राजस्थान में पांचना बांध की नहरों में पानी छोड़ने को लेकर चल रहे विवाद पर आदिवासी मीणा पंच पटेल महापंचायत ने गंभीर चिंता जताई है। महापंचायत ने सभी किसानों, युवाओं और कमांड एरिया के निवासियों से शांति, संयम और आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की है। 10 जुलाई 2026 को महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. पुरुषोत्तम लाल मीणा की अध्यक्षता में हुई एक महत्वपूर्ण टेलीफोनिक कॉन्फ्रेंस में बांध से जुड़ी परिस्थितियों, किसानों की मांग, अदालती आदेश और सोशल मीडिया पर बढ़ रही भड़काऊ बयानबाजी पर करीब एक घंटे तक गंभीर चर्चा की गई। महापंचायत के प्रदेश अध्यक्ष पृथ्वीराज मीणा ने चिंता व्यक्त की कि किसानों की सिंचाई और पानी से जुड़े इस गंभीर विषय को कुछ लोगों द्वारा 'गुर्जर बनाम मीणा' संघर्ष के रूप में पेश किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पांचना बांध और उसकी नहरों में पानी छोड़ना पूरी तरह से किसानों की आजीविका, सिंचाई व्यवस्था और अदालती आदेशों के पालन से जुड़ा मामला है। कमांड एरिया में विभिन्न समाजों के किसान रहते हैं, इसलिए इसे किसी भी हाल में दो समाजों के बीच जातीय संघर्ष का रूप नहीं दिया जाना चाहिए। दोनों समुदायों के बीच पीढ़ियों पुराना सामाजिक और क्षेत्रीय भाईचारा पानी के किसी भी विवाद से कहीं बड़ा है। महापंचायत ने आक्रोशित किसानों और युवाओं से अपील की है कि वे अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण और कानूनी तरीके से आवाज उठाएं, लेकिन किसी भी प्रकार की हिंसा, जातीय टिप्पणी या सोशल मीडिया पर अपमानजनक भाषा का हिस्सा न बनें। इसके साथ ही, शासन और प्रशासन से न्यायालय के आदेशों के तहत इस विवाद का निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण समाधान निकालने का आग्रह किया गया है ताकि सामाजिक तनाव को और बढ़ने से रोका जा सके। इस महत्वपूर्ण विमर्श में राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. पुरुषोत्तम लाल मीणा के साथ प्रदेश अध्यक्ष पृथ्वीराज मीणा, प्रदेश प्रवक्ता रूपसिंह गोरेहार, करौली जिला अध्यक्ष हीरालाल मीणा, अलवर जिला अध्यक्ष कमल सिंह मीणा, भरतपुर जिला अध्यक्ष भजन लाल मीणा, दौसा जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश मीणा हिंगोटा, धौलपुर जिला अध्यक्ष रामभरोसी मीणा और रमेशचंद मीणा हिंगोटा सहित कई पदाधिकारी शामिल हुए।
राजस्थान में पांचना बांध की नहरों में पानी छोड़ने को लेकर चल रहे विवाद पर आदिवासी मीणा पंच पटेल महापंचायत ने गंभीर चिंता जताई है। महापंचायत ने सभी किसानों, युवाओं और कमांड एरिया के निवासियों से शांति, संयम और आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की है। 10 जुलाई 2026 को महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. पुरुषोत्तम लाल मीणा की अध्यक्षता में हुई एक महत्वपूर्ण टेलीफोनिक कॉन्फ्रेंस में बांध से जुड़ी परिस्थितियों, किसानों की मांग, अदालती आदेश और सोशल मीडिया पर बढ़ रही भड़काऊ बयानबाजी पर करीब एक घंटे तक गंभीर चर्चा की गई। महापंचायत के प्रदेश अध्यक्ष पृथ्वीराज मीणा ने चिंता व्यक्त की कि किसानों की सिंचाई और पानी से जुड़े इस गंभीर विषय को कुछ लोगों द्वारा 'गुर्जर बनाम मीणा' संघर्ष के रूप में पेश किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पांचना बांध और उसकी नहरों में पानी छोड़ना पूरी तरह से किसानों की आजीविका, सिंचाई व्यवस्था और अदालती आदेशों के पालन से जुड़ा मामला है। कमांड एरिया में विभिन्न समाजों के किसान रहते हैं, इसलिए इसे किसी भी हाल में दो समाजों के बीच जातीय संघर्ष का रूप नहीं दिया जाना चाहिए। दोनों समुदायों के बीच पीढ़ियों पुराना सामाजिक और क्षेत्रीय भाईचारा पानी के किसी भी विवाद से कहीं बड़ा है। महापंचायत ने आक्रोशित किसानों और युवाओं से अपील की है कि वे अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण और कानूनी तरीके से आवाज उठाएं, लेकिन किसी भी प्रकार की हिंसा, जातीय टिप्पणी या सोशल मीडिया पर अपमानजनक भाषा का हिस्सा न बनें। इसके साथ ही, शासन और प्रशासन से न्यायालय