय राज्यपाल महोदय को किसानों की विभिन्न मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपे जाने के बाद किसान नेताओं द्वारा धरना-प्रदर्शन समाप्त करने की घोषणा की गई। भारतीय किसान यूनियन श्रमिक जनशक्ती ने कहा कि किसानों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। किसानों की समस्याओं का समाधान और उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय होने तक संगठन लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से किसानों की आवाज को मजबूती से उठाता रहेगा। संगठन ने सरकार से मांग की कि MSP की कानूनी गारंटी, भारत-अमेरिका फ्री ट्रेड डील में किसानों के हितों की सुरक्षा, पर्याप्त एवं निर्बाध बिजली-पानी की व्यवस्था तथा किसानों की अन्य समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए। भारतीय किसान यूनियन श्रमिक जनशक्ती ने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और किसानों के हितों की अनदेखी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। जारीकर्ता चौधरी कमलेश यादव जी राष्ट्रीय अध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन श्रमिक जनशक्ती लखनऊ, उत्तर प्रदेश
किसानों के राजभवन मार्च को पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोका, धक्का-मुक्की के बाद किसानों ने तोड़ी बैरिकेडिंग; राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन लखनऊ, 10 अगस्त 2026। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर आज दिनांक 10 अगस्त 2026 को भारतीय किसान यूनियन श्रमिक जनशक्ती के बैनर तले किसानों ने भारत-अमेरिका फ्री ट्रेड डील, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP), बिजली-पानी तथा किसानों से जुड़े विभिन्न जनहित के मुद्दों को लेकर लखनऊ में धरना-प्रदर्शन एवं राजभवन मार्च किया। भारतीय किसान यूनियन श्रमिक जनशक्ती के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान परिवर्तन चौक मेट्रो स्टेशन से राजभवन लखनऊ की ओर आगे बढ़ रहे थे। किसानों का शांतिपूर्ण मार्च रोकने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा रास्ते में जबरन बैरिकेडिंग कर दी गई। किसानों ने जब आगे बढ़ने का प्रयास किया तो पुलिस एवं किसानों के बीच जबरदस्त धक्का-मुक्की हुई। इस दौरान किसानों ने बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़ना जारी रखा। इसके बाद पुलिस प्रशासन द्वारा किसानों को रोकने के लिए तीसरे स्थान पर पुनः बैरिकेडिंग की गई। तीसरी बैरिकेडिंग पर किसानों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए सरकार एवं प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। प्रदर्शन के दौरान किसान नेताओं ने कहा कि किसानों की MSP की गारंटी, भारत-अमेरिका फ्री ट्रेड डील से किसानों के हितों की रक्षा, बिजली-पानी की समस्याओं का समाधान तथा किसानों की अन्य मूलभूत समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाना आवश्यक है। काफी देर तक चले प्रदर्शन के बाद किसान नेताओं एवं पुलिस प्रशासन के बीच वार्ता हुई। वार्ता के उपरांत सहमति बनी कि किसानों का एक 5 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल राजभवन जाकर किसानों की मांगों से संबंधित ज्ञापन माननीय राज्यपाल महोदय को सौंपेगा। इसके बाद 5 सदस्यीय किसान प्रतिनिधिमंडल ने राजभवन पहुंचकर माननीय राज्यपाल महोदय को किसानों की विभिन्न मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपे जाने के बाद किसान नेताओं द्वारा धरना-प्रदर्शन समाप्त करने की घोषणा की गई। भारतीय किसान यूनियन श्रमिक जनशक्ती ने कहा कि किसानों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। किसानों की समस्याओं का समाधान और उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय होने तक संगठन लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से किसानों की आवाज को मजबूती से उठाता रहेगा। संगठन ने सरकार से मांग की कि MSP की कानूनी गारंटी, भारत-अमेरिका फ्री ट्रेड डील में किसानों के हितों की सुरक्षा, पर्याप्त एवं निर्बाध बिजली-पानी की व्यवस्था तथा किसानों की अन्य समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए। भारतीय किसान यूनियन श्रमिक जनशक्ती ने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और किसानों के हितों की अनदेखी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। जारीकर्ता चौधरी कमलेश यादव जी राष्ट्रीय अध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन श्रमिक जनशक्ती लखनऊ, उत्तर प्रदेश
