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स्नाना पूर्णिमा के शुभ अवसर पर भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा जी और बलदाऊ जी अपने गर्भग्रह से बाहर आकर स्नान करेंगे। यह स्नान विशेष रूप से स्वर्ण कुएँ के जल से, 108 स्वर्ण कलशों द्वारा, पूरे विधि-विधान के साथ संपन्न किया जाएगा।
दिगेन्द्र कुमार बाजपेई
स्नाना पूर्णिमा के शुभ अवसर पर भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा जी और बलदाऊ जी अपने गर्भग्रह से बाहर आकर स्नान करेंगे। यह स्नान विशेष रूप से स्वर्ण कुएँ के जल से, 108 स्वर्ण कलशों द्वारा, पूरे विधि-विधान के साथ संपन्न किया जाएगा।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- ग्वालियर की एक महिला ने ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान से अपनी गुहार लगाई है।1
- दतिया पुलिस ने रतनगढ़ मेले में सक्रिय जेबकतरों के एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक माँ-बेटे की जोड़ी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह बड़ी कार्रवाई अतरेटा पुलिस थाना द्वारा की गई, जिससे श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली है। पुलिस को यह सफलता दिनांक 29 जून 2026 को मिली, जब मेले में सक्रिय दो शातिर जेबकतरों को दबोच लिया गया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान रवि (पुत्र संजय सिंह परिहार) और रानी (पत्नी संजय सिंह परिहार) के रूप में हुई है। ये दोनों मूलतः कानपुर देहात (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले हैं और वर्तमान में भिंड के आर्या नगर में रह रहे थे। पुलिस ने इनके पास से ₹70,500 नकद और एक टीवीएस अपाचे मोटरसाइकिल, जिसकी कीमत लगभग ₹1,20,000 है, बरामद की है। पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने स्वीकार किया कि बरामद नकदी में पूर्व में की गई चोरियों की रकम भी शामिल है। पुलिस उनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को खंगाल रही है ताकि उनकी अन्य वारदातों का भी खुलासा किया जा सके। दतिया पुलिस ने मेले में आए सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि यदि उनके साथ भी चोरी या जेबकटाई की कोई घटना हुई है, तो वे तुरंत थाना अतरेटा से संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र सिंह राजपूत, चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक ब्रजेश मिश्रा सहित उनकी पूरी टीम (आरक्षक शुभांशु चौबे, नीतू परिहार, प्रधान आरक्षक सीतासरण, प्रमोद यादव, आरक्षक परमल, जगेंद्र, संजय सोलंकी एवं प्रदीप) की सराहनीय भूमिका रही।1
- भांडेर तहसील के ग्राम सिमिरिया निवासी उमाशंकर पाल ने सोमवार को नवीन तहसील कार्यालय पहुंचकर भांडेर एसडीएम ब्रजेन्द्र राजपूत को आवेदन दिया। उमाशंकर पाल ने अपनी कृषि भूमि का शीघ्र सीमांकन कराने की मांग की है और आरोप लगाया है कि कुछ दबंग लोग सीमांकन नहीं होने दे रहे हैं। आवेदन के अनुसार, उमाशंकर पाल की भूमि सर्वे नंबर 155/1 है जिसका रकबा 0.400 हेक्टेयर है। उन्होंने इस भूमि के सीमांकन के लिए 19 मई 2026 को आवेदन किया था। सोमवार दोपहर 03 बजे उन्होंने आरोप लगाया कि एक माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी राजस्व विभाग द्वारा सीमांकन नहीं कराया गया है। उमाशंकर पाल ने आवेदन में यह भी कहा है कि यदि बारिश शुरू होने से पहले यह कार्य नहीं हुआ तो इसे कराना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने एसडीएम से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर जल्द से जल्द सीमांकन कराने की मांग की है।1