के आदेशों के तहत इस विवाद का निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण समाधान निकालने का आग्रह किया गया है ताकि सामाजिक तनाव को और बढ़ने से रोका जा सके। इस महत्वपूर्ण विमर्श में राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. पुरुषोत्तम लाल मीणा के साथ प्रदेश अध्यक्ष पृथ्वीराज मीणा, प्रदेश प्रवक्ता रूपसिंह गोरेहार, करौली जिला अध्यक्ष हीरालाल मीणा, अलवर जिला अध्यक्ष कमल सिंह मीणा, भरतपुर जिला अध्यक्ष भजन लाल मीणा, दौसा जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश मीणा हिंगोटा, धौलपुर जिला अध्यक्ष रामभरोसी मीणा और रमेशचंद मीणा हिंगोटा सहित कई पदाधिकारी शामिल हुए।
- अलवर के पुराना राजगढ़ में कजोड़ सरपंच के कुएं में एक गाय गिर गई, जिसकी सूचना मिलने पर जुगनू तमोली की रेस्क्यू टीम तुरंत मौके पर पहुंची। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुएं से गाय का सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे बाहर निकाल लिया। इस अवसर पर चरण दास, सुंदर, दारा सिंह और करण सहित अन्य गौ सेवक मौके पर उपस्थित रहे।1
- राजस्थान के डीग जिले की नगर विधानसभा (बृजनगर) में सरकारी कीमत पर यूरिया खाद न मिलने और खाद विक्रेताओं द्वारा की जा रही कालाबाजारी के विरोध में किसानों और कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह जोरदार प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन एडवोकेट अशोक कुमार शर्मा (प्रदेश महासचिव, भारतीय राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (महासंघ) इंटक प्रदेश सचिव, राजीव गांधी पंचायत राज विभाग एवं असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस राजस्थान) के नेतृत्व में किया गया। किसानों का कहना है कि पूरे डीग जिले में यूरिया खाद की भारी किल्लत है, जिसके कारण कृषक वर्ग को भारी परेशानी और असंतोष का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि खाद विक्रेता अधिक मुनाफा कमाने के लालच में सरकार द्वारा निर्धारित ₹270 की कीमत पर 45 किलोग्राम का कट्टा देने के बजाय इसे चोरी-छिपे ऊंचे दामों में बेच रहे हैं। इसके अलावा, कुछ यूरिया खाद विक्रेता ₹270 में कट्टा तो दे रहे हैं, लेकिन उसके साथ महंगे कीटनाशक खरीदना अनिवार्य कर रहे हैं। यदि कोई किसान कीटनाशक नहीं खरीदता, तो उसे यूरिया खाद नहीं दी जाती है। इस मजबूरी के कारण किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है जिससे उनमें भारी रोष है। एडवोकेट अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि पहले ₹270 में 50 किलोग्राम का कट्टा आता था जिसे घटाकर 45 किलोग्राम कर दिया गया, और अब चर्चा है कि सरकार इसे और घटाकर 40 किलोग्राम करने का विचार कर रही है। इस विरोध प्रदर्शन के जरिए किसानों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार से मांग की है कि नगर विधानसभा सहित पूरे डीग जिले में यूरिया की कालाबाजारी को तुरंत रोका जाए, सरकारी कीमत पर ही खाद उपलब्ध कराई जाए, और किसानों के हित में खाद के कट्टे का वजन अब और न घटाया जाए। इस प्रदर्शन के अवसर पर प्रताप सिंह नौगावा, रामफल सैनी, शुभम बंसल, सुभान खान और सुनील सैनी सहित कई अन्य लोग भी उपस्थित रहे।1
- दौसा शहर के गणेश नगर क्षेत्र में वार्ड नंबर 48 के तहत रोडवेज बस डिपो के पास एक आम रास्ते पर कथित अतिक्रमण और बिना अनुमति के बेसमेंट की खुदाई का गंभीर मामला सामने आया है। स्थानीय निवासियों ने इस अवैध निर्माण पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए नगर परिषद आयुक्त को ज्ञापन सौंपा है और तत्काल कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के अनुसार, विश्वप्रिय नामक व्यक्ति द्वारा बिना किसी सरकारी अनुमति के आम रास्ते पर अवैध कब्जा कर बेसमेंट की गहरी खुदाई करवाई जा रही है। इस निर्माण कार्य में मूलचंद नामक व्यक्ति पर भी सहयोग करने का आरोप लगा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस व्यस्त मार्ग से प्रतिदिन लगभग 10 से 20 हजार लोगों का आवागमन होता है, लेकिन इस बेतरतीब निर्माण के कारण पूरा रास्ता क्षतिग्रस्त हो गया है और जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं। इन खुले बेसमेंट और गहरे गड्ढों के कारण राहगीरों, वाहन चालकों और विशेष रूप से स्कूली बच्चों के लिए हर समय दुर्घटना का गंभीर खतरा बना हुआ है, जिससे रात के समय या भीड़भाड़ के दौरान किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। आक्रोशित स्थानीय लोगों ने नगर परिषद से इस अवैध निर्माण और अतिक्रमण को तुरंत हटाने, आम रास्ते को सुरक्षित करने और मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है।4