- *मलिहाबाद में देर रात लकड़ी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही, वन विभाग की गश्त पर उठे सवाल मलिहाबाद, लखनऊ। मलिहाबाद क्षेत्र में देर रात मोहन रोड की ओर से लकड़ी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लकड़ी को तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए *मलिहाबाद रेलवे क्रॉसिंग के पास स्थित आरा मशीन तक पहुंचाया जा रहा है।* स्थानीय लोगों के मुताबिक, देर रात क्षेत्र में वन विभाग की नियमित गश्त नजर नहीं आती। लोगों का यह भी आरोप है कि क्षेत्रीय वन दरोगा और उड़नदस्ता टीम की सक्रियता दिखाई नहीं दे रही है, जिसके चलते लकड़ी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां बिना रोक-टोक आवागमन करती दिखाई देती हैं। आरोप है कि मलिहाबाद क्षेत्र में लगातार हरे-भरे पेड़ों की कटान हो रही है और कटान के बाद लकड़ी को विभिन्न आरा मशीनों तक पहुंचाया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि सरकार और वन विभाग अवैध कटान पर रोक लगाने के लिए सख्त निर्देश जारी कर रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कथित तौर पर इसका असर दिखाई नहीं दे रहा है। ग्रामीणों ने संबंधित उच्चाधिकारियों से देर रात होने वाली लकड़ी की आवाजाही और आरा मशीनों पर पहुंच रही लकड़ी की जांच कराने की मांग की है। स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि मामले की जानकारी देने के लिए संबंधित अधिकारियों से कई बार फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। अब सवाल यह है कि क्या वन विभाग देर रात लकड़ी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही और आरा मशीनों तक पहुंच रही लकड़ी की जांच कर कार्रवाई करेगा?1
- मलिहाबाद में देर रात लकड़ी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही, वन विभाग की गश्त पर उठे सवाल, मलिहाबाद, लखनऊ। मलिहाबाद क्षेत्र में देर रात मोहन रोड की ओर से लकड़ी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लकड़ी को तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए मलिहाबाद रेलवे क्रॉसिंग के पास स्थित आरा मशीन तक पहुंचाया जा रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, देर रात क्षेत्र में वन विभाग की नियमित गश्त नजर नहीं आती। लोगों का यह भी आरोप है कि क्षेत्रीय वन दरोगा और उड़नदस्ता टीम की सक्रियता दिखाई नहीं दे रही है, जिसके चलते लकड़ी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां बिना रोक-टोक आवागमन करती दिखाई देती हैं। आरोप है कि मलिहाबाद क्षेत्र में लगातार हरे-भरे पेड़ों की कटान हो रही है और कटान के बाद लकड़ी को विभिन्न आरा मशीनों तक पहुंचाया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि सरकार और वन विभाग अवैध कटान पर रोक लगाने के लिए सख्त निर्देश जारी कर रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कथित तौर पर इसका असर दिखाई नहीं दे रहा है। ग्रामीणों ने संबंधित उच्चाधिकारियों से देर रात होने वाली लकड़ी की आवाजाही और आरा मशीनों पर पहुंच रही लकड़ी की जांच कराने की मांग की है। स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि मामले की जानकारी देने के लिए संबंधित अधिकारियों से कई बार फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। अब सवाल यह है कि क्या वन विभाग देर रात लकड़ी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही और आरा मशीनों तक पहुंच रही लकड़ी की जांच कर कार्रवाई करेगा?1
- लखनऊ गाजीपुर पुलिस को बड़ी सफलता CEIR पोर्टल की मदद से गुम और चोरी हुए 36 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। बरामद मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब 5 लाख 80 हजार रुपये बताई गई है। साइबर हेल्पडेस्क की लगातार निगरानी और तकनीकी प्रयासों से ये मोबाइल अलग-अलग स्थानों से बरामद हुए। थाना प्रभारी गाजीपुर राजेश कुमार मौर्या और उनकी पुलिस टीम द्वारा मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए गए/1
