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रीवा जिले के जरमोहरा डैम पर बारिश के मौसम में एक रोमांचक दृश्य देखने को मिला है। बारिश के उत्साह और उमंग के बीच, मछली पकड़ने के लिए भारी संख्या में लोग डैम पर उमड़ पड़े।
Abhishek Pandey
रीवा जिले के जरमोहरा डैम पर बारिश के मौसम में एक रोमांचक दृश्य देखने को मिला है। बारिश के उत्साह और उमंग के बीच, मछली पकड़ने के लिए भारी संख्या में लोग डैम पर उमड़ पड़े।
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- Post by Abhishek Pandey1
- मध्य प्रदेश के सतना और रीवा जिले में एक युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गई है। यह शव घटना के 74 दिन बाद बरामद हुआ है, जिसने इलाके में हड़कंप मचा दिया है। फिलहाल इस मामले में पुलिस जांच और हत्या से जुड़े पहलुओं पर चर्चा तेज है। सोशल मीडिया पर #हत्याकांड, #प्रेम_प्रसंग और #पुलिस_जांच जैसे हैशटैग्स के जरिए इस मामले में न्याय की मांग और त्वरित कार्रवाई को लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। रामपुर बघेलान और गोविंदगढ़ क्षेत्रों से जुड़े इस मामले में विस्तृत जानकारी का इंतजार है।1
- सतना जिले की मझगवां जनपद पंचायत में पदस्थ निलंबित उपयंत्री सतीश समेले ने मीडिया के सामने आकर सिस्टम में व्याप्त भ्रष्टाचार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सतीश समेले ने दावा किया है कि निर्माण कार्यों के लिए 10 से 15 प्रतिशत तक का कमीशन पहले से तय किया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कमीशन जनपद स्तर से लेकर ऊपर तक के अधिकारियों तक पहुंचाया जाता है।1
- मध्यप्रदेश के सतना जिले की मझगवां जनपद पंचायत में पदस्थ उपयंत्री सतीश समेले का मीडिया के सामने दिया गया बयान राज्य की व्यवस्था और कमीशनखोरी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। उपयंत्री ने सरेआम डंके की चोट पर यह स्वीकार किया है कि वह कमीशन लेता है, जिसके बाद अब इस मामले में कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। इस मामले में सवाल यह भी उठाया जा रहा है कि यदि अन्य अधिकारियों को इस कमीशनखोरी की जानकारी थी, तो अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उपयंत्री ने स्वयं को कमीशनखोर तो बताया है, लेकिन ऊपर से नीचे तक लिप्त अन्य अधिकारियों का नाम बताने से परहेज किया है। इस पूरे घटनाक्रम को मध्यप्रदेश सरकार की विफलता के प्रमाण के रूप में देखा जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब मांग उठ रही है कि मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय को इसका संज्ञान लेना चाहिए, क्योंकि ऐसे बयानों से लोकतंत्र शर्मिंदा हो रहा है।1
- सतना जिले के रामपुर बघेलान स्थित रोगी कल्याण समिति की कार्यप्रणाली पर सूचना के अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त दस्तावेज़ों ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरटीआई के माध्यम से समिति की 29 जुलाई 2025 की बैठक का कार्यवाही रजिस्टर, एंबुलेंस चालक श्री सुरेंद्र आदिवासी की नियुक्ति से संबंधित प्रस्ताव और अन्य अभिलेख मांगे गए थे। जवाब में बताया गया कि बैठक का कार्यवाही रजिस्टर उपलब्ध नहीं है, जबकि अन्य दस्तावेज़ उपलब्ध करा दिए गए। प्राप्त दस्तावेज़ों से यह भी सामने आया है कि रोगी कल्याण समिति की निधि से नाश्ते पर पैसे खर्च किए गए। इसके अलावा, एंबुलेंस चालक की नियुक्ति प्रक्रिया पर भी प्रश्नचिह्न लग गया है, जिसमें आशंका जताई गई है कि यदि केवल एक व्यक्ति से आवेदन लेकर सीधी नियुक्ति कर दी गई है, तो यह चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा करता है। यह स्पष्ट किया गया है कि रोगी कल्याण समिति का धन जनता का पैसा है, जो मरीजों से प्राप्त शुल्क और अन्य स्रोतों से आता है, इसलिए इसके हर खर्च में पारदर्शिता और नियमों का पालन अनिवार्य है, ताकि जनता को धन के उपयोग की पूरी जानकारी मिल सके। संबंधित अधिकारियों से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो नियमानुसार दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। पोस्ट में कहा गया है कि यदि सरकारी संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही की आवश्यकता महसूस होती है, तो इसे अधिकतम साझा किया जाए ताकि यह मुद्दा सही अधिकारियों तक पहुँच सके।1
- मध्य प्रदेश के रीवा जिले में कलेक्टर ने सिक्कों के लेन-देन को लेकर सख्त आदेश जारी किए हैं। कलेक्टर के इस कड़े निर्देश के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति सिक्का लेने से मना करता है, तो उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी और उसे जेल भेजा जा सकता है। यह आदेश जिले में सिक्कों के चलन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू किया गया है।1
- शिव सिंह राजपूत दहिया अमरपाटन विधानसभा क्षेत्र के एक पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं।1
- रीवा जिले के जरमोहरा डैम पर बारिश के मौसम में एक रोमांचक दृश्य देखने को मिला है। बारिश के उत्साह और उमंग के बीच, मछली पकड़ने के लिए भारी संख्या में लोग डैम पर उमड़ पड़े।1