- हिंडौन सिटी के समीपवर्ती शेरपुर के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में भूगोल के व्याख्याता भूपेंद्र सिंह बांसरे के तबादले को लेकर ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं में भारी रोष है। इसके विरोध में शनिवार को ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं ने विद्यालय के बाहर हाथों में 'स्थानांतरण रद्द करो' लिखी हुई तख्तियां लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से विद्यालय में कार्यरत व्याख्याता भूपेंद्र सिंह बांसरे का तबादला हाल ही में राजस्थान सरकार के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने धौलपुर जिले में कर दिया है, जिससे सभी में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों के अनुसार, सहज और सरल स्वभाव के धनी व्याख्याता बांसरे के रहते हुए स्कूल का भूगोल विषय का बोर्ड परीक्षा परिणाम शत प्रतिशत रहा है और कई विद्यार्थियों ने इस विषय में 100 में से 100 अंक हासिल किए हैं। ऐसे में उनका स्थानांतरण करना छात्र-छात्राओं के भविष्य के लिए बिल्कुल ठीक नहीं है। ग्रामीणों ने राजस्थान सरकार के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और करौली विधायक दर्शन सिंह गुर्जर से भूगोल व्याख्याता का यह तबादला तुरंत निरस्त करने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि व्याख्याता बांसरे का तबादला शीघ्र निरस्त नहीं किया गया, तो वे विद्यालय के प्रवेश द्वार पर ताला लगाकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। इसके बावजूद अगर उनकी मांग नहीं मानी गई, तो वे विद्यालय के मुख्य द्वार पर भूख हड़ताल पर बैठने के लिए मजबूर होंगे।4
- करौली जिले में हिंडौन सिटी ब्लॉक के अंतर्गत शेरपुर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में कार्यरत भूगोल के व्याख्याता भूपेंद्र सिंह बांसरे के स्थानांतरण के विरोध में ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं में भारी आक्रोश है। हाल ही में भूपेंद्र सिंह का स्थानांतरण धौलपुर जिले में कर दिया गया है, जिससे क्षेत्र के लोग बेहद नाराज हैं। ग्रामीणों का कहना है कि व्याख्याता बहुत ही सरल स्वभाव के हैं और उनकी कार्यशैली शानदार है। उनके कुशल मार्गदर्शन के चलते पिछले कई वर्षों से विद्यालय का भूगोल विषय का बोर्ड परीक्षा परिणाम शत प्रतिशत रहा है और हर साल कई छात्र 100 में से 100 अंक प्राप्त करते आ रहे हैं। ग्रामीणों ने चिंता जताई है कि इस स्थानांतरण से छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पूरी तरह से बाधित हो जाएगी। इस समस्या को लेकर ग्रामीणों ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और करौली विधायक दर्शन सिंह गुर्जर से मांग की है कि इस ट्रांसफर को तुरंत रद्द किया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि व्याख्याता का स्थानांतरण रद्द नहीं किया गया, तो वे विद्यालय के मुख्य गेट पर ताला लगा देंगे और वहीं दरवाजे पर भूख हड़ताल पर बैठने को मजबूर हो जाएंगे।2
- भरतपुर के रूपवास क्षेत्र के गांव जटमासी में स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य का स्थानांतरण किए जाने के विरोध में सैकड़ों ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं ने विद्यालय गेट पर ताला लगाकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों और छात्रों का यह प्रदर्शन करीब तीन घंटे तक जारी रहा, जिसके बाद सीबीईओ (CBEO) के आश्वासन मिलने पर इस प्रदर्शन को समाप्त किया गया।1
- Post by Ishani Chaudhari2
- राजस्थान अलवर2