- लखनऊ। गुम हुए 36 मोबाइल फोन बरामद, गाजीपुर पुलिस की बड़ी कामयाबी गुम हुआ मोबाइल वापस मिलने से चेहरे पर लौटी मुस्कान, गाजीपुर पुलिस की साइबर टीम ने फिर दिखाया गुड वर्क।” लखनऊ कमिश्नरेट के थाना गाजीपुर पुलिस ने CEIR पोर्टल की मदद से गुम और खोए हुए 36 मोबाइल फोन बरामद कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। पुलिस के मुताबिक बरामद मोबाइल फोनों की अनुमानित कुल कीमत करीब 5 लाख 80 हजार रुपये है। थाना गाजीपुर साइबर हेल्पडेस्क द्वारा CEIR पोर्टल के माध्यम से लगातार मोबाइल फोनों को ट्रेस किया जा रहा था। तकनीकी जानकारी और उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर अलग-अलग स्थानों से इन मोबाइल फोनों को बरामद किया गया। बरामद मोबाइल फोन में OPPO, VIVO, Samsung, Motorola, OnePlus, Realme, Redmi, POCO, LAVA और itel समेत कई कंपनियों के फोन शामिल हैं। पुलिस के अनुसार बरामद मोबाइल फोन उनके वास्तविक स्वामियों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सुपुर्द किए गए। मोबाइल वापस मिलने पर स्वामियों ने गाजीपुर पुलिस और साइबर हेल्पडेस्क टीम का आभार जताया। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक अभिषेक वर्मा, सहायक उपनिरीक्षक/कम्प्यूटर ऑपरेटर ग्रेड-B आमिर अली खान, कांस्टेबल गौरव शर्मा और कांस्टेबल पूजा शर्मा की भूमिका रही। लखनऊ पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम या चोरी होने की स्थिति में तत्काल संबंधित थाना/साइबर हेल्पडेस्क को सूचना दें और मोबाइल के IMEI नंबर को CEIR पोर्टल पर ब्लॉक/ट्रेस कराने की प्रक्रिया अपनाएं। लखनऊ कमिश्नर के दिशा निर्देशन में थाना गाजीपुर इंस्पेक्टर राजेश कुमार मौर्य का ताबड़तोड़ जनता के हित में गुड वर्क, सभी मोबाइल धारकों ने लखनऊ कमिश्नरेट पुलिस को कोटि कोटि धन्यवाद अदा किया1
- मलिहाबाद, लखनऊ। मलिहाबाद क्षेत्र में देर रात मोहन रोड की ओर से लकड़ी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही का मामला सामने आया है। *मलिहाबाद में देर रात लकड़ी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही, वन विभाग की गश्त पर उठे सवाल* मलिहाबाद, लखनऊ। मलिहाबाद क्षेत्र में देर रात मोहन रोड की ओर से लकड़ी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लकड़ी को तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए *मलिहाबाद रेलवे क्रॉसिंग के पास स्थित आरा मशीन तक पहुंचाया जा रहा है।* स्थानीय लोगों के मुताबिक, देर रात क्षेत्र में वन विभाग की नियमित गश्त नजर नहीं आती। लोगों का यह भी आरोप है कि क्षेत्रीय वन दरोगा और उड़नदस्ता टीम की सक्रियता दिखाई नहीं दे रही है, जिसके चलते लकड़ी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां बिना रोक-टोक आवागमन करती दिखाई देती हैं। आरोप है कि मलिहाबाद क्षेत्र में लगातार हरे-भरे पेड़ों की कटान हो रही है और कटान के बाद लकड़ी को विभिन्न आरा मशीनों तक पहुंचाया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि सरकार और वन विभाग अवैध कटान पर रोक लगाने के लिए सख्त निर्देश जारी कर रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कथित तौर पर इसका असर दिखाई नहीं दे रहा है। ग्रामीणों ने संबंधित उच्चाधिकारियों से देर रात होने वाली लकड़ी की आवाजाही और आरा मशीनों पर पहुंच रही लकड़ी की जांच कराने की मांग की है। स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि मामले की जानकारी देने के लिए संबंधित अधिकारियों से कई बार फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। अब सवाल यह है कि क्या वन विभाग देर रात लकड़ी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही और आरा मशीनों तक पहुंच रही लकड़ी की जांच कर कार्रवाई करेगा?1
- पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर अज्ञात वाहन की टक्कर से बुजुर्ग की मौत पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर अज्ञात वाहन की टक्कर से बुजुर्ग की मौत सुलतानपुर। दोस्तपुर थाना क्षेत्र में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर अज्ञात वाहन की टक्कर से 65 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई। हादसा 10 अगस्त को एक्सप्रेसवे के 165.8 माइलस्टोन के पास हुआ। मृतक की पहचान कृपापाल पुत्र लोटू, निवासी संसारपुर के रूप में हुई है। बताया गया कि वह पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर चढ़ गए थे। इसी दौरान किसी अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी की। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने मामले में विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। क्षेत्राधिकारी कादीपुर श्री विनय कुमार गौतम ने घटना के संबंध में जानकारी दी।1
- *पारा में महिला से ब्लैकमेलिंग व कथित अवैध वसूली का आरोप, कई लोगों पर गंभीर आरोप ऑडियो रिकॉर्डिंग व ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के साक्ष्य होने का दावा, पीड़िता ने पुलिस से कार्रवाई की लगाई गुहार *लखनऊ। पारा थाना क्षेत्र के हंसखेड़ा इलाके में एक महिला से कथित तौर पर ब्लैकमेलिंग, मारपीट और धमकी देकर रुपये वसूलने का मामला सामने आया है। पीड़िता समरीन पुत्री शमसुद्दीन ने कई लोगों पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।* पीड़िता के अनुसार, अदनान नामक युवक द्वारा उसे कथित रूप से काफी समय से ब्लैकमेल किया जा रहा था। आरोप है कि विरोध करने पर उसके साथ हाथापाई और अभद्रता भी की गई। पीड़िता का दावा है कि डर और सामाजिक दबाव के चलते उसने आरोपियों को रकम देने के लिए मजबूर होना पड़ा। *ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिए रकम भेजने का दावा* पीड़िता ने आरोप लगाया है कि मामले में ऑनलाइन माध्यम से रकम ट्रांसफर की गई, जिसके बैंक ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड उसके पास मौजूद हैं इसके अलावा कथित बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी होने का दावा किया गया है। पीड़िता ने मोहम्मद अरसलान, मोहम्मद कैफ, शाहनवाज़, अदनान पुत्र मुन्ना, अनीस, जैनुल और शेखू समेत कई लोगों पर मामले में शामिल होने के आरोप लगाए हैं। *पुलिस से निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग* पीड़िता का कहना है कि उसके पास आरोपों से संबंधित डिजिटल साक्ष्य मौजूद हैं और वह उन्हें पुलिस के समक्ष प्रस्तुत करने को तैयार है। स्थानीय लोगों और समाजसेवियों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की है। *फिलहाल लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति और आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।*1
- मलिहाबाद में देर रात लकड़ी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही, वन विभाग की गश्त पर उठे सवाल मलिहाबाद, लखनऊ। मलिहाबाद क्षेत्र में देर रात मोहन रोड की ओर से लकड़ी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लकड़ी को तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए *मलिहाबाद रेलवे क्रॉसिंग के पास स्थित आरा मशीन तक पहुंचाया जा रहा है।* स्थानीय लोगों के मुताबिक, देर रात क्षेत्र में वन विभाग की नियमित गश्त नजर नहीं आती। लोगों का यह भी आरोप है कि क्षेत्रीय वन दरोगा और उड़नदस्ता टीम की सक्रियता दिखाई नहीं दे रही है, जिसके चलते लकड़ी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां बिना रोक-टोक आवागमन करती दिखाई देती हैं। आरोप है कि मलिहाबाद क्षेत्र में लगातार हरे-भरे पेड़ों की कटान हो रही है और कटान के बाद लकड़ी को विभिन्न आरा मशीनों तक पहुंचाया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि सरकार और वन विभाग अवैध कटान पर रोक लगाने के लिए सख्त निर्देश जारी कर रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कथित तौर पर इसका असर दिखाई नहीं दे रहा है। ग्रामीणों ने संबंधित उच्चाधिकारियों से देर रात होने वाली लकड़ी की आवाजाही और आरा मशीनों पर पहुंच रही लकड़ी की जांच कराने की मांग की है। स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि मामले की जानकारी देने के लिए संबंधित अधिकारियों से कई बार फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। अब सवाल यह है कि क्या वन विभाग देर रात लकड़ी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही और आरा मशीनों तक पहुंच रही लकड़ी की जांच कर कार्रवाई करेगा?1