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भीलवाड़ा प्रवास में मुख्यमंत्री ने गौग्रास रथ में गौग्रास अर्पित कर दिया गौसेवा का संदेश
Dev karan Mali
भीलवाड़ा प्रवास में मुख्यमंत्री ने गौग्रास रथ में गौग्रास अर्पित कर दिया गौसेवा का संदेश
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- Post by Narendra kumar Regar1
- भीलवाड़ा = राजस्थान विधानसभा में पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास विषय पर चर्चा के दौरान भीलवाड़ा विधायक अशोक कोठारी ने राज्य में चरागाह एवं शमलात भूमि के संरक्षण, पुनर्जीवन और समग्र विकास को लेकर विस्तृत प्रस्ताव प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान तभी प्रगतिशील बनेगा जब किसान और पशुधन समृद्ध होंगे, और इसकी आधारशिला मजबूत चरागाह व्यवस्था है। विधायक कोठारी ने कहा कि रियासत काल में गोचर भूमि गौवंश संरक्षण के उद्देश्य से आरक्षित की गई थी, ताकि प्रत्येक गांव का पशुधन चारे और पानी की उपलब्धता से सुरक्षित रह सके। किंतु वर्तमान में अनेक स्थानों पर अतिक्रमण, जल संकट तथा अंग्रेजी बबूल और लेन्टाना जैसी विदेशी प्रजातियों के फैलाव के कारण चरागाह भूमि बंजर होती जा रही है, जिससे पशुपालकों और किसानों की आय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा बजट में की गई घोषणाओं का स्वागत करते हुए कहा कि चरागाह, बंजर, बीहड़, श्मशान एवं अन्य सरकारी भूमि के सीमांकन और अतिक्रमण मुक्ति हेतु जीआईएस (GIS) आधारित डिजिटल रिकॉर्ड तैयार कर “मरुधरा राजभूमि डिजिटल एटलस” बनाने की घोषणा सराहनीय कदम है। साथ ही लगभग 5 हजार करोड़ रुपये की राशि से पर्यावरण संरक्षण, वर्षा जल संचयन एवं चरागाह विकास जैसे कार्यों को बढ़ावा देने की योजना ग्रामीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण सिद्ध होगी। विधायक कोठारी ने सदन को अवगत कराया कि प्रदेश में 20 लाख हेक्टेयर से अधिक शमलात भूमि उपलब्ध है, जिसमें गोचर, नाड़ी, तालाबों की पाल, ओरण, देवबनी, चारणोट आदि क्षेत्र शामिल हैं। लंबे समय से उपेक्षा और अतिक्रमण के कारण इन क्षेत्रों की उत्पादकता घटती गई है, जिसका सीधा प्रभाव पशुधन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ा है। उन्होंने बताया कि अब सरकार के प्रयासों से सकारात्मक परिवर्तन दिखाई देने लगे हैं। बीज बैंक की पहल के माध्यम से गांव-गांव में देशी घास एवं पौधों के बीज एकत्र कर वर्षा ऋतु में चरागाहों और जल स्रोतों के आसपास रोपण किया जा रहा है। ग्राम पंचायतों, स्थानीय समुदायों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी से कई स्थानों पर हरियाली लौटने लगी है। उन्होंने कहा कि भीलवाडा में लगभग 200 चरागाह विकास कार्य पंचायतों और सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से प्रगति पर हैं। जिले के मांडलगढ़ तहसील के अमरतिया गांव का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा की वहा पर भूमिगत जलस्तर, जो पहले 100 फीट से नीचे चला गया था, अब 20-25 फीट पर स्थिर है। पिछले 25 वर्षों से गांव में नई बोरिंग की आवश्यकता नहीं पड़ी है। इससे न केवल जल संकट कम हुआ है, बल्कि पशुपालकों की आय और दुग्ध उत्पादन में भी वृद्धि हुई है। विधायक कोठारी ने मांग की कि चरागाह