- संविधान कथावाचक पंडित विष्णु कांत शर्मा ने धीरेंद्र शास्त्री जी की 'चमत्कारी' शक्तियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा है कि प्रभु राम जी के लिए दान किए गए करोड़ों रुपये, सोना, चांदी, हीरे और जमीन के घोटाले और चोरी हुई, और धीरेंद्र शास्त्री जी सोते रहे, उन्हें इसका पता भी नहीं चला, तो वे कैसे चमत्कारी हो सकते हैं? पंडित शर्मा ने धीरेंद्र शास्त्री जी से मांग की है कि वे इन चोरों का पता बताएं और अपनी 'पर्ची पर्चा' खोलें, क्योंकि उनके भक्त जानना चाहते हैं कि इतना सब कुछ उनकी जानकारी के बिना कैसे हो गया। उन्होंने सवाल उठाया है कि क्या धीरेंद्र शास्त्री जी पाखंडवादी हैं या चमत्कारी।1
- भितरवार नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 5 के पार्षद जितेंद्र सिंह परिहार पर 'पर उपदेश कुशल बहुतेरे' वाली कहावत सटीक बैठ रही है, क्योंकि नगर के मुख्य तिराहे पर महिला सम्मान की दुहाई देकर धरना-प्रदर्शन करने वाले इस पार्षद के अपने ही वार्ड में महिलाएं असुरक्षित हैं। मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा लाखों रुपये की लागत से बनाया गया महिला व पुरुष यात्री प्रतीक्षालय वर्तमान में असामाजिक तत्वों और नशेड़ियों का गढ़ बन चुका है। देखरेख के अभाव में यह सरकारी संपत्ति पूरी तरह बर्बाद हो रही है, और जिम्मेदार अपनी आंखें मूंदे हुए हैं। सर्दी, गर्मी और बरसात से बचने के लिए बनाया गया यह यात्री प्रतीक्षालय अब महिलाओं के लिए खौफ का कारण बन गया है। बसों और वाहनों के इंतजार में आने वाली ग्रामीण व स्थानीय महिलाएं नशेड़ियों के डर से इसके अंदर कदम रखने की हिम्मत नहीं जुटा पातीं और उन्हें तपती धूप तथा खुले आसमान के नीचे खड़े होकर गाड़ियों का इंतजार करना पड़ता है। इस बदहाली का मुख्य कारण प्रतीक्षालय के समीप स्थित शराब की दुकान है, जहाँ दिन-रात शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है। यात्री प्रतीक्षालय के अंदर अवैध रूप से लगने वाले कबाब, बिरयानी और अंडे के ठेलों ने इस स्थिति को और गंभीर बना दिया है, जहाँ लोग शराब दुकान से बोतलें लेकर सीधे इन्हीं ठेलों पर आकर प्रतीक्षालय को अपना 'मयखाना' बना लेते हैं। दिनदहाड़े होने वाली इस अराजकता से यहाँ का माहौल पूरी तरह दूषित हो चुका है, जिससे महिलाओं और संभ्रांत नागरिकों का यहाँ से गुजरना भी मुश्किल हो गया है। इस बदहाली ने पार्षद जितेंद्र सिंह परिहार की कथनी और करनी को सरेआम बेनकाब कर दिया है। नगर में तीखी चर्चा है कि पार्षद ने पहले मुख्य तिराहे पर शौचालय के बाहर फल का ठेला लगाने वालों को हटाने के लिए 'महिला सम्मान' का कार्ड खेलकर खूब सियासत चमकाई थी। लेकिन अब जब उनके अपने ही वार्ड क्रमांक 5 में महिलाओं के अधिकारों और सुरक्षा की धज्जियां उड़ रही हैं, तो पार्षद महोदय ने रहस्यमयी चुप्पी साध ली है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि दूसरों को नसीहत देने वाले जनप्रतिनिधि का अपने ही क्षेत्र की समस्याओं से मुंह मोड़ना यह साबित करता है कि उनके लिए महिला सम्मान सिर्फ एक राजनीतिक स्टंट था। जनता अब खुले तौर पर सवाल उठा रही है कि मुख्य तिराहे पर फल के ठेले हटवाने के लिए धरना देने वाले पार्षद को अपने वार्ड में यात्री प्रतीक्षालय के अंदर लगने वाले कबाब, बिरयानी और अंडे के अवैध ठेले क्यों नहीं दिखाई देते? वे पूछ रहे हैं कि 'महिला सम्मान' की परिभाषा सिर्फ दूसरे वार्डों के लिए है, और अपने वार्ड में खुले आसमान के नीचे खड़ी रहने को मजबूर महिलाओं की लाचारी पर पार्षद की अंतरात्मा क्यों सो रही है? जनता यह भी जानना चाहती है कि शराब के पियक्कड़ और चखने के ठेलों के कारण प्रतीक्षालय को 'मयखाना' बनाने वाले उपद्रवियों पर पार्षद ने आज तक पुलिस या प्रशासन से कार्रवाई की मांग क्यों नहीं की। नागरिक सवाल कर रहे हैं कि क्या वार्ड क्रमांक 5 की जनता ने उन्हें केवल चुनावी भाषणों और दोहरी राजनीति के लिए चुना था, या फिर सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा और विकास उनकी जिम्मेदारी नहीं है? वे पार्षद से इस 'नशे के अड्डे' पर कभी औचक निरीक्षण करने की हिम्मत दिखाने की चुनौती भी दे रहे हैं।2
- ग्वालियर स्थित आदित्य रेजिडेंसी में चल रहे एक विवाद के परिणामस्वरूप पुलिस ने एक बड़ा एक्शन लिया है।1
- भांडेर तहसीलदार सुनील भदौरिया ने सोमवार शाम करीब 6:30 बजे अवैध लकड़ी का परिवहन कर रही एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़कर कार्रवाई की। यह कार्रवाई सोहन के पास की गई, जहां बिना वैध दस्तावेजों के लकड़ी ले जाई जा रही थी। तहसीलदार भदौरिया ने मौके पर ही वाहन को रोककर प्रारंभिक जांच की। इसके बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली को आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के लिए पंडोखर थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। प्रशासन ने बताया है कि मामले की विस्तृत जांच की जाएगी। यदि परिवहन अवैध पाया गया और संबंधित दस्तावेज नहीं मिले, तो नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध लकड़ी परिवहन करने वालों में हड़कंप मच गया है।1
- दतिया जिले के सेवढ़ा क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल रतनगढ़ माता मंदिर के पहाड़ी वाले मुख्य मार्ग पर ग्राम पंचायत खमरोली द्वारा विधायक निधि से लगभग 11 लाख रुपये की लागत से 365 मीटर लंबी सीसी रोड का निर्माण कराया गया था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह सड़क निर्माण के महज 11 महीने बाद ही पूरी तरह उखड़ चुकी है, जिससे मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क की हालत इतनी खराब हो गई है कि दोपहिया और चारपहिया वाहनों से मंदिर तक पहुँचना बेहद जोखिम भरा हो गया है। खासकर बरसात के मौसम में सड़क पर फिसलने का खतरा काफी बढ़ गया है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। स्थानीय नागरिकों ने इस निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसकी निष्पक्ष तकनीकी जांच की मांग की है। उनका स्पष्ट कहना है कि यदि सड़क का निर्माण मानकों के अनुरूप किया गया होता तो इतनी कम अवधि में यह क्षतिग्रस्त नहीं होती। लोगों ने संबंधित इंजीनियर, जनपद पंचायत के अधिकारियों और अन्य जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है और कहा है कि यदि निर्माण में किसी भी प्रकार की अनियमितता या गुणवत्ता में कमी पाई जाती है, तो दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही, श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सड़क का शीघ्र ही गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण कराया जाए। क्षेत्रवासियों का कहना है कि रतनगढ़ माता मंदिर लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, और ऐसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल तक पहुँचने वाले मुख्य मार्ग की बदहाल स्थिति प्रशासन के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है जिस पर तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है।1
- मध्यप्रदेश चैंबर ऑफ कॉमर्स के चुनाव में मानसेवी सचिव पद के लिए व्हाइट हाउस के उम्मीदवार दीपक अग्रवाल ने एक महत्वपूर्ण दावा किया है। उन्होंने स्थानीय उद्योगों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने की रणनीति से जुड़े सवाल पर अपना जवाब दिया है।1