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ग्वालियर की एक महिला ने ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान से अपनी गुहार लगाई है।
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ग्वालियर की एक महिला ने ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान से अपनी गुहार लगाई है।
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- पारस जैन ने अपने सबसे बड़े प्लान का खुलासा कर दिया है। इस घोषणा के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या इस योजना से व्यापारियों की सुरक्षा में कोई बदलाव आएगा।1
- भितरवार नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 5 के पार्षद जितेंद्र सिंह परिहार पर 'पर उपदेश कुशल बहुतेरे' वाली कहावत सटीक बैठ रही है, क्योंकि नगर के मुख्य तिराहे पर महिला सम्मान की दुहाई देकर धरना-प्रदर्शन करने वाले इस पार्षद के अपने ही वार्ड में महिलाएं असुरक्षित हैं। मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा लाखों रुपये की लागत से बनाया गया महिला व पुरुष यात्री प्रतीक्षालय वर्तमान में असामाजिक तत्वों और नशेड़ियों का गढ़ बन चुका है। देखरेख के अभाव में यह सरकारी संपत्ति पूरी तरह बर्बाद हो रही है, और जिम्मेदार अपनी आंखें मूंदे हुए हैं। सर्दी, गर्मी और बरसात से बचने के लिए बनाया गया यह यात्री प्रतीक्षालय अब महिलाओं के लिए खौफ का कारण बन गया है। बसों और वाहनों के इंतजार में आने वाली ग्रामीण व स्थानीय महिलाएं नशेड़ियों के डर से इसके अंदर कदम रखने की हिम्मत नहीं जुटा पातीं और उन्हें तपती धूप तथा खुले आसमान के नीचे खड़े होकर गाड़ियों का इंतजार करना पड़ता है। इस बदहाली का मुख्य कारण प्रतीक्षालय के समीप स्थित शराब की दुकान है, जहाँ दिन-रात शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है। यात्री प्रतीक्षालय के अंदर अवैध रूप से लगने वाले कबाब, बिरयानी और अंडे के ठेलों ने इस स्थिति को और गंभीर बना दिया है, जहाँ लोग शराब दुकान से बोतलें लेकर सीधे इन्हीं ठेलों पर आकर प्रतीक्षालय को अपना 'मयखाना' बना लेते हैं। दिनदहाड़े होने वाली इस अराजकता से यहाँ का माहौल पूरी तरह दूषित हो चुका है, जिससे महिलाओं और संभ्रांत नागरिकों का यहाँ से गुजरना भी मुश्किल हो गया है। इस बदहाली ने पार्षद जितेंद्र सिंह परिहार की कथनी और करनी को सरेआम बेनकाब कर दिया है। नगर में तीखी चर्चा है कि पार्षद ने पहले मुख्य तिराहे पर शौचालय के बाहर फल का ठेला लगाने वालों को हटाने के लिए 'महिला सम्मान' का कार्ड खेलकर खूब सियासत चमकाई थी। लेकिन अब जब उनके अपने ही वार्ड क्रमांक 5 में महिलाओं के अधिकारों और सुरक्षा की धज्जियां उड़ रही हैं, तो पार्षद महोदय ने रहस्यमयी चुप्पी साध ली है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि दूसरों को नसीहत देने वाले जनप्रतिनिधि का अपने ही क्षेत्र की समस्याओं से मुंह मोड़ना यह साबित करता है कि उनके लिए महिला सम्मान सिर्फ एक राजनीतिक स्टंट था। जनता अब खुले तौर पर सवाल उठा रही है कि मुख्य तिराहे पर फल के ठेले हटवाने के लिए धरना देने वाले पार्षद को अपने वार्ड में यात्री प्रतीक्षालय के अंदर लगने वाले कबाब, बिरयानी और अंडे के अवैध ठेले क्यों नहीं दिखाई देते? वे पूछ रहे हैं कि 'महिला सम्मान' की परिभाषा सिर्फ दूसरे वार्डों के लिए है, और अपने वार्ड में खुले आसमान के नीचे खड़ी रहने को मजबूर महिलाओं की लाचारी पर पार्षद की अंतरात्मा क्यों सो रही है? जनता यह भी जानना चाहती है कि शराब के पियक्कड़ और चखने के ठेलों के कारण प्रतीक्षालय को 'मयखाना' बनाने वाले उपद्रवियों पर पार्षद ने आज तक पुलिस या प्रशासन से कार्रवाई की मांग क्यों नहीं की। नागरिक सवाल कर रहे हैं कि क्या वार्ड क्रमांक 5 की जनता ने उन्हें केवल चुनावी भाषणों और दोहरी राजनीति के लिए चुना था, या फिर सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा और विकास उनकी जिम्मेदारी नहीं है? वे पार्षद से इस 'नशे के अड्डे' पर कभी औचक निरीक्षण करने की हिम्मत दिखाने की चुनौती भी दे रहे हैं।2
- मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के माता बसैया थाना क्षेत्र के ग्राम किशनपुर में शनिवार रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। यहां एक व्यक्ति ने कथित रूप से अपनी पत्नी और दो मासूम बच्चों की कुल्हाड़ी से निर्मम हत्या कर दी। इस वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी शिकारपुर रेलवे फाटक के पास पहुँचा और ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही माता बसैया थाना पुलिस, वरिष्ठ अधिकारी और एफएसएल टीम तुरंत मौके पर पहुँची। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं, रेलवे ट्रैक से बरामद आरोपी के शव को पोस्टमार्टम के लिए मुरैना के जिला अस्पताल भेज दिया गया है।1
- स्नाना पूर्णिमा के शुभ अवसर पर भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा जी और बलदाऊ जी अपने गर्भग्रह से बाहर आकर स्नान करेंगे। यह स्नान विशेष रूप से स्वर्ण कुएँ के जल से, 108 स्वर्ण कलशों द्वारा, पूरे विधि-विधान के साथ संपन्न किया जाएगा।1
- संविधान कथावाचक पंडित विष्णु कांत शर्मा ने धीरेंद्र शास्त्री जी की 'चमत्कारी' शक्तियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा है कि प्रभु राम जी के लिए दान किए गए करोड़ों रुपये, सोना, चांदी, हीरे और जमीन के घोटाले और चोरी हुई, और धीरेंद्र शास्त्री जी सोते रहे, उन्हें इसका पता भी नहीं चला, तो वे कैसे चमत्कारी हो सकते हैं? पंडित शर्मा ने धीरेंद्र शास्त्री जी से मांग की है कि वे इन चोरों का पता बताएं और अपनी 'पर्ची पर्चा' खोलें, क्योंकि उनके भक्त जानना चाहते हैं कि इतना सब कुछ उनकी जानकारी के बिना कैसे हो गया। उन्होंने सवाल उठाया है कि क्या धीरेंद्र शास्त्री जी पाखंडवादी हैं या चमत्कारी।1
- ग्वालियर स्थित आदित्य रेजिडेंसी में चल रहे एक विवाद के परिणामस्वरूप पुलिस ने एक बड़ा एक्शन लिया है।1
- ग्वालियर की एक महिला ने ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान से अपनी गुहार लगाई है।1
- सतना के पाठक अस्पताल में इलाज के दौरान गंभीर लापरवाही का एक आरोप सामने आया है। परिजनों का दावा है कि रवि रजक नामक मरीज को पथरी के ऑपरेशन के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि, सर्जरी के बाद परिजनों का कहना है कि गलती से उनकी किडनी निकाल दी गई। इस घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल में भारी हंगामा मच गया।1