विकास एवं जल संरक्षण कार्यों को ग्रामीण पारिस्थितिकी आधारभूत संरचना के रूप में मान्यता दी जाए तथा इन्हें राज्य स्तरीय अभियान का रूप दिया जाए। इसी संदर्भ में उन्होंने “दीनदयाल चरागाह विकास योजना” प्रारंभ करने का प्रस्ताव रखा। योजना के अंतर्गत गोचर एवं शमलात भूमि का संरक्षण, देशी चारा प्रजातियों का संवर्धन, नाड़ी-तालाब-बावड़ी संरक्षण, वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण तथा ग्रामीण समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करने का सुझाव दिया गया। प्रथम चरण में राज्य के 10 हजार गांवों का चयन कर चरणबद्ध कार्ययोजना लागू करने की मांग की गई। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल भूमि सुधार का विषय नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ पर्यावरण, सुरक्षित जल स्रोत और सशक्त ग्रामीण अर्थव्यवस्था का संकल्प है। यदि संगठित और निरंतर प्रयास किए जाएं तो राजस्थान की भूमि पुनः हरी-भरी हो सकती है और किसान-पशुपालकों की आय में स्थायी वृद्धि की जा सकती है।1
- Post by Jalampura AC morcha adhyaks D.s.1
- हिंदू प्रीमियर लीग चैम्पियंस ट्रॉफी -2 का आयोजन शाहपुरा भैरू लाल लक्षकार कस्बे में पहली बार हो रहे हिंदू प्रीमियर लीग का आयोजन श्री प्रताप सिंह बारहठ राजकीय महाविद्यालय के खेल प्रांगण में दिनांक 19 मार्च 2026 से किया जा रहा है। शाहपुरा स्पोर्ट्स क्लब से अवधेश शर्मा (राधे) ने बताया कि शाहपुरा स्पोर्ट्स क्लब के तत्वाधान में आयोजित हो रहे पहली बार हिंदू प्रीमियर लीग को लेकर लोगों में खुशी एवं उत्साह का माहौल है। हिंदू प्रीमियर लीग के तहत आवेदन प्रक्रिया जारी है, इस टूर्नामेंट में भीलवाड़ा जिले के लगभग 150 खिलाड़ी भाग लेने जा रहे हैं । प्रत्येक लीग मैच 12 ओवर का होगा, सेमीफाइनल व फाइनल मुकाबले 15 ओवर के होंगे। विजेता को 51 000 रुपए एवं उपविजेता को 31000 रुपए एवं ट्रॉफी के साथ सम्मानित किया जाएगा। प्रत्येक मैच में मैन ऑफ द मैच। टूर्नामेंट में मैन ऑफ द सीरीज ओर भी कही आकर्षक इनाम दिये जायेंगे।इस भव्य आयोजन में कही धर्म गुरुओं ओर संतो का भी आशीर्वाद प्राप्त होगा ।1
- आयुष हॉस्पिटल, चित्तौड़गढ़ – समर्पित आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सेवा का विश्वसनीय केंद्र चित्तौड़गढ़। शहर के आकाशवाणी चौराहा, गांधी नगर स्थित आयुष हॉस्पिटल आज क्षेत्र में समग्र (होलिस्टिक) आयुर्वेदिक चिकित्सा सेवाओं के लिए एक विश्वसनीय नाम बन चुका है। आधुनिक सुविधाओं एवं पारंपरिक आयुर्वेदिक सिद्धांतों के समन्वय से यह अस्पताल रोगियों को सुरक्षित, प्रभावी और स्थायी उपचार प्रदान कर रहा है। आयुष हॉस्पिटल एक NABH सर्टिफाइड आयुर्वेदिक अस्पताल है, जहाँ अनुभवी आयुर्वेदाचार्यों की टीम द्वारा रोग की जड़ तक पहुँचकर उपचार किया जाता है। यहाँ पंचकर्म चिकित्सा विशेष रूप से की जाती है, जो शरीर की शुद्धि, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और पुराने रोगों में लाभकारी सिद्ध हो रही है। 🏥 अस्पताल की प्रमुख सेवाएँ: • पंचकर्म थेरेपी (वमन, विरेचन, बस्ती, नस्य, रक्तमोक्षण) • जोड़ों का दर्द, सर्वाइकल, स्लिप डिस्क एवं सायटिका उपचार • मोटापा, थायरॉइड एवं डायबिटीज प्रबंधन • त्वचा रोग एवं एलर्जी उपचार • माइग्रेन, अनिद्रा एवं मानसिक तनाव प्रबंधन • स्त्री एवं पुरुष रोगों की आयुर्वेदिक चिकित्सा • आवासीय (IPD) एवं ओपीडी सुविधा • बॉडी डिटॉक्स एवं लाइफस्टाइल करेक्शन प्रोग्राम अस्पताल में स्वच्छ, शांत एवं प्राकृतिक वातावरण में मरीजों की देखभाल की जाती है। व्यक्तिगत प्रकृति (प्रकृति परीक्षा) के आधार पर आहार-विहार एवं औषधि परामर्श दिया जाता है, जिससे रोगों की पुनरावृत्ति को रोका जा सके। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल रोग का उपचार करना नहीं, बल्कि व्यक्ति को संपूर्ण रूप से स्वस्थ बनाना है। “स्वस्थ शरीर ही स्वस्थ समाज की नींव है” – इसी संकल्प के साथ आयुष हॉस्पिटल निरंतर जनसेवा में कार्यरत है। 📍 पता: आकाशवाणी चौराहा, गांधी नगर, चित्तौड़गढ़ (राजस्थान) 📞 संपर्क: 94618 08623 | 83020 83835 स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या के लिए आयुष हॉस्पिटल से संपर्क कर परामर्श लिया जा सकता है1
- Post by (ND NEWS CHITTORGARH)Laxman Si1
- बेगूं । बेगूं में बुधवार को कार्यालय समय पर एसडीएम अंकित सामरिया द्वारा सरकारी कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें कर्मचारियों की अनुपस्थिति, फाइलों के रख-रखाव और साफ सफाई व्यवस्था की जांच की गई। निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं और कार्यप्रणाली में सुधार लाने व समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं । एसडीएम अंकित सामरिया ने उपखंड कार्यालय बेगूं , पंचायत समिति, तहसील कार्यालय, निर्वाचन शाखा , नगरपालिका,जलदाय विभाग, बिजली विभाग के कार्यालयों का विस्तृत निरीक्षण किया गया। एसडीएम द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान 7 कार्यालयों में 68 कर्मचारी गैर हाजिर पाये गए। एवीवीएनएल बेगूं में निरीक्षण के दौरान 10 कार्मिक,जलदाय विभाग में 4 कार्मिक गैर हाजिर पाये गए। इसी के साथ कार्यालय अधिशाषी अधिकारी नगरपालिका बेगूं में मुख्यमंत्री शहरी रोजगार गारण्टी योजना में कार्यरत 2 कार्मिक एवं नगरपालिका बेगूं में 21 कार्मिक, पंचायत समिति में 11 कार्मिक गैर हाजिर पाये गये। एसडीएम सामरिया द्वारा विकास अधिकारी पंचायत समिति बेगूं को एन.एफ.एस.ए के तहत लंबित प्रकरणों का समय पर निस्तारण हेतु निर्देश दिये। तहसील कार्यालय बेगूं में निरीक्षण के दौरान 4 कार्मिक , एल.आर शाखा में 07 कार्मिक , निर्वाचन शाखा में 09 कार्मिक गैर हाजिर पाये गये एवं उपखण्ड कार्यालय बेगूं में समस्त कार्मिक उपस्थित पाये गये। गैर हाजिर पाये गए अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध अनुशासनहीनता तथा समयबद्ध कार्य निष्पादन में गंभीर लापरवाही मानते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं तथा तीन दिन में उपखंड कार्यालय में उपस्थित होकर जवाब मांगा गया है । प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सरकारी कार्यालयों में समय पर उपस्थिति और आमजन को सेवाएं उपलब्ध कराना प्राथमिक जिम्मेदारी है, इसमें किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई से सरकारी कार्यालयों में हड़कंप की स्थिति रही और कर्मचारियों में अनुशासन को लेकर स्पष्ट संदेश गया है। निरीक्षण के दौरान तहसीलदार गोपाल जीनगर भी मौजूद रहे।2
- Post by Dev karan